मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 32

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करें
Read in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 32) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, पौधों और जंतुओं के वैज्ञानिक नाम, गति, बल और गति के नियम और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · AE Civil Engineering 2021कठिन

तरल की गतिक श्यानता (डायनेमिक विस्कॉसिटी) की इकाई 'पॉइज़' किसके बराबर होती है?

  1. A.डाइन/सेमी²
  2. B.डाइन-सेकंड/सेमी²
  3. C.ग्राम-सेकंड/सेमी²
  4. D.ग्राम-सेमी/सेकंड²
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डाइन-सेकंड/सेमी²

व्याख्या

सही उत्तर है B, डाइन-सेकंड/सेमी²। पॉइज़ गतिक या निरपेक्ष श्यानता की सीजीएस इकाई है, जिसका नाम फ्रांसीसी चिकित्सक जॉन प्वासली के नाम पर रखा गया है, और एक पॉइज़ का अर्थ है एक डाइन-सेकंड प्रति वर्ग सेंटीमीटर, जो एक ग्राम प्रति सेंटीमीटर प्रति सेकंड के बराबर है। गतिक श्यानता तरल के आंतरिक घर्षण को नापती है, यानी इकाई अपरूपण दर के लिए आवश्यक अपरूपण प्रतिबल; इसीलिए इसकी इकाई प्रतिबल और समय का गुणनफल होती है। एसआई पद्धति में इसकी इकाई पास्कल-सेकंड है और एक पॉइज़ 0.1 पास्कल-सेकंड के बराबर होता है। कमरे के ताप पर पानी की श्यानता लगभग एक सेंटीपॉइज़ होती है, जबकि शहद हजारों गुना गाढ़ा होता है। A गलत है क्योंकि डाइन/सेमी² प्रतिबल या दाब की इकाई है, इसमें समय नहीं आता। C गलत है क्योंकि ग्राम द्रव्यमान की इकाई है और ग्राम-सेकंड/सेमी² श्यानता की विमाओं तक नहीं पहुँचता। D गलत है क्योंकि ग्राम-सेमी/सेकंड² स्वयं डाइन है, जो बल की इकाई है। परीक्षा टिप: 1 पॉइज़ = 1 डाइन-सेकंड/सेमी² = 0.1 पास्कल-सेकंड; पानी लगभग 1 सेंटीपॉइज़।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 26 Sept 2021मध्यम

बकरी का वैज्ञानिक नाम क्या है?

  1. A.कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)
  2. B.बॉस इंडिकस (Bos Indicus)
  3. C.सस स्क्रोफा (Sus Scrofa)
  4. D.ओविस एरीज़ (Ovis Aries)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कैप्रा एगेग्रस हिरकस (Capra Aegagrus Hircus)

व्याख्या

सही उत्तर है A, कैप्रा एगेग्रस हिरकस। पालतू बकरी को जंगली बकरी की उपजाति माना जाता है, इसलिए उसके नाम में तीन भाग आते हैं — वंश Capra, जाति aegagrus और उपजाति hircus। संक्षेप में इसे Capra hircus भी लिखा जाता है। द्विनाम पद्धति कार्ल लीनियस ने दी थी, जिसमें वंश का नाम बड़े अक्षर से शुरू होता है, जाति का नाम छोटे अक्षर से, और पूरा नाम इटैलिक में छापा या हाथ से लिखते समय रेखांकित किया जाता है। बकरी उन पहले पशुओं में है जिन्हें मनुष्य ने पालतू बनाया — पश्चिमी एशिया में लगभग दस हज़ार वर्ष पहले, और आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी बकरी आबादी में से एक है। विकल्प B गलत है, क्योंकि Bos indicus कूबड़ वाला भारतीय गोवंश यानी ज़ेबू है। विकल्प C गलत है, क्योंकि Sus scrofa जंगली सूअर है, जो पालतू सूअर का पूर्वज है। विकल्प D गलत है, क्योंकि Ovis aries पालतू भेड़ है, जिसे ऐसे प्रश्नों में बकरी के साथ सबसे अधिक भ्रमित किया जाता है। परीक्षा टिप: बकरी Capra hircus, भेड़ Ovis aries, गाय Bos indicus, भैंस Bubalus bubalis।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 12th Jan 2023आसान

लकड़ी का एक गुटका मेज पर विरामावस्था में पड़ा है। उस पर निम्नलिखित में से कौन-से बल कार्य कर रहे हैं?

  1. A.केवल गुरुत्वाकर्षण बल
  2. B.गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल
  3. C.गुरुत्वाकर्षण बल, अभिलंब बल और स्थैतिक घर्षण
  4. D.गुरुत्वाकर्षण बल, अभिलंब बल और सर्पी घर्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल

व्याख्या

सही उत्तर है B, गुरुत्वाकर्षण बल और अभिलंब बल। मेज पर चुपचाप पड़ा गुटका संतुलन में है, इसलिए उस पर लगने वाले बलों का योग शून्य होना चाहिए, पर इसका अर्थ यह नहीं कि कोई बल लग ही नहीं रहा। पृथ्वी गुटके को उसके भार mg से नीचे की ओर खींचती है। मेज उस पर सतह के लंबवत बराबर और विपरीत अभिलंब प्रतिक्रिया बल लगाती है, और ये दोनों एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं। घर्षण वह बल है जो तभी प्रकट होता है जब सतह के अनुदिश गति हो या गति की प्रवृत्ति हो; यहां गुटके को बगल से कोई धक्का नहीं दिया जा रहा, इसलिए घर्षण शून्य है। यह न्यूटन का पहला नियम ही है, रोजमर्रा के रूप में। विकल्प A गलत है, क्योंकि केवल गुरुत्व लगता तो गुटका मेज को भेदकर नीचे त्वरित होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्थैतिक घर्षण के लिए कोई आरोपित क्षैतिज बल चाहिए, जिसका गुटका विरोध कर रहा हो। विकल्प D गलत है, क्योंकि सर्पी घर्षण तभी लगता है जब वस्तु वास्तव में सतह पर फिसल रही हो। परीक्षा टिप: विरामावस्था में और बिना क्षैतिज धक्के वाली वस्तु पर केवल भार तथा अभिलंब प्रतिक्रिया लगते हैं, घर्षण शून्य रहता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 29 Feb 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन पौधों को प्रभावित करने वाला जीवाणु जनित रोग है?

  1. A.क्राउन गॉल
  2. B.मोज़ेक
  3. C.कंडुआ (स्मट)
  4. D.ब्लिस्टर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्राउन गॉल

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्राउन गॉल। क्राउन गॉल रोग एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमिफेशिएंस नामक जीवाणु से होता है, जो तने के आधार यानी क्राउन के पास किसी घाव से भीतर पहुँचता है और वहाँ गाँठ जैसी खुरदरी सूजन बना देता है। यह जीवाणु अपने Ti प्लाज्मिड का एक टुकड़ा पौधे की कोशिकाओं में डालकर उन्हें लगातार विभाजित होने पर मजबूर करता है, और इसी प्राकृतिक गुण के कारण प्रयोगशालाओं में इसे पौधों में नए जीन पहुँचाने वाले वाहक के रूप में उपयोग किया जाता है। अंगूर, सेब, गुलाब, अखरोट और गुठलीदार फलों में यह रोग सबसे अधिक होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोज़ेक रोग, जैसे तंबाकू मोज़ेक, विषाणु से होते हैं और पत्तियों पर हल्के-गहरे धब्बे बनाते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गेहूँ, बाजरा और गन्ने का कंडुआ कवक जनित रोग है, जो बालियों को काले चूर्ण जैसे बीजाणुओं से भर देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरसों जैसी फसलों का सफेद ब्लिस्टर या सफेद रस्ट भी कवक जनित है और पत्तियों व तनों पर सफेद फफोले बनाता है। परीक्षा टिप: जीवाणु — क्राउन गॉल, सिट्रस कैंकर, धान का जीवाणु झुलसा; विषाणु — मोज़ेक; कवक — कंडुआ, रस्ट।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Oct 2018, Shift 1मध्यम

50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 45 सीढ़ियों वाली सीढ़ी 10 s में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊंचाई 14 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। (g = 10 ms-2 लीजिए)

  1. A.315 ms
  2. B.315 W
  3. C.337.5 W
  4. D.310.55 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 315 W

व्याख्या

सही उत्तर है B, 315 W। शक्ति किए गए कार्य और लगे समय का अनुपात होती है, और यहां कार्य वह स्थितिज ऊर्जा है जो लड़का सीढ़ियां चढ़कर अर्जित करता है। कुल ऊंचाई 45 सीढ़ियां गुणा 14 cm यानी 630 cm अर्थात 6.3 m होती है। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य W = mgh = 50 गुणा 10 गुणा 6.3 = 3150 जूल है। इसे 10 सेकंड से भाग देने पर शक्ति P = 3150 भाग 10 = 315 वाट मिलती है। वाट शक्ति का SI मात्रक है और एक वाट का अर्थ एक जूल प्रति सेकंड होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संख्या तो सही है, पर ms समय का मात्रक है, शक्ति का नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 337.5 W तब आता है जब ऊंचाई 6.3 m के स्थान पर कोई और ली जाए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जूल कार्य या ऊर्जा का मात्रक है, शक्ति का नहीं, और 310.55 दिए गए आंकड़ों से नहीं निकलता। परीक्षा टिप: P = mgh भाग t का प्रयोग करें और मान रखने से पहले सेंटीमीटर को मीटर में बदलें।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 28th Dec 2021आसान

अवतल लेंस द्वारा बनाए गए प्रतिबिंब के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सदैव सही है?

  1. A.यह उल्टा और वस्तु से बड़ा होता है।
  2. B.यह उल्टा और वस्तु से छोटा होता है।
  3. C.यह सीधा और वस्तु से बड़ा होता है।
  4. D.यह सीधा और वस्तु से छोटा होता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. यह सीधा और वस्तु से छोटा होता है।

व्याख्या

सही उत्तर है D, यह सीधा और वस्तु से छोटा होता है। अवतल लेंस अपसारी लेंस होता है, इसलिए वास्तविक वस्तु किसी भी दूरी पर रखी जाए, प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा बनता है। अवतल लेंस से गुजरने वाली किरणें फैल जाती हैं और उन्हें पीछे बढ़ाकर मिलाने पर वे वस्तु की ही ओर, प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच मिलती दिखती हैं। ऐसा प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं पकड़ा जा सकता। प्रतिबिंब छोटा बनने और दृश्य-क्षेत्र चौड़ा होने के कारण अवतल लेंस निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के चश्मों में और दरवाजे की झाँकी (पीपहोल) में लगाया जाता है। A और B गलत हैं क्योंकि उल्टा प्रतिबिंब सदैव वास्तविक होता है और अवतल लेंस वास्तविक प्रतिबिंब कभी नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि अवतल लेंस आवर्धन नहीं करता; सीधा और बड़ा प्रतिबिंब उत्तल लेंस तब बनाता है जब वस्तु उसके प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच रखी हो। परीक्षा टिप: अवतल लेंस – प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा और छोटा।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 18 April 2022, Shift 3आसान

ध्वनि तरंगों के उत्पादन और संचरण के अध्ययन को क्या कहा जाता है?

  1. A.प्रकाशिकी
  2. B.फोटोनिकी
  3. C.खगोल भौतिकी
  4. D.ध्वनिकी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ध्वनिकी

व्याख्या

सही उत्तर है D, ध्वनिकी। ध्वनिकी भौतिकी की वह शाखा है जो बताती है कि ध्वनि कैसे उत्पन्न होती है, कैसे आगे बढ़ती है और कैसे सुनी या अवशोषित की जाती है। इसका अंग्रेजी नाम ग्रीक मूल से आया है, जिसका अर्थ है 'सुनना'। ध्वनि यांत्रिक तरंग है, इसलिए इसे माध्यम की जरूरत होती है और यह निर्वात में नहीं चल सकती; कमरे के ताप पर हवा में इसकी चाल लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है और पानी तथा इस्पात में इससे कई गुना अधिक। ध्वनिकी का उपयोग सभागारों और स्टूडियो की बनावट में होता है, ताकि प्रतिध्वनि और शोर पर काबू रहे, तथा सोनार, अल्ट्रासाउंड जाँच और श्रवण यंत्रों में भी होता है। A गलत है क्योंकि प्रकाशिकी प्रकाश, उसके परावर्तन, अपवर्तन तथा लेंस व दर्पण के काम का अध्ययन है। B गलत है क्योंकि फोटोनिकी फोटॉनों के उत्पादन, नियंत्रण और संसूचन से जुड़ी है, जैसे लेजर और प्रकाशिक तंतुओं में। C गलत है क्योंकि खगोल भौतिकी तारों, आकाशगंगाओं तथा ब्रह्मांड की भौतिकी पढ़ती है। परीक्षा टिप: ध्वनिकी – ध्वनि; प्रकाशिकी – प्रकाश; फोटोनिकी – फोटॉन; भूकंप विज्ञान – भूकंपीय तरंगें।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · 14 March 2020, Shift 1आसान

क्लास A अग्निशामक की भूमिका क्या है?

  1. A.लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग
  2. B.ज्वलनशील द्रवों की आग पर प्रयोग
  3. C.विद्युत प्रवाहित आग पर प्रयोग
  4. D.अदहनशील धातुओं पर प्रयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग

व्याख्या

सही उत्तर है A, लकड़ी और कागज़ जैसे साधारण दहनशील पदार्थों की आग पर प्रयोग। आग को इस आधार पर वर्गों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और क्लास A में साधारण ठोस ईंधन आते हैं — लकड़ी, कागज़, कपड़ा, पुआल, रबर और कई प्लास्टिक। ऐसी आग में दहकते अंगारे बचे रहते हैं, इसलिए उसे मुख्य रूप से ठंडा करके बुझाया जाता है और साधारण पानी या जल आधारित अग्निशामक इसके लिए सबसे सस्ता तथा सबसे प्रभावी उपाय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पेट्रोल, केरोसिन, तेल, पेंट और विलायक जैसे जलते द्रव क्लास B में आते हैं, जहाँ पानी आग फैला देगा और फोम या सूखा चूर्ण प्रयोग किया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि विद्युत प्रवाहित उपकरणों की आग अलग वर्ग है — अमेरिकी पद्धति में क्लास C और भारतीय तथा यूरोपीय पद्धति में क्लास E — और उसमें कार्बन डाइऑक्साइड जैसा अचालक पदार्थ चाहिए, पानी कभी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलती धातुएँ क्लास D बनाती हैं और उनके लिए विशेष सूखा चूर्ण चाहिए, क्योंकि पानी उनसे तीव्र क्रिया करता है। परीक्षा टिप: A — ठोस, B — द्रव, C — गैस, D — धातु, F या K — खाना पकाने का तेल।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 24 Aug 2022, Shift 2मध्यम

एक विद्युत ओवन 2500 W का है। 5 घंटे में उसके द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा होगी:

  1. A.12500 kWh
  2. B.12.5 kWh
  3. C.12500 J
  4. D.12.5 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 12.5 kWh

व्याख्या

सही उत्तर है B, 12.5 kWh। विद्युत ऊर्जा शक्ति और समय का गुणनफल होती है, इसलिए मात्रक भी उन्हीं से तय होता है जो आप रखते हैं। ओवन 2500 W का है, अर्थात 2500 भाग 1000 यानी 2.5 किलोवाट। इसे 5 घंटे चलाने पर ऊर्जा E = P गुणा t = 2.5 kW गुणा 5 h = 12.5 किलोवाट-घंटा होती है। किलोवाट-घंटा विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक है, घरेलू बिजली बिल पर छपी यूनिट यही है, और एक किलोवाट-घंटा 36 लाख जूल के बराबर होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वाट को किलोवाट में बदलना भूल जाने पर 12500 आता है, जो हजार गुना अधिक है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 12500 J केवल 5 सेकंड की ऊर्जा होगी, और मीटर जूल में बिल नहीं बनाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि संख्या सही है पर यहां जूल गलत मात्रक है। परीक्षा टिप: एक किलोवाट-घंटा 1000 W गुणा 1 h यानी 36 लाख जूल होता है, इसलिए घंटों से गुणा करने से पहले वाट को किलोवाट में बदलें।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 25 Nov 2021, Shift 3आसान

ड्यूटीरियम और ट्राइटियम क्या हैं?

  1. A.हाइड्रोजन के समभारिक (आइसोटोप)
  2. B.कार्बन के समभारिक (आइसोटोप)
  3. C.यूरेनियम के समभारिक (आइसोटोप)
  4. D.टाइटेनियम के समभारिक (आइसोटोप)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हाइड्रोजन के समभारिक (आइसोटोप)

व्याख्या

सही उत्तर है A, हाइड्रोजन के समभारिक। हाइड्रोजन के तीन समभारिक होते हैं — प्रोटियम, जिसमें एक प्रोटॉन और कोई न्यूट्रॉन नहीं होता; ड्यूटीरियम, जिसमें एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होता है; और ट्राइटियम, जिसमें एक प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन होते हैं। तीनों का परमाणु क्रमांक 1 है, इसलिए आवर्त सारणी में वे एक ही स्थान पर आते हैं, पर उनकी द्रव्यमान संख्या 1, 2 और 3 होती है। ड्यूटीरियम से भारी जल बनता है, जिसका उपयोग नाभिकीय रिएक्टरों में मंदक के रूप में होता है, जबकि ट्राइटियम रेडियोसक्रिय है और संलयन अनुसंधान में ड्यूटीरियम के साथ प्रयोग होता है। हाइड्रोजन ही एकमात्र तत्व है जिसके समभारिकों के अलग नाम दिए गए हैं। B गलत है क्योंकि कार्बन के समभारिक कार्बन-12, कार्बन-13 और कार्बन-14 कहे जाते हैं। C गलत है क्योंकि यूरेनियम के मुख्य समभारिक यूरेनियम-235 और यूरेनियम-238 हैं। D गलत है क्योंकि टाइटेनियम के समभारिकों के ऐसे विशेष नाम नहीं हैं। परीक्षा टिप: प्रोटियम, ड्यूटीरियम, ट्राइटियम — परमाणु क्रमांक 1, द्रव्यमान संख्या 1, 2, 3।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021मध्यम

अतिरिक्त वायु की उपस्थिति में प्रबल तापन द्वारा सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइडों में रूपांतरित करने की प्रक्रिया का नाम क्या है?

  1. A.निस्तापन
  2. B.भर्जन (रोस्टिंग)
  3. C.प्रगलन
  4. D.भस्मीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भर्जन (रोस्टिंग)

व्याख्या

सही उत्तर है B, भर्जन (रोस्टिंग)। भर्जन में सल्फाइड अयस्क को भरपूर हवा में तेज गर्म किया जाता है, जिससे सल्फाइड ऑक्साइड में बदल जाता है और सल्फर, सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनकर निकल जाता है। मानक उदाहरण जिंक ब्लेंड है: 2ZnS + 3O2 से 2ZnO + 2SO2 बनता है। ऑक्साइड को कार्बन से धातु में अपचयित करना आसान होता है, इसीलिए जिंक, लेड और कॉपर के अयस्क पहले इस चरण से गुजरते हैं। मुख्य अंतर याद रखें: भर्जन में अधिक हवा और सल्फाइड अयस्क, जबकि निस्तापन में कम या बिना हवा और कार्बोनेट अयस्क। A गलत है, निस्तापन में कैलामाइन जैसे कार्बोनेट अयस्क को सीमित हवा में गर्म करते हैं, जैसे ZnCO3 से ZnO और CO2 बनते हैं। C गलत है, प्रगलन बाद का चरण है, जिसमें भट्टी में अपचायक और गालक (फ्लक्स) के साथ ऑक्साइड को धातु में बदला जाता है। D गलत है, भस्मीकरण कचरे को ऊंचे तापमान पर जलाना है, धातु निष्कर्षण का कोई चरण नहीं। परीक्षा टिप: सल्फाइड अयस्क, भर्जन, अधिक हवा; कार्बोनेट अयस्क, निस्तापन, कम या बिना हवा।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 July 2018मध्यम

कैलेमीन किस धातु का अयस्क है?

  1. A.टिन
  2. B.मैग्नीशियम
  3. C.जिंक
  4. D.ताँबा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जिंक

व्याख्या

सही उत्तर C, जिंक है। कैलेमीन जिंक कार्बोनेट है, और कार्बोनेट अयस्क होने के कारण उसे धातु में अपचयित करने से पहले निस्तापन द्वारा, अर्थात वायु की अनुपस्थिति में गर्म करके, ऑक्साइड में बदला जाता है। जिंक का दूसरा महत्वपूर्ण अयस्क जिंक ब्लेंड है, जो सल्फाइड है और जिसका भर्जन किया जाता है, निस्तापन नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि टिन का मुख्य अयस्क कैसिटेराइट है, जो ऑक्साइड है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मैग्नीशियम मैग्नेसाइट, डोलोमाइट तथा समुद्री जल से उसके क्लोराइड के रूप में प्राप्त होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ताँबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट और क्यूप्राइट से मिलता है। दो परिभाषाएँ तैयार रखें: निस्तापन कार्बोनेट अयस्क को वायु के बिना गर्म करना है, और भर्जन सल्फाइड अयस्क को वायु में गर्म करना, तथा दोनों से ऑक्साइड बनता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

निम्नलिखित में से किसमें परिवर्तन के कारण मोतियाबिन्द में आँखों का प्राकृतिक लेंस धुँधला हो जाता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.कार्बोहाइड्रेट
  3. C.वसा
  4. D.अश्रु ग्रन्थि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रोटीन। आँख का लेंस मुख्य रूप से पानी और क्रिस्टलिन नाम के विशेष प्रोटीनों से बना होता है, जो इतने व्यवस्थित क्रम में जमे रहते हैं कि लेंस पारदर्शी रहता है और प्रकाश सीधे रेटिना तक पहुँचता है। उम्र बढ़ने के साथ, और मधुमेह, पराबैंगनी प्रकाश, धूम्रपान या चोट से और जल्दी, ये प्रोटीन टूटकर आपस में गुच्छे बना लेते हैं। ये गुच्छे प्रकाश को बिखेर देते हैं, जिससे लेंस धुँधला हो जाता है और दिखना धुँधला, मंद और चौंधयुक्त हो जाता है। लेंस का यही धुँधलापन मोतियाबिन्द है, और यह भारत में अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। इसका इलाज एक छोटे ऑपरेशन से होता है, जिसमें धुँधला लेंस हटाकर कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस लगाया जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लेंस कार्बोहाइड्रेट में बदलाव से धुँधला नहीं होता, हालाँकि मधुमेह में रक्त शर्करा अधिक होने से प्रोटीन की क्षति तेज़ होती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वसा लेंस की पारदर्शी संरचना नहीं बनाती। विकल्प D गलत है, क्योंकि अश्रु ग्रन्थि आँख को नम रखती है और उसका लेंस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: मोतियाबिन्द = प्रोटीन के गुच्छों से धुँधला लेंस; ग्लूकोमा = आँख के भीतर बढ़ा दबाव।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 3आसान

रसोई गैस (एलपीजी) मुख्यतः किससे बनी होती है?

  1. A.एथीन
  2. B.एथाइन
  3. C.प्रोपीन
  4. D.प्रोपेन और ब्यूटेन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्रोपेन और ब्यूटेन

व्याख्या

सही उत्तर D, प्रोपेन और ब्यूटेन है। द्रवित पेट्रोलियम गैस इन्हीं दो संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण है, जो सामान्य दाब पर गैस रहते हैं पर हल्के दाब पर द्रव बन जाते हैं, जिससे बहुत सारा ईंधन छोटे सिलेंडर में आ जाता है; रिसाव पकड़ने के लिए इसमें तेज गंध वाला यौगिक मिलाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एथीन असंतृप्त गैस है, जो पॉलिथीन बनाने और फल पकाने में काम आती है, रसोई ईंधन के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि एथाइन यानी एसिटिलीन को ऑक्सीजन के साथ वेल्डिंग टॉर्च में जलाया जाता है और वह घरेलू सिलेंडर में नहीं आती। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोपीन प्लास्टिक उद्योग का कच्चा माल है, मुख्यतः पॉलिप्रोपिलीन के लिए। यह भी याद रखें कि वाहनों में प्रयुक्त सीएनजी मुख्यतः मेथेन है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन मानव शरीर की सबसे बड़ी कोशिका है?

  1. A.शुक्राणु
  2. B.अंडाणु
  3. C.तंत्रिका कोशिका
  4. D.ऑस्टियोक्लास्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अंडाणु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अंडाणु। मादा अंड कोशिका यानी अंडाणु मानव शरीर की सबसे बड़ी कोशिका है। इसका व्यास लगभग 100 से 130 माइक्रोमीटर होता है, यानी करीब एक बाल की मोटाई, और यह अकेली मानव कोशिका है जिसे सूक्ष्मदर्शी के बिना भी बड़ी मुश्किल से देखा जा सकता है। यह इतनी बड़ी इसलिए होती है कि इसमें भ्रूण के शुरुआती दिनों के लिए कोशिकाद्रव्य, भोजन का भंडार और जरूरी तंत्र भरा रहता है; लड़की जन्म के समय ही इन कोशिकाओं का पूरा भंडार लेकर पैदा होती है। A गलत है क्योंकि शुक्राणु मानव शरीर की सबसे छोटी कोशिका है, जिसका सिर कुछ ही माइक्रोमीटर का होता है। C गलत है क्योंकि तंत्रिका कोशिका सबसे लंबी कोशिका है, इसका एक अक्षतंतु रीढ़ से पैर के अंगूठे तक लगभग एक मीटर तक जा सकता है, पर वह बहुत पतली होती है। D गलत है क्योंकि ऑस्टियोक्लास्ट हड्डी को घोलने वाली बहुकेंद्रकीय कोशिका है, जो बड़ी होकर भी अंडाणु से छोटी रहती है। परीक्षा टिप: सबसे बड़ी - अंडाणु, सबसे छोटी - शुक्राणु, सबसे लंबी - तंत्रिका कोशिका।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2019आसान

मनुष्य की मुख-गुहिका में निम्नलिखित में से किसका पाचन प्रारंभ होता है?

  1. A.प्रोटीन
  2. B.वसा
  3. C.कार्बोहाइड्रेट
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कार्बोहाइड्रेट

व्याख्या

सही उत्तर है C, कार्बोहाइड्रेट। मुख-गुहिका यानी मुँह में लार मिलती है और यहीं से मंड (स्टार्च) का पाचन शुरू हो जाता है, जो एक कार्बोहाइड्रेट है। लार लार-ग्रंथियों के तीन जोड़ों से आती है और इसमें लार-एमाइलेज नामक एंजाइम होता है, जिसे टायलिन भी कहते हैं। यह हल्के क्षारीय माध्यम में सबसे अच्छा काम करता है और मंड की लंबी शृंखलाओं को माल्टोज शर्करा में तोड़ता है; इसी कारण रोटी का टुकड़ा मुँह में देर तक रखने पर मीठा लगने लगता है। दाँत और जीभ भोजन को पीसकर तथा लपेटकर गोलक (बोलस) बनाने में मदद करते हैं। A गलत है क्योंकि प्रोटीन का पाचन आमाशय में शुरू होता है, जहाँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के अम्लीय माध्यम में पेप्सिन काम करता है। B गलत है क्योंकि वसा का पाचन मुख्यतः क्षुद्रांत्र में होता है, जहाँ यकृत का पित्त वसा को छोटी बूँदों में बाँटता है और अग्न्याशयी लाइपेज उन पर क्रिया करता है। D गलत है क्योंकि मंड का पाचन मुँह में स्पष्ट रूप से शुरू होता है। परीक्षा टिप: मुँह – मंड, एमाइलेज से; आमाशय – प्रोटीन, पेप्सिन से; क्षुद्रांत्र – वसा, पित्त व लाइपेज से।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन परिसंचरण तंत्र का भाग नहीं है?

  1. A.केशिकाएँ
  2. B.रसांकुर (विलाई)
  3. C.शिराएँ
  4. D.धमनियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रसांकुर (विलाई)

व्याख्या

सही उत्तर है B, रसांकुर। रसांकुर या विलाई छोटी आँत की भीतरी दीवार पर बनी अंगुली जैसी छोटी-छोटी वलनें हैं, इसलिए वे पाचन तंत्र का भाग हैं। इनका काम उस सतह को बढ़ाना है जिससे पचा हुआ भोजन अवशोषित होता है। हर रसांकुर के भीतर एक केशिका और एक लसीका वाहिनी होती है, पर रसांकुर स्वयं परिसंचरण तंत्र का अंग नहीं है। मानव परिसंचरण तंत्र हृदय, रक्त और रक्त वाहिकाओं से बना होता है। A गलत है क्योंकि केशिकाएँ सबसे पतली वाहिकाएँ हैं, जहाँ रक्त और ऊतकों के बीच गैसों तथा पोषक तत्वों का आदान-प्रदान होता है। C गलत है क्योंकि शिराएँ रक्त को हृदय की ओर लौटाती हैं और उनमें कपाट होते हैं जो रक्त को पीछे बहने से रोकते हैं। D गलत है क्योंकि धमनियाँ रक्त को हृदय से बाहर ले जाती हैं और दबाव सहने के लिए उनकी दीवारें मोटी तथा लचीली होती हैं। परीक्षा टिप: रसांकुर छोटी आँत में भोजन अवशोषित करते हैं; हृदय, रक्त और रक्त वाहिकाएँ परिसंचरण तंत्र बनाती हैं।

सभी क्विज देखें