एक विद्युत ओवन 2500 W का है। 5 घंटे में उसके द्वारा उपयोग की गई ऊर्जा होगी:
- A.12500 kWh
- B.12.5 kWh
- C.12500 J
- D.12.5 J
सही उत्तर
B. 12.5 kWh
व्याख्या
सही उत्तर है B, 12.5 kWh। विद्युत ऊर्जा शक्ति और समय का गुणनफल होती है, इसलिए मात्रक भी उन्हीं से तय होता है जो आप रखते हैं। ओवन 2500 W का है, अर्थात 2500 भाग 1000 यानी 2.5 किलोवाट। इसे 5 घंटे चलाने पर ऊर्जा E = P गुणा t = 2.5 kW गुणा 5 h = 12.5 किलोवाट-घंटा होती है। किलोवाट-घंटा विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक है, घरेलू बिजली बिल पर छपी यूनिट यही है, और एक किलोवाट-घंटा 36 लाख जूल के बराबर होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वाट को किलोवाट में बदलना भूल जाने पर 12500 आता है, जो हजार गुना अधिक है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 12500 J केवल 5 सेकंड की ऊर्जा होगी, और मीटर जूल में बिल नहीं बनाता। विकल्प D गलत है, क्योंकि संख्या सही है पर यहां जूल गलत मात्रक है। परीक्षा टिप: एक किलोवाट-घंटा 1000 W गुणा 1 h यानी 36 लाख जूल होता है, इसलिए घंटों से गुणा करने से पहले वाट को किलोवाट में बदलें।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंटेफ्लॉन का उपयोग बेयरिंग बनाने में किया जाता है, क्योंकि इसका
- A.घर्षण गुणांक कम होता है
- B.ऊष्मा अपवहन बेहतर होता है
- C.कम स्थान लगता है
- D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. घर्षण गुणांक कम होता है
व्याख्या
सही उत्तर है A, घर्षण गुणांक कम होता है। टेफ्लॉन पॉलिटेट्राफ्लोरोएथिलीन का व्यापारिक नाम है, और इसकी सतह ठोस पदार्थों में सबसे अधिक चिकनी सतहों में से एक है, जिसका घर्षण गुणांक लगभग 0.04 होता है। बेयरिंग का काम है कि शाफ्ट कम से कम रगड़ के साथ घूमे, इसलिए यही चिकनाई टेफ्लॉन को चुनने का कारण है; इसी गुण से ऐसे कई बेयरिंग तेल या ग्रीस के बिना भी चल जाते हैं। यह बहुलक 1938 में रॉय प्लंकेट को संयोग से मिला था, लगभग हर रसायन के प्रति निष्क्रिय रहता है और करीब 260 डिग्री सेल्सियस तक टिकता है, इसीलिए इसे नॉन-स्टिक बर्तनों पर चढ़ाया जाता है और पाइप के चूड़ों पर सीलिंग टेप के रूप में लपेटा जाता है। B गलत है क्योंकि टेफ्लॉन ऊष्मा का कुचालक है, इसलिए इसे ऊष्मा बाहर निकालने के लिए नहीं चुना जाता। C गलत है क्योंकि स्थान की बचत बेयरिंग के डिज़ाइन पर निर्भर करती है, पदार्थ पर नहीं। D गलत है क्योंकि केवल पहला कारण ही सही है। परीक्षा टिप: टेफ्लॉन यानी PTFE, सबसे कम घर्षण वाला नॉन-स्टिक बहुलक।
सड़क पर चलती कार के पहिये के बारे में कौन-सा विकल्प सही है?
- A.लोटनिक घर्षण > स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण
- B.स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
- C.स्थैतिक घर्षण > लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण
- D.लोटनिक घर्षण > गतिज घर्षण > स्थैतिक घर्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण
व्याख्या
सही उत्तर है B, स्थैतिक घर्षण > गतिज घर्षण > लोटनिक घर्षण। एक ही सतहों के जोड़े के लिए घर्षण का क्रम हमेशा स्थैतिक, फिर गतिज और फिर लोटनिक रहता है। स्थैतिक घर्षण सबसे अधिक होता है क्योंकि विराम की अवस्था में सतहों की खुरदरी उभार एक-दूसरे में फँसे रहते हैं और गति शुरू करने के लिए इस जकड़न को तोड़ना पड़ता है। सरकना शुरू होने पर संपर्क बार-बार टूटता और बनता रहता है, इसलिए गतिज घर्षण कम होता है। लोटनिक घर्षण तीनों में सबसे कम है, क्योंकि लुढ़कता पहिया सड़क पर सरकता नहीं, केवल संपर्क बिंदु पर उसे थोड़ा दबाता और विकृत करता है। इसी कारण भारी बोझ खिसकाने के लिए पहिये, रोलर और बॉल बेयरिंग काम में लिए जाते हैं। A और D गलत हैं क्योंकि ये लोटनिक घर्षण को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि वह तीनों में सबसे कम है। C गलत है क्योंकि यह लोटनिक घर्षण को गतिज घर्षण से बड़ा बताता है, जो सही क्रम के उलट है। परीक्षा टिप: स्थैतिक > गतिज > लोटनिक; इनमें सबसे कम वाले ने ही हमें पहिया दिया।
मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की स्थितिज ऊर्जा लगातार घटती जाती है।
- A.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता
- B.ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग होता है
- C.गुरुत्वाकर्षण बल भंग होता है
- D.गुरुत्वाकर्षण बल भंग नहीं होता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता
व्याख्या
सही उत्तर है A, ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत भंग नहीं होता। वस्तु जैसे-जैसे गिरती है उसकी ऊँचाई घटती जाती है, इसलिए स्थितिज ऊर्जा mgh कम होती जाती है, परंतु ठीक उतनी ही ऊर्जा गतिज ऊर्जा ½mv² के रूप में प्रकट हो जाती है, क्योंकि वस्तु की चाल बढ़ती है। गिरने के हर बिंदु पर इन दोनों का जोड़ वही रहता है, इसलिए कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है और ऊर्जा केवल रूप बदलती है। छोड़ने के क्षण पूरी ऊर्जा स्थितिज होती है और ज़मीन से टकराने से ठीक पहले लगभग पूरी ऊर्जा गतिज हो जाती है। जब वायु प्रतिरोध काम करता है तो थोड़ी ऊर्जा ऊष्मा और ध्वनि के रूप में निकल जाती है, फिर भी पूरा हिसाब बराबर रहता है। B गलत है क्योंकि ऊर्जा नष्ट नहीं होती, केवल रूपांतरित होती है। C और D गलत हैं क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एक बल है, कोई नियम नहीं जिसका पालन या उल्लंघन हो, और ये कथन यह नहीं बताते कि घटी हुई स्थितिज ऊर्जा कहाँ गई। परीक्षा टिप: मुक्त पतन में mgh और ½mv² का जोड़ स्थिर रहता है।
ज्वलनशील द्रव किस श्रेणी की आग के अंतर्गत आते हैं?
- A.श्रेणी D
- B.श्रेणी B
- C.श्रेणी C
- D.श्रेणी A
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्रेणी B
व्याख्या
सही उत्तर है B, श्रेणी B। आग को इस आधार पर श्रेणियों में बाँटा जाता है कि जल क्या रहा है, और पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, तेल, पेंट या थिनर जैसे ज्वलनशील द्रवों से लगी आग श्रेणी B की आग होती है। ऐसी आग को फोम, कार्बन डाइऑक्साइड या सूखे रासायनिक चूर्ण से ढककर बुझाया जाता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कट जाती है। जलते तेल पर पानी कभी नहीं डालना चाहिए, क्योंकि तेल पानी पर तैरकर आग को और फैला देता है। A गलत है क्योंकि श्रेणी D की आग मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम जैसी जलने वाली धातुओं से जुड़ी होती है, जिनके लिए विशेष सूखे चूर्ण चाहिए। C गलत है क्योंकि प्रचलित वर्गीकरण में श्रेणी C विद्युत उपकरणों में लगी आग को और भारतीय मानक में ज्वलनशील गैसों को दर्शाती है। D गलत है क्योंकि श्रेणी A की आग लकड़ी, कागज़ और कपड़े जैसे ठोस पदार्थों की साधारण आग है, जिसमें पानी सबसे सस्ता और सबसे अच्छा साधन है। परीक्षा टिप: A ठोस के लिए, B द्रव के लिए, C विद्युत या गैस के लिए और D धातु के लिए।
स्वाद का पता लगाने वाले ग्राही क्या कहलाते हैं?
- A.संवेदी ग्राही
- B.रासायनिक ग्राही
- C.घ्राण ग्राही
- D.स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्वाद ग्राही (गस्टेटरी)
व्याख्या
सही उत्तर है D, स्वाद ग्राही या गस्टेटरी रिसेप्टर। स्वाद पकड़ने वाले ग्राही गस्टेटरी ग्राही कहलाते हैं और ये जीभ पर स्थित स्वाद कलिकाओं के भीतर रहते हैं। ये केवल लार में घुले पदार्थों पर प्रतिक्रिया करते हैं, इसीलिए सूखी जीभ से स्वाद कम पता चलता है, और ये पाँच मूल स्वाद बताते हैं - मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और उमामी। जीभ से संकेत कपाल तंत्रिकाओं के रास्ते मस्तिष्क तक जाता है, जहाँ स्वाद और गंध मिलकर भोजन का असली ज़ायका बनाते हैं। A गलत है क्योंकि संवेदी ग्राही शरीर के हर ग्राही का सामान्य नाम है, जिसमें प्रकाश, ध्वनि, स्पर्श और दाब के ग्राही भी आते हैं। B गलत है क्योंकि रासायनिक ग्राही या कीमोरिसेप्टर वह बड़ी श्रेणी है जिसमें स्वाद और गंध दोनों आते हैं, इसलिए यह विशेष रूप से स्वाद ग्राही का नाम नहीं है। C गलत है क्योंकि घ्राण ग्राही नाक की भीतरी परत में होते हैं और गंध का पता लगाते हैं। परीक्षा टिप: गस्टेटरी का अर्थ स्वाद, ओल्फैक्टरी का अर्थ गंध और ऑडिटरी का अर्थ श्रवण।