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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 26

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 26) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विद्युत और चुंबकत्व, कंकाल और पेशी तंत्र, परमाणु संरचना और आवर्त सारणी और अन्य। इनमें से 10 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज किसने की?

  1. A.हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड
  2. B.माइकल फैराडे
  3. C.एलेसांद्रो वोल्टा
  4. D.जेम्स वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. माइकल फैराडे

व्याख्या

सही उत्तर B, माइकल फैराडे है। 1831 में फैराडे ने दिखाया कि जब किसी बंद कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, चाहे चुंबक हिलाकर, कुंडली हिलाकर या पास की कुंडली की धारा बदलकर, तो उसमें धारा प्रेरित हो जाती है। यही खोज जनित्र, ट्रांसफार्मर और लगभग पूरी विद्युत शक्ति अभियांत्रिकी का आधार है।

विकल्प A, ओर्स्टेड, ने इससे ग्यारह वर्ष पहले 1820 में पूरक खोज की थी, जब उन्होंने पाया कि धारावाही तार के पास चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है, जिससे सिद्ध हुआ कि धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। विकल्प C, वोल्टा, ने वोल्टीय पाइल अर्थात पहली विद्युत बैटरी बनाई और वोल्ट मात्रक उन्हीं के नाम पर है। विकल्प D, जेम्स वाट, वाष्प इंजन के अभियंता थे और शक्ति का मात्रक उनके नाम पर है, पर प्रेरण से उनका कोई संबंध नहीं। याद रखने योग्य जोड़ा है 1820 में ओर्स्टेड और 1831 में फैराडे।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

आधुनिक आवर्त नियम कहता है कि तत्वों के गुण उनके किसके आवर्त फलन हैं?

  1. A.परमाणु द्रव्यमान
  2. B.परमाणु संख्या
  3. C.घनत्व
  4. D.संयोजकता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. परमाणु संख्या

व्याख्या

सही उत्तर B, परमाणु संख्या है। हेनरी मोजले ने 1913 में तत्वों से निकलने वाली एक्स किरणों की आवृत्तियों से दिखाया कि तत्व का अधिक मूल गुण उसकी परमाणु संख्या है, अर्थात नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या। इसलिए आवर्त नियम फिर से कहा गया: तत्वों के गुण उनकी परमाणु संख्याओं के आवर्त फलन हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि परमाणु द्रव्यमान मेंडलीव के 1869 के नियम का आधार था, जो समस्थानिकों को स्थान न दे सका और जिसमें कोबाल्ट तथा निकल जैसी जोड़ियों को द्रव्यमान क्रम से बाहर रखना पड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि घनत्व एक भौतिक गुण है, जिसमें इस प्रकार का कोई सरल आवर्ती क्रम नहीं दिखता। विकल्प D गलत है क्योंकि संयोजकता इलेक्ट्रॉन व्यवस्था से निकलती है और इसलिए वह स्वयं परमाणु संख्या का परिणाम है, नियम का आधार नहीं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

घरेलू विद्युत परिपथ में फ्यूज कहाँ जोड़ा जाता है?

  1. A.उदासीन तार में
  2. B.विद्युन्मय तार में
  3. C.भू-तार में
  4. D.उपकरण के समांतर क्रम में
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विद्युन्मय तार में

व्याख्या

सही उत्तर B, विद्युन्मय तार में है। फ्यूज नीचे गलनांक वाले तार का छोटा टुकड़ा होता है जो विद्युन्मय लाइन में श्रेणीक्रम में लगाया जाता है, ताकि अत्यधिक धारा उसे पिघला दे और परिपथ टूट जाए। चूँकि विच्छेद विद्युन्मय ओर पर होता है, उपकरण ऊँचे विभव से पूरी तरह कट जाता है और उसे छूना सुरक्षित रहता है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि उदासीन तार में लगा फ्यूज धारा तो रोक देगा, पर उपकरण विद्युन्मय तार से जुड़ा रहेगा और छूने वाले को झटका लग सकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भू-तार जमीन तक का सुरक्षा पथ है और उसमें फ्यूज कभी नहीं लगाया जाता, क्योंकि उसका टूटना उसी सुरक्षा को समाप्त कर देगा जिसके लिए वह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समांतर क्रम में लगा फ्यूज उपकरण की रक्षा करने के बजाय उसे लघु पथित कर देगा; फ्यूज सदैव उस भार के श्रेणीक्रम में होता है जिसकी वह रक्षा करता है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 1आसान

बैसिलाई (Bacilli) किस आकार के बैक्टीरिया होते हैं?

  1. A.कॉमा के आकार के
  2. B.छड़ के आकार के
  3. C.सर्पिल आकार के
  4. D.गोल आकार के
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छड़ के आकार के

व्याख्या

सही उत्तर है B, छड़ के आकार के। बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर बाँटा जाता है और बैसिलाई वे बैक्टीरिया हैं जो छड़ (रॉड) के आकार के होते हैं; लैटिन शब्द बैसिलस का अर्थ ही छोटी छड़ या डंडी है। क्षय रोग (टीबी), टेटनस, टाइफॉइड और एंथ्रेक्स सभी छड़ के आकार वाले बैक्टीरिया से होते हैं, और दूध को दही में बदलने वाला लैक्टोबैसिलस भी इसी समूह का है। इस वर्गीकरण के बाकी आकार हैं कोकाई, जो गोल होते हैं, स्पाइरिला, जो लंबे और सर्पिल होते हैं, तथा विब्रियो, जो कॉमा की तरह मुड़े होते हैं। A गलत है क्योंकि कॉमा के आकार के बैक्टीरिया विब्रियो कहलाते हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध हैजा फैलाने वाला विब्रियो कॉलेरी है। C गलत है क्योंकि सर्पिल आकार के बैक्टीरिया स्पाइरिला और स्पाइरोकीट कहे जाते हैं। D गलत है क्योंकि गोल आकार के बैक्टीरिया कोकाई होते हैं, जैसे स्ट्रेप्टोकोकस। परीक्षा टिप: कोकाई गोल, बैसिलाई छड़, स्पाइरिला सर्पिल और विब्रियो कॉमा के आकार के होते हैं।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 1कठिन

न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के वर्गीकरण में अंतिम तत्व निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.रेडियम
  2. B.थोरियम
  3. C.लोहा
  4. D.रोडियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थोरियम

व्याख्या

सही उत्तर B, थोरियम है। जॉन न्यूलैंड्स ने 1866 में ज्ञात छप्पन तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखा, जिसकी शुरुआत सबसे हल्के हाइड्रोजन से और समाप्ति छप्पनवें तत्व थोरियम पर हुई। उन्होंने देखा कि प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व जैसे थे, और संगीत के स्वरक्रम के आधार पर इस प्रतिरूप को अष्टक नियम कहा। नए तत्वों की खोज के बाद यह नियम असफल हो गया, क्योंकि उस व्यवस्था में उनके लिए स्थान शेष नहीं था। विकल्प A गलत है क्योंकि रेडियम की खोज मेरी और पियरे क्यूरी ने 1898 में, न्यूलैंड्स की सारणी के बहुत बाद की। विकल्प C गलत है क्योंकि लोहा इस व्यवस्था के बीच में आता है, उसके अंत में नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि रोडियम भी पहले के तत्वों के बीच है और उनकी सूची में अंतिम नहीं था।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Nov, 2024, Shift 3आसान

निलंबन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।
  2. B.गैस में परिक्षिप्त ठोस को निलंबन कहते हैं।
  3. C.निलंबन के कण नंगी आंखों से नहीं दिखते।
  4. D.निलंबन एक समांगी मिश्रण है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है। निलंबन में विलेय के कण इतने बड़े होते हैं कि दिखाई देते हैं और वे घुलते नहीं। वे द्रव में तभी तक फैले रहते हैं जब तक उसे हिलाया जाता रहे, और छोड़ देने पर नीचे बैठ जाते हैं। पानी में चॉक का चूर्ण, नदी का गंदला पानी और हिलाई हुई पेंट की बोतल इसके रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कण बड़े होने के कारण निलंबन प्रकाश की किरण को बिखेर देता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं, और इन कणों को छानकर अलग किया जा सकता है। B गलत है क्योंकि गैस में फैले ठोस, जैसे धुआं, ऐरोसॉल कहलाते हैं जो कोलॉइड का एक प्रकार है। C गलत है क्योंकि निलंबन के कण नंगी आंखों से दिख जाते हैं, विलयन के कण नहीं दिखते। D गलत है क्योंकि समांगी मिश्रण विलयन होता है, जो हर जगह एक समान रहता है। परीक्षा टिप: विलयन समांगी, निलंबन विषमांगी और बैठ जाने वाला, कोलॉइड बीच का।

Q9.सामान्य विज्ञानकठिन

दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं, क्योंकि

  1. A.उस बिंदु पर क्षेत्र शून्य हो जाएगा
  2. B.उस एक ही बिंदु पर क्षेत्र की दो दिशाएँ हो जाएँगी, जो असंभव है
  3. C.ये रेखाएँ काल्पनिक होती हैं
  4. D.चुंबकीय ध्रुव सदैव युग्म में होते हैं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उस एक ही बिंदु पर क्षेत्र की दो दिशाएँ हो जाएँगी, जो असंभव है

व्याख्या

सही उत्तर B है। किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र रेखा पर खींची गई स्पर्श रेखा वहाँ क्षेत्र की दिशा बताती है। यदि दो रेखाएँ कटें तो कटान बिंदु पर दो भिन्न स्पर्श रेखाएँ खींची जा सकेंगी, अर्थात वहाँ रखी चुंबकीय सुई को एक साथ दो दिशाओं में संकेत करना पड़ेगा। यह असंभव है, इसलिए क्षेत्र रेखाएँ कभी नहीं कटतीं।

विकल्प A गलत है, क्योंकि क्षेत्र का शून्य होना अलग स्थिति है, जिसे उदासीन बिंदु कहते हैं, जहाँ कोई रेखा गुजरती ही नहीं, दो रेखाएँ कटती नहीं। विकल्प C प्रसंग से बाहर है: क्षेत्र रेखाएँ क्षेत्र को चित्रित करने का तरीका अवश्य हैं, पर चित्र के रूप में भी उन्हें हर बिंदु पर एक ही दिशा दिखानी होती है, इसलिए काल्पनिक होना कारण नहीं है। विकल्प D सही तथ्य कहता है कि चुंबक में सदैव दोनों ध्रुव होते हैं और एकल ध्रुव नहीं हो सकता, पर इससे यह समझाया जाता है कि रेखाएँ बंद वक्र क्यों हैं, यह नहीं कि वे क्यों नहीं कटतीं।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा पादप हार्मोन वृद्धि को रोकता है?

  1. A.साइटोकाइनिन
  2. B.एब्सिसिक अम्ल
  3. C.जिबरेलिन
  4. D.ऑक्सिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है B, एब्सिसिक अम्ल। दिए गए हार्मोनों में एब्सिसिक अम्ल ही ऐसा है जो वृद्धि बढ़ाने के बजाय घटाता है, इसीलिए इसे पौधों का तनाव हार्मोन कहा जाता है। पानी की कमी होने पर यह रंध्रों को बंद करा देता है, बीजों और कलियों को तब तक सुप्त रखता है जब तक परिस्थितियां अनुकूल न हों, और पत्तियों तथा फलों के गिरने में मदद करता है। बाकी तीनों वृद्धि बढ़ाने वाले हार्मोन हैं। A गलत है क्योंकि साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन को बढ़ाता है और पत्तियों के बूढ़े होने को टालता है। C गलत है क्योंकि जिबरेलिन तने को लंबा करता है, बीज की सुप्तावस्था तोड़ता है और कुछ पौधों में जल्दी फूल लाता है। D गलत है क्योंकि ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करता है और प्रकाशानुवर्तन का कारण है, क्योंकि यह छाया वाली ओर जमा हो जाता है। परीक्षा टिप: केवल एब्सिसिक अम्ल रोकता है, ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन बढ़ाते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

आधुनिक आवर्त सारणी में कितने आवर्त और कितने समूह हैं?

  1. A.8 आवर्त और 7 समूह
  2. B.18 आवर्त और 7 समूह
  3. C.7 आवर्त और 18 समूह
  4. D.7 आवर्त और 8 समूह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 7 आवर्त और 18 समूह

व्याख्या

सही उत्तर C, 7 आवर्त और 18 समूह है। आधुनिक आवर्त सारणी में सात क्षैतिज पंक्तियाँ हैं, जिन्हें आवर्त कहते हैं, और अठारह ऊर्ध्व स्तंभ, जिन्हें समूह कहते हैं। पहले आवर्त में केवल दो तत्व हैं, दूसरे तथा तीसरे में आठ-आठ, चौथे और पाँचवें में अठारह-अठारह तथा छठे में बत्तीस, जबकि लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड नीचे दो अलग पंक्तियों में दिखाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें दोनों संख्याएँ उलट दी गई हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि अठारह समूहों की संख्या है, आवर्तों की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि आठ समूह मेंडलीव की पुरानी सारणी में थे, जिसमें आठ ऊर्ध्व स्तंभ थे; अठारह समूह वाला रूप आधुनिक सारणी के दीर्घ रूप के साथ आया, जिसमें एक समूह के तत्वों के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है। एक उपयोगी जाँच यह है कि दोनों संख्याओं में सात सदा छोटी होती है, क्योंकि सारणी अपनी ऊँचाई से अधिक चौड़ी है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 October 2022, Shift 1आसान

निमोनिया मानव शरीर के निम्नलिखित में से किस भाग को प्रभावित करता है?

  1. A.गुर्दा
  2. B.फेफड़े
  3. C.यकृत
  4. D.हृदय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फेफड़े

व्याख्या

सही उत्तर है B, फेफड़े। निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जिसमें कूपिकाएँ यानी वे नन्ही वायु थैलियाँ, जहाँ ऑक्सीजन रक्त में जाती है, तरल या मवाद से भर जाती हैं। इसी कारण रोगी को बलगम वाली खाँसी, ठंड के साथ बुखार, छाती में दर्द और साँस लेने में कठिनाई होती है, और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिर सकता है। यह प्रायः स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनी नामक जीवाणु से होता है, तथा अन्य जीवाणु, विषाणु और कवक भी इसका कारण बनते हैं; यह बूँदों से फैलता है और बच्चों तथा बुजुर्गों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। न्यूमोकोकस और इन्फ्लुएंजा के टीके इससे बचाव देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि गुर्दे को नेफ्राइटिस और पथरी प्रभावित करती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यकृत को हेपेटाइटिस, पीलिया और सिरोसिस प्रभावित करते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि हृदय को आमवाती हृदय रोग जैसी बीमारियाँ प्रभावित करती हैं। परीक्षा टिप: निमोनिया और तपेदिक फेफड़े, हेपेटाइटिस यकृत, नेफ्राइटिस गुर्दा।

Q13.सामान्य विज्ञानमध्यम

विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक, जिस पर घरेलू बिल बनता है, कौन सा है?

  1. A.वाट
  2. B.वोल्ट एम्पियर
  3. C.किलोवाट घंटा
  4. D.जूल प्रति सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. किलोवाट घंटा

व्याख्या

सही उत्तर C, किलोवाट घंटा है। यह एक किलोवाट के उपकरण द्वारा एक घंटे में खपत की गई ऊर्जा है और छत्तीस लाख जूल के बराबर होती है। घर में लगा विद्युत मीटर इन्हीं इकाइयों को गिनता है, इसीलिए किलोवाट घंटा को सामान्य बोलचाल में बिजली की यूनिट कहा जाता है।

विकल्प A, वाट, शक्ति का एसआई मात्रक है, अर्थात ऊर्जा खर्च होने की दर, स्वयं ऊर्जा नहीं, इसलिए वह बिल में खपत की मात्रा के रूप में नहीं आ सकता। विकल्प B, वोल्ट एम्पियर, भी शक्ति का ही मात्रक है, जो प्रत्यावर्ती धारा के काम में आभासी शक्ति के लिए प्रयुक्त होता है, और वह भी दर ही मापता है। विकल्प D, जूल प्रति सेकंड, वाट का ही दूसरा नाम है, इसलिए उसमें भी वही कमी है। केवल किलोवाट घंटा ही शक्ति को समय से गुणा करता है और इसलिए ऊर्जा मापता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1आसान

मानव DNA की द्विकुंडलित संरचना में क्षार एडेनिन निम्नलिखित में से किस क्षार के साथ दो हाइड्रोजन बंध बनाकर क्षार-युग्म बनाता है?

  1. A.ग्वानिन
  2. B.साइटोसिन
  3. C.थाइमिन
  4. D.हिस्टोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. थाइमिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, थाइमिन। DNA में एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बंधों से जुड़ता है, और ग्वानिन साइटोसिन के साथ तीन बंधों से। इसे पूरक क्षार-युग्मन कहते हैं, और इसी कारण DNA का एक सूत्र दूसरे की नकल बनाने में काम आता है। द्विकुंडली मॉडल 1953 में जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक ने रोज़ालिंड फ्रैंकलिन की एक्स-रे तस्वीरों की मदद से दिया था। एडेनिन और ग्वानिन दो वलय वाले प्यूरीन हैं, जबकि थाइमिन और साइटोसिन एक वलय वाले पिरिमिडीन हैं, इसलिए हर जोड़े की चौड़ाई बराबर रहती है और कुंडली एक-सी बनी रहती है। RNA में थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्वानिन भी एडेनिन की तरह प्यूरीन है और साइटोसिन से जोड़ा बनाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि साइटोसिन तीन हाइड्रोजन बंधों से ग्वानिन के साथ जुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हिस्टोन एक प्रोटीन है, जिसके चारों ओर गुणसूत्रों में DNA लिपटा रहता है; यह क्षार है ही नहीं। परीक्षा टिप: A की जोड़ी T से दो बंधों से, G की C से तीन बंधों से; RNA में T की जगह U होता है।

Q15.सामान्य विज्ञानआसान

किसी तत्व के समस्थानिकों में क्या समान होता है?

  1. A.परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न
  2. B.द्रव्यमान संख्या समान, परमाणु संख्या भिन्न
  3. C.न्यूट्रॉनों की संख्या समान, प्रोटॉनों की संख्या भिन्न
  4. D.प्रोटॉनों की संख्या समान और न्यूट्रॉनों की संख्या भी समान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न

व्याख्या

सही उत्तर A, परमाणु संख्या समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न है। समस्थानिक एक ही तत्व के परमाणु होते हैं, इसलिए उनमें प्रोटॉनों की संख्या और अतः परमाणु संख्या समान होती है, परंतु उनमें न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, जिससे उनकी द्रव्यमान संख्या अलग हो जाती है। हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं, प्रोटियम, ड्यूटीरियम और ट्राइटियम, तथा क्लोरीन प्रकृति में क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37 के रूप में मिलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि समान द्रव्यमान संख्या पर भिन्न परमाणु संख्या वाले परमाणु समभारिक कहलाते हैं, जैसे आर्गन-40 और कैल्सियम-40। विकल्प C गलत है क्योंकि समान न्यूट्रॉन पर भिन्न प्रोटॉन वाले परमाणु समन्यूट्रॉनिक कहलाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि समान प्रोटॉन और समान न्यूट्रॉन वाले परमाणु एक ही समस्थानिक के एक जैसे परमाणु ही हैं, आपस में समस्थानिक नहीं। चूँकि समस्थानिकों में अंतर केवल न्यूट्रॉनों का है, इसलिए उनका रासायनिक व्यवहार समान रहता है और घनत्व तथा रेडियोसक्रियता जैसे भौतिक गुणों में अंतर आता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 30 Sept 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग परिपथ में विद्युत की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है?

  1. A.ओहममीटर
  2. B.वोल्टमीटर
  3. C.रिओस्टेट
  4. D.गैल्वेनोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गैल्वेनोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गैल्वेनोमीटर। गैल्वेनोमीटर यह पता लगाता है कि परिपथ में धारा बह रही है या नहीं और उसकी दिशा भी बताता है, क्योंकि इसकी सुई बीच के शून्य से इधर या उधर घूमती है। यह धारावाही कुंडली पर चुंबकीय क्षेत्र के घूर्णन प्रभाव पर काम करता है और इतना संवेदनशील होता है कि बहुत कम धारा पर भी प्रतिक्रिया देता है, इसीलिए इसे मापने के बजाय पता लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी उपकरण के समांतर कम प्रतिरोध का शंट जोड़ देने पर यह अमीटर बन जाता है और श्रेणीक्रम में अधिक प्रतिरोध जोड़ने पर वोल्टमीटर। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओहममीटर प्रतिरोध मापता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वोल्टमीटर विभवांतर मापता है और समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रिओस्टेट परिवर्ती प्रतिरोध है, जो धारा घटाता-बढ़ाता है। परीक्षा टिप: गैल्वेनोमीटर पता लगाए, अमीटर श्रेणीक्रम में, वोल्टमीटर समांतर क्रम में।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

किसी समान मोटाई वाले धात्विक तार का प्रतिरोध होता है

  1. A.उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के अनुक्रमानुपाती
  2. B.उसकी लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती
  3. C.उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती
  4. D.लंबाई और अनुप्रस्थ काट दोनों से स्वतंत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती

व्याख्या

सही उत्तर C है। तार का प्रतिरोध पदार्थ की प्रतिरोधकता गुणा लंबाई भाग अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के बराबर होता है। लंबा तार इलेक्ट्रॉनों को अधिक लंबा पथ और अधिक टक्करें देता है, इसलिए लंबाई बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है; मोटा तार उन्हें अधिक जगह देता है, इसलिए क्षेत्रफल बढ़ने पर प्रतिरोध घटता है।

विकल्प A मोटाई पर निर्भरता उलट देता है, और यही कारण है कि समान धारा पर पतला तार मोटे तार से अधिक गरम होता है। विकल्प B लंबाई पर निर्भरता उलट देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नमूने के आकार से केवल प्रतिरोधकता स्वतंत्र होती है, प्रतिरोध नहीं; प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण है और केवल पदार्थ तथा ताप बदलने पर बदलती है। एक उपयोगी जाँच: लंबाई दोगुनी करने पर प्रतिरोध दोगुना हो जाता है, जबकि व्यास दोगुना करने पर क्षेत्रफल चार गुना हो जाता है और प्रतिरोध एक चौथाई रह जाता है।

Q18.सामान्य विज्ञानआसान

परमाणु का वह तरबूज मॉडल, जिसमें इलेक्ट्रॉन धन आवेश के गोले में धँसे रहते हैं, किसने प्रस्तुत किया?

  1. A.जॉन डाल्टन
  2. B.जे. जे. थॉमसन
  3. C.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  4. D.नील्स बोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जे. जे. थॉमसन

व्याख्या

सही उत्तर B, जे. जे. थॉमसन है। 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद जे. जे. थॉमसन ने परमाणु को धन आवेश के ऐसे गोले के रूप में देखा जिसमें ऋण आवेशित इलेक्ट्रॉन धँसे हैं, और इस चित्र की तुलना अक्सर तरबूज में बीजों से की जाती है। इससे यह समझ आया कि परमाणु विद्युत रूप से उदासीन क्यों है, परंतु इसमें नाभिक नहीं था और यह रदरफोर्ड के प्रकीर्णन प्रयोग के सामने टिक नहीं सका। विकल्प A गलत है क्योंकि जॉन डाल्टन के 1808 के सिद्धांत में परमाणु अविभाज्य माना गया और उसमें कोई आंतरिक रचना ही नहीं थी। विकल्प C गलत है क्योंकि रदरफोर्ड ने सोने की पन्नी के प्रयोग के बाद इस मॉडल के स्थान पर नाभिकीय मॉडल रखा। विकल्प D गलत है क्योंकि नील्स बोर ने इसके बाद रदरफोर्ड के नाभिक में नियत अनुमत कोश जोड़े, जिससे परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या हो सके।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 27 May 2019, Shift 1आसान

12 V के विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 2 कूलॉम आवेश को ले जाने में कितना कार्य होता है?

  1. A.6 जूल
  2. B.18 जूल
  3. C.24 जूल
  4. D.12 जूल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 24 जूल

व्याख्या

सही उत्तर है C, 24 जूल। किसी आवेश को विभवांतर के आर-पार ले जाने में किया गया कार्य W = Q × V होता है, इसलिए W = 2 × 12 = 24 जूल। दो बिंदुओं के बीच विभवांतर की परिभाषा ही यह है कि एक इकाई आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है, अर्थात V = W/Q। इसीलिए विभवांतर का मात्रक वोल्ट है और 1 वोल्ट का अर्थ है 1 जूल प्रति कूलॉम। यह कार्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आवेश किस रास्ते से ले जाया गया। A गलत है क्योंकि 12 V पर 6 जूल कार्य केवल 0.5 कूलॉम आवेश के लिए होगा। B गलत है क्योंकि दिए गए मानों से 18 जूल किसी भी तरह नहीं निकलता। D गलत है क्योंकि 12 जूल कार्य 1 कूलॉम आवेश के लिए होता है, 2 कूलॉम के लिए नहीं। परीक्षा टिप: V = W/Q याद रखें, इससे W = QV मिलता है और 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम।

Q20.सामान्य विज्ञानकठिन

मेंडलीव ने अपनी आवर्त सारणी में स्थान खाली छोड़े और एका-बोरॉन, एका-ऐलुमिनियम तथा एका-सिलिकॉन के गुणों की भविष्यवाणी की। ये तत्व बाद में किस रूप में खोजे गए?

  1. A.सोडियम, पोटैशियम और कैल्सियम
  2. B.कोबाल्ट, निकल और ताँबा
  3. C.स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम
  4. D.रेडियम, रेडॉन और रीनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम

व्याख्या

सही उत्तर C, स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम है। मेंडलीव ने 1869 में तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में रखा और वहाँ स्थान खाली छोड़े जहाँ उनके प्रतिरूप के अनुसार कोई अभी अज्ञात तत्व होना चाहिए था। उन्होंने उनमें से तीन का द्रव्यमान, घनत्व तथा यौगिक पहले ही बता दिए और उन्हें एका-बोरॉन, एका-ऐलुमिनियम तथा एका-सिलिकॉन कहा, और जब स्कैंडियम, गैलियम और जर्मेनियम खोजे गए तो वे उनके विवरण से बहुत मिलते निकले, जिससे आवर्त नियम को व्यापक स्वीकृति मिली। विकल्प A गलत है क्योंकि सोडियम, पोटैशियम और कैल्सियम 1869 से बहुत पहले से ज्ञात थे। विकल्प B गलत है क्योंकि कोबाल्ट, निकल और ताँबा भी ज्ञात थे, और कोबाल्ट तथा निकल वही जोड़ी थी जिसे उन्हें कड़े द्रव्यमान क्रम से बाहर रखना पड़ा। विकल्प D गलत है क्योंकि रेडियम, रेडॉन और रीनियम बहुत बाद में मिले और उनकी तीन भविष्यवाणियों में नहीं थे।

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