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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 24

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 24) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 19 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन, सूक्ष्मजीव: जीवाणु, विषाणु और कवक, ध्वनि और तरंगें और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

श्वेत प्रकाश के प्रिज्म से गुजरने पर कौन सा रंग सबसे अधिक मुड़ता है?

  1. A.लाल
  2. B.हरा
  3. C.पीला
  4. D.बैंगनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बैंगनी

व्याख्या

सही उत्तर D, बैंगनी है। श्वेत प्रकाश अनेक रंगों का मिश्रण है, और प्रिज्म के काँच का अपवर्तनांक हर रंग के लिए थोड़ा भिन्न होता है, जो बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम रहता है। अधिक अपवर्तनांक का अर्थ है अधिक मुड़ना, इसलिए बैंगनी सबसे अधिक और लाल सबसे कम विचलित होता है, और रंग फैलकर वह पट्टी बनाते हैं जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं तथा बैनीआहपीनाला के रूप में याद रखा जाता है। इसी बँटवारे को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।

विकल्प A लाल की तरंगदैर्घ्य दृश्य रंगों में सबसे अधिक है और वह सबसे कम मुड़ता है, इसीलिए पट्टी के दूसरे छोर पर दिखता है। विकल्प B और C हरा तथा पीला स्पेक्ट्रम के बीच में आते हैं और उनका विचलन बैंगनी तथा लाल के बीच रहता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q3.सामान्य विज्ञानमध्यम

समुद्र की गहराई नापने और पनडुब्बियों का पता लगाने में प्रयुक्त सोनार किस सिद्धांत पर काम करता है?

  1. A.प्रकाश तरंगों का अपवर्तन
  2. B.पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन
  3. C.रेडियो तरंगों का वर्ण विक्षेपण
  4. D.अवश्रव्य तरंगों का व्यतिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन

व्याख्या

सही उत्तर B, पराश्रव्य तरंगों का परावर्तन है। सोनार का पूरा नाम साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग है। जहाज पर लगा प्रेषित्र जल में छोटे पराश्रव्य स्पंद भेजता है, ये स्पंद समुद्र तल, पनडुब्बी, हिमशैल या मछलियों के झुंड से परावर्तित होते हैं और संसूचक लौटती प्रतिध्वनि दर्ज कर लेता है। चूँकि स्पंद नीचे जाकर वापस आता है, गहराई बराबर जल में ध्वनि की चाल गुणा लगा समय, भाग दो।

विकल्प A गलत है क्योंकि समुद्री जल में प्रकाश थोड़ी ही दूरी में अवशोषित हो जाता है और गहरे समुद्र की थाह लेने में किसी काम का नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि खारे जल में रेडियो तरंगें तेजी से क्षीण होती हैं, इसीलिए पनडुब्बियों को संपर्क के लिए सतह पर आना पड़ता है या बहुत कम आवृत्ति का प्रयोग करना पड़ता है। विकल्प D में पट्टी और परिघटना दोनों गलत हैं: अवश्रव्य ध्वनि श्रव्य सीमा से नीचे है और दूरी मापने में व्यतिकरण का प्रयोग नहीं होता।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Oct 2022, Shift 1मध्यम

एक अज्ञात प्रतिरोधक के सिरों पर 12 V की बैटरी जोड़ी गई है। यदि परिपथ में 2 mA धारा बह रही है, तो प्रतिरोध का मान _________ होगा।

  1. A.600 ओम
  2. B.6 ओम
  3. C.6000 ओम
  4. D.60 ओम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 6000 ओम

व्याख्या

सही उत्तर C, 6000 ओम है। ओम के नियम से प्रतिरोध विभवांतर भाग धारा के बराबर होता है। यहाँ पहले धारा को मूल मात्रक में बदलना होगा: दो मिली एम्पियर का अर्थ है 0.002 एम्पियर। बारह वोल्ट में 0.002 एम्पियर का भाग देने पर छह हजार ओम, अर्थात छह किलो ओम मिलता है।

विकल्प A, 600 ओम, तब आता है जब मिली को हजारवाँ भाग मानने के बजाय सौवाँ भाग मान लिया जाए, जो समय के दबाव में होने वाली सामान्य चूक है। विकल्प B, 6 ओम, किसी और प्रश्न का उत्तर है, अर्थात बारह वोल्ट भाग दो एम्पियर, और उसमें मिली उपसर्ग की उपेक्षा कर दी गई है। विकल्प D, 60 ओम, दिए गए अंकों से निकलता ही नहीं और केवल विकल्प भरने के लिए है। सीख यह है कि भाग देने से पहले मिली, माइक्रो, किलो या मेगा जैसे हर उपसर्ग को मूल मात्रक में बदल लें।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

अफ़ीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

  1. A.एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस
  2. B.पैपेवर सोम्निफेरम
  3. C.राउवोल्फिया सर्पेन्टिना
  4. D.सिनकोना प्रजाति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पैपेवर सोम्निफेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पैपेवर सोम्निफेरम। अफ़ीम, अफ़ीम के पोस्ते के सूखे दूध (लेटेक्स) से बनती है, जिसका वानस्पतिक नाम पैपेवर सोम्निफेरम है; सोम्निफेरम का अर्थ ही नींद लाने वाला है। कच्चे डोडे पर हल्के चीरे लगाकर दूधिया लेटेक्स इकट्ठा किया जाता है और इससे मॉर्फिन तथा कोडीन जैसी दवाएँ बनती हैं, जो दर्द और खाँसी में काम आती हैं। भारत में इसकी खेती केवल लाइसेंस पर होती है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर से मिलता है, और लाइसेंस वाले ज़िले मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में हैं; इसी कारण राज्य परीक्षाओं में यह प्रश्न आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस आँवला है, जो विटामिन सी से भरपूर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राउवोल्फिया सर्पेन्टिना सर्पगंधा है, जिससे रक्तचाप की दवा रेसरपिन मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिनकोना से मलेरिया की पुरानी दवा कुनैन मिलती है। परीक्षा टिप: अफ़ीम पैपेवर सोम्निफेरम, आँवला एम्ब्लिका, कुनैन सिनकोना से।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 3मध्यम

M कोश में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं?

  1. A.8
  2. B.2
  3. C.18
  4. D.32
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18

व्याख्या

सही उत्तर C, 18 है। कोश की क्षमता 2n वर्ग सूत्र से मिलती है, जहाँ n नाभिक से बाहर की ओर गिनी गई कोश संख्या है। M कोश तीसरा है, इसलिए उसकी क्षमता 2 गुणा 3 का वर्ग, अर्थात 18 है। विकल्प A गलत है क्योंकि 8 दूसरे अर्थात L कोश की क्षमता है, और यही वह अधिकतम संख्या भी है जो सबसे बाहरी कोश में रह सकती है, जो एक भिन्न नियम है। विकल्प B गलत है क्योंकि 2 पहले अर्थात नाभिक के सबसे निकट K कोश की क्षमता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 32 चौथे अर्थात N कोश की क्षमता है। ध्यान दें कि कैल्सियम जैसे परमाणु में M कोश 8 पर रुक जाता है क्योंकि उस अवस्था में वह सबसे बाहरी कोश है, परंतु इससे उसकी पूरी क्षमता 18 नहीं बदलती।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Nov, 2024, Shift 3आसान

निलंबन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।
  2. B.गैस में परिक्षिप्त ठोस को निलंबन कहते हैं।
  3. C.निलंबन के कण नंगी आंखों से नहीं दिखते।
  4. D.निलंबन एक समांगी मिश्रण है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है। निलंबन में विलेय के कण इतने बड़े होते हैं कि दिखाई देते हैं और वे घुलते नहीं। वे द्रव में तभी तक फैले रहते हैं जब तक उसे हिलाया जाता रहे, और छोड़ देने पर नीचे बैठ जाते हैं। पानी में चॉक का चूर्ण, नदी का गंदला पानी और हिलाई हुई पेंट की बोतल इसके रोजमर्रा के उदाहरण हैं। कण बड़े होने के कारण निलंबन प्रकाश की किरण को बिखेर देता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं, और इन कणों को छानकर अलग किया जा सकता है। B गलत है क्योंकि गैस में फैले ठोस, जैसे धुआं, ऐरोसॉल कहलाते हैं जो कोलॉइड का एक प्रकार है। C गलत है क्योंकि निलंबन के कण नंगी आंखों से दिख जाते हैं, विलयन के कण नहीं दिखते। D गलत है क्योंकि समांगी मिश्रण विलयन होता है, जो हर जगह एक समान रहता है। परीक्षा टिप: विलयन समांगी, निलंबन विषमांगी और बैठ जाने वाला, कोलॉइड बीच का।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अर्धसूत्री विभाजन के बारे में सही नहीं है?

  1. A.अर्धसूत्री विभाजन के परिणामस्वरूप बनने वाली कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
  2. B.अर्धसूत्री विभाजन युग्मक बनाने के लिए जनन ग्रंथियों में होता है।
  3. C.अर्धसूत्री विभाजन दो चरणों में होता है।
  4. D.अर्धसूत्री विभाजन के दौरान जनक कोशिकाओं के जीन परिणामी कोशिकाओं में मिश्रित हो जाते हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अर्धसूत्री विभाजन के परिणामस्वरूप बनने वाली कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाती है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, कि अर्धसूत्री विभाजन से गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाती है, क्योंकि यहां उल्टा होता है। यह न्यूनकारी विभाजन है, जिसमें पूर्ण द्विगुणित समुच्चय वाली एक जनक कोशिका से चार कोशिकाएं बनती हैं और हर कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या आधी, यानी अगुणित रह जाती है। यही आधा होना किसी जाति की गुणसूत्र संख्या स्थिर रखता है, क्योंकि शुक्राणु और अंडाणु आधे-आधे लाते हैं और निषेचित अंडे में संख्या फिर पूरी हो जाती है। बाकी तीनों कथन सही हैं। यह जनन ग्रंथियों यानी वृषण और अंडाशय में युग्मक बनाने के लिए होता है। यह दो चरणों में चलता है, अर्धसूत्री एक और अर्धसूत्री दो, जबकि डीएनए की प्रतिलिपि केवल एक बार बनती है। और पहले चरण में जीन विनिमय से दोनों जनकों के गुणसूत्र खंड बदल लेते हैं, इसलिए कोई दो युग्मक एक जैसे नहीं होते। परीक्षा टिप: समसूत्री संख्या बनाए रखता है, अर्धसूत्री आधी कर देता है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 3मध्यम

गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) में कितनी धमनियां होती हैं?

  1. A.तीन
  2. B.एक
  3. C.दो
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दो

व्याख्या

सही उत्तर है C, दो। सामान्य गर्भनाल में दो धमनियां और एक शिरा, यानी कुल तीन रक्त वाहिकाएं होती हैं।

गर्भनाल विकसित हो रहे भ्रूण को गर्भनाल-पिंड यानी प्लेसेंटा से जोड़ती है। दोनों गर्भनाल धमनियां भ्रूण से अशुद्ध रक्त, कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट प्लेसेंटा तक ले जाती हैं, और एकमात्र गर्भनाल शिरा प्लेसेंटा से ऑक्सीजन युक्त रक्त तथा पोषक तत्व भ्रूण तक लाती है। यह शरीर के सामान्य नियम के उलट है, जहां धमनियां शुद्ध रक्त ले जाती हैं। इन वाहिकाओं की रक्षा जेली जैसे ऊतक, जिसे व्हार्टन जेली कहते हैं, करती है, और पूर्ण विकसित गर्भनाल लगभग 50 से 55 सेंटीमीटर लंबी होती है।

A गलत है: तीन कुल रक्त वाहिकाओं की संख्या है, धमनियों की नहीं। B गलत है: एक गर्भनाल शिरा की संख्या है। D गलत है: सामान्य गर्भनाल में चार वाहिकाएं नहीं होतीं।

परीक्षा टिप: गर्भनाल - दो धमनियां और एक शिरा; शुद्ध रक्त भ्रूण तक शिरा ही पहुंचाती है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 23 May 2019, Shift 1आसान

वायवीय श्वसन (aerobic respiration) क्या है?

  1. A.आण्विक ऑक्सीजन के बिना होने वाला श्वसन
  2. B.त्वचा द्वारा श्वसन
  3. C.ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला श्वसन
  4. D.गिल्स द्वारा श्वसन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला श्वसन

व्याख्या

सही उत्तर है C, ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला श्वसन। वायवीय श्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में ग्लूकोज के विघटन की प्रक्रिया है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड, जल और बड़ी मात्रा में ऊर्जा मिलती है। यह मुख्य रूप से माइटोकॉन्ड्रिया में होता है, इसीलिए माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है, और ग्लूकोज के एक अणु से लगभग 38 ATP अणु बनते हैं। ऑक्सीजन के बिना होने वाला अवायवीय श्वसन बहुत कम ऊर्जा देता है; यीस्ट में ग्लूकोज से एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, जबकि कठिन व्यायाम के समय हमारी मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल बनता है, जो ऐंठन का कारण है। A गलत है क्योंकि आण्विक ऑक्सीजन के बिना होने वाला श्वसन अवायवीय श्वसन कहलाता है। B गलत है क्योंकि मेंढक की तरह त्वचा से गैसों का आदान-प्रदान त्वचीय श्वसन कहलाता है, जो कोशिकीय श्वसन का प्रकार नहीं है। D गलत है क्योंकि गिल्स द्वारा श्वसन मछलियों में पाया जाने वाला क्लोमीय श्वसन है। परीक्षा टिप: वायवीय श्वसन यानी ऑक्सीजन के साथ, 38 ATP, माइटोकॉन्ड्रिया में।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 15 Nov 2023, S3मध्यम

हाइड्रोजन आयन अकेले नहीं रह सकते, बल्कि जल के अणुओं के साथ जुड़कर ही रहते हैं। हाइड्रोजन आयनों को दिखाने का सही तरीका निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.HO-
  2. B.H3O+
  3. C.H2
  4. D.H2SO4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. H3O+

व्याख्या

सही उत्तर है B, H3O+। हाइड्रोजन आयन (H+) केवल एक नंगा प्रोटॉन होता है, इसलिए यह पानी में अकेला नहीं रह सकता। यह तुरंत पानी के एक अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन, H3O+, बना लेता है। इसलिए जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जैसा कोई अम्ल पानी में घुलता है, तो वास्तव में H3O+ आयन बनते हैं, और यही घोल को अम्लीय बनाते हैं। पानी के बिना अम्ल अम्लीय गुण नहीं दिखाते, इसीलिए सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती। विकल्प A गलत है, क्योंकि HO- (OH-) हाइड्रॉक्साइड आयन है, जो क्षारक पानी में देते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि H2 हाइड्रोजन गैस है, एक उदासीन अणु, कोई आयन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि H2SO4 स्वयं सल्फ्यूरिक अम्ल है, एक यौगिक जो पानी में हाइड्रोजन आयन छोड़ता है। परीक्षा टिप: अम्ल पानी में H3O+ आयन देते हैं और क्षारक OH- आयन; pH 7 वाला घोल उदासीन, 7 से कम अम्लीय और 7 से अधिक क्षारीय होता है।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Aug 2022, Shift 3मध्यम

मानव वृक्क में नेफ्रॉन के नलिकाकार भाग द्वारा प्रारंभिक निस्यंद से निम्नलिखित में से किन पदार्थों का चयनात्मक पुनरावशोषण होता है?

  1. A.लवण, ग्लूकोज, वसा और जल
  2. B.ग्लूकोज, जल, अमीनो अम्ल और प्रोटीन
  3. C.ग्लूकोज, जल, लवण और अमीनो अम्ल
  4. D.जल, ग्लूकोज, लवण और प्रोटीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्लूकोज, जल, लवण और अमीनो अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, ग्लूकोज, जल, लवण और अमीनो अम्ल। रक्त का निस्यंदन नेफ्रॉन के ग्लोमेरुलस में होता है, और नलिका में पहुंचने वाले प्रारंभिक निस्यंद में अभी भी कई उपयोगी पदार्थ बचे रहते हैं। नलिका से गुजरते हुए ये पदार्थ वापस रक्त में ले लिए जाते हैं, इसी चरण को चयनात्मक पुनरावशोषण कहते हैं, ताकि आगे केवल अपशिष्ट और अतिरिक्त जल ही मूत्र बनाए। ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, अधिकांश लवण और जल का बड़ा भाग लौटा लिया जाता है। कितना जल लौटेगा, यह शरीर की जरूरत और बाहर निकाले जाने वाले घुले अपशिष्ट की मात्रा पर निर्भर करता है। B और D गलत हैं क्योंकि प्रोटीन के अणु इतने बड़े होते हैं कि ग्लोमेरुलस की छलनी से निकल ही नहीं पाते, इसलिए उनका पुनरावशोषण नहीं होता। A इसी कारण गलत है, वसा भी निस्यंद में नहीं आती। परीक्षा टिप: प्रोटीन और वसा रक्त में ही रहते हैं, ग्लूकोज और अमीनो अम्ल पूरी तरह लौटा लिए जाते हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निम्नलिखित रोगों के समूह में से किसमें जिनेटिक रोग समाविष्ट हैं?

  1. A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
  2. B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
  3. C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
  4. D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 19 August 2019, Shift 3आसान

द्रुमिका (डेंड्राइट) और तंत्रिकाक्ष (एक्सॉन) किस कोशिका के भाग हैं?

  1. A.लाल रक्त कोशिका
  2. B.तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)
  3. C.वृक्काणु (नेफ्रॉन)
  4. D.श्वेत रक्त कोशिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)

व्याख्या

सही उत्तर है B, तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)। डेंड्राइट और एक्सॉन न्यूरॉन से निकलने वाले दो तरह के प्रवर्ध हैं। न्यूरॉन वही तंत्रिका कोशिका है जो शरीर में संदेश ले जाती है। इसके कोशिका काय, जिसे साइटॉन कहते हैं, में केंद्रक होता है। डेंड्राइट छोटे और शाखित तंतु होते हैं, जो संकेत ग्रहण कर उसे कोशिका काय की ओर ले जाते हैं, जबकि एक्सॉन एक लंबा तंतु होता है जो संकेत को आगे अगली कोशिका तक पहुँचाता है। एक न्यूरॉन के एक्सॉन और दूसरे के डेंड्राइट के बीच की जगह सिनैप्स कहलाती है, जहाँ एक रसायन संकेत को पार कराता है। न्यूरॉन मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है। A गलत है क्योंकि परिपक्व लाल रक्त कोशिका में केंद्रक नहीं होता और वह केवल ऑक्सीजन ढोती है। C गलत है क्योंकि नेफ्रॉन वृक्क की छानने वाली इकाई है, अकेली कोशिका नहीं। D गलत है क्योंकि श्वेत रक्त कोशिकाएँ संक्रमण से लड़ती हैं। परीक्षा टिप: डेंड्राइट संकेत लाता है, एक्सॉन ले जाता है, सिनैप्स दो न्यूरॉन जोड़ता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 20 Oct 2021, Shift 1कठिन

'कैलावेराइट' नामक खनिज एक टेल्यूराइड खनिज है, जिसमें पाया जाता है:

  1. A.चांदी
  2. B.जस्ता
  3. C.तांबा
  4. D.सोना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सोना

व्याख्या

सही उत्तर है D, सोना। कैलावेराइट सोने का टेल्यूराइड है, जिसका सूत्र AuTe2 है।

यह उन गिने-चुने खनिजों में है जिनमें सोना मुक्त धातु के रूप में नहीं, बल्कि रासायनिक रूप से संयुक्त अवस्था में मिलता है। सोना एक उत्कृष्ट धातु है, इसलिए वह सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करता। इस खनिज का नाम कैलिफोर्निया के कैलावेरास काउंटी पर पड़ा, जहाँ 1861 में यह मिला था। ऑस्ट्रेलिया के कालगुर्ली और कोलोराडो के क्रिपल क्रीक में यह सोने का महत्वपूर्ण अयस्क है। इसका रंग पीतल जैसा पीला से चाँदी जैसा सफेद होता है और यह भंगुर होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि चांदी का टेल्यूराइड हेसाइट है और चांदी का मुख्य अयस्क अर्जेंटाइट है। विकल्प B गलत है, जस्ता मुख्यतः जिंक ब्लेंड नामक सल्फाइड से मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट, मैलाकाइट और क्यूप्राइट से प्राप्त होता है।

परीक्षा टिप: अयस्क और धातु - कैलावेराइट सोना, अर्जेंटाइट चांदी, जिंक ब्लेंड जस्ता, बॉक्साइट एल्युमिनियम, हेमेटाइट लोहा, सिनेबार पारा।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 25 May 2022, Shift 2मध्यम

उस घटक की पहचान करें जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक प्रकाश ऊर्जा को ग्रहण करने में सहायक है।

  1. A.क्रिस्टी
  2. B.एमाइलोप्लास्ट
  3. C.कैरोटिनॉइड
  4. D.रिक्तिकाएँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कैरोटिनॉइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, कैरोटिनॉइड। कैरोटिनॉइड हरितलवक के भीतर मौजूद पीले, नारंगी और लाल वर्णक हैं, जो सूर्य का प्रकाश सोखकर उसकी ऊर्जा क्लोरोफिल तक पहुँचाते हैं, इसलिए दिए गए विकल्पों में केवल यही प्रकाश ग्रहण करता है। इनके दो समूह होते हैं, कैरोटीन और जैंथोफिल, और ये तेज प्रकाश से क्लोरोफिल की रक्षा भी करते हैं। क्लोरोफिल के हरे रंग के नीचे छिपे रहने के कारण ये पतझड़ के पत्तों, गाजर और पके टमाटर में दिखाई देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्रिस्टी माइटोकॉन्ड्रिया की भीतरी झिल्ली की वलियाँ हैं और श्वसन से जुड़ी हैं, प्रकाश संश्लेषण से नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि एमाइलोप्लास्ट रंगहीन लवक हैं, जो केवल मंड संचित करते हैं और उनमें प्रकाश सोखने वाला वर्णक नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि रिक्तिका रस से भरी थैली है, जो जल और अपशिष्ट रखती है और कोशिका को तनी हुई रखती है। परीक्षा टिप: क्लोरोफिल मुख्य वर्णक है और कैरोटिनॉइड सहायक वर्णक।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 9 March 2019, Shift 3आसान

लाल शैवाल सामान्यतः कहाँ पाए जाते हैं?

  1. A.पहाड़ों में
  2. B.शहरों में
  3. C.जलाशयों में
  4. D.रेगिस्तानों में
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जलाशयों में

व्याख्या

सही उत्तर है C, जलाशयों में। लाल शैवाल यानी रोडोफाइटा वर्ग के शैवाल जल में रहते हैं, अधिकतर गर्म और उथले समुद्री जल में, और कुछ प्रजातियाँ मीठे जल में भी मिलती हैं। इनका रंग फाइकोएरिथ्रिन वर्णक से आता है, जो क्लोरोफिल के हरे रंग को ढक देता है और इन्हें उस नीले प्रकाश का उपयोग करने देता है जो अधिक गहराई तक पहुँचता है, इसलिए कुछ लाल शैवाल अन्य शैवालों से अधिक गहराई में उगते हैं। पोरफाइरा, ग्रेसिलेरिया और पॉलीसाइफोनिया इसके सामान्य उदाहरण हैं, और प्रयोगशाला में काम आने वाला अगार तथा खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त कैरेजिनन इसी वर्ग से मिलते हैं। कोरलाइन लाल शैवाल कैल्शियम कार्बोनेट जमा करके मूँगा भित्तियाँ बनाने में सहायक होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि नंगी पहाड़ी ढलानों पर ठहरा हुआ जल नहीं होता। विकल्प B गलत है, क्योंकि शहर एक बस्ती है, कोई जलाशय नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि रेगिस्तान शुष्क होते हैं और जल के बिना शैवाल अपना जीवन चक्र पूरा नहीं कर सकते। परीक्षा टिप: रोडोफाइटा लाल (फाइकोएरिथ्रिन), क्लोरोफाइटा हरे (क्लोरोफिल), फियोफाइटा भूरे (फ्यूकोजैंथिन)।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 25 May 2019, Shift 1आसान

बैसिलाई (Bacilli) किस आकार के बैक्टीरिया होते हैं?

  1. A.कॉमा के आकार के
  2. B.छड़ के आकार के
  3. C.सर्पिल आकार के
  4. D.गोल आकार के
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. छड़ के आकार के

व्याख्या

सही उत्तर है B, छड़ के आकार के। बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर बाँटा जाता है और बैसिलाई वे बैक्टीरिया हैं जो छड़ (रॉड) के आकार के होते हैं; लैटिन शब्द बैसिलस का अर्थ ही छोटी छड़ या डंडी है। क्षय रोग (टीबी), टेटनस, टाइफॉइड और एंथ्रेक्स सभी छड़ के आकार वाले बैक्टीरिया से होते हैं, और दूध को दही में बदलने वाला लैक्टोबैसिलस भी इसी समूह का है। इस वर्गीकरण के बाकी आकार हैं कोकाई, जो गोल होते हैं, स्पाइरिला, जो लंबे और सर्पिल होते हैं, तथा विब्रियो, जो कॉमा की तरह मुड़े होते हैं। A गलत है क्योंकि कॉमा के आकार के बैक्टीरिया विब्रियो कहलाते हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध हैजा फैलाने वाला विब्रियो कॉलेरी है। C गलत है क्योंकि सर्पिल आकार के बैक्टीरिया स्पाइरिला और स्पाइरोकीट कहे जाते हैं। D गलत है क्योंकि गोल आकार के बैक्टीरिया कोकाई होते हैं, जैसे स्ट्रेप्टोकोकस। परीक्षा टिप: कोकाई गोल, बैसिलाई छड़, स्पाइरिला सर्पिल और विब्रियो कॉमा के आकार के होते हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 1आसान

दो हड्डियां एक-दूसरे से जिस अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जुड़ी होती हैं, उसे ___________ कहते हैं।

  1. A.कंडरा
  2. B.उपास्थि
  3. C.आधात्री
  4. D.स्नायु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्नायु

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्नायु। स्नायु यानी लिगामेंट वह संयोजी ऊतक है जो संधि पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है। यह बहुत लचीला और मजबूत होता है तथा हड्डियों को अपनी जगह बनाए रखता है, जिससे संधि हिल-डुल सके और हड्डियां खिसक न जाएं। स्नायु में आधात्री बहुत कम होती है और संधि मुड़ने पर यह खिंच जाता है, इसी खिंचाव को मोच कहते हैं। A गलत है क्योंकि कंडरा यानी टेंडन मांसपेशी को हड्डी से जोड़ता है, यह रेशेदार और मजबूत होता है पर कम खिंचता है, ताकि मांसपेशी का खिंचाव सीधे हड्डी तक पहुंचे। B गलत है क्योंकि उपास्थि चिकना और लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों पर गद्दी बनाता है तथा नाक और कान को आकार देता है। C गलत है क्योंकि आधात्री वह पदार्थ है जिसमें संयोजी ऊतक की कोशिकाएं धंसी रहती हैं, यह स्वयं कोई रचना नहीं। परीक्षा टिप: स्नायु हड्डी से हड्डी, कंडरा मांसपेशी से हड्डी।

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