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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 19

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 19) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन, तत्व, यौगिक, मिश्रण और पृथक्करण, ध्वनि और तरंगें और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 24 May 2019, Shift 2कठिन

एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 15 सेमी है। यदि वस्तु लेंस से 30 सेमी दूर रखी जाए तो प्रतिबिंब दूरी कितनी होगी?

  1. A.-20 सेमी
  2. B.-10 सेमी
  3. C.-15 सेमी
  4. D.-18 सेमी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. -10 सेमी

व्याख्या

सही उत्तर B, ऋण 10 सेंटीमीटर है। चिह्न परिपाटी के अनुसार अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, इसलिए f ऋण 15 सेंटीमीटर है, और आपतित प्रकाश की दिशा के विरुद्ध मापी गई वस्तु दूरी ऋण 30 सेंटीमीटर है। इन्हें लेंस सूत्र 1/v - 1/u = 1/f में रखने पर 1/v बराबर 1/f जोड़ 1/u आता है, अर्थात ऋण 1/15 जोड़ ऋण 1/30, जो ऋण 3/30 या ऋण 1/10 है। इस प्रकार v ऋण 10 सेंटीमीटर मिलता है।

ऋण चिह्न बताता है कि प्रतिबिंब वस्तु की ही ओर बना है, अर्थात वह आभासी और सीधा है, और लेंस के अधिक निकट होने से छोटा भी है। अवतल लेंस के लिए वस्तु की हर स्थिति में यही होता है। विकल्प A, C और D चिह्न छोड़ने या व्युत्क्रम गलत जोड़ने से आते हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया ठोस अशुद्धियों के शोधन के लिए उपयोगी नहीं है?

  1. A.आसवन
  2. B.ऊर्ध्वपातन
  3. C.क्रिस्टलीकरण
  4. D.उपरोक्त सभी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आसवन

व्याख्या

सही उत्तर है A, आसवन। आसवन किसी द्रव को उबालकर और वाष्प को संघनित करके उसे विलयन या दूसरे द्रव से अलग करता है, इसलिए यह तभी काम आता है जब घटकों के क्वथनांक अलग हों, जैसे खारे पानी से शुद्ध पानी लेना या एसीटोन को पानी से अलग करना। ठोस अशुद्धियों वाले ठोस को शुद्ध करने की यह विधि नहीं है। विकल्प B उपयोगी है, क्योंकि ऊर्ध्वपातन उस ठोस को शुद्ध करता है जो गर्म करने पर सीधे वाष्प बन जाता है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, आयोडीन या अमोनियम क्लोराइड, और अवाष्पशील अशुद्धि पीछे रह जाती है। विकल्प C उपयोगी है, क्योंकि क्रिस्टलीकरण में ठोस को गर्म विलायक में घोलकर ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बनते हैं; फिटकरी, कॉपर सल्फेट और चीनी इसी तरह शुद्ध होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो विधियाँ ठोस को शुद्ध करती हैं। परीक्षा टिप: ठोस के लिए ऊर्ध्वपातन और क्रिस्टलीकरण, द्रव के लिए आसवन।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 19 Sep 2019, Shift 2आसान

उत्सर्जित ध्वनि की आवृत्ति की जो व्याख्या मस्तिष्क करता है, उसे क्या कहते हैं?

  1. A.तरंगदैर्घ्य
  2. B.तरंग वेग
  3. C.तारत्व
  4. D.दोलन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तारत्व

व्याख्या

सही उत्तर C, तारत्व है। तारत्व ध्वनि का वह अभिलक्षण है जिससे मस्तिष्क उसे तीखा या भारी मानता है, और यह तरंग की आवृत्ति से तय होता है। अधिक आवृत्ति अधिक तारत्व के रूप में सुनाई देती है, इसीलिए सीटी या स्त्री का स्वर ढोल या पुरुष के स्वर से अधिक तीखा लगता है। भौतिक राशि आवृत्ति है; मस्तिष्क में उत्पन्न संवेदना तारत्व है।

विकल्प A, तरंगदैर्घ्य, दो क्रमागत संपीडनों के बीच की दूरी है और यह आकाश में तरंग का माप है, कोई संवेदना नहीं। विकल्प B, तरंग वेग, माध्यम और उसके ताप पर निर्भर करता है और एक ही हवा में तीखी तथा भारी दोनों ध्वनियों के लिए समान रहता है। विकल्प D, दोलन, का अर्थ है एक पूरा आगे-पीछे कंपन; प्रति सेकंड दोलन गिनने से आवृत्ति मिलती है, पर यह शब्द स्वयं किसी ऐसे गुण का नाम नहीं जिसकी व्याख्या मस्तिष्क करता हो।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 19 March 2020, Shift 1आसान

किस संघ के जंतुओं के पैर संधियुक्त होते हैं?

  1. A.मोलस्का
  2. B.निमेटोडा
  3. C.आर्थ्रोपोडा
  4. D.इकाइनोडर्मेटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आर्थ्रोपोडा

व्याख्या

सही उत्तर है C, आर्थ्रोपोडा। नाम में ही उत्तर छिपा है - ग्रीक में आर्थ्रोस का अर्थ संधि और पोडोस का अर्थ पैर है, इसलिए आर्थ्रोपोडा वे जंतु हैं जिनके पैर संधियुक्त होते हैं। इनके शरीर पर काइटिन का कठोर बाह्य कंकाल होता है, शरीर खंडों में बँटा रहता है और परिसंचरण तंत्र खुला होता है। बढ़ने के लिए ये अपना कंकाल उतारते हैं, जिसे निर्मोचन कहते हैं। आर्थ्रोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसमें कीट, मकड़ी, बिच्छू, केकड़ा, झींगा, कनखजूरा आदि आते हैं; ज्ञात जंतु जातियों में लगभग अस्सी प्रतिशत इसी संघ की हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि घोंघा, ऑक्टोपस और सीपी जैसे मोलस्का का शरीर कोमल होता है, जिसमें पेशीय पाद और प्रायः कवच होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एस्केरिस जैसे निमेटोड बिना खंड वाले गोल कृमि हैं, जिनके पैर होते ही नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि तारा मछली और समुद्री अर्चिन जैसे इकाइनोडर्म काँटेदार त्वचा वाले समुद्री जंतु हैं, जो नाल पाद से चलते हैं। परीक्षा टिप: आर्थ्रोपोडा सबसे बड़ा संघ, मोलस्का दूसरा सबसे बड़ा।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 12 June 2022मध्यम

ऊष्मागतिकी की दृष्टि से कार्बन का सर्वाधिक स्थायी रूप कौन सा है?

  1. A.कोयला
  2. B.फुलरीन
  3. C.ग्रेफाइट
  4. D.हीरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ग्रेफाइट

व्याख्या

सही उत्तर है C, ग्रेफाइट। कार्बन के अपरूपों में ग्रेफाइट की मानक संभवन एन्थैल्पी सबसे कम, यानी शून्य मानी जाती है, इसलिए सामान्य ताप और दाब पर यही संदर्भ अवस्था तथा सबसे स्थायी रूप है। ग्रेफाइट में हर कार्बन परमाणु sp2 संकरित होता है और तीन अन्य परमाणुओं से जुड़कर समतल षट्कोणीय परतें बनाता है; ये परतें एक-दूसरे पर आसानी से फिसलती हैं, जिससे ग्रेफाइट मुलायम और अच्छा स्नेहक बनता है, और हर परमाणु का बचा हुआ इलेक्ट्रॉन इसे विद्युत का सुचालक बनाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कोयला शुद्ध अपरूप नहीं, बल्कि कार्बन के साथ हाइड्रोजन, गंधक और खनिज पदार्थों का अशुद्ध मिश्रण है। विकल्प B गलत है, क्योंकि C60 जैसे फुलरीन पिंजरेनुमा तनावग्रस्त अणु हैं और ग्रेफाइट से कम स्थायी हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि हीरा सबसे कठोर होते हुए भी ऊर्जा में थोड़ा ऊँचा है। परीक्षा टिप: ग्रेफाइट सबसे स्थायी और सुचालक, हीरा सबसे कठोर और कुचालक।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 17 Sep 2018, Shift 1आसान

निषेचित अंड, अर्थात युग्मनज, ________ में स्थापित होता है।

  1. A.गर्भाशय ग्रीवा
  2. B.अंडाशय
  3. C.योनि
  4. D.गर्भाशय
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गर्भाशय

व्याख्या

सही उत्तर है D, गर्भाशय। युग्मनज फैलोपियन नलिका से नीचे आते हुए विभाजित होता रहता है और कोशिकाओं का यह पिंड गर्भाशय की मोटी आंतरिक परत में स्थापित हो जाता है।

निषेचन स्वयं फैलोपियन नलिका में होता है, जहाँ शुक्राणु अंडाणु से संयुग्मन कर युग्मनज बनाता है। बार-बार विभाजन से यह भ्रूण बनता है, जो लगभग एक सप्ताह में गर्भाशय तक पहुँचकर एंडोमेट्रियम यानी हार्मोन द्वारा तैयार कोमल भित्ति में धँस जाता है। वहीं प्लेसेंटा विकसित होता है, जो माता के रक्त से भ्रूण तक भोजन और ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट बाहर ले जाता है। मनुष्य में गर्भावधि लगभग नौ माह की होती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का सँकरा मुख है, जो योनि में खुलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अंडाशय अंडाणु और हार्मोन बनाता है, भ्रूण धारण नहीं करता। विकल्प C गलत है क्योंकि योनि शुक्राणु ग्रहण करने वाला तथा प्रसव का मार्ग है।

परीक्षा टिप: निषेचन फैलोपियन नलिका में, स्थापन गर्भाशय में और पोषण प्लेसेंटा से।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 27 Oct 2021, Shift 1मध्यम

बेरियम नाइट्रेट का उपयोग सिग्नल फ्लेयर और आतिशबाजी में किया जाता है, जो चमकीले _______ रंग में जलती है।

  1. A.नारंगी
  2. B.नीले
  3. C.पीले
  4. D.हरे
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हरे

व्याख्या

सही उत्तर है D, हरे। बेरियम नाइट्रेट जैसे बेरियम यौगिक आतिशबाजी और सिग्नल फ्लेयर को चमकीली हरी लौ देते हैं।

यह रंग ज्वाला परीक्षण के कारण आता है। गर्मी से धातु आयन के इलेक्ट्रॉन उत्तेजित होते हैं और वापस लौटते समय एक निश्चित तरंगदैर्ध्य का प्रकाश छोड़ते हैं, जो उस धातु की पहचान होती है। बेरियम सेब जैसा हरा रंग देता है, इसलिए आतिशबाजी में हरे रंग के लिए बेरियम नाइट्रेट मानक पदार्थ है। यह जलते मिश्रण को ऑक्सीजन भी देता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि नारंगी रंग कैल्शियम लवणों, जैसे कैल्शियम क्लोराइड से मिलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नीला रंग तांबे के यौगिकों, विशेषकर कॉपर क्लोराइड से आता है। विकल्प C गलत है क्योंकि पीला रंग सोडियम की पहचान है, इसीलिए सोडियम वाष्प लैंप पीला जलता है।

परीक्षा टिप: लौ के रंग याद रखें - सोडियम पीला, पोटैशियम बैंगनी, कैल्शियम ईंट जैसा लाल, तांबा नीला-हरा, बेरियम हरा, स्ट्रोंशियम गहरा लाल।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किनके संयोग से सोल्डर बनता है?

  1. A.सीसा और ताँबा
  2. B.टिन और लोहा
  3. C.सीसा और लोहा
  4. D.सीसा और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सीसा और टिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, सीसा और टिन। सोल्डर सीसा और टिन का मिश्रधातु है, जिसमें दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है।

मिश्रधातु किसी धातु के साथ एक या अधिक तत्वों का मिश्रण है, जिसे ऐसा गुण पाने के लिए बनाया जाता है जो शुद्ध धातु में नहीं होता। सोल्डर का महत्व इसलिए है कि यह मिश्रण सीसा या टिन दोनों से बहुत कम ताप पर पिघल जाता है, इसलिए यह सरलता से बहकर तारों और विद्युत जोड़ों को जोड़ने में काम आता है। परीक्षा में पूछी जाने वाली अन्य मिश्रधातुएँ हैं पीतल, जो ताँबा और जस्ता से बनता है, काँसा जो ताँबा और टिन से, स्टेनलेस स्टील जो लोहा, क्रोमियम और निकल से तथा जर्मन सिल्वर जो ताँबा, जस्ता और निकल से बनता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सीसा और ताँबा का मिश्रण सोल्डर नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि टिन और लोहे से टिन की परत चढ़ाई जाती है, जिससे डिब्बे बनते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और लोहा सोल्डर के रूप में प्रयुक्त नहीं होते।

परीक्षा टिप: सोल्डर = सीसा और टिन, कम गलनांक; पीतल = ताँबा और जस्ता, काँसा = ताँबा और टिन।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Dec, 2018मध्यम

किसी तैरती वस्तु के स्थायी संतुलन में होने के लिए उसका प्लव केंद्र (मेटासेंटर) होना चाहिए -

  1. A.गुरुत्व केंद्र के नीचे
  2. B.उत्प्लावन केंद्र के नीचे
  3. C.उत्प्लावन केंद्र के ऊपर
  4. D.गुरुत्व केंद्र के ऊपर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरुत्व केंद्र के ऊपर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरुत्व केंद्र के ऊपर। तैरती वस्तु थोड़ा झुकती है तो उत्प्लावन केंद्र हटकर नए विस्थापित जल के केंद्र पर आ जाता है, और उससे खींची गई ऊर्ध्व रेखा वस्तु की मूल अक्ष को जिस बिंदु पर काटती है उसे प्लव केंद्र कहते हैं। यदि यह बिंदु गुरुत्व केंद्र के ऊपर हो, तो भार और उत्प्लावन बल मिलकर ऐसा बल युग्म बनाते हैं जो वस्तु को पुरानी स्थिति में लौटा देता है, अर्थात संतुलन स्थायी होता है; दोनों बिंदुओं की दूरी प्लव केंद्रीय ऊंचाई कहलाती है और यह अधिक होने पर वस्तु जल्दी-जल्दी हिलती है। विकल्प A ठीक उलटी स्थिति है: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र से नीचे हो तो वही बल युग्म वस्तु को और झुका देता है, जो अस्थायी संतुलन है, और दोनों बिंदु एक ही जगह हों तो संतुलन उदासीन होता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि उत्प्लावन केंद्र के सापेक्ष प्लव केंद्र की स्थिति से कुछ तय नहीं होता; स्थायित्व केवल गुरुत्व केंद्र के सापेक्ष स्थिति से तय होता है। परीक्षा टिप: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र के ऊपर तो स्थायी, नीचे तो वस्तु पलट जाती है।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 20 Oct 2021, Shift 1कठिन

'कैलावेराइट' नामक खनिज एक टेल्यूराइड खनिज है, जिसमें पाया जाता है:

  1. A.चांदी
  2. B.जस्ता
  3. C.तांबा
  4. D.सोना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सोना

व्याख्या

सही उत्तर है D, सोना। कैलावेराइट सोने का टेल्यूराइड है, जिसका सूत्र AuTe2 है।

यह उन गिने-चुने खनिजों में है जिनमें सोना मुक्त धातु के रूप में नहीं, बल्कि रासायनिक रूप से संयुक्त अवस्था में मिलता है। सोना एक उत्कृष्ट धातु है, इसलिए वह सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करता। इस खनिज का नाम कैलिफोर्निया के कैलावेरास काउंटी पर पड़ा, जहाँ 1861 में यह मिला था। ऑस्ट्रेलिया के कालगुर्ली और कोलोराडो के क्रिपल क्रीक में यह सोने का महत्वपूर्ण अयस्क है। इसका रंग पीतल जैसा पीला से चाँदी जैसा सफेद होता है और यह भंगुर होता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि चांदी का टेल्यूराइड हेसाइट है और चांदी का मुख्य अयस्क अर्जेंटाइट है। विकल्प B गलत है, जस्ता मुख्यतः जिंक ब्लेंड नामक सल्फाइड से मिलता है। विकल्प C गलत है क्योंकि तांबा मुख्यतः कॉपर पाइराइट, मैलाकाइट और क्यूप्राइट से प्राप्त होता है।

परीक्षा टिप: अयस्क और धातु - कैलावेराइट सोना, अर्जेंटाइट चांदी, जिंक ब्लेंड जस्ता, बॉक्साइट एल्युमिनियम, हेमेटाइट लोहा, सिनेबार पारा।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Dec, 2025, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया सबसे अच्छी तरह दर्शाती है कि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल होता है?

  1. A.स्पंज को दबाना
  2. B.जल में चीनी घोलना
  3. C.चॉक की छड़ तोड़ना
  4. D.बर्फ को गर्म करके जल बनाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चॉक की छड़ तोड़ना

व्याख्या

सही उत्तर है C, चॉक की छड़ तोड़ना। चॉक तोड़ने के लिए बल लगाना पड़ता है, क्योंकि उसके कण एक दूसरे को थामे रखते हैं, और यही खिंचाव कणों के बीच का आकर्षण बल है।

प्रत्येक पदार्थ कणों से बना है जो एक दूसरे को आकर्षित करते हैं, और इस आकर्षण की प्रबलता ही तय करती है कि किसी वस्तु को तोड़ना कितना कठिन है। यह आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम होता है, इसी कारण लोहे की छड़ के लिए हथौड़ा चाहिए, जल को उँगली से अलग किया जा सकता है और वायु कोई प्रतिरोध नहीं करती। विद्यालय की वह क्रिया, जिसमें पहले चॉक, फिर पेंसिल और फिर लोहे की कील तोड़ने का प्रयास किया जाता है, विभिन्न ठोसों में इस बल का अंतर दिखाती है।

विकल्प A गलत है क्योंकि स्पंज दबाने से केवल उसके छिद्रों की वायु बाहर निकलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि चीनी घुलना विसरण तथा कणों के बीच रिक्त स्थान दर्शाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि बर्फ गर्म करना अवस्था परिवर्तन दिखाता है।

परीक्षा टिप: कणों के बीच आकर्षण ठोस में सर्वाधिक, द्रव में कम और गैस में सबसे कम।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2017 Official Paperमध्यम

निम्नलिखित में से किसका मस्तिष्क उसके शरीर के आकार के अनुपात में सबसे बड़ा होता है?

  1. A.चींटी
  2. B.हाथी
  3. C.डॉल्फिन
  4. D.मनुष्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चींटी

व्याख्या

सही उत्तर है A, चींटी। इन चारों में शरीर के अनुपात में सबसे बड़ा मस्तिष्क चींटी का होता है। चींटी का मस्तिष्क आकार में बहुत छोटा है, उसमें लगभग ढाई लाख तंत्रिका कोशिकाएँ होती हैं, फिर भी वह उसके शरीर के भार का लगभग छठा हिस्सा होता है, जो किसी भी कशेरुकी प्राणी में नहीं मिलता। यह शरीर के आकार का सामान्य नियम है: जीव जितना छोटा होता जाता है, मस्तिष्क शरीर की तुलना में उतनी धीमी गति से घटता है, इसलिए छोटे जीवों में अनुपात के हिसाब से मस्तिष्क बड़ा होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाथी का मस्तिष्क भार में सबसे बड़ा, लगभग पाँच किलोग्राम, होता है, पर कई टन के शरीर के सामने यह बहुत कम है। विकल्प C गलत है, क्योंकि डॉल्फिन का मस्तिष्क उसके भार का लगभग एक प्रतिशत होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मानव मस्तिष्क लगभग 1.4 किलोग्राम यानी शरीर भार का करीब दो प्रतिशत है। परीक्षा टिप: भार में सबसे बड़ा हाथी का, अनुपात में सबसे बड़ा चींटी का।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

पूर्ण तरंग दिष्टकारी परिपथ (सेंटर-टैप) के लिए कितने P-N संधि डायोड की आवश्यकता होती है?

  1. A.2
  2. B.1
  3. C.4
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2। सेंटर-टैप पूर्ण तरंग दिष्टकारी में दो p-n संधि डायोड लगते हैं, निवेश चक्र के हर आधे भाग के लिए एक। ट्रांसफार्मर की द्वितीयक कुंडली बीच से टैप की जाती है, जिससे उसके दोनों आधे भाग बराबर पर विपरीत चिह्न की वोल्टता देते हैं। एक आधे चक्र में ऊपर वाला डायोड चालन करता है और अगले आधे चक्र में नीचे वाला, और दोनों लोड में धारा एक ही दिशा में भेजते हैं, इसलिए निर्गत में हर चक्र में दो स्पंद मिलते हैं। यही कारण है कि पूर्ण तरंग दिष्टकारी का औसत निर्गत अधिक और तरंगिका (रिपल) कम होती है। पूर्ण तरंग दिष्टकारी बनाने का दूसरा तरीका ब्रिज परिपथ है, जिसमें चार डायोड लगते हैं पर सेंटर टैप की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक डायोड से अर्ध तरंग दिष्टकारी बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चार डायोड ब्रिज दिष्टकारी में लगते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि छह डायोड तीन-फेज दिष्टकारी में प्रयोग होते हैं। परीक्षा टिप: अर्ध तरंग 1, सेंटर-टैप पूर्ण तरंग 2, ब्रिज 4 डायोड।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 13 June 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से शैवाल प्रोटीन से भरपूर हैं और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा पूरक आहार के रूप में उपयोग किए जाते हैं? a) स्पाइरुलिना b) स्पाइरोगायरा c) क्लोरेला d) फ्यूनेरिया

  1. A.b और c
  2. B.a और b
  3. C.a और c
  4. D.b और d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. a और c

व्याख्या

सही उत्तर है C, a और c, यानी स्पाइरुलिना और क्लोरेला। ये दोनों छोटे शैवाल टंकियों में उगाए जाते हैं, प्रोटीन से भरपूर पूरक आहार के रूप में बिकते हैं और अंतरिक्ष यात्रियों के भोजन के लिए इन पर अध्ययन हुआ है। स्पाइरुलिना नीला-हरा शैवाल है, वास्तव में एक सायनोबैक्टीरियम, जिसके सूखे चूर्ण में लगभग साठ प्रतिशत प्रोटीन के साथ लोहा और बीटा कैरोटीन भी होता है। क्लोरेला एककोशिकीय हरा शैवाल है, जो कम जगह में बहुत तेजी से बढ़ता है और बढ़ते समय ऑक्सीजन छोड़ता है, इसीलिए अंतरिक्ष एजेंसियों ने बंद जीवन-रक्षक प्रणालियों में इसका परीक्षण किया है। सूक्ष्मजीवों से मिले ऐसे भोजन को एकल कोशिका प्रोटीन कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि तालाबों में मिलने वाला चिकना तंतुमय शैवाल स्पाइरोगायरा पूरक आहार के रूप में नहीं खाया जाता। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें भी स्पाइरोगायरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दोनों सही नाम छूट गए हैं और फ्यूनेरिया जुड़ा है, जो मॉस है, शैवाल नहीं। परीक्षा टिप: स्पाइरुलिना और क्लोरेला से एकल कोशिका प्रोटीन मिलता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 3मध्यम

गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) में कितनी धमनियां होती हैं?

  1. A.तीन
  2. B.एक
  3. C.दो
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दो

व्याख्या

सही उत्तर है C, दो। सामान्य गर्भनाल में दो धमनियां और एक शिरा, यानी कुल तीन रक्त वाहिकाएं होती हैं।

गर्भनाल विकसित हो रहे भ्रूण को गर्भनाल-पिंड यानी प्लेसेंटा से जोड़ती है। दोनों गर्भनाल धमनियां भ्रूण से अशुद्ध रक्त, कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट प्लेसेंटा तक ले जाती हैं, और एकमात्र गर्भनाल शिरा प्लेसेंटा से ऑक्सीजन युक्त रक्त तथा पोषक तत्व भ्रूण तक लाती है। यह शरीर के सामान्य नियम के उलट है, जहां धमनियां शुद्ध रक्त ले जाती हैं। इन वाहिकाओं की रक्षा जेली जैसे ऊतक, जिसे व्हार्टन जेली कहते हैं, करती है, और पूर्ण विकसित गर्भनाल लगभग 50 से 55 सेंटीमीटर लंबी होती है।

A गलत है: तीन कुल रक्त वाहिकाओं की संख्या है, धमनियों की नहीं। B गलत है: एक गर्भनाल शिरा की संख्या है। D गलत है: सामान्य गर्भनाल में चार वाहिकाएं नहीं होतीं।

परीक्षा टिप: गर्भनाल - दो धमनियां और एक शिरा; शुद्ध रक्त भ्रूण तक शिरा ही पहुंचाती है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) ______ का टीका है।

  1. A.टाइफाइड
  2. B.क्षय रोग (टीबी)
  3. C.गलसुआ
  4. D.प्लेग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्षय रोग (टीबी)

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्षय रोग (टीबी)। बीसीजी टीके का नाम फ्रांसीसी वैज्ञानिकों अल्बर्ट कैलमेट और कैमिली गुएरिन के नाम पर है, जिन्होंने माइकोबैक्टीरियम बोविस के दुर्बल किए गए प्रभेद से इसे तैयार किया था। भारत में इसे सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म के तुरंत बाद एक खुराक में दिया जाता है और यह शिशुओं को मुख्यतः रोग के गंभीर रूपों, जैसे क्षय मेनिन्जाइटिस और मिलियरी टीबी, से बचाता है। क्षय रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होता है, जिसकी पहचान 1882 में रॉबर्ट कॉख ने की थी, और यह रोगी के खाँसने से निकली बूँदों द्वारा फैलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि साल्मोनेला टाइफी से होने वाले टाइफाइड के लिए अलग संयुग्मी टीका है। विकल्प C गलत है क्योंकि गलसुआ विषाणुजनित रोग है, जिसके लिए खसरा और रूबेला के साथ एमएमआर टीका लगाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यर्सीनिया पेस्टिस से होने वाले प्लेग के लिए दूसरा टीका होता है। परीक्षा टिप: जन्म पर बीसीजी टीबी के लिए और विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

अफ़ीम का वानस्पतिक नाम क्या है?

  1. A.एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस
  2. B.पैपेवर सोम्निफेरम
  3. C.राउवोल्फिया सर्पेन्टिना
  4. D.सिनकोना प्रजाति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पैपेवर सोम्निफेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, पैपेवर सोम्निफेरम। अफ़ीम, अफ़ीम के पोस्ते के सूखे दूध (लेटेक्स) से बनती है, जिसका वानस्पतिक नाम पैपेवर सोम्निफेरम है; सोम्निफेरम का अर्थ ही नींद लाने वाला है। कच्चे डोडे पर हल्के चीरे लगाकर दूधिया लेटेक्स इकट्ठा किया जाता है और इससे मॉर्फिन तथा कोडीन जैसी दवाएँ बनती हैं, जो दर्द और खाँसी में काम आती हैं। भारत में इसकी खेती केवल लाइसेंस पर होती है, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित नारकोटिक्स कमिश्नर से मिलता है, और लाइसेंस वाले ज़िले मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में हैं; इसी कारण राज्य परीक्षाओं में यह प्रश्न आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस आँवला है, जो विटामिन सी से भरपूर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राउवोल्फिया सर्पेन्टिना सर्पगंधा है, जिससे रक्तचाप की दवा रेसरपिन मिलती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिनकोना से मलेरिया की पुरानी दवा कुनैन मिलती है। परीक्षा टिप: अफ़ीम पैपेवर सोम्निफेरम, आँवला एम्ब्लिका, कुनैन सिनकोना से।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसकी तरंगदैर्घ्य सबसे कम है?

  1. A.दृश्य किरणें
  2. B.गामा किरणें
  3. C.अवरक्त किरणें
  4. D.एक्स किरणें
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर है B, गामा किरणें। विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के एक सिरे पर गामा किरणें हैं, जिनकी तरंगदैर्घ्य सबसे कम और आवृत्ति तथा ऊर्जा सबसे अधिक होती है। सबसे लंबी से सबसे छोटी तरंग के क्रम में स्पेक्ट्रम इस तरह है - रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स किरणें और गामा किरणें। निर्वात में सबकी चाल एक जैसी होती है, इसलिए छोटी तरंग की आवृत्ति अधिक होगी और उसकी ऊर्जा भी अधिक होगी। गामा किरणों की तरंगदैर्घ्य लगभग 0.01 नैनोमीटर से भी कम होती है; ये रेडियोधर्मी परमाणु के नाभिक से निकलती हैं और शल्य उपकरणों को रोगाणुमुक्त करने तथा कैंसर के इलाज में काम आती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि दृश्य प्रकाश लगभग 400 से 700 नैनोमीटर का होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अवरक्त लाल रंग से भी आगे है और दृश्य प्रकाश से लंबा है, इसी से हमें ऊष्मा महसूस होती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एक्स किरणें छोटी तो हैं, पर गामा से लंबी हैं और नाभिक के बजाय इलेक्ट्रॉनों से निकलती हैं। परीक्षा टिप: ऊर्जा का क्रम तरंगदैर्घ्य के क्रम से उल्टा होता है।

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