प्रकाश की किरणें सीधी रेखा में चलती हैं। परंतु प्रकाशिक तंतु (ऑप्टिकल फाइबर) में वे किसी भी प्रकार के टेढ़े-मेढ़े मार्ग पर चल सकती हैं, क्योंकि
- A.तंतु के भीतर के छिद्र अत्यंत महीन होते हैं।
- B.प्रकाश किरणें तंतु के प्रवेश सिरे पर अवशोषित होती हैं और निकास सिरे पर मुक्त होती हैं।
- C.तंतु के भीतर प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।
- D.किरण के तंतु में आगे बढ़ते समय बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।
उत्तर देखें
प्रकाशिक तंतु के भीतर प्रकाश दीवार से क्रांतिक कोण से बड़े कोण पर टकराता है, पूरा का पूरा भीतर लौट आता है, और तंतु की पूरी लंबाई में यही बार-बार होता है।
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