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GK24
सामान्य विज्ञानमध्यमपूछा गया: NDA · NDA-II 2018, GAT

यदि किसी पौधे के गुणसूत्रों के एक समूह को N से दर्शाया जाए, तो द्विनिषेचन में एक द्विगुणित पौधे के युग्मनज और भ्रूणपोष केंद्रक में क्रमशः गुणसूत्रों के कितने समूह होंगे?

  1. A.N और 2N
  2. B.2N और 2N
  3. C.N और 3N
  4. D.2N और 3N

सही उत्तर

D. 2N और 3N

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2N और 3N। युग्मनज द्विगुणित (2N) होता है और प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक त्रिगुणित (3N) होता है।

द्विनिषेचन पुष्पी पौधों की विशेषता है। पराग नलिका भ्रूणकोष में दो नर युग्मक छोड़ती है, जिनमें से हर एक अगुणित (N) होता है। एक नर युग्मक अगुणित अंड कोशिका से मिलकर द्विगुणित युग्मनज, 2N, बनाता है, जो आगे भ्रूण बनता है; इसे युग्मक संलयन (सिनगैमी) कहते हैं। दूसरा नर युग्मक दो अगुणित ध्रुवीय केंद्रकों, या उनसे बने द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक, से मिलकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक, 3N, बनाता है; इसे त्रिसंलयन कहते हैं। भ्रूणपोष बढ़ते भ्रूण को पोषण देता है, जैसे नारियल का सफ़ेद भाग।

A गलत है, क्योंकि युग्मनज अगुणित नहीं होता और भ्रूणपोष द्विगुणित नहीं होता।

B गलत है, क्योंकि भ्रूणपोष में तीन समूह होते हैं, दो नहीं।

C गलत है, क्योंकि युग्मनज दो अगुणित कोशिकाओं से बनता है, इसलिए उसमें एक नहीं, दो समूह होते हैं।

Exam tip: युग्मक संलयन से 2N युग्मनज; त्रिसंलयन से 3N भ्रूणपोष; दोनों मिलकर द्विनिषेचन।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2019, GATआसान

दी गई अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)

  1. A.लोहा अपचायक है
  2. B.अभिक्रिया के बाद विलयन का रंग हरा हो जाता है
  3. C.कॉपर लोहे से अधिक अभिक्रियाशील धातु है
  4. D.यह अभिक्रिया रेडॉक्स अभिक्रिया का उदाहरण है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कॉपर लोहे से अधिक अभिक्रियाशील धातु है

यह अभिक्रिया इसलिए होती है कि लोहा कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है और उसे उसके लवण से बाहर कर देता है, इसलिए कथन C गलत है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2019, GATमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.जाइलम में वाहिनिकाएं (ट्रेकीड), वाहिकाएं, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतु होते हैं।
  2. B.पौधों में लचीलापन दृढ़ोतक (स्क्लेरेनकाइमा) के कारण होता है।
  3. C.मृदूतक (पैरेनकाइमा) में अंतरकोशिकीय अवकाश नहीं होते।
  4. D.जाइलम में चालनी पट्टिका, चालनी नलिका और सहचर कोशिकाएं होती हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जाइलम में वाहिनिकाएं (ट्रेकीड), वाहिकाएं, जाइलम मृदूतक और जाइलम तंतु होते हैं।

ये चारों तत्व मिलकर वह जटिल ऊतक बनाते हैं जो जड़ों से पानी और खनिज ऊपर ले जाता है। वाहिनिकाएं और वाहिकाएं लंबी, मृत, मोटी भित्ति वाली नलिकाएं हैं जिनसे पानी चढ़ता है; जाइलम मृदूतक इसका एकमात्र जीवित भाग है और भोजन जमा करता है; जाइलम तंतु सहारा देते हैं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2021, GATआसान

जब प्रकाश किसी अणु द्वारा प्रकीर्णित होता है और प्रकीर्णित प्रकाश की आवृत्ति बदल जाती है, तो इस परिघटना को कहते हैं

  1. A.रैले प्रकीर्णन
  2. B.रमन प्रभाव
  3. C.प्रकाश-विद्युत प्रभाव
  4. D.रदरफ़ोर्ड प्रकीर्णन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रमन प्रभाव

रमन प्रभाव में अणुओं द्वारा प्रकीर्णित प्रकाश का एक छोटा भाग बदली हुई आवृत्ति के साथ निकलता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-I 2022, GATकठिन

निम्नलिखित में से कौन-सा रेडॉक्स अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?

  1. A.AlCl3 + 3H2O → Al(OH)3 + 3HCl
  2. B.2NaH → 2Na + H2
  3. C.4Fe + 3O2 → 2Fe2O3
  4. D.CuSO4 + Zn → Cu + ZnSO4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. AlCl3 + 3H2O → Al(OH)3 + 3HCl

यह जल-अपघटन की अभिक्रिया है, जिसमें किसी भी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या नहीं बदलती, इसलिए न कुछ ऑक्सीकृत होता है न अपचित।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATमध्यम

रमेश 2 m से अधिक दूरी पर रखी वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख पाता। इस दोष को किस क्षमता के लेंस से ठीक किया जा सकता है?

  1. A.+0.5 D
  2. B.−0.5 D
  3. C.+0.2 D
  4. D.−0.2 D
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. −0.5 D

रमेश को निकट-दृष्टि दोष है और उसका दूर बिंदु 2 m है, इसलिए उसे −2 m फोकस दूरी वाला अवतल लेंस चाहिए, जिसकी क्षमता 1/(−2) = −0.5 डायॉप्टर है।