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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 12

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 12) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: भारत में पर्यावरण कानून और संस्थाएं, भारत के पर्यावरण आंदोलन और कार्यकर्ता, वायु प्रदूषण और वायु गुणवत्ता और अन्य। इनमें से 17 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 12 Dec 2022, Shift 1आसान

दिसंबर 1984 में भोपाल में भारत की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक किस कारखाने में हुई थी?

  1. A.एक्साइड
  2. B.भारत रसायन लिमिटेड
  3. C.यूनियन कार्बाइड
  4. D.यूपीएल लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यूनियन कार्बाइड

व्याख्या

सही उत्तर C, यूनियन कार्बाइड है। 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात मध्य प्रदेश के भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ, जिससे हजारों लोगों की मृत्यु हुई और अनगिनत लोग प्रभावित हुए। इसी दुर्घटना के कारण संसद ने 1986 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम और बाद में 1991 में सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम पारित किया।

विकल्प A, एक्साइड, बैटरी बनाने वाली कंपनी है और उसका इस रिसाव से कोई संबंध नहीं था। विकल्प B, भारत रसायन लिमिटेड, कृषि रसायन कंपनी अवश्य है पर भोपाल से असंबद्ध है। विकल्प D, यूपीएल लिमिटेड, भी कृषि रसायन कंपनी है और इस त्रासदी से उसका कोई लेना-देना नहीं। परीक्षा के लिए यह शृंखला याद रखें: यूनियन कार्बाइड, मिथाइल आइसोसाइनेट, भोपाल, दिसंबर 1984 और उसके बाद आया 1986 का पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Forest Service Previous Year Mainsआसान

चिपको आंदोलन किस स्थान से शुरू हुआ था?

  1. A.पटना
  2. B.त्रिशूर
  3. C.गढ़वाल हिमालय
  4. D.जम्मू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गढ़वाल हिमालय

व्याख्या

सही उत्तर है C, गढ़वाल हिमालय। चिपको आंदोलन 1973 में गढ़वाल हिमालय के चमोली ज़िले (आज का उत्तराखंड) से शुरू हुआ, जब गाँव के लोग पेड़ों से चिपककर ठेकेदारों को उन्हें काटने से रोकने लगे। इसी से इसका नाम चिपको पड़ा। पहला विरोध मंडल गाँव में चंडी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में हुआ, 1974 में रैणी गाँव की महिलाओं का नेतृत्व गौरा देवी ने किया, और सुंदरलाल बहुगुणा ने पहाड़ों में यह संदेश फैलाया कि जंगल की असली उपज मिट्टी, पानी और शुद्ध हवा है। इस आंदोलन के कारण 1980 में उत्तर प्रदेश के हिमालयी वनों में 1,000 मीटर से ऊपर हरे पेड़ों की कटाई पर पंद्रह साल की रोक लगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के पटना से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूर केरल में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जम्मू इस आंदोलन का केंद्र नहीं रहा। परीक्षा टिप: चिपको 1973 गढ़वाल, अप्पिको 1983 कर्नाटक।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक वायु प्रदूषक है?

  1. A.सल्फर डाइऑक्साइड
  2. B.कार्बन मोनोऑक्साइड
  3. C.परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट
  4. D.कणिकीय पदार्थ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट

व्याख्या

सही उत्तर C, परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट है। द्वितीयक प्रदूषक किसी स्रोत से कभी छोड़ा नहीं जाता; वह वायुमंडल में ही तब बनता है जब प्राथमिक प्रदूषक एक-दूसरे से या सूर्य के प्रकाश से क्रिया करते हैं। परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट, जिसे सामान्यतः पैन लिखा जाता है, सूर्य के प्रकाश में नाइट्रोजन के ऑक्साइड तथा बिना जले हाइड्रोकार्बन से बनता है, और धरातलीय ओजोन के साथ यही द्वितीयक प्रदूषक का मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड सीधे उन चिमनियों से निकलती है जिनमें सल्फरयुक्त कोयला और तेल जलते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड ईंधन के अपूर्ण दहन से सीधे निकलती है, मुख्यतः वाहनों के इंजनों में। विकल्प D गलत है क्योंकि कणिकीय पदार्थ दहन, निर्माण, सड़क की धूल तथा उद्योग से सीधे छोड़ा जाता है, इसलिए ये तीनों प्राथमिक प्रदूषक हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · CTET Jan 2021 Paper 2 (Social Studies) (आसान

बायोगैस मुख्यतः किसका मिश्रण है?

  1. A.मेथेन और हाइड्रोजन
  2. B.मेथेन और हीलियम
  3. C.मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड
  4. D.मेथेन और नाइट्रोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेथेन और कार्बन डाइऑक्साइड। बायोगैस तब बनती है जब गोबर, फ़सल अवशेष और मलजल को हवा रहित बंद टंकी में जीवाणुओं द्वारा विघटित किया जाता है, इस प्रक्रिया को अवायवीय पाचन कहते हैं। इसमें जो गैस इकट्ठी होती है उसमें लगभग 55 से 70 प्रतिशत मेथेन होती है और शेष का बड़ा भाग कार्बन डाइऑक्साइड होता है, साथ में हाइड्रोजन सल्फाइड और जलवाष्प की थोड़ी मात्रा। जलने वाला भाग मेथेन है, इसीलिए बायोगैस साफ़ नीली लौ देती है और गाँवों में खाना पकाने तथा रोशनी के लिए काम आती है; बची हुई कीचड़ अच्छी खाद बनती है। इस प्रकार गोबर गैस संयंत्र अपशिष्ट से एक ही समय में ईंधन और खाद, दोनों देता है। A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बायोगैस का मुख्य घटक नहीं है। B गलत है क्योंकि हीलियम निष्क्रिय गैस है, जिसे कोई जीवाणु नहीं बनाता। D गलत है क्योंकि नाइट्रोजन केवल अल्प मात्रा में होती है और जलती नहीं। परीक्षा टिप: बायोगैस = मुख्यतः मेथेन + कार्बन डाइऑक्साइड, अवायवीय पाचन से, बची कीचड़ खाद।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 1 March 2019, Shift 1आसान

पृथ्वी के वायुमंडल की किस परत में ओजोन परत पाई जाती है?

  1. A.क्षोभमंडल
  2. B.मध्यमंडल
  3. C.बाह्यमंडल
  4. D.समतापमंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. समतापमंडल

व्याख्या

सही उत्तर है D, समतापमंडल। ओजोन परत समतापमंडल में होती है, धरातल से लगभग 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई पर, और इसका सबसे घना हिस्सा 20 से 25 किलोमीटर के बीच मिलता है; इस पट्टी को ओजोनमंडल भी कहा जाता है। ओजोन तीन ऑक्सीजन परमाणुओं का अणु है, जो वहाँ तब बनता है जब पराबैंगनी प्रकाश ऑक्सीजन अणुओं को तोड़ता है और मुक्त परमाणु दूसरे ऑक्सीजन अणुओं से जुड़ जाते हैं। यह हानिकारक पराबैंगनी-बी विकिरण सोख लेती है और जीवन को त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद तथा फसलों की हानि से बचाती है; इसी ऊर्जा को सोखने के कारण समतापमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है, जिससे यह परत स्थिर रहती है और जेट विमानों की उड़ान के लिए उपयुक्त होती है। रेफ्रिजरेटर और एयरोसोल से निकलने वाले क्लोरोफ्लोरो कार्बन इसे नष्ट करते हैं, इसलिए 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर हुए और 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्षोभमंडल सबसे निचली परत है जहाँ सारा मौसम बनता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर है और वहीं उल्काएँ जलती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाह्यमंडल सबसे बाहरी और लगभग वायुहीन परत है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें — क्षोभमंडल, समतापमंडल (ओजोन), मध्यमंडल, तापमंडल, बाह्यमंडल।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020आसान

वर्ष 1962 में प्रकाशित पुस्तक ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’, जिससे विश्व के पर्यावरणीय आन्दोलन को गति मिली, के लेखक हैं

  1. A.कैरोलिन मर्चेंट
  2. B.कार्ल मार्क्स
  3. C.रेचल कार्सन
  4. D.राजगोपालन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रेचल कार्सन

व्याख्या

सही उत्तर है C, रेचल कार्सन। अमेरिकी समुद्री जीवविज्ञानी और लेखिका रेचल कार्सन ने 1962 में ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’ प्रकाशित की। उन्होंने दिखाया कि कृत्रिम कीटनाशक, ख़ासकर डीडीटी, छिड़काव वाले खेतों से बहुत दूर तक पक्षियों, मछलियों और कीटों को मार रहे हैं और ये रसायन खाद्य शृंखला में आगे बढ़ते हुए हर स्तर पर और अधिक सांद्र होते जाते हैं, जिसे आज जैव आवर्धन (बायोमैग्निफिकेशन) कहते हैं। पुस्तक का नाम ऐसे वसंत की कल्पना है जिसमें पक्षियों के ज़हर से मर जाने के कारण कोई चहचहाहट नहीं है। इस पुस्तक ने जनमत को झकझोरा और 1970 में अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के गठन तथा 1972 में अमेरिका में डीडीटी के अधिकांश उपयोगों पर रोक का रास्ता बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि कैरोलिन मर्चेंट पर्यावरण इतिहासकार हैं, जो ‘द डेथ ऑफ़ नेचर’ (1980) के लिए जानी जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्ल मार्क्स ने अर्थशास्त्र और राजनीति पर ‘दास कैपिटल’ और ‘कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ लिखे। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस नाम का कोई लेखक इस पुस्तक से नहीं जुड़ा है। परीक्षा टिप: साइलेन्ट स्प्रिंग 1962 (रेचल कार्सन, डीडीटी), द लिमिट्स टु ग्रोथ 1972 (क्लब ऑफ़ रोम), अवर कॉमन फ़्यूचर 1987 (ब्रंटलैंड रिपोर्ट)।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · 22 May 2019, Shift 1आसान

पृथ्वी के भीतर मौजूद गर्म चट्टानों के कारण भूमिगत जल ____________, जो जनित्रों की टरबाइन घुमाकर बिजली पैदा कर सकता है।

  1. A.बर्फ में बदल जाता है
  2. B.उच्च दाब पर भाप में बदल जाता है
  3. C.ठंडा हो जाता है
  4. D.बाहर बह जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उच्च दाब पर भाप में बदल जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, उच्च दाब पर भाप में बदल जाता है। यह भूतापीय (जियोथर्मल) ऊर्जा का वर्णन है। पृथ्वी की गहराई से ऊपर आया पिघला हुआ मैग्मा कम गहराई पर गर्म स्थलों (हॉट स्पॉट) के रूप में जमा हो जाता है, और उसके पास फँसा भूमिगत जल गर्म होकर उच्च दाब पर भाप बन जाता है। जब ऐसे गर्म स्थल तक पाइप डाला जाता है तो यह भाप तेजी से ऊपर आती है और उसके दाब से जनित्र की टरबाइन घुमाकर बिना किसी ईंधन के बिजली बनाई जाती है। न्यूजीलैंड, आइसलैंड और अमेरिका इस स्रोत का बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं, तथा भारत में लद्दाख की पुगा घाटी और छत्तीसगढ़ का तातापानी इसके सबसे प्रसिद्ध स्थल हैं। A गलत है क्योंकि गर्मी से पानी बर्फ नहीं बन सकता। C गलत है क्योंकि गर्म चट्टानों के पास का पानी ठंडा नहीं, गर्म होता है। D गलत है क्योंकि केवल बाहर बहने वाले पानी में टरबाइन घुमाने लायक दाब नहीं होगा। परीक्षा टिप: भूतापीय ऊर्जा नवीकरणीय है और पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से मिलती है; भारत में पुगा घाटी, लद्दाख।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 20 Sep 2020आसान

भारत सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना किस वर्ष की थी?

  1. A.2007
  2. B.2008
  3. C.2009
  4. D.2010
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2010

व्याख्या

सही उत्तर है D, 2010। राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई थी। यह पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों के लिए बनी एक विशेष अदालत है, जिसे किसी आवेदन का निपटारा छह महीने में करना होता है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बाद ऐसा अधिकरण बनाने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश था। इसकी प्रधान पीठ नई दिल्ली में है तथा क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में हैं, और इसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2007 में केवल ऐसा अधिकरण बनाने का सुझाव आया था। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2008 में ऐसा कोई कानून नहीं बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2009 में विधेयक पेश हुआ था, कानून 2010 में बना। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010, अधिकरण 18 अक्टूबर 2010 से, प्रधान पीठ नई दिल्ली।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1मध्यम

अष्टमुडी आर्द्रभूमि कहाँ स्थित है?

  1. A.केरल
  2. B.कर्नाटक
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केरल

व्याख्या

सही उत्तर है A, केरल। अष्टमुडी केरल के कोल्लम ज़िले में स्थित एक पश्चजल झील है और वेम्बनाड के बाद राज्य की दूसरी सबसे बड़ी ज्वारनदमुख प्रणाली है। इसके नाम का अर्थ है आठ शाखाएँ, क्योंकि यह झील कई भुजाओं में फैलकर नींदकरा के पास अरब सागर से मिलती है। अपने मैंग्रोव, प्रवासी पक्षियों और छोटी गर्दन वाली सीपी की मत्स्यिकी के कारण इसे 2002 में रामसर स्थल घोषित किया गया; यही मत्स्यिकी भारत की पहली ऐसी मत्स्यिकी बनी जिसे मरीन स्टीवर्डशिप काउंसिल प्रमाणन मिला। इसी झील से अलपुझा जाने वाला हाउसबोट मार्ग भी गुज़रता है। B गलत है क्योंकि कर्नाटक की प्रसिद्ध आर्द्रभूमियाँ रंगनतिट्टू और मागडी हैं। C गलत है क्योंकि तमिलनाडु में पॉइंट कैलिमेर और पल्लिकरनै हैं। D गलत है क्योंकि असम में गुवाहाटी के पास दीपोर बील है। परीक्षा टिप: केरल के रामसर स्थल अष्टमुडी, वेम्बनाड-कोल और शास्तमकोट्टा।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

लाइकेन एक ऐसा जीव है जो किस प्रदूषण की निगरानी करता है?

  1. A.गैस प्रदूषण
  2. B.जल प्रदूषण
  3. C.मृदा प्रदूषण
  4. D.वायु प्रदूषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वायु प्रदूषण

व्याख्या

सही उत्तर है D, वायु प्रदूषण। लाइकेन वायु की गुणवत्ता के जैव-सूचक (bio-indicator) माने जाते हैं क्योंकि वे हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड और दूसरी गैसों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। लाइकेन एक कवक (fungus) और एक शैवाल (alga या साइनोबैक्टीरिया) का साझा जीवन है; इसकी जड़ें नहीं होतीं और यह पानी व खनिज सीधे हवा से लेता है, इसलिए प्रदूषक इसमें जल्दी जमा हो जाते हैं। यही कारण है कि साफ हवा वाले पहाड़ी इलाकों में लाइकेन पेड़ों और चट्टानों पर खूब उगते हैं, पर प्रदूषित शहरों के बीच से गायब हो जाते हैं; वैज्ञानिक इनकी मौजूदगी से हवा की सफाई आँकते हैं। A गलत है क्योंकि गैस प्रदूषण कोई अलग श्रेणी नहीं है, ये गैसें वायु प्रदूषण का ही हिस्सा हैं। B गलत है क्योंकि जल प्रदूषण कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, BOD और शैवाल प्रस्फुटन से आँका जाता है। C गलत है क्योंकि मृदा प्रदूषण केंचुओं और मिट्टी की जाँच से पता चलता है, लाइकेन से नहीं। परीक्षा टिप: लाइकेन = सल्फर डाइऑक्साइड = वायु प्रदूषण का सूचक।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · 3rd Jan 2022मध्यम

निम्नलिखित को पढ़िए और मृदा संरक्षण की सही विधियां चुनिए। A. रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग B. पलवार (मल्चिंग) C. समोच्च अवरोध D. रक्षक मेखला

  1. A.A, B और D
  2. B.A, C और D
  3. C.A, B और C
  4. D.B, C और D
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. B, C और D

व्याख्या

सही उत्तर है D, B, C और D। पलवार का अर्थ है पौधों के बीच खुली जमीन को पुआल, सूखी पत्तियों या फसल अवशेष से ढक देना, जिससे मिट्टी नमी बनाए रखे और वर्षा की बूंदें ऊपरी मिट्टी को उखाड़ न सकें। समोच्च अवरोध ढलान की समोच्च रेखा के सहारे बनाए गए पत्थर, घास या मिट्टी के बांध होते हैं, जिनके आगे बनी खाइयों में पानी इकट्ठा होकर धीरे बहता है और मिट्टी नहीं बहाता। रक्षक मेखला हवा की दिशा के आर-पार लगाई गई पेड़ों की कतारें हैं, जो हवा की गति घटा देती हैं ताकि वह ढीली मिट्टी न उड़ा सके, भारत के रेतीले पश्चिमी भागों में यह विधि सफल रही है। कथन A संरक्षण विधि है ही नहीं, वर्षों तक रासायनिक उर्वरकों के भारी प्रयोग से मिट्टी अम्लीय या लवणीय हो जाती है और उसकी उर्वरता बनाए रखने वाले जीव मर जाते हैं। A, B और C गलत हैं क्योंकि तीनों में कथन A शामिल है। परीक्षा टिप: पलवार, समोच्च अवरोध, सीढ़ीदार खेती, रक्षक मेखला और पत्थर के बांध मृदा बचाते हैं।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

एन. टी. यू. (NTU) मापने की इकाई है

  1. A.पानी का दाब
  2. B.जल का तापमान
  3. C.जल की अम्लता
  4. D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन 2030 तक प्राप्त किया जाने वाला सतत विकास लक्ष्य नहीं है?

  1. A.लैंगिक समानता
  2. B.शून्य भुखमरी
  3. C.अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण
  4. D.अंतरिक्ष अनुसंधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अंतरिक्ष अनुसंधान

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतरिक्ष अनुसंधान। अंतरिक्ष अनुसंधान सतत विकास लक्ष्यों में शामिल नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सितंबर 2015 में सतत विकास के 2030 एजेंडा के अंतर्गत सत्रह लक्ष्य अपनाए, जिनमें 169 उप-लक्ष्य हैं और इन्हें 2030 तक पूरा करना है; इन्होंने 2000 से 2015 तक चले सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का स्थान लिया। ये सत्रह लक्ष्य गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल, ऊर्जा, सम्मानजनक रोजगार, उद्योग, असमानता, नगर, जिम्मेदार उपभोग, जलवायु कार्रवाई, जल के भीतर जीवन, थल पर जीवन, शांति और न्याय तथा साझेदारी को कवर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लैंगिक समानता लक्ष्य 5 है। विकल्प B गलत है, क्योंकि शून्य भुखमरी लक्ष्य 2 है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण लक्ष्य 3 है। भारत में नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स के जरिए राज्यों की प्रगति मापता है। परीक्षा टिप: 17 लक्ष्य, 169 उप-लक्ष्य, 2015 में स्वीकृत, लक्ष्य वर्ष 2030।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2आसान

जब वर्षा जल का pH 5.6 से नीचे चला जाता है, तो उसे सामान्यतः क्या कहा जाता है?

  1. A.क्षारीय वर्षा
  2. B.अम्लीय वर्षा
  3. C.खनिज वर्षा
  4. D.कठोर जल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अम्लीय वर्षा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अम्लीय वर्षा। जिस वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो, उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। साफ़ बारिश भी थोड़ी अम्लीय होती है (pH लगभग 5.6), क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल बनाती है; इसीलिए सीमा 7 नहीं, 5.6 मानी जाती है। कोयला आधारित बिजलीघरों, कारख़ानों और वाहनों से निकली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जलवाष्प से मिलकर सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जिससे बारिश और अम्लीय हो जाती है। अम्लीय वर्षा संगमरमर और धातुओं को गलाती है, झीलों की मछलियों को मारती है और मिट्टी व वनों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में इसका सबसे चर्चित उदाहरण ताजमहल के सफ़ेद संगमरमर को होने वाला नुकसान है, जिसे 'मार्बल कैंसर' कहा जाता है। A गलत है क्योंकि क्षारीय वर्षा का pH 7 से अधिक होता। C गलत है क्योंकि 'खनिज वर्षा' कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं है। D गलत है क्योंकि कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं; यह वर्षा की अम्लता का माप नहीं है। परीक्षा टिप: वर्षा का pH 5.6 से कम = अम्लीय वर्षा; ज़िम्मेदार SO₂ और NOₓ; नुकसान संगमरमर को, जैसे ताजमहल।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · 31 Aug 2019, Shift 1आसान

संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची देने वाली लाल आँकड़ा पुस्तिका किसके द्वारा संधारित की जाती है?

  1. A.संयुक्त राष्ट्र संघ
  2. B.आईयूसीएन
  3. C.विश्व स्वास्थ्य संगठन
  4. D.डब्ल्यूडब्ल्यूएफ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईयूसीएन

व्याख्या

सही उत्तर B, आईयूसीएन अर्थात अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ है। 1948 में स्थापित और स्विट्जरलैंड में स्थित यह संस्था संकटग्रस्त प्रजातियों की लाल सूची रखती है, जिसमें प्रजातियों को न्यूनतम चिंतित, संकटासन्न, संवेदनशील, संकटग्रस्त, अति संकटग्रस्त, जंगल में विलुप्त और विलुप्त श्रेणियों में रखा जाता है। सरकारें और परीक्षक दोनों इसी को मानक संदर्भ मानते हैं।

विकल्प A, संयुक्त राष्ट्र संघ, अनेक अभिकरणों की मूल संस्था है पर यह सूची स्वयं नहीं बनाता; उसका पर्यावरण अंग संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम आईयूसीएन के साथ काम करता है, उसका स्थान नहीं लेता। विकल्प C, विश्व स्वास्थ्य संगठन, मानव स्वास्थ्य और रोगों से जुड़ा है। विकल्प D, विश्व वन्यजीव कोष, पांडा चिह्न और जीवित ग्रह रिपोर्ट के लिए जाना जाने वाला संरक्षण संगठन है, और वह इसी क्षेत्र में काम करता है इसलिए सबसे आम गलत विकल्प है, पर लाल सूची आईयूसीएन की है।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

प्रकाश रासायनिक धूम कोहरे का मुख्य अंश निम्नलिखित में से कौन है?

  1. A.सल्फर डाइऑक्साइड
  2. B.ओजोन
  3. C.मेथेन
  4. D.कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ओजोन

व्याख्या

सही उत्तर B, ओजोन है। प्रकाश रासायनिक धूम कोहरा, जिसे लॉस एंजिल्स धूम कोहरा भी कहते हैं, गर्म, शुष्क और धूप वाले मौसम में तब बनता है जब वाहनों के निकास से निकले नाइट्रोजन के ऑक्साइड और बिना जले हाइड्रोकार्बन पराबैंगनी प्रकाश में क्रिया करते हैं। इसके मुख्य ऑक्सीकारक अंश धरातलीय ओजोन, परॉक्सीऐसिटिल नाइट्रेट और ऐल्डिहाइड हैं, इसीलिए इसे ऑक्सीकारक धूम कोहरा कहा जाता है और इसीलिए यह आँखों तथा गले में जलन करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि सल्फर डाइऑक्साइड परंपरागत या लंदन धूम कोहरे की पहचान है, जो अपचायक है और ठंडी, आर्द्र वायु में बनता है। विकल्प C गलत है क्योंकि मेथेन धान के खेतों, पशुओं और कचरा भराव क्षेत्रों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैस है, धूम कोहरे का अंश नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड वैश्विक तापन बढ़ाती है, पर धूम कोहरे का घटक नहीं है।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 2मध्यम

मृदा संरक्षण की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया 'मल्चिंग' कहलाती है?

  1. A.समोच्च रेखाओं के साथ पत्थर, घास और मिट्टी से अवरोध बनाए जाते हैं।
  2. B.पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।
  3. C.मिट्टी को वर्षा जल से बचाने के लिए एक-एक कतार छोड़कर अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं।
  4. D.पानी के बहाव को धीमा करने के लिए चट्टानों को ढेर के रूप में लगाया जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। मल्चिंग का अर्थ है पौधों के बीच की खाली मिट्टी को पुआल, सूखी पत्तियों, भूसी या कटी घास जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक देना। यह परत ज़मीन पर छाया करती है, जिससे वाष्पीकरण कम होता है और मिट्टी नम तथा ठंडी रहती है। यह गिरती बारिश की चोट को भी हल्का कर देती है, वरना पानी ऊपरी मिट्टी को ढीला करके बहा ले जाता है। मल्च सड़कर खेत में ह्यूमस बढ़ाता है और रोशनी रोककर खरपतवार भी कम करता है। बाग-बगीचों और सब्ज़ी की क्यारियों में किसान इसका खूब प्रयोग करते हैं, और सूखे इलाकों में नमी बचाने का यह सबसे सस्ता तरीका है। A गलत है क्योंकि समोच्च रेखाओं पर पत्थर-घास के अवरोध बनाना कंटूर बैरियर है। C गलत है क्योंकि एक-एक कतार छोड़कर अलग फसलें उगाना पट्टी कृषि है। D गलत है क्योंकि चट्टानों का ढेर लगाना रॉक डैम कहलाता है। परीक्षा टिप: मल्चिंग मिट्टी ढकती है, पट्टी कृषि कतारें बदलती है, सीढ़ीदार खेती ढलान पर सीढ़ियाँ बनाती है।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · 31 Aug 2019मध्यम

दीर्घस्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय किस वर्ष हस्ताक्षरित हुआ?

  1. A.2000
  2. B.2001
  3. C.1998
  4. D.1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2001

व्याख्या

सही उत्तर B, 2001 है। स्टॉकहोम अभिसमय 2001 में स्वीकार हुआ और 2004 में प्रभावी हुआ। इसका उद्देश्य दीर्घस्थायी कार्बनिक प्रदूषकों को समाप्त करना या सीमित करना है, अर्थात ऐसे रसायन जो सरलता से विघटित नहीं होते, दूर तक फैलते हैं, वसा ऊतकों में जमा होते हैं और मानव स्वास्थ्य को हानि पहुँचाते हैं; आरंभिक सूची को गंदा दर्जन कहा जाता था। भारत इस अभिसमय का पक्षकार है।

विकल्प A, 2000, जैविक विविधता अभिसमय के अंतर्गत बने जैव सुरक्षा पर कार्टाजेना प्रोटोकॉल का वर्ष है, इसलिए भ्रम होता है। विकल्प C, 1998, व्यापार में संकटपूर्ण रसायनों पर पूर्व सूचित सहमति से जुड़े रॉटरडैम अभिसमय का वर्ष है, जो संबंधित पर अलग संधि है। विकल्प D, 1999, से कोई बड़ा रासायनिक अभिसमय जुड़ा नहीं है। याद रखने योग्य तिकड़ी है: संकटपूर्ण अपशिष्ट पर 1989 का बासेल, रसायन व्यापार पर 1998 का रॉटरडैम और दीर्घस्थायी प्रदूषकों पर 2001 का स्टॉकहोम।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

कार्बन मोनोऑक्साइड मनुष्यों के लिए मुख्यतः इसलिए खतरनाक है क्योंकि वह:

  1. A.हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है
  2. B.जल में घुलकर प्रबल अम्ल बनाती है
  3. C.समतापमंडल की ओजोन परत को नष्ट करती है
  4. D.महीन धूल के रूप में कूपिकाओं में बैठ जाती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है

व्याख्या

सही उत्तर A, हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है है। कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त के हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में लगभग दो सौ गुना अधिक सरलता से जुड़ती है, और इस प्रकार बनी कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन ऑक्सीजन नहीं ले जा सकती। इससे ऊतकों को ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सिरदर्द और चक्कर आते हैं, और बंद कमरे में जलती अंगीठी या चालू इंजन के साथ बेहोशी तथा मृत्यु हो जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि घुलकर ऑक्सीकृत होकर वर्षा में सल्फ्यूरिक तथा नाइट्रिक अम्ल देने वाली गैसें सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि समतापमंडलीय ओजोन का क्षय क्लोरोफ्लोरो कार्बन तथा हैलोन करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कूपिकाओं में बैठना पीएम2.5 जैसे महीन कणिकीय पदार्थ का वर्णन है, किसी गैस का नहीं। यह भी याद रखें कि कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन और गंधहीन है, इसीलिए उसकी उपस्थिति की कोई चेतावनी नहीं मिलती, और उससे बचाव का सबसे सरल उपाय हवादार कमरा है।

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