भारत सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना किस वर्ष की थी?
- A.2007
- B.2008
- C.2009
- D.2010
सही उत्तर
D. 2010
व्याख्या
सही उत्तर है D, 2010। राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई थी। यह पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों के लिए बनी एक विशेष अदालत है, जिसे किसी आवेदन का निपटारा छह महीने में करना होता है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बाद ऐसा अधिकरण बनाने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश था। इसकी प्रधान पीठ नई दिल्ली में है तथा क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में हैं, और इसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2007 में केवल ऐसा अधिकरण बनाने का सुझाव आया था। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2008 में ऐसा कोई कानून नहीं बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2009 में विधेयक पेश हुआ था, कानून 2010 में बना। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010, अधिकरण 18 अक्टूबर 2010 से, प्रधान पीठ नई दिल्ली।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन जल प्रदूषक नहीं है?
- A.क्रोमियम
- B.गाद
- C.हिमनद
- D.आर्सेनिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. हिमनद
व्याख्या
सही उत्तर है C, हिमनद। हिमनद चलती बर्फ का प्राकृतिक पिंड और मीठे जल का स्रोत है, प्रदूषक नहीं।
जल प्रदूषक वह पदार्थ है जो जल में मिलकर उसे उपयोग के अयोग्य बना देता है। प्रदूषकों को तीन वर्गों में रखा जाता है: भौतिक, जैसे गाद, ताप और रंग; रासायनिक, जैसे भारी धातुएं, उर्वरक, कीटनाशक और अपमार्जक; और जैविक, जैसे मलजल से आने वाले जीवाणु और विषाणु। हिमालय के हिमनद गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र को जल देते हैं, इसलिए वे जल बिगाड़ते नहीं, बल्कि जल की आपूर्ति करते हैं।
A विकल्प गलत है, क्योंकि क्रोमियम चमड़ा शोधन तथा विद्युत लेपन इकाइयों से निकलने वाली भारी धातु है और गंभीर हानि करती है। B गलत है, क्योंकि अपरदन से आने वाली गाद जल की गंदलाहट बढ़ाकर जलीय पौधों तक प्रकाश रोकती है और भौतिक प्रदूषक मानी जाती है। D गलत है, क्योंकि भूजल में आर्सेनिक, जो पश्चिम बंगाल और बिहार की जानी हुई समस्या है, आर्सेनिकोसिस और त्वचा कैंसर करता है।
परीक्षा टिप: भौतिक प्रदूषक - गाद और ताप; रासायनिक - क्रोमियम, आर्सेनिक, फ्लोराइड; जैविक - मलजल के रोगाणु।
कबरताल आर्द्रभूमि को 2020 में रामसर स्थल घोषित किया गया था। यह निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
- A.बिहार
- B.हिमाचल प्रदेश
- C.पंजाब
- D.हरियाणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बिहार
व्याख्या
सही उत्तर है A, बिहार। कबरताल आर्द्रभूमि, जिसे स्थानीय रूप से कँवर झील कहा जाता है, बिहार के बेगूसराय जिले में है और इसे 2020 में रामसर स्थल घोषित किया गया, जिससे यह राज्य का पहला रामसर स्थल बना। यह सिंधु-गंगा के मैदान में बूढ़ी गंडक की बदलती धारा से छूटी गोखुर झील है, लगभग 2,600 हेक्टेयर में फैली है और क्षेत्र के लिए प्राकृतिक बाढ़ अवरोधक की तरह काम करती है। यह मध्य एशियाई उड़ान मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ ग्रेलैग हंस और संकटग्रस्त सोशिएबल लैपविंग जैसे प्रवासी पक्षी दर्ज किए गए हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश के रामसर स्थल रेणुका, पोंग बाँध झील और चंद्रताल हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि पंजाब में हरिके, कांजली, रोपड़, नंगल, ब्यास संरक्षण क्षेत्र और केशोपुर-मियानी आते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि हरियाणा के सुल्तानपुर और भिंडावास दोनों 2021 में नामित हुए। परीक्षा टिप: बेगूसराय की कँवर झील यानी कबरताल बिहार का पहला रामसर स्थल है, जो बूढ़ी गंडक की गोखुर झील है।
महाराष्ट्र की निम्नलिखित में से कौन-सी झील नवंबर 2020 में रामसर स्थलों की सूची में शामिल की गई?
- A.विहार
- B.वेण्णा
- C.रंकाला
- D.लोनार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लोनार
व्याख्या
सही उत्तर है D, लोनार। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की लोनार झील नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के सूर सरोवर के साथ रामसर स्थलों की सूची में जोड़ी गई। यह झील उस गड्ढे में भरी है जो लगभग पचास हजार वर्ष पहले उल्कापिंड के दक्कन की बेसाल्ट चट्टान से टकराने पर बना था, इसलिए यह भारत में बेसाल्ट में बना एकमात्र ऐसा क्रेटर है; इसका पानी एक साथ खारा और क्षारीय होने के कारण असामान्य है और इसमें दुर्लभ सूक्ष्मजीव पलते हैं। आर्द्रभूमि पर रामसर अभिसमय 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुआ था और भारत 1982 में इसका पक्षकार बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि विहार मुंबई को पानी देने वाला जलाशय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वेण्णा महाबलेश्वर की मानव-निर्मित झील है। विकल्प C गलत है, क्योंकि रंकाला कोल्हापुर शहर के भीतर की झील है, और इनमें से किसी को रामसर दर्जा नहीं मिला है। परीक्षा टिप: नांदुर मध्मेश्वर महाराष्ट्र का पहला रामसर स्थल था, उसके बाद लोनार और ठाणे क्रीक आए।
2013 में अपनाया गया मिनामाता अभिसमय किस पदार्थ से संबंधित है?
- A.सीसा
- B.एस्बेस्टस
- C.पारा
- D.आर्सेनिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पारा
व्याख्या
सही उत्तर C, पारा है। पारे पर मिनामाता अभिसमय 2013 में अपनाया गया और 2017 में लागू हुआ। यह पारे की आपूर्ति और व्यापार को नियंत्रित करता है, बैटरी, स्विच तथा कुछ मापक उपकरणों जैसे उत्पादों में उसके उपयोग को सीमित करता है, और कोयला जलाने तथा छोटे पैमाने के स्वर्ण खनन से होने वाले उत्सर्जन को नियमित करता है। इसका नाम जापान के मिनामाता नगर पर है, जहाँ खाड़ी में औद्योगिक पारा यौगिकों के निस्सरण से 1950 के दशक से गंभीर तंत्रिका रोग फैला।
विकल्प A, सीसा, पेट्रोल, रंग और पाइप संबंधी राष्ट्रीय कानूनों से नियंत्रित होता है, किसी समर्पित वैश्विक अभिसमय से नहीं। विकल्प B, एस्बेस्टस, पूर्व सूचित सहमति पर रॉटरडैम अभिसमय के अनुलग्नकों में आता है। विकल्प D, आर्सेनिक, दक्षिण एशिया के कई भागों में भूजल का गंभीर प्रदूषक है पर उससे पेयजल मानकों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के माध्यम से निपटा जाता है, किसी अलग संधि से नहीं।
कार्टाजेना प्रोटोकॉल और नागोया प्रोटोकॉल किस अभिसमय के अंतर्गत अपनाए गए?
- A.जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र ढाँचा अभिसमय
- B.जैव विविधता पर अभिसमय
- C.वियना अभिसमय
- D.मरुस्थलीकरण से मुकाबले का अभिसमय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जैव विविधता पर अभिसमय
व्याख्या
सही उत्तर B, जैव विविधता पर अभिसमय है। 2000 में अपनाया गया जैव सुरक्षा पर कार्टाजेना प्रोटोकॉल आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से बने जीवित संशोधित जीवों के सुरक्षित रखरखाव, परिवहन और उपयोग को नियंत्रित करता है। 2010 में अपनाया गया नागोया प्रोटोकॉल अभिसमय के तीसरे उद्देश्य को विस्तार देता है और आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच तथा उनके उपयोग से मिलने वाले लाभों के न्यायसंगत और समतामूलक बँटवारे के नियम बनाता है।
विकल्प A, जलवायु अभिसमय, के अपने दस्तावेज हैं, अर्थात 1997 का क्योटो प्रोटोकॉल और 2015 का पेरिस समझौता। विकल्प C, 1985 का वियना अभिसमय, के अंतर्गत 1987 का मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल आता है। विकल्प D, 1994 का मरुस्थलीकरण अभिसमय, इस प्रकार के प्रोटोकॉलों के बजाय क्षेत्रीय कार्यान्वयन अनुलग्नकों और राष्ट्रीय कार्ययोजनाओं से काम करता है। याद रखने का सरल सूत्र यह है कि कार्टाजेना और नागोया दोनों नगरों के नाम जैव विविधता से जुड़े हैं, जबकि क्योटो और पेरिस जलवायु से तथा मॉन्ट्रियल ओजोन से।