मृदा संरक्षण की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया 'मल्चिंग' कहलाती है?
- A.समोच्च रेखाओं के साथ पत्थर, घास और मिट्टी से अवरोध बनाए जाते हैं।
- B.पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।
- C.मिट्टी को वर्षा जल से बचाने के लिए एक-एक कतार छोड़कर अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं।
- D.पानी के बहाव को धीमा करने के लिए चट्टानों को ढेर के रूप में लगाया जाता है।
सही उत्तर
B. पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।
व्याख्या
सही उत्तर है B। मल्चिंग का अर्थ है पौधों के बीच की खाली मिट्टी को पुआल, सूखी पत्तियों, भूसी या कटी घास जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक देना। यह परत ज़मीन पर छाया करती है, जिससे वाष्पीकरण कम होता है और मिट्टी नम तथा ठंडी रहती है। यह गिरती बारिश की चोट को भी हल्का कर देती है, वरना पानी ऊपरी मिट्टी को ढीला करके बहा ले जाता है। मल्च सड़कर खेत में ह्यूमस बढ़ाता है और रोशनी रोककर खरपतवार भी कम करता है। बाग-बगीचों और सब्ज़ी की क्यारियों में किसान इसका खूब प्रयोग करते हैं, और सूखे इलाकों में नमी बचाने का यह सबसे सस्ता तरीका है। A गलत है क्योंकि समोच्च रेखाओं पर पत्थर-घास के अवरोध बनाना कंटूर बैरियर है। C गलत है क्योंकि एक-एक कतार छोड़कर अलग फसलें उगाना पट्टी कृषि है। D गलत है क्योंकि चट्टानों का ढेर लगाना रॉक डैम कहलाता है। परीक्षा टिप: मल्चिंग मिट्टी ढकती है, पट्टी कृषि कतारें बदलती है, सीढ़ीदार खेती ढलान पर सीढ़ियाँ बनाती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी जलग्रहण विकास परियोजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित है और ग्रामीण आबादी को जल संरक्षण में सक्षम बनाने के लिए चलाई गई है?
- A.अरवरी पानी संसद
- B.हरियाली
- C.जल क्रांति अभियान
- D.नीरू-मीरू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हरियाली
व्याख्या
सही उत्तर है B, हरियाली। हरियाली केंद्र द्वारा प्रायोजित जलग्रहण विकास परियोजना है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2003 में शुरू किया था। इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि काम की योजना और उसका निर्माण गाँव की पंचायत खुद करती है। इसके तहत ग्राम पंचायतें चेक डैम, खेत तालाब, रिसाव टैंक और कंटूर बंध बनवाती हैं, ताकि बारिश का पानी वहीं रुक जाए जहाँ वह गिरा है। इससे कुएँ रिचार्ज होते हैं और सूखी जमीन वाले किसानों को दूसरी फसल के लिए पानी मिल जाता है। जलग्रहण समिति ग्राम सभा चुनती है और गाँव वाले लागत तथा रखरखाव में हिस्सा देते हैं। A गलत है क्योंकि अरवरी पानी संसद राजस्थान के अलवर में अरवरी नदी के गाँवों की अपनी पहल है, केंद्रीय योजना नहीं। C गलत है क्योंकि जल क्रांति अभियान बाद में चला जल जागरूकता अभियान था। D गलत है क्योंकि नीरू-मीरू आंध्र प्रदेश का राज्य कार्यक्रम था। परीक्षा टिप: हरियाली–2003, केंद्रीय और पंचायत संचालित; नीरू-मीरू–आंध्र प्रदेश; अरवरी पानी संसद–राजस्थान।
OTEC विद्युत संयंत्र स्थापित करने के लिए समुद्र की ऊपरी परतों और गहरी परतों के बीच तापमान का अंतर कितना होना चाहिए?
- A.40°C
- B.250°C
- C.50°C
- D.20°C
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 20°C
व्याख्या
सही उत्तर है D, 20°C। महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण संयंत्र वहीं काम करता है जहाँ सतह का गर्म जल गहराई से लाए गए ठंडे जल से कम से कम लगभग 20 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो।
OTEC इसी अंतर को अपने ऊष्मा स्रोत की तरह उपयोग करता है। सतह का गर्म जल अमोनिया जैसे कम क्वथनांक वाले द्रव को उबालता है और बनी वाष्प टरबाइन घुमाकर बिजली बनाती है; लगभग एक किलोमीटर गहराई से खींचा गया ठंडा जल इस वाष्प को फिर द्रव में बदल देता है और चक्र दोहराया जाता है। 20 डिग्री का अंतर इसलिए जरूरी है कि इससे कम अंतर में पंप चलाने के बाद बाहर भेजने योग्य बिजली नहीं बचती। ऐसी दशाएँ उष्णकटिबंधीय समुद्रों में मिलती हैं और भारत ने लक्षद्वीप तथा अंडमान के पास OTEC का परीक्षण किया है।
विकल्प A गलत है क्योंकि सतह और गहरे समुद्र के बीच 40 डिग्री का अंतर नहीं होता। विकल्प B गलत है क्योंकि 250 डिग्री भट्ठी का ताप है, समुद्र का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 50 डिग्री का अंतर किसी भी प्राकृतिक समुद्र में नहीं मिलता।
परीक्षा टिप: OTEC के लिए सतह और गहरे जल में लगभग 20°C का अंतर चाहिए और यह उष्णकटिबंधीय समुद्रों में सबसे उपयुक्त है।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 का किगाली संशोधन किसमें चरणबद्ध कमी की व्यवस्था करता है?
- A.क्लोरोफ्लोरो कार्बन
- B.हाइड्रोफ्लोरो कार्बन
- C.सल्फर डाइऑक्साइड
- D.मेथिल ब्रोमाइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाइड्रोफ्लोरो कार्बन
व्याख्या
सही उत्तर B, हाइड्रोफ्लोरो कार्बन है। प्रशीतन और वातानुकूलन में क्लोरोफ्लोरो कार्बन के स्थान पर हाइड्रोफ्लोरो कार्बन अपनाए गए क्योंकि वे ओज़ोन परत को हानि नहीं पहुँचाते, परंतु वे बहुत प्रबल ग्रीनहाउस गैस निकले, इसलिए 2016 के किगाली संशोधन ने उन्हें उपयोग घटाने की समय सारणी के साथ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दायरे में ले लिया। विकल्प A गलत है क्योंकि क्लोरोफ्लोरो कार्बन 1987 के मूल प्रोटोकॉल में ही शामिल थे और उनका उत्पादन उसी के अंतर्गत समाप्त किया जा चुका है। विकल्प C गलत है क्योंकि अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण सल्फर डाइऑक्साइड राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता कानूनों और उत्सर्जन मानकों से नियंत्रित होता है, इस संधि से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मृदा के धूमन में प्रयुक्त मेथिल ब्रोमाइड भी ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों की मूल सूची का भाग है। यहाँ यही परखा जा रहा है कि किगाली एक ओज़ोन संधि के माध्यम से जलवायु गैस पर काम करता है।
ओज़ोन परत संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय दिवस किस दिन मनाया जाता है?
- A.5 जून
- B.22 अप्रैल
- C.16 सितंबर
- D.2 दिसंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 16 सितंबर
व्याख्या
सही उत्तर C, 16 सितंबर है। यह दिवस 1987 में ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की स्मृति में है और हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विषय के साथ मनाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पाँच जून विश्व पर्यावरण दिवस है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के आरंभ की याद दिलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाईस अप्रैल पृथ्वी दिवस है। विकल्प D गलत है क्योंकि दो दिसंबर भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की स्मृति में है। पर्यावरण खंड इन चारों तिथियों को प्रायः एक ही प्रश्न में रखता है, इसलिए इन्हें जैव विविधता के लिए बाईस मई और आर्द्रभूमियों के लिए दो फरवरी के साथ एक समूह में याद कीजिए।
संगमरमर कैंसर शब्द किसे कहते हैं?
- A.अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण
- B.संगमरमर काटने वाले खदान मजदूरों का रोग
- C.संगमरमर के फर्श पर शैवाल का उगना
- D.तापमान की अति से संगमरमर का चटकना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अम्लीय प्रदूषकों से संगमरमर के स्मारकों का क्षरण
व्याख्या
सही उत्तर A है। संगमरमर कैल्शियम कार्बोनेट है, और प्रदूषित वायु की सल्फर डाइऑक्साइड तथा अम्लीय वर्षा का सल्फ्यूरिक अम्ल उससे अभिक्रिया करके कैल्शियम सल्फेट बनाते हैं, जिससे पत्थर की चमक जाती रहती है, वह पीला पड़ता है और गड्ढेदार तथा परतदार हो जाता है। इसी हानि को संगमरमर कैंसर कहते हैं, और इसकी चर्चा सबसे अधिक आगरा के ताजमहल के संदर्भ में होती है, इसीलिए उसके आसपास के उद्योगों पर नियंत्रण रखा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पत्थर की धूल साँस में जाने से होने वाला फेफड़े का रोग सिलिकोसिस है, जो बिल्कुल अलग विषय है। विकल्प C गलत है क्योंकि शैवाल का उगना जैविक धब्बा है, जिसे साफ किया जा सकता है, और इस शब्द का वह अर्थ नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ताप से चटकना भौतिक अपक्षय की प्रक्रिया है, जो अनेक चट्टानों में होती है और प्रदूषण से उसका संबंध नहीं। याद रखिए कि संगमरमर या चूना पत्थर का हर स्मारक संवेदनशील है, क्योंकि दोनों कैल्शियम कार्बोनेट हैं।