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पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020

वर्ष 1962 में प्रकाशित पुस्तक ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’, जिससे विश्व के पर्यावरणीय आन्दोलन को गति मिली, के लेखक हैं

  1. A.कैरोलिन मर्चेंट
  2. B.कार्ल मार्क्स
  3. C.रेचल कार्सन
  4. D.राजगोपालन

सही उत्तर

C. रेचल कार्सन

व्याख्या

सही उत्तर है C, रेचल कार्सन। अमेरिकी समुद्री जीवविज्ञानी और लेखिका रेचल कार्सन ने 1962 में ‘साइलेन्ट स्प्रिंग’ प्रकाशित की। उन्होंने दिखाया कि कृत्रिम कीटनाशक, ख़ासकर डीडीटी, छिड़काव वाले खेतों से बहुत दूर तक पक्षियों, मछलियों और कीटों को मार रहे हैं और ये रसायन खाद्य शृंखला में आगे बढ़ते हुए हर स्तर पर और अधिक सांद्र होते जाते हैं, जिसे आज जैव आवर्धन (बायोमैग्निफिकेशन) कहते हैं। पुस्तक का नाम ऐसे वसंत की कल्पना है जिसमें पक्षियों के ज़हर से मर जाने के कारण कोई चहचहाहट नहीं है। इस पुस्तक ने जनमत को झकझोरा और 1970 में अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के गठन तथा 1972 में अमेरिका में डीडीटी के अधिकांश उपयोगों पर रोक का रास्ता बनाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि कैरोलिन मर्चेंट पर्यावरण इतिहासकार हैं, जो ‘द डेथ ऑफ़ नेचर’ (1980) के लिए जानी जाती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि कार्ल मार्क्स ने अर्थशास्त्र और राजनीति पर ‘दास कैपिटल’ और ‘कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ लिखे। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस नाम का कोई लेखक इस पुस्तक से नहीं जुड़ा है। परीक्षा टिप: साइलेन्ट स्प्रिंग 1962 (रेचल कार्सन, डीडीटी), द लिमिट्स टु ग्रोथ 1972 (क्लब ऑफ़ रोम), अवर कॉमन फ़्यूचर 1987 (ब्रंटलैंड रिपोर्ट)।

सभी देखें
Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2017, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में शामिल नहीं है?

  1. A.सल्फर
  2. B.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
  3. C.सीसा (लेड)
  4. D.मीथेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मीथेन

भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की गणना में मीथेन शामिल नहीं है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 2014 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुरू किया गया था और इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाता है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
  2. B.यह पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे में लगा है।
  3. C.यह व्यक्तियों और संपत्ति को हुई क्षति के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है।
  4. D.यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है; यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। NGT की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई, जो अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GKकठिन

भारत की 2017-2031 की राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना (NWAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है।

2. यह NWAP अनूठी है क्योंकि पहली बार भारत ने वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को मान्यता दी है।

3. इस NWAP के दस घटक हैं।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

2017-2031 की योजना भारत की तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है और वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को संबोधित करने वाली पहली योजना है, पर इसके दस नहीं, पाँच घटक हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विधि शहरी वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त नहीं है?

  1. A.छत पुनर्भरण गड्ढा (रूफटॉप रिचार्ज पिट)
  2. B.पुनर्भरण कुएँ
  3. C.गली प्लग
  4. D.पुनर्भरण खाई (रिचार्ज ट्रेंच)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गली प्लग

गली प्लग पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्राकृतिक नाले या धारा के आर-पार बनाया जाने वाला छोटा अवरोध है, इसलिए शहर में इसका उपयोग नहीं होता।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKआसान

जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?

  1. A.कोलंबिया
  2. B.वेनेज़ुएला
  3. C.ब्राज़ील
  4. D.गुयाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोलंबिया

कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।