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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 34

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 34) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 8 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: साख पत्र (एलसी), बैंक गारंटी और व्यापार वित्त, स्विफ्ट, नोस्ट्रो-वोस्ट्रो खाते और सीमा-पार भुगतान, डी-एसआईबी, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) और बैंक पर्यवेक्षण और अन्य। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की कौन-सी धारा कहती है कि प्रतिभू की देयता मूल ऋणी की देयता के सह-विस्तृत होती है, जब तक संविदा में अन्यथा न लिखा हो?

  1. A.धारा 124
  2. B.धारा 126
  3. C.धारा 128
  4. D.धारा 130
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 128

व्याख्या

सही उत्तर है ग, धारा 128। यह धारा निर्धारित करती है कि प्रतिभू की देयता मूल ऋणी की देयता के सह-विस्तृत होगी, जब तक संविदा में अन्यथा उपबंधित न हो। इसी कारण बिना शर्त गारंटी देने वाले बैंक से पूरी राशि मांगी जा सकती है और लेनदार को पहले अपने ग्राहक के विरुद्ध सभी उपाय आज़माने की आवश्यकता नहीं होती।

विकल्प क, धारा 124, क्षतिपूर्ति की संविदा को परिभाषित करती है, जिसमें एक पक्ष दूसरे को अपने या किसी अन्य व्यक्ति के आचरण से होने वाली हानि से बचाने का वचन देता है; क्षतिपूर्ति और प्रतिभूति संबंधित पर भिन्न हैं। विकल्प ख, धारा 126, प्रतिभूति की संविदा और उसके तीन पक्षकारों की परिभाषा है, इसलिए यही सबसे निकट का गलत उत्तर है। विकल्प घ, धारा 130, सतत गारंटी को भावी लेनदेनों के लिए सूचना देकर प्रतिसंहृत करने से संबंधित है। क्रम याद रखें: 124 क्षतिपूर्ति, 126 प्रतिभूति, 128 सह-विस्तृत देयता, 130 प्रतिसंहरण।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

सीमा-पार संदेशों के लिए बैंकों द्वारा प्रयुक्त स्विफ्ट का पूर्ण रूप क्या है?

  1. A.सिक्योर वर्ल्डवाइड इंटरनेशनल फंड्स ट्रांसफर
  2. B.सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन
  3. C.सिस्टम फॉर वायर ट्रांसफर ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन्स
  4. D.स्टैंडर्ड वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फंड्स ट्रांसफर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन

व्याख्या

सही उत्तर है ख, सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन। सोसाइटी शब्द ही कुंजी है, क्योंकि स्विफ्ट अपने सदस्य वित्तीय संस्थानों के स्वामित्व वाली सहकारी संस्था है, न कोई कंपनी और न कोई सार्वजनिक प्राधिकरण। इसकी स्थापना 1973 में बैंकों के बीच असुरक्षित और अमानकीकृत टेलेक्स यातायात के स्थान पर हुई और यह 1977 में चालू हुई।

विकल्प क, ग और घ उन्हीं अक्षरों के आसपास गढ़े गए विस्तार हैं, और प्रत्येक सबसे महत्वपूर्ण शब्द पर गलत है। इनमें से किसी में सोसाइटी नहीं है, अतः जिस अभ्यर्थी को केवल वही एक शब्द याद है वह तीनों को एक साथ हटा सकता है। इस प्रश्न के साथ दो बातें सामान्यतः जुड़ी रहती हैं: मुख्यालय बेल्जियम में ब्रसेल्स के निकट ला हल्प में है, और स्विफ्ट केवल संदेश नेटवर्क है, अतः वह न खाते रखती है और न भुगतान का निपटान करती है। मूल्य का वास्तविक संचलन बैंकों के परस्पर खातों या किसी केंद्रीय बैंक की निपटान प्रणाली से होता है।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

संवादी बैंकिंग में मिरर खाता क्या है?

  1. A.किसी ग्राहक के लिए दूसरी शाखा में खोला गया अनुकृत खाता
  2. B.बैंक द्वारा अपनी पुस्तकों में, घरेलू मुद्रा में, अपने नोस्ट्रो शेष का रखा गया अभिलेख
  3. C.निपटान के लिए दो बैंकों का संयुक्त खाता
  4. D.दस वर्ष बाद पुनर्जीवित किया गया निष्क्रिय खाता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंक द्वारा अपनी पुस्तकों में, घरेलू मुद्रा में, अपने नोस्ट्रो शेष का रखा गया अभिलेख

व्याख्या

सही उत्तर है ख, बैंक द्वारा अपनी पुस्तकों में, घरेलू मुद्रा में, अपने नोस्ट्रो शेष का रखा गया अभिलेख। नोस्ट्रो खाता स्वयं विदेशी संवादी बैंक की पुस्तकों में रहता है और विदेशी मुद्रा में अंकित होता है। उसे ट्रैक करने के लिए घरेलू बैंक उचित दर पर परिवर्तित कर रुपये में समांतर खाता रखता है, और दोनों का नियमित मिलान होता है जिससे बेमेल प्रविष्टियाँ, छूटी जमा या पुराने नामे शीघ्र सामने आ जाएँ।

विकल्प क इस शब्दावली में कुछ नहीं कहता; ग्राहक का खाता उसी शाखा का होता है जहाँ खुला है। विकल्प ग गलत है क्योंकि नोस्ट्रो संबंध संयुक्त खाता नहीं है; एक बैंक खाताधारी है और दूसरा खाता रखने वाला। विकल्प घ अदावी जमा के नियमों के अंतर्गत निष्क्रिय खाते का वर्णन है, जो असंबंधित विषय है। चारों साथ याद करें: नोस्ट्रो आपके पास हमारा, वोस्ट्रो हमारे पास आपका, लोरो उनका, मिरर नोस्ट्रो का अपना अभिलेख।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल द्वारा प्रकाशित कौन-सा नियम-समूह दस्तावेज़ी साख पत्रों को शासित करता है?

  1. A.इनकोटर्म्स 2020
  2. B.यूसीपी 600
  3. C.यूआरडीजी 758
  4. D.बेसल III
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूसीपी 600

व्याख्या

सही उत्तर है ख, यूसीपी 600। दस्तावेज़ी साख के लिए एकरूप प्रथाएँ और रीतियाँ अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल की वह संहिता है जिसे दुनिया भर के बैंक अपने साख पत्रों में सम्मिलित करते हैं। इसका वर्तमान संस्करण आईसीसी प्रकाशन 600 है, जो 1 जुलाई 2007 से प्रभावी है और जिसमें उनतालीस अनुच्छेद हैं। ये अनुच्छेद साख जारी करने, दस्तावेज़ों की जाँच, विसंगतियों और श्रृंखला के प्रत्येक बैंक के कर्तव्यों को तय करते हैं।

विकल्प क, इनकोटर्म्स 2020, भी आईसीसी का प्रकाशन है, पर वह विक्रय संविदा में विक्रेता और क्रेता के बीच लागत, जोखिम और बीमा के दायित्व का बँटवारा करता है; दस्तावेज़ जाँच से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प ग, यूआरडीजी 758, मांग गारंटी के लिए आईसीसी के एकरूप नियम हैं, जो बैंक गारंटी पर लागू होते हैं, दस्तावेज़ी साख पर नहीं। विकल्प घ, बेसल III, बैंक पूँजी, उत्तोलन और नकदी पर बेसल समिति का ढाँचा है, जो विवेकपूर्ण मानक है। जोड़ी याद रखें: साख यूसीपी 600 से, गारंटी यूआरडीजी 758 से, सुपुर्दगी शर्तें इनकोटर्म्स से।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

विदेशी क्रेता से साख पत्र प्राप्त निर्यातक उसी साख के बल पर अपने कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता के पक्ष में नई साख खोलता है। यह कौन-सी साख है?

  1. A.घूर्णी साख
  2. B.बैक-टू-बैक साख
  3. C.रेड क्लॉज साख
  4. D.स्टैंडबाय साख पत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैक-टू-बैक साख

व्याख्या

सही उत्तर है ख, बैक-टू-बैक साख। यहाँ बिचौलिए या निर्माता को मिली निर्यात साख को उस दूसरी, सामान्यतः छोटी, साख की प्रतिभूति बनाया जाता है जो माल या कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता के पक्ष में जारी होती है। दूसरी साख खोलने वाला बैंक पहली साख की प्राप्ति पर निर्भर रहता है, इसलिए दोनों साखों के लदान की तारीखें और दस्तावेज़ मिलाए जाते हैं और दूसरी साख पहले समाप्त होती है।

विकल्प क, घूर्णी साख, प्रत्येक आहरण के बाद अपने मूल मूल्य पर बहाल हो जाती है और एक ही संविदा के अंतर्गत बार-बार लदान के लिए उपयोगी है, आपूर्तिकर्ता के वित्तपोषण के लिए नहीं। विकल्प ग, रेड क्लॉज साख, सूचक या भुगतानकर्ता बैंक को आवेदक के जोखिम पर लाभार्थी को पूर्व-लदान अग्रिम देने की अनुमति देती है; वह धन उसी साख के अंतर्गत आता है, नई साख के अंतर्गत नहीं। विकल्प घ, स्टैंडबाय साख पत्र, साख के रूप में गारंटी है। बैक-टू-बैक को हस्तांतरणीय साख से न मिलाएँ, जिसमें वही साख आगे दी जाती है।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

रिज़र्व बैंक की 2025 की घरेलू प्रणालीगत महत्व के बैंकों की सूची के अनुसार बकेट 4 में कौन बैंक है?

  1. A.एचडीएफसी बैंक
  2. B.आईसीआईसीआई बैंक
  3. C.भारतीय स्टेट बैंक
  4. D.पंजाब नेशनल बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारतीय स्टेट बैंक

व्याख्या

सही उत्तर C, भारतीय स्टेट बैंक है। 2025 की सूची में भारतीय स्टेट बैंक बकेट 4 में है और उसे अपनी जोखिम भारित आस्तियों का 0.80 प्रतिशत अतिरिक्त कॉमन इक्विटी टियर 1 रखना है, जो सामान्य न्यूनतम और पूँजी संरक्षण बफर के ऊपर है। बकेट 2 से ऊपर यह अकेला बैंक है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना में उसके आकार को दर्शाता है।

विकल्प A, एचडीएफसी बैंक, डी-एसआईबी है पर बकेट 2 में है और उसका अधिभार 0.40 प्रतिशत है। विकल्प B, आईसीआईसीआई बैंक, बकेट 1 में है और उसका अधिभार सबसे कम 0.20 प्रतिशत है। विकल्प D, पंजाब नेशनल बैंक, बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है पर उसे डी-एसआईबी नहीं माना गया है, इसलिए उस पर कोई अधिभार नहीं है। बकेट 3 और 5 खाली हैं, और यह भी अक्सर पूछा जाने वाला विवरण है।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

स्विफ्ट के व्यवसाय पहचान कोड अर्थात बीआईसी में कितने वर्ण होते हैं?

  1. A.छह या नौ
  2. B.आठ या ग्यारह
  3. C.दस या बारह
  4. D.सदा ठीक ग्यारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आठ या ग्यारह

व्याख्या

सही उत्तर है ख, आठ या ग्यारह। मानक आईएसओ 9362 के अंतर्गत बीआईसी में चार वर्ण संस्था के, दो आईएसओ 3166 सूची के अनुसार देश के और दो स्थान के होते हैं, जिससे आठ बनते हैं। जब किसी विशेष शाखा का नाम देना हो तो तीन वर्ण और जुड़ते हैं और ग्यारह हो जाते हैं। आठ वर्ण वाला रूप संस्था के प्रधान कार्यालय को दर्शाता है।

विकल्प क दोनों दृष्टि से गलत है और मानक के किसी भाग से मेल नहीं खाता। विकल्प ग गलत है; कोई बीआईसी दस या बारह वर्णों तक नहीं जाता। विकल्प घ गलत है क्योंकि ग्यारह वर्ण वाला रूप वैकल्पिक है और केवल शाखा के लिए प्रयुक्त होता है। बीआईसी को दो अन्य कोडों से न मिलाएँ: ग्यारह वर्ण वाला भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड, जो घरेलू आरटीजीएस, एनईएफटी तथा आईएमपीएस के लिए बैंक शाखा पहचानता है, और आईएसओ 13616 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बैंक खाता संख्या, जो खाता पहचानती है और यूरोप में प्रयुक्त होती है, भारत में नहीं।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंक को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की शिकायत निपटाकर ग्राहक की देयता अधिकतम कितने समय में तय करनी होती है?

  1. A.शिकायत से 30 दिन
  2. B.शिकायत से 60 दिन
  3. C.शिकायत से 90 दिन
  4. D.शिकायत से 180 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शिकायत से 90 दिन

व्याख्या

सही उत्तर C, शिकायत से 90 दिन है। परिपत्र हर बैंक से अपेक्षा करता है कि उसके पास बोर्ड अनुमोदित नीति हो जिसमें अपनी निपटान अवधि तय हो, और उस अवधि की अधिकतम सीमा शिकायत प्राप्ति से नब्बे दिन रखता है। बैंक नब्बे दिन में यह काम पूरा न कर सके, तब भी उसे ग्राहक को परिपत्र के अनुसार प्रतिकर देना होता है, इसलिए देरी बैंक के पक्ष में नहीं जाती।

विकल्प A, 30 दिन, वह अवधि है जिसके बाद बैंक द्वारा न निपटाई गई शिकायत रिज़र्व बैंक के लोकपाल तक ले जाई जा सकती है; यह अलग समय सीमा है और भ्रम का आम स्रोत है। विकल्प B, 60 दिन, इस ढाँचे में नहीं आता। विकल्प D, 180 दिन, नियम से बहुत अधिक है। जोड़ना उपयोगी है: अस्थायी जमा के लिए दस कार्य दिवस, अंतिम निर्णय के लिए नब्बे दिन, और लोकपाल तक जाने से पहले बैंक की निष्क्रियता के तीस दिन।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

निर्यात हेतु माल खरीदने, संसाधित करने और पैक करने के लिए निर्यातक को दिया जाने वाला पूर्व-लदान ऋण आमतौर पर किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.बिल बट्टाकरण
  2. B.पैकिंग क्रेडिट
  3. C.क्रेता साख
  4. D.फॉरफेटिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पैकिंग क्रेडिट

व्याख्या

सही उत्तर है ख, पैकिंग क्रेडिट। पैकिंग क्रेडिट पुष्ट निर्यात आदेश या साख पत्र के विरुद्ध दिया गया पूर्व-लदान अग्रिम है, जिससे निर्यातक कच्चा माल खरीद सके, उत्पादन और प्रसंस्करण कर सके और खेप पैक कर सके। इसका निपटान निर्यात आय से होता है या इसे लदानोत्तर वित्त में बदल दिया जाता है, और यह विदेशी मुद्रा में पीसीएफसी के रूप में भी दिया जा सकता है।

विकल्प क, बिल बट्टाकरण, लदानोत्तर वित्त है: निर्यातक माल भेज चुका होता है और बैंक निर्यात बिल खरीदता या बट्टा करता है। विकल्प ग, क्रेता साख, आयातक के लिए जुटाया गया अल्पकालिक ऋण है जिससे वह विदेशी आपूर्तिकर्ता को भुगतान करे, अतः वह आयात का वित्तपोषण करता है। विकल्प घ, फॉरफेटिंग, मध्यम अवधि की निर्यात प्राप्य राशियों की बिना प्रत्याश्रय खरीद है, जो भी लदान के बाद होती है। समय-क्रम ध्यान रखें: लदान से पहले पैकिंग क्रेडिट, लदान के बाद बिलों की परिचर्चा, खरीद या बट्टाकरण, फैक्टरिंग या फॉरफेटिंग।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

सेबी द्वारा मानकीकृत दीर्घकालिक रेटिंग मापनी में कौन सा प्रतीक सर्वोच्च सुरक्षा दर्शाता है?

  1. A.एएए
  2. B.ए1 प्लस
  3. C.एए प्लस
  4. D.बीबीबी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एएए

व्याख्या

सही उत्तर A, एएए है। मानकीकृत दीर्घकालिक मापनी में एएए का अर्थ है ब्याज और मूलधन के समय पर भुगतान की सर्वोच्च सुरक्षा, जिसके बाद उच्च सुरक्षा के लिए एए, पर्याप्त सुरक्षा के लिए ए और मध्यम सुरक्षा के लिए बीबीबी आते हैं, और मापनी बीबी, बी तथा सी से होकर चूक के लिए डी तक जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ए1 प्लस अल्पकालिक मापनी का शिखर है, जो एक वर्ष में परिपक्व होने वाले प्रपत्रों के लिए ए1 प्लस, ए1, ए2, ए3, ए4 और फिर डी तक चलती है; दोनों मापनियों को मिला देना यहां सबसे सामान्य भूल है। विकल्प C गलत है, क्योंकि एए प्लस एए से ऊपर होकर भी एएए से नीचे है, क्योंकि प्लस और माइनस चिह्न श्रेणी के भीतर स्थिति बताते हैं और एएए तथा डी के साथ प्रयुक्त नहीं होते। विकल्प D गलत है, क्योंकि बीबीबी केवल मध्यम सुरक्षा है।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

एकल ग्राहक साख अंतरण, अर्थात सामान्य बाह्य प्रेषण, के लिए कौन-सा स्विफ्ट संदेश प्रकार प्रयुक्त होता है?

  1. A.एमटी 103
  2. B.एमटी 202
  3. C.एमटी 700
  4. D.एमटी 940
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एमटी 103

व्याख्या

सही उत्तर है क, एमटी 103। एमटी 1 श्रेणी ग्राहक भुगतानों की है, और एमटी 103 वह मानक निर्देश है जिससे कोई बैंक अपने संवादी बैंक से नामित लाभार्थी को तय राशि चुकाने को कहता है, और जिसमें प्रेषक तथा लाभार्थी का विवरण और प्रभार संबंधी निर्देश रहता है। लगभग हर खुदरा बाह्य प्रेषण के पीछे यही संदेश होता है।

विकल्प ख, एमटी 202, वित्तीय संस्था अंतरण की एमटी 2 श्रेणी का है और एक बैंक से दूसरे बैंक को निधि भेजता है, प्रायः उस आवरण भुगतान के रूप में जो एमटी 103 के साथ चलता है। विकल्प ग, एमटी 700, दस्तावेज़ी साख तथा गारंटी की एमटी 7 श्रेणी का है और इसी से साख पत्र जारी होता है, जबकि गारंटी या स्टैंडबाय साख के लिए एमटी 760 काम आता है। विकल्प घ, एमटी 940, नकदी प्रबंधन की एमटी 9 श्रेणी का विवरण संदेश है। श्रेणियों को उनके पहले अंक से याद करें; इससे प्रश्नों का पूरा परिवार हल हो जाता है।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

2021 में आरंभ ई-रुपी का सबसे सही वर्णन क्या है?

  1. A.भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुमोदित क्रिप्टोकरेंसी
  2. B.प्रीपेड, व्यक्ति-विशिष्ट और उद्देश्य-विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक वाउचर
  3. C.डिजिटल रुपये का एक नया मूल्यवर्ग
  4. D.भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम का क्रेडिट कार्ड उत्पाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रीपेड, व्यक्ति-विशिष्ट और उद्देश्य-विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक वाउचर

व्याख्या

सही उत्तर B है। ई-रुपी एक प्रीपेड इलेक्ट्रॉनिक वाउचर है, जो लाभार्थी को एसएमएस स्ट्रिंग या क्यूआर कोड के रूप में मिलता है और जिसे केवल नामित व्यक्ति तथा केवल नामित उद्देश्य के लिए भुनाया जा सकता है, जैसे टीकाकरण या कोई जांच। यह नकदी-रहित और संपर्क-रहित है तथा लाभार्थी के सिरे पर बैंक खाते या इंटरनेट की आवश्यकता नहीं रखता। विकल्प A गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक ने किसी क्रिप्टोकरेंसी को अनुमोदित नहीं किया है; ई-रुपी वाउचर है और उसमें ब्लॉकचेन का उपयोग नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि ई-रुपी मुद्रा ही नहीं है और यह डिजिटल रुपये के पायलटों से पहले का है, जो 2022 के अंत में आरंभ हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि ई-रुपी प्रीपेड वाउचर है, साख लिखत नहीं; एनपीसीआई का कार्ड उत्पाद रुपे है, जो अलग योजना है।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

निर्यात साख के लिए देश की शीर्ष संस्था भारतीय निर्यात-आयात बैंक ने किस वर्ष कार्य आरंभ किया?

  1. A.1964
  2. B.1972
  3. C.1982
  4. D.1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1982

व्याख्या

सही उत्तर है ग, 1982। भारतीय निर्यात-आयात बैंक की स्थापना संसद के 1981 के अधिनियम के अंतर्गत हुई और उसने 1982 में कार्य आरंभ किया, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक का अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण कारोबार अपने हाथ में लेते हुए। यह भारत के विदेश व्यापार का वित्तपोषण, सुगमीकरण और प्रवर्तन करता है, विदेशी सरकारों और क्रेताओं को क्रेता साख तथा साख सीमाएँ देता है, और भारतीय कंपनियों के परियोजना निर्यात को सहारा देता है।

विकल्प क, 1964, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़ा वर्ष है, एक्ज़िम बैंक से नहीं। विकल्प ख, 1972, बैंकिंग प्रश्नपत्रों में अक्सर प्रयुक्त भटकाने वाली तारीख है। विकल्प घ, 1992, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम तथा उदारीकरण के सुधारों का वर्ष है, इसलिए वह उस अभ्यर्थी को ठीक लगता है जो एक्ज़िम बैंक को अर्थव्यवस्था के खुलने से जोड़ता है। दोनों व्यापार संस्थाएँ साथ याद रखें: जुलाई 1957 से ईसीजीसी, 1982 से एक्ज़िम बैंक।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

पीएमएलए नियमों के अंतर्गत संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट कितने समय में भेजनी होती है?

  1. A.संदेह बनने के सात कार्य दिवस के भीतर
  2. B.संदेह बनने के तीस दिन के भीतर
  3. C.अगले माह की पंद्रह तारीख तक
  4. D.संदेह बनने के नब्बे दिन के भीतर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संदेह बनने के सात कार्य दिवस के भीतर

व्याख्या

सही उत्तर A, सात कार्य दिवस है। नियमों के अनुसार रिपोर्टिंग इकाई को उस तारीख से, जब वह संतुष्ट हो जाए कि लेनदेन संदिग्ध है, सात कार्य दिवस के भीतर वित्तीय आसूचना इकाई को संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट भेजनी होती है। इसमें कोई न्यूनतम मूल्य नहीं है, रिपोर्ट पूर्ण तथा प्रयास किए गए दोनों लेनदेनों पर बनती है, और बैंक ग्राहक को यह संकेत नहीं दे सकता कि रिपोर्ट भेजी गई है। विकल्प B गलत है क्योंकि इस रिपोर्ट की सीमा तीस दिन नहीं है; इतनी देरी उसके उद्देश्य को ही नष्ट कर देगी, जो धन के ट्रेस होने योग्य रहते आसूचना देना है। विकल्प C गलत है क्योंकि अगले माह की पंद्रह तारीख मासिक नकद लेनदेन रिपोर्ट की नियत तारीख है, संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट की नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि इन नियमों में नब्बे दिन का कोई स्थान नहीं है; अभ्यर्थी जो अंक याद कर रहे होते हैं वे कुर्की और न्यायनिर्णयन की समयसीमाएं हैं।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

जुलाई 2022 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के निपटान की अनुमति किस व्यवस्था से दी?

  1. A.विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते
  2. B.विनिमय अर्जक विदेशी मुद्रा खाते
  3. C.अनिवासी बाह्य खाते
  4. D.निवासी विदेशी मुद्रा खाते
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते

व्याख्या

सही उत्तर है क, विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते। इस व्यवस्था में भारत का कोई अधिकृत व्यापारी बैंक साझेदार देश के संवादी बैंक के लिए ऐसा खाता खोलता है। भारतीय आयातक उसमें रुपये जमा करते हैं और भारतीय निर्यातकों को उसी से भुगतान होता है, तथा शेष राशि भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की जा सकती है। उद्देश्य कठोर मुद्रा पर निर्भरता घटाना, परिवर्तन लागत बचाना और भुगतान कठिनाई वाले देशों के साथ व्यापार चालू रखना है।

विकल्प ख, विनिमय अर्जक विदेशी मुद्रा खाता, भारतीय निर्यातक को अपनी आय का कुछ भाग परिवर्तित किए बिना विदेशी मुद्रा में रखने देता है। विकल्प ग, अनिवासी बाह्य खाता, किसी अनिवासी भारतीय का पूर्णतः स्वदेश प्रेषणीय रुपया खाता है, जो व्यक्तिगत बचत के लिए है, व्यापार निपटान के लिए नहीं। विकल्प घ, निवासी विदेशी मुद्रा खाता, लौटे भारतीय के लिए है जो साथ लाई विदेशी मुद्रा रख सके। इनमें केवल पहला संवादी बैंकिंग खाता है जो व्यापार निपटान में काम आता है।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

राज्य स्तरीय बैंकर समिति, जो किसी राज्य का शीर्ष अंतर-संस्थागत बैंकिंग मंच है, किस वर्ष गठित हुई?

  1. A.1977
  2. B.1969
  3. C.1989
  4. D.2004
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1977

व्याख्या

सही उत्तर A, 1977 है। राज्य स्तरीय बैंकर समिति 1977 में राज्य के शीर्ष मंच के रूप में गठित हुई, जहां सभी व्यावसायिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, राज्य सरकार और रिज़र्व बैंक साख प्रवाह की समीक्षा तथा राज्य की वार्षिक साख योजना पर सहमति के लिए मिलते हैं। प्रत्येक राज्य के लिए एक बैंक संयोजक बैंक नामित होता है, उसका प्रमुख बैठकों की अध्यक्षता करता है, और समिति तिमाही बैठक करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1969 में लीड बैंक योजना स्वयं आरंभ हुई; राज्य मंच आठ वर्ष बाद आया। विकल्प C गलत है क्योंकि 1989 में शाखा स्तर पर सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण लागू हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 2004 में सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण के प्रतिबंधात्मक प्रावधान हटाए गए। संघ राज्य क्षेत्र के लिए समकक्ष निकाय संघ राज्य क्षेत्र स्तरीय बैंकर समिति है।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

पंजाब नेशनल बैंक में पकड़ी गई बड़ी धोखाधड़ी के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने मार्च 2018 में आयात व्यापार साख के लिए कौन-सा साधन बंद कर दिया?

  1. A.साख पत्र
  2. B.अंडरटेकिंग पत्र
  3. C.बैंक गारंटी
  4. D.स्टैंडबाय साख पत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अंडरटेकिंग पत्र

व्याख्या

सही उत्तर है ख, अंडरटेकिंग पत्र। मार्च 2018 में रिज़र्व बैंक ने भारत में आयात से संबंधित व्यापार साख के लिए अंडरटेकिंग पत्र और कम्फर्ट पत्र जारी करना बंद कर दिया। इन साधनों में बैंक का यह वचन होता था कि वह विदेशी ऋणदाता को चुकाएगा, ये सामान्य दस्तावेज़ी अनुशासन से नहीं गुज़रते थे, और उक्त धोखाधड़ी में ये स्विफ्ट नेटवर्क से जारी हुए पर बैंक की कोर बैंकिंग प्रणाली में दर्ज ही नहीं हुए, इसलिए जोखिम वर्षों तक अदृश्य रहा।

विकल्प क, साख पत्र, और विकल्प ग, बैंक गारंटी, अनुमत बने रहे, और रिज़र्व बैंक ने स्पष्ट कहा कि इनके विरुद्ध व्यापार साख जुटाई जा सकती है। विकल्प घ, स्टैंडबाय साख पत्र, गारंटी का ही एक रूप है और नियमों के भीतर उपलब्ध रहा। परीक्षकों को प्रिय अगला सबक पर्यवेक्षी है: बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे स्विफ्ट संदेश प्रणाली को कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ें, जिससे पुस्तकों में प्रविष्टि के बिना कोई सीमा-पार संदेश न जाए।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

उदारीकृत प्रेषण योजना के अंतर्गत कोई निवासी व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में विदेश कितना भेज सकता है?

  1. A.पच्चीस हज़ार अमेरिकी डॉलर
  2. B.एक लाख अमेरिकी डॉलर
  3. C.ढाई लाख अमेरिकी डॉलर
  4. D.दस लाख अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ढाई लाख अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर है ग, ढाई लाख अमेरिकी डॉलर। उदारीकृत प्रेषण योजना किसी निवासी व्यक्ति, अवयस्क सहित, को एक वित्तीय वर्ष में उस राशि तक भेजने देती है, किसी भी अनुमत चालू खाता प्रयोजन के लिए जैसे यात्रा, शिक्षा, चिकित्सा, उपहार तथा संबंधियों का भरण-पोषण, और अनुमत पूँजी खाता प्रयोजनों के लिए जैसे विदेश में संपत्ति या शेयर खरीदना। यह सीमा 2015 में इस आँकड़े तक बढ़ाई गई।

विकल्प क, पच्चीस हज़ार डॉलर, 2004 में योजना शुरू होने के समय की सीमा थी, अतः वह केवल ऐतिहासिक रूप से सही है। विकल्प ख, एक लाख डॉलर, मध्यवर्ती सीमा रही, और 2013 में थोड़े समय के लिए यह घटाकर पचहत्तर हज़ार भी की गई थी, फिर बढ़ा दी गई। विकल्प घ, दस लाख डॉलर, एक अलग सुविधा की सीमा है, अर्थात किसी अनिवासी भारतीय द्वारा अनिवासी साधारण खाते या उत्तराधिकार में मिली संपत्ति से एक वित्तीय वर्ष में परिसंपत्तियों का प्रेषण। योजना लॉटरी, मार्जिन व्यापार या असहयोगी घोषित देशों को प्रेषण की अनुमति नहीं देती।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

आईसीसी इनकोटर्म्स के अनुसार सीआईएफ शर्तों वाली संविदा में विक्रेता किसकी लागत वहन करता है?

  1. A.केवल अपने परिसर में माल उपलब्ध कराने की
  2. B.नामित गंतव्य बंदरगाह तक भाड़ा और समुद्री बीमा की
  3. C.गंतव्य पर सभी आयात शुल्क और करों की
  4. D.केवल क्रेता के देश में आंतरिक ढुलाई की
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नामित गंतव्य बंदरगाह तक भाड़ा और समुद्री बीमा की

व्याख्या

सही उत्तर है ख, नामित गंतव्य बंदरगाह तक भाड़ा और समुद्री बीमा की। सीआईएफ का अर्थ है लागत, बीमा और भाड़ा: विक्रेता माल की लागत देता है, नामित गंतव्य बंदरगाह तक भाड़े की संविदा करता और भुगतान करता है, तथा क्रेता के हित में समुद्री बीमा कराता है। किंतु जोखिम लदान बंदरगाह पर माल जहाज़ पर चढ़ने के साथ ही हस्तांतरित हो जाता है, और यही इस पद का जाल है।

विकल्प क एक्स वर्क्स का वर्णन है, जिसमें विक्रेता केवल अपने परिसर में माल क्रेता के निपटान हेतु रख देता है और उसके बाद सब व्यवस्था क्रेता करता है। विकल्प ग डीडीपी का वर्णन है, जो विक्रेता पर अधिकतम दायित्व डालता है, जिसमें आयात के लिए माल छुड़ाना और शुल्क चुकाना शामिल है। विकल्प घ कोई इनकोटर्म ही नहीं है। विक्रेता के दायित्व की सीढ़ी याद रखें: एक्स वर्क्स, एफओबी, सीएफआर, सीआईएफ, डीडीपी; और यह भी कि सीएफआर बीमा के बिना सीआईएफ है।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

आरटीजीएस, एनईएफटी तथा देशी साख पत्रों के लिए प्रयुक्त भारत की अपनी सुरक्षित वित्तीय संदेश रीढ़ कौन-सी है?

  1. A.संरचित वित्तीय संदेश प्रणाली
  2. B.राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह
  3. C.चेक ट्रंकेशन प्रणाली
  4. D.केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संरचित वित्तीय संदेश प्रणाली

व्याख्या

सही उत्तर है क, संरचित वित्तीय संदेश प्रणाली। हैदराबाद के बैंकिंग प्रौद्योगिकी विकास एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित और बैंकिंग क्षेत्र के इनफिनेट नेटवर्क पर आधारित यह प्रणाली रिज़र्व बैंक की वास्तविक समय सकल निपटान तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण के पीछे के सुरक्षित, मानकीकृत संदेश ढोती है, और भारतीय बैंकों के बीच देशी साख पत्रों के लिए भी काम आती है। यह वस्तुतः स्विफ्ट का घरेलू समतुल्य है।

विकल्प ख, राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की वेतन, लाभांश, सब्सिडी तथा आवर्ती नामे की थोक भुगतान सेवा है, कोई संदेश मानक नहीं। विकल्प ग, चेक ट्रंकेशन प्रणाली, कागज़ भेजने के बजाय चेकों के इलेक्ट्रॉनिक चित्र बदलकर समाशोधन करती है। विकल्प घ ढीला वर्णन है, किसी प्रणाली का नाम नहीं। याद रखने योग्य बात यह है कि स्विफ्ट सीमा-पार संदेशों के लिए है, जबकि यह प्रणाली, आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस और यूपीआई घरेलू हैं।

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