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GK क्विजबैंकिंग और वित्तीय जागरूकता

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज: सेट 32

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता मिश्रित क्विज़ (सेट 32) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 9 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: डी-एसआईबी, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) और बैंक पर्यवेक्षण, बैंक धोखाधड़ी, साइबर सुरक्षा और ग्राहक देयता, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां और क्रेडिट ब्यूरो (सिबिल) और अन्य। इनमें से 1 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय रिज़र्व बैंक के वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.केंद्रीय वित्त मंत्री
  2. B.भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर
  3. C.वित्त सचिव
  4. D.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर है। वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड नवंबर 1994 में इसलिए गठित हुआ कि बैंकों, चुनिंदा अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पर्यवेक्षण पर अविभाजित ध्यान मिले। यह रिज़र्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की समिति है, जिसके अध्यक्ष गवर्नर होते हैं, एक डिप्टी गवर्नर उपाध्यक्ष होते हैं और केंद्रीय बोर्ड के कुछ सदस्य इसमें रहते हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि केंद्रीय वित्त मंत्री सरकार की वित्तीय मशीनरी के मुखिया हैं, रिज़र्व बैंक की समिति के नहीं; बैंकों का पर्यवेक्षण केंद्रीय बैंक का काम है जिसे मंत्रालय से दूरी पर रखा जाता है। विकल्प C, वित्त सचिव, सरकार में आर्थिक कार्य विभाग के मुखिया हैं और यहाँ अध्यक्षता की कोई भूमिका नहीं रखते। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड प्रतिभूति बाज़ारों का नियमन करता है, जो अलग क्षेत्र है। बैंक के निरीक्षण की वैधानिक शक्ति बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 से आती है।

Q2.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बुनियादी बचत बैंक जमा खाते में चार से सात कार्य दिवसों में तृतीय पक्ष उल्लंघन की सूचना देने वाले ग्राहक की अधिकतम देयता कितनी है?

  1. A.5,000 रुपये
  2. B.10,000 रुपये
  3. C.25,000 रुपये
  4. D.हर स्थिति में शून्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 5,000 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर A, 5,000 रुपये है। रिज़र्व बैंक की देयता तालिका सबसे कम सीमा बुनियादी बचत बैंक जमा खातों के लिए रखती है, जो वित्तीय समावेशन के लिए खोले जाने वाले सुविधाहीन खाते हैं, क्योंकि उनके धारक नुकसान सहने में सबसे कम समर्थ होते हैं। ग्राहक लेनदेन का मूल्य या पाँच हज़ार रुपये, जो कम हो, देता है, इसलिए दो हज़ार रुपये की धोखाधड़ी में ग्राहक को दो हज़ार ही देना होगा, पाँच नहीं।

विकल्प B, 10,000 रुपये, सामान्य बचत खातों, प्रीपेड भुगतान उपकरणों और उपहार कार्डों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के चालू या ओवरड्राफ़्ट खातों, पच्चीस लाख रुपये तक सीमा वाले व्यक्तिगत चालू खातों तथा पाँच लाख रुपये तक सीमा वाले क्रेडिट कार्डों की सीमा है। विकल्प C, 25,000 रुपये, अन्य चालू, नकद उधार और ओवरड्राफ़्ट खातों तथा पाँच लाख से ऊपर सीमा वाले क्रेडिट कार्डों की सीमा है। विकल्प D गलत है क्योंकि शून्य देयता के लिए तीन कार्य दिवसों में सूचना चाहिए।

Q3.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

आरबीआई की देयता तालिका के अनुसार पाँच लाख रुपये से ऊपर सीमा वाले क्रेडिट कार्ड पर ग्राहक की अधिकतम देयता कितनी है?

  1. A.5,000 रुपये
  2. B.10,000 रुपये
  3. C.25,000 रुपये
  4. D.50,000 रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 25,000 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर C, 25,000 रुपये है। तालिका की सबसे ऊँची सीमा अन्य चालू, नकद उधार और ओवरड्राफ़्ट खातों तथा उन क्रेडिट कार्डों पर लागू है जिनकी सीमा पाँच लाख रुपये से अधिक है। तालिका का तर्क यही है कि खाता जितना बड़ा, ग्राहक से उतनी अधिक निगरानी की अपेक्षा, इसलिए सुविधा के आकार के साथ सीमा बढ़ती है।

विकल्प A, 5,000 रुपये, केवल बुनियादी बचत बैंक जमा खातों पर लागू है। विकल्प B, 10,000 रुपये, सामान्य बचत खातों, प्रीपेड भुगतान उपकरणों और उपहार कार्डों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम चालू खातों, पच्चीस लाख रुपये तक सीमा वाले व्यक्तिगत चालू खातों तथा पाँच लाख रुपये तक सीमा वाले क्रेडिट कार्डों पर लागू है, इसलिए पाँच लाख की सीमा दस हज़ार और पच्चीस हज़ार की पंक्तियों के बीच विभाजक रेखा है। विकल्प D, 50,000 रुपये, तालिका में कहीं नहीं आता और शुद्ध भ्रम है।

Q4.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के संशोधित त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई ढाँचे में लाभप्रदता की जगह किस मानक ने ली?

  1. A.तरलता
  2. B.उत्तोलन
  3. C.ऋण वृद्धि
  4. D.प्रावधान कवरेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तोलन

व्याख्या

सही उत्तर B, उत्तोलन है। 2017 का ढाँचा पूँजी, आस्ति गुणवत्ता और लाभप्रदता देखता था, जिसमें लाभप्रदता का सूचक आस्तियों पर प्रतिफल था। 2 नवंबर 2021 को अधिसूचित और 1 जनवरी 2022 से प्रभावी संशोधित ढाँचा पूँजी और आस्ति गुणवत्ता रखता है, पर लाभप्रदता हटाकर तीसरे मुख्य क्षेत्र के रूप में उत्तोलन लाता है, जिसे टियर 1 लीवरेज अनुपात से मापा जाता है। संशोधित ढाँचे से यही बिंदु सबसे अधिक पूछा जाता है।

विकल्प A, तरलता, तरलता कवरेज अनुपात और शुद्ध स्थिर निधीयन अनुपात से संभाली जाती है, पीसीए मानकों से नहीं। विकल्प C, ऋण वृद्धि, पर्यवेक्षक अन्य तरीकों से नज़र रखता है, पर यह पीसीए का ट्रिगर नहीं है। विकल्प D, प्रावधान कवरेज, बताता है कि बैंक ने फँसे ऋणों के लिए कितना अलग रखा है; यह पर्यवेक्षी अपेक्षा है, पीसीए मानक नहीं। इसलिए याद रखने योग्य तीन क्षेत्र हैं: पूँजी, आस्ति गुणवत्ता और उत्तोलन।

Q5.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को जोखिम भारित आस्तियों पर न्यूनतम कितना पूँजी अनुपात रखना होता है?

  1. A.8 प्रतिशत
  2. B.9 प्रतिशत
  3. C.10.5 प्रतिशत
  4. D.11.5 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 9 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर B, 9 प्रतिशत है। भारत बासल III लागू करता है पर न्यूनतम कड़ा रखता है: जोखिम भारित आस्तियों पर पूँजी अनुपात कम से कम नौ प्रतिशत होना चाहिए, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर 1 कम से कम 5.5 प्रतिशत और टियर 1 कम से कम सात प्रतिशत हो। रिज़र्व बैंक ने भारतीय न्यूनतम को वैश्विक न्यूनतम से लगातार एक प्रतिशत बिंदु ऊपर रखा है।

विकल्प A, 8 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय बासल III का न्यूनतम कुल पूँजी अनुपात है और इस प्रश्न में सबसे आम गलती यही है। विकल्प C, 10.5 प्रतिशत, बासल के आठ प्रतिशत में 2.5 प्रतिशत पूँजी संरक्षण बफर जोड़ने से बनता है, जो बफर सहित वैश्विक अपेक्षा है। विकल्प D, 11.5 प्रतिशत, भारत के नौ प्रतिशत में 2.5 प्रतिशत संरक्षण बफर जोड़ने से बनता है, जो बफर गिनने पर भारत की प्रभावी अपेक्षा है, पर प्रश्न में पूछा गया न्यूनतम अनुपात नौ प्रतिशत ही है।

Q6.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

वर्ष 1991 में स्थापित इकरा का प्रवर्तन किस वित्तीय संस्था ने किया था?

  1. A.आईडीबीआई
  2. B.आईएफसीआई
  3. C.आईसीआईसीआई
  4. D.सिडबी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईएफसीआई

व्याख्या

सही उत्तर B, आईएफसीआई है। इन्वेस्टमेंट इन्फॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया लिमिटेड वर्ष 1991 में भारतीय औद्योगिक वित्त निगम के प्रवर्तन से स्थापित हुई, और आगे मूडीज ने उसमें बहुसंख्यक हिस्सेदारी ले ली। विकल्प A गलत है, क्योंकि आईडीबीआई, अर्थात भारतीय औद्योगिक विकास बैंक, ने वर्ष 1993 में केयर अर्थात क्रेडिट एनालिसिस एंड रिसर्च लिमिटेड का प्रवर्तन किया। विकल्प C गलत है, क्योंकि आईसीआईसीआई ने वर्ष 1987 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के साथ क्रिसिल का प्रवर्तन किया, जिससे क्रिसिल देश की पहली रेटिंग एजेंसी बनी। विकल्प D गलत है, क्योंकि सिडबी स्वयं वर्ष 1990 में लघु उद्योग के वित्तपोषण के लिए बनी और उसने इस प्रकार की कोई रेटिंग एजेंसी नहीं बनाई। ध्यान देने योग्य प्रतिरूप यह है कि भारत की पहली तीन रेटिंग एजेंसियां भिन्न-भिन्न विकास वित्त संस्थाओं ने खड़ी कीं।

Q7.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

बैंकों द्वारा सूचित धोखाधड़ियों का खोजने योग्य डेटाबेस, केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री, कौन रखता है?

  1. A.केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
  2. B.भारतीय रिज़र्व बैंक
  3. C.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
  4. D.भारतीय बैंक संघ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय रिज़र्व बैंक

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय रिज़र्व बैंक है। बैंक धोखाधड़ियाँ रिज़र्व बैंक को सूचित करते हैं, जो उन्हें केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री में रखता है और इस डेटाबेस को बैंकों के लिए खोजने योग्य बनाता है। इससे कोई ऋणदाता ऋण मंज़ूर करने से पहले देख सकता है कि उधारकर्ता, प्रवर्तक या फ़र्म कहीं और धोखाधड़ी से जुड़ी है या नहीं, और वह खाई बंद होती है जिससे चूककर्ता एक बैंक से दूसरे बैंक जा लेता था।

विकल्प A, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, उसे भेजी गई बड़ी धोखाधड़ियों की जाँच करता है पर यह रजिस्ट्री नहीं रखता। विकल्प C, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, प्रतिभूति बाज़ारों का नियमन करता है और बाज़ार अपराधों का अपना अभिलेख रखता है, बैंक धोखाधड़ियों का नहीं। विकल्प D, भारतीय बैंक संघ, उद्योग निकाय है और बैंकों के लिए साझा मार्गदर्शन जारी करता है, पर उसके पास ऐसा वैधानिक डेटाबेस नहीं है। केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री के साथ बड़े ऋणों की सूचना का केंद्रीय भंडार भी याद रखें, जो धोखाधड़ी के बजाय बड़े जोखिम पर नज़र रखता है।

Q8.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.2005
  2. B.2008
  3. C.2010
  4. D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2008

व्याख्या

सही उत्तर B, 2008 है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम 2008 में भारतीय रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल पर भारत में खुदरा भुगतानों की छत्र संस्था के रूप में निगमित हुआ, और यह कंपनी अधिनियम की वर्तमान धारा 8 के अंतर्गत लाभ-निरपेक्ष कंपनी है। विकल्प A गलत है क्योंकि 2005 तो भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम से भी पहले का वर्ष है, जो 2007 में पारित हुआ और जिसके अंतर्गत एनपीसीआई की प्रणालियां प्राधिकृत होती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 2010 वह वर्ष है जब एनपीसीआई ने तत्काल भुगतान सेवा यानी आईएमपीएस आरंभ की, स्थापना का वर्ष नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2016 में एनपीसीआई ने अपना सर्वाधिक प्रसिद्ध उत्पाद यूपीआई आरंभ किया; अभ्यर्थी प्रायः यूपीआई का वर्ष एनपीसीआई का वर्ष मान लेते हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है।

Q9.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

डी-एसआईबी ढाँचे में बैंक का प्रणालीगत महत्व अंक निकालने वाले चार सूचकों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

  1. A.आकार
  2. B.अंतर-संबद्धता
  3. C.लाभप्रदता
  4. D.जटिलता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लाभप्रदता

व्याख्या

सही उत्तर C, लाभप्रदता है। बैंक का प्रणालीगत महत्व अंक चार सूचकों से बनता है: आकार, अंतर-संबद्धता, प्रतिस्थापनीयता और जटिलता। सबसे अधिक भार आकार को मिलता है, क्योंकि बैंक की बही का पैमाना ही तय करता है कि उसके डूबने से कितना नुकसान होगा। लाभप्रदता का प्रणालीगत महत्व से कोई लेना-देना नहीं; बहुत लाभ कमाने वाला बैंक छोटा हो सकता है और घाटे वाला बैंक प्रणालीगत हो सकता है।

विकल्प A, आकार, पहला और सबसे भारी सूचक है। विकल्प B, अंतर-संबद्धता, बताता है कि बैंक अन्य वित्तीय संस्थाओं को कितना उधार देता और उनसे कितना लेता है, क्योंकि यही कड़ियाँ संकट फैलाती हैं। विकल्प D, जटिलता, बताता है कि बैंक का कारोबार और उसके उपकरण कितने जटिल हैं, क्योंकि जटिल बैंक को संकट में समेटना कठिन होता है। चौथा सूचक प्रतिस्थापनीयता पूछता है कि उसकी सेवाएँ, जैसे भुगतान और अभिरक्षा, दूसरे बैंक कितनी आसानी से सँभाल सकते हैं।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

वित्तीय आसूचना इकाई भारत की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1996
  2. B.2002
  3. C.2004
  4. D.2010
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2004

व्याख्या

सही उत्तर C, 2004 है। वित्तीय आसूचना इकाई भारत को भारत सरकार ने नवंबर 2004 में उस केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में स्थापित किया जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की सूचना प्राप्त करे, संसाधित करे, विश्लेषण करे और वितरित करे। यह वित्तीय आसूचना का राष्ट्रीय केंद्र है, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन काम करती है और आर्थिक आसूचना परिषद को रिपोर्ट करती है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 1996 में ऐसी कोई इकाई नहीं थी; जिस कानून से रिपोर्टिंग व्यवस्था बनी वह तब तक पारित ही नहीं हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 2002 धन शोधन निवारण अधिनियम के अधिनियमन का वर्ष है, जो इकाई की स्थापना से दो वर्ष और अधिनियम के लागू होने से तीन वर्ष पहले है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2010 वह वर्ष है जब भारत वित्तीय कार्रवाई कार्य बल का पूर्ण सदस्य बना, जब तक यह इकाई छह वर्ष काम कर चुकी थी।

Q11.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताआसान

भारत में वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर कौन है?

  1. A.1091
  2. B.1930
  3. C.14448
  4. D.1800
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1930

व्याख्या

सही उत्तर B, 1930 है। यह नंबर गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग व्यवस्था के तहत चलता है और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के साथ वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तुरंत सूचना के लिए है। पहले घंटों में की गई कॉल से रकम का पीछा किया जा सकता है और जिन खातों में वह भेजी गई है वहाँ उसे रोका जा सकता है, इसीलिए यहाँ कागज़ी कार्रवाई से ज़्यादा गति मायने रखती है।

विकल्प A, 1091, महिला हेल्पलाइन है और इससे असंबद्ध है। विकल्प C, 14448, रिज़र्व बैंक का अपना नंबर है, जो उसकी लोकपाल और उपभोक्ता शिक्षा व्यवस्था के लिए है और बैंक के विरुद्ध शिकायत के लिए प्रयोग होता है, अपराध की सूचना के लिए नहीं; इसलिए यह अच्छा भ्रम है। विकल्प D, 1800, भारत में टोल-फ़्री नंबरों का उपसर्ग मात्र है और अपने आप में हेल्पलाइन नहीं। साइबर धोखाधड़ी के लिए 1930 और बैंकिंग लोकपाल के लिए 14448 याद रखें।

Q12.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

लीड बैंक योजना के अंतर्गत जिला परामर्शदात्री समिति की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट
  2. B.लीड जिला प्रबंधक
  3. C.रिज़र्व बैंक का क्षेत्रीय निदेशक
  4. D.एसएलबीसी संयोजक बैंक का प्रमुख
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट

व्याख्या

सही उत्तर A, जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट है। जिला परामर्शदात्री समिति जिले का कार्यकारी समन्वय मंच है, जो वहां कार्यरत सभी बैंकों, जिला प्रशासन तथा विकास अभिकरणों को एक साथ लाती है, और इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करते हैं जिससे प्रशासन और बैंक एक ही प्राधिकार के नीचे बैठें। विकल्प B गलत है पर यही आम जाल है: लीड जिला प्रबंधक समिति का संयोजक होता है, जो बैठक बुलाता है, कार्यसूची बांटता है और अभिलेख रखता है, अध्यक्ष नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक राज्य स्तरीय बैठकों में उपस्थित रहते हैं और योजना की निगरानी करते हैं, पर जिला मंच की अध्यक्षता नहीं करते। विकल्प D गलत है क्योंकि संयोजक बैंक का प्रमुख राज्य स्तरीय बैंकर समिति की अध्यक्षता करता है। प्रतिरूप याद रखें: जिलाधिकारी दोनों जिला मंचों की अध्यक्षता करते हैं, लीड जिला प्रबंधक जिला परामर्शदात्री समिति का संयोजन और प्रखंड समिति की अध्यक्षता करता है।

Q13.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

बड़े ऋणों की सूचना के केंद्रीय भंडार (CRILC) में बैंक कितनी कुल जोखिम राशि से ऊपर के उधारकर्ताओं का ब्योरा देते हैं?

  1. A.एक करोड़ रुपये
  2. B.पाँच करोड़ रुपये
  3. C.दस करोड़ रुपये
  4. D.पचास करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पाँच करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, पाँच करोड़ रुपये है। बड़े ऋणों की सूचना का केंद्रीय भंडार, जिसे संक्षेप में CRILC कहते हैं, रिज़र्व बैंक का वह डेटाबेस है जिसमें बैंक हर उस उधारकर्ता का ब्योरा देते हैं जिसकी कुल जोखिम राशि, निधि आधारित और गैर-निधि आधारित मिलाकर, पाँच करोड़ रुपये या अधिक है। उद्देश्य दबाव की जल्दी पहचान है: एक ऋणदाता के यहाँ चूक शुरू होते ही बाकी सब ऋणदाताओं को दिख जाता है।

विकल्प A, एक करोड़, बहुत नीचे है और इससे भंडार छोटे खातों से भर जाएगा। विकल्प C, दस करोड़, और विकल्प D, पचास करोड़, बहुत ऊँचे हैं और इससे बड़े दबाव वाले खाते नज़र से बच जाएँगे। CRILC के साथ यह भी याद रखें कि केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री बैंकों द्वारा सूचित धोखाधड़ियों का रिज़र्व बैंक का डेटाबेस है, और दोनों दूरस्थ निगरानी के औज़ार हैं जो जोखिम आधारित पर्यवेक्षण में मौके पर निरीक्षण के साथ काम करते हैं।

Q14.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

कौन सी लघु बचत योजना इस प्रकार बनाई गई है कि निवेशित राशि अधिसूचित अवधि में दुगुनी हो जाए?

  1. A.राष्ट्रीय बचत पत्र
  2. B.किसान विकास पत्र
  3. C.लोक भविष्य निधि
  4. D.डाकघर मासिक आय योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसान विकास पत्र

व्याख्या

सही उत्तर B, किसान विकास पत्र है। किसान विकास पत्र ऐसे प्रमाणपत्र के रूप में बेचा जाता है जिसमें निवेशित राशि सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि में दुगुनी हो जाती है, और ब्याज दर संशोधित होने पर वह अवधि घटती-बढ़ती रहती है। विकल्प A, राष्ट्रीय बचत पत्र, गलत है; वह पाँच वर्ष का प्रमाणपत्र है जिस पर ब्याज जुड़ता है पर राशि दुगुनी नहीं होती। विकल्प C, लोक भविष्य निधि, गलत है क्योंकि वह वार्षिक जमा वाला पंद्रह वर्षीय खाता है, दुगुना करने के वादे वाला एकल प्रमाणपत्र नहीं। विकल्प D, डाकघर मासिक आय योजना, गलत है क्योंकि वह हर माह ब्याज देती है और पाँच वर्ष के अंत में मूलधन लौटाती है। यह भी ध्यान रखें कि एनएससी के विपरीत किसान विकास पत्र को धारा 80सी की कोई कटौती नहीं मिलती।

Q15.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके प्रतिरूपण द्वारा छल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की किस धारा के तहत दंडनीय है?

  1. A.धारा 43
  2. B.धारा 66C
  3. C.धारा 66D
  4. D.धारा 72
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. धारा 66D

व्याख्या

सही उत्तर C, धारा 66D है। यह धारा उस व्यक्ति को दंडित करती है जो किसी संचार उपकरण या कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से प्रतिरूपण करके छल करता है, और फ़िशिंग वेबसाइट या बैंक अधिकारी बनकर फ़ोन करने वाला ठीक यही करता है। ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में आपराधिक विधि के सामान्य छल प्रावधानों के साथ यही धारा सबसे अधिक लगाई जाती है।

विकल्प A, धारा 43, कंप्यूटर या कंप्यूटर प्रणाली को हुए नुकसान पर प्रतिकर का प्रावधान करती है और यह आपराधिक दंड के बजाय दीवानी उपाय है। विकल्प B, धारा 66C, पहचान चोरी से जुड़ी है, यानी किसी दूसरे के इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, पासवर्ड या अनन्य पहचान का बेईमानी से उपयोग; यह निकट से जुड़ी है और अभ्यर्थी इसी को मुख्य विकल्प के रूप में चुनते हैं। विकल्प D, धारा 72, उस व्यक्ति द्वारा गोपनीयता और निजता के भंग को दंडित करती है जिसने इस अधिनियम के तहत अभिलेखों तक पहुँच पाई हो। पहचान चोरी के लिए 66C और प्रतिरूपण से छल के लिए 66D याद करें।

Q16.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

सेबी के आदेशों के विरुद्ध अपील किस मंच पर की जाती है?

  1. A.राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण
  2. B.प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण
  3. C.ऋण वसूली अधिकरण
  4. D.बंबई उच्च न्यायालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण है। यह अधिकरण सेबी अधिनियम के अंतर्गत बना और मुंबई में बैठता है; वित्त अधिनियम 2017 के बाद वह इरडाई और पीएफआरडीए के आदेशों की अपील भी सुनता है, इसलिए एक ही अधिकरण अब तीन नियामकों के लिए काम करता है। अधिकरण से आगे विधि के प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय में अपील होती है। विकल्प A गलत है; राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण कंपनी विधि के मामले और दिवाला संहिता के अंतर्गत कॉर्पोरेट दिवाला देखता है, जिसकी अपील राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण में होती है। विकल्प C गलत है; ऋण वसूली अधिकरण बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की वसूली तथा संहिता के अंतर्गत व्यक्तियों और साझेदारी फर्मों का दिवाला देखता है, जिसकी अपील ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण में होती है। विकल्प D गलत है; असाधारण मामलों में उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता ली जा सकती है, पर सांविधिक अपील प्रतिभूति अपीलीय अधिकरण में ही होती है।

Q17.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय रिज़र्व बैंक की पॉज़िटिव पे प्रणाली कितने मूल्य और उससे अधिक के चेकों पर लागू होती है?

  1. A.10,000 रुपये
  2. B.50,000 रुपये
  3. C.2 लाख रुपये
  4. D.5 लाख रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 50,000 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर B, 50,000 रुपये है। पॉज़िटिव पे प्रणाली में बड़े मूल्य के चेक का जारीकर्ता मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग जैसे माध्यम से बैंक को मुख्य विवरण, जैसे तिथि, लाभार्थी का नाम और राशि, भेजता है, और भुगतान करने वाला बैंक चेक चुकाने से पहले उन विवरणों से मिलान करता है। यह प्रणाली पचास हज़ार रुपये और उससे अधिक के चेकों को कवर करती है, क्योंकि ठग को छेड़छाड़ की मेहनत इसी स्तर से ऊपर सार्थक लगती है।

विकल्प A, 10,000 रुपये, सीमा से नीचे है और इससे लगभग हर चेक आ जाएगा, जिससे बड़े मूल्य पर ध्यान देने का उद्देश्य ही टूट जाएगा। विकल्प C, 2 लाख रुपये, इस व्यवस्था में नहीं आता। विकल्प D, 5 लाख रुपये, वह मूल्य है जिससे ऊपर बैंक इस सुविधा को अपने ग्राहकों के लिए वैकल्पिक के बजाय अनिवार्य बना सकते हैं, इसलिए यह आधा सही उत्तर और यहाँ का मुख्य जाल है। कवरेज सीमा के लिए पचास हज़ार और अनिवार्य बनाने के स्तर के लिए पाँच लाख याद रखें।

Q18.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: SSC CGL · 20 Aug 2021, Shift 3मध्यम

'इकोरैप रिपोर्ट' मई 2020 में निम्नलिखित में से किस बैंक द्वारा प्रकाशित की गई थी?

  1. A.आरबीआई
  2. B.एसबीआई
  3. C.एचडीएफसी बैंक
  4. D.आईसीआईसीआई बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एसबीआई

व्याख्या

सही उत्तर है B, एसबीआई। इकोरैप भारतीय स्टेट बैंक की शोध रिपोर्ट है, जिसे उसका आर्थिक अनुसंधान विभाग प्रकाशित करता है।

इकोरैप एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार की टीम तैयार करती है और इसमें वृद्धि दर, मुद्रास्फीति, बैंक ऋण, सरकारी वित्त तथा परिवारों की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी रहती है। समाचार पत्रों में इसका खूब उल्लेख होता है, क्योंकि यह अक्सर सरकारी आँकड़े आने से पहले ही सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि या राजकोषीय स्थिति का अनुमान दे देती है। मई 2020 के अंक में कोविड-19 लॉकडाउन से आय और आर्थिक गतिविधियों को हुए नुकसान का अध्ययन किया गया था। एसबीआई देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है और इसका मुख्यालय मुंबई में है।

A गलत है: रिज़र्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट, वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट निकालता है, इकोरैप नहीं। C गलत है: एचडीएफसी बैंक इस नाम की कोई रिपोर्ट नहीं निकालता। D गलत है: आईसीआईसीआई बैंक भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं निकालता।

परीक्षा टिप: इकोरैप एसबीआई रिसर्च की है, जबकि रिज़र्व बैंक की प्रसिद्ध रिपोर्टें वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट और मौद्रिक नीति रिपोर्ट हैं।

Q19.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतामध्यम

बैंक तीस दिन में शिकायत का निपटान न करे तो ग्राहक किस योजना के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक के पास निःशुल्क जा सकता है?

  1. A.बैंकिंग संहिता और मानक योजना
  2. B.भारतीय रिज़र्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2021
  3. C.जमा बीमा योजना
  4. D.उपभोक्ता कल्याण निधि योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय रिज़र्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2021

व्याख्या

सही उत्तर B, भारतीय रिज़र्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 है। इस योजना ने बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और डिजिटल लेनदेन की अलग-अलग लोकपाल योजनाओं को मिलाकर एक राष्ट्र एक लोकपाल की व्यवस्था बनाई, जिसमें किसी भी भाषा में शिकायत लेने और संसाधित करने के लिए एक केंद्रीकृत केंद्र है। शिकायत ग्राहक के लिए निःशुल्क है और बैंक तीस दिन में मामला न निपटाए या उसे अस्वीकार कर दे, तब दाखिल की जा सकती है।

विकल्प A उन स्वैच्छिक संहिताओं की ओर संकेत करता है जिनमें बैंक उचित व्यवहार का वचन देते हैं, पर वे इस तरह का निवारण मंच नहीं हैं। विकल्प C, जमा बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम की जमा बीमा योजना, बैंक विफल होने पर निर्धारित सीमा तक जमा की रक्षा करती है, जो बिलकुल दूसरा उद्देश्य है। विकल्प D बैंकिंग शिकायतों के लिए रिज़र्व बैंक की योजना नहीं है। लोकपाल बैंक की आंतरिक शिकायत व्यवस्था के बाद का चरण है, उसका विकल्प नहीं।

Q20.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकताकठिन

भारतीय रुपये की पूर्ण पूँजी खाता परिवर्तनीयता की दिशा किस समिति ने बताई?

  1. A.नरसिंहम समिति
  2. B.तारापोर समिति
  3. C.रंगराजन समिति
  4. D.चक्रवर्ती समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तारापोर समिति

व्याख्या

सही उत्तर B, तारापोर समिति है। एस. एस. तारापोर की अध्यक्षता वाली समिति ने रिजर्व बैंक के लिए पूँजी खाता परिवर्तनीयता की जाँच की और उसकी पूर्व शर्तें तथा चरणबद्ध मार्ग बताया; रुपया चालू खाते पर पूर्णतः परिवर्तनीय है किंतु पूँजी खाते पर आंशिक रूप से। विकल्प A गलत है क्योंकि नरसिंहम समिति ने बैंकिंग क्षेत्र सुधार पर रिपोर्ट दी और विवेकपूर्ण मानदंडों, पूँजी पर्याप्तता तथा स्तरीय बैंकिंग ढाँचे पर सिफारिशें दीं। विकल्प C गलत है क्योंकि सी. रंगराजन 2008 की वित्तीय समावेशन समिति के अध्यक्ष थे और बाद में उन्होंने गरीबी आकलन पर कार्य किया, परिवर्तनीयता पर नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अस्सी के दशक के मध्य की चक्रवर्ती समिति ने मौद्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और वह मौद्रिक लक्ष्यीकरण पर अपनी सिफारिशों के लिए याद की जाती है।

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