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GK24
भारतीय इतिहासमध्यमपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2025, GS Paper I

'अरघट्ट' नामक सिंचाई उपकरण क्या था?

  1. A.चरखी पर खींचा जाने वाला चमड़े का पानी का थैला
  2. B.एक बड़ा पहिया जिसकी तीलियों के बाहरी सिरों पर मिट्टी के घड़े बँधे होते थे
  3. C.बैलों द्वारा चलाया जाने वाला एक बड़ा मिट्टी का घड़ा
  4. D.रस्सी से सीधे हाथ द्वारा ऊपर खींची जाने वाली पानी की बड़ी बाल्टी

सही उत्तर

B. एक बड़ा पहिया जिसकी तीलियों के बाहरी सिरों पर मिट्टी के घड़े बँधे होते थे

व्याख्या

सही उत्तर है B, एक बड़ा पहिया जिसकी तीलियों के बाहरी सिरों पर मिट्टी के घड़े बँधे होते थे। अरघट्ट पानी उठाने वाला पहिया था, जो घड़ों की माला को कुएँ में नीचे ले जाकर भरे हुए घड़े ऊपर लाता था।

आरंभिक मध्यकाल के संस्कृत ग्रंथों और अभिलेखों में अरघट्ट का उल्लेख कुओं से खेतों की सिंचाई के आम साधन के रूप में मिलता है। पहिया घूमने पर हर घड़ा पानी में डूबता, भरकर ऊपर आता और ऊपर बनी नाली में खाली हो जाता। यही आगे चलकर फ़ारसी पहिये (रहट) का पूर्वज बना, जो दिल्ली सल्तनत और मुगल काल में बैलों से चलने वाले गियर जुड़ने के बाद उत्तर भारत में खूब फैला।

A गलत है: चरखी पर खींचा जाने वाला चमड़े का थैला चरसा या मोट कहलाता है, जो अलग साधन है।

C गलत है: बैलों से चलने वाला एक बड़ा घड़ा कई घड़ों वाले पहिये का वर्णन नहीं है।

D गलत है: हाथ से रस्सी द्वारा खींची गई बाल्टी कुएँ से पानी निकालने का सबसे सरल तरीका है, अरघट्ट नहीं।

परीक्षा टिप: अरघट्ट = घड़ों की माला वाला पहिया; चरसा या मोट = चमड़े का थैला; ढेकुली = लीवर और बाल्टी वाला साधन।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKआसान

अमर-नायक प्रणाली किस भारतीय साम्राज्य के शासकों का प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी?

  1. A.चोल
  2. B.चालुक्य
  3. C.गुप्त
  4. D.विजयनगर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. विजयनगर

व्याख्या

सही उत्तर है D, विजयनगर। अमर-नायक प्रणाली विजयनगर साम्राज्य का प्रमुख राजनीतिक नवाचार थी, जिसके तहत सैन्य कमांडरों को शासन के लिए क्षेत्र दिए जाते थे।

अमर-नायक वे सैन्य प्रमुख थे जिन्हें विजयनगर का राजा अमरम नामक क्षेत्र देता था। वे वहाँ के किसानों, शिल्पकारों और व्यापारियों से कर और अन्य शुल्क वसूलते थे। राजस्व का एक भाग वे अपने उपयोग और राजा के लिए घोड़ों व हाथियों की तय सेना रखने में लगाते थे, और शेष नज़राने के रूप में राजा को देते थे। वे हर वर्ष नज़राना भेजते थे और स्वयं राजदरबार में उपस्थित होते थे। माना जाता है कि यह प्रणाली दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली से प्रेरित थी। सत्रहवीं शताब्दी में कई नायकों ने अलग होकर मदुरै और तंजावुर के नायकों जैसे स्वतंत्र राज्य बनाए।

A गलत है: चोल ग्राम स्वशासन के लिए जाने जाते हैं, जिसका विवरण उत्तरमेरूर अभिलेखों में है।

B गलत है: चालुक्यों ने अमर-नायक प्रणाली विकसित नहीं की।

C गलत है: गुप्त प्रांतों (भुक्ति) और ज़िलों (विषय) के माध्यम से शासन करते थे।

परीक्षा टिप: अमर-नायक = विजयनगर; इक्ता = दिल्ली सल्तनत; मनसबदारी = मुगल; स्थानीय स्वशासन = चोल।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

1857 के विद्रोह के दिनों में निम्नलिखित में से किसे 'डंका शाह' के नाम से जाना जाता था?

  1. A.शाह मल
  2. B.मौलवी अहमदुल्लाह शाह
  3. C.नाना साहिब
  4. D.तात्या टोपे
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मौलवी अहमदुल्लाह शाह

व्याख्या

सही उत्तर है B, मौलवी अहमदुल्लाह शाह। उन्हें डंका शाह, यानी डंका बजाने वाले मौलवी, कहा जाता था, क्योंकि वे जगह-जगह डंके के साथ जाकर अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध प्रचार करते थे।

फ़ैज़ाबाद के अहमदुल्लाह शाह अवध में 1857 के विद्रोह के सबसे दृढ़ नेताओं में थे। विद्रोह से पहले ही उन्होंने उत्तर भारत में घूमकर अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान किया, और उन्हें फ़ैज़ाबाद में कैद किया गया, जहाँ से विद्रोहियों ने उन्हें छुड़ाया। उन्होंने लखनऊ की घेराबंदी में भाग लिया और बाद में रुहेलखंड में प्रतिरोध का नेतृत्व किया। उनके सिर पर बड़ा इनाम रखा गया और जून 1858 में पुवायां के राजा ने उन्हें मारकर उनका सिर अंग्रेज़ों को सौंप दिया।

A गलत है: शाह मल किसान नेता थे, जिन्होंने मेरठ के पास ऊपरी दोआब के बड़ौत क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व किया।

C गलत है: पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहिब ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया।

D गलत है: नाना साहिब के सेनापति तात्या टोपे ने मध्य भारत में रानी लक्ष्मीबाई के साथ युद्ध किया।

परीक्षा टिप: डंका शाह = अहमदुल्लाह शाह (फ़ैज़ाबाद); कानपुर = नाना साहिब; झाँसी = लक्ष्मीबाई; बिहार = कुंवर सिंह; लखनऊ = बेगम हज़रत महल।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS-I 2021, GKमध्यम

1911 में निम्नलिखित में से किसने भारत में अनिवार्य और निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा लागू करने के लिए इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल में एक विधेयक प्रस्तुत किया था?

  1. A.दादाभाई नौरोजी
  2. B.बाल गंगाधर तिलक
  3. C.सर हरकोर्ट बटलर
  4. D.गोपाल कृष्ण गोखले
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. गोपाल कृष्ण गोखले

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोपाल कृष्ण गोखले। गोखले ने 1911 में इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल में प्राथमिक शिक्षा विधेयक रखा, ताकि प्राथमिक शिक्षा निःशुल्क और अनिवार्य हो सके।

गोखले ने यह माँग पहले 1910 में एक प्रस्ताव के माध्यम से उठाई थी। 1911 के उनके विधेयक में प्रस्ताव था कि जिन क्षेत्रों में तय अनुपात में बच्चे पहले से स्कूल जा रहे हों, वहाँ स्थानीय निकाय छह से दस वर्ष के लड़कों के लिए प्राथमिक शिक्षा अनिवार्य कर सकें और खर्च में सरकार भी हिस्सा दे। मार्च 1912 में सरकारी बहुमत ने विधेयक गिरा दिया। पर विचार जीवित रहा: बड़ौदा रियासत 1906 में ही अनिवार्य शिक्षा लागू कर चुकी थी, और 2002 में अनुच्छेद 21A से छह से चौदह वर्ष के बच्चों की निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा मौलिक अधिकार बनी।

A गलत है: दादाभाई नौरोजी धन-निष्कासन सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं और कभी इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य नहीं रहे।

B गलत है: तिलक 1908 से 1914 तक मांडले जेल में बंद थे।

C गलत है: सर हरकोर्ट बटलर सरकार के शिक्षा सदस्य थे और उन्होंने विधेयक का विरोध किया।

परीक्षा टिप: गोखले का विधेयक 1911 (1912 में अस्वीकृत); अनुच्छेद 21A = 86वाँ संशोधन, 2002; RTE अधिनियम, 2009।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

ईश्वरचंद्र विद्यासागर के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं? 1. विद्यासागर के लेखन ने बांग्ला भाषा के विकास में महत्त्वपूर्ण सहायता की 2. उन्हें 'विद्यासागर' की उपाधि प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता से मिली थी 3. वे स्त्री शिक्षा के प्रसार के प्रति उत्साही थे 4. विद्यासागर ने शास्त्रीय समर्थन से आश्वस्त हुए बिना विधवा विवाह का समर्थन किया नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.2 और 4
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 4
  4. D.3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2 और 4। उन्हें विद्यासागर की उपाधि संस्कृत कॉलेज, कलकत्ता से मिली थी और उन्होंने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन शास्त्रों के आधार पर ही किया था।

ईश्वरचंद्र बंद्योपाध्याय (1820–1891) को 1839 में कलकत्ता के संस्कृत कॉलेज से "विद्यासागर", यानी ज्ञान का सागर, की उपाधि मिली और बाद में वे उसी कॉलेज के प्रधानाचार्य बने। उन्होंने पराशर संहिता के उद्धरणों से दिखाया कि शास्त्र स्वयं विधवाओं के पुनर्विवाह की अनुमति देते हैं, और उनके अभियान से 1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। उन्होंने ड्रिंकवाटर बेथ्यून के साथ बालिका विद्यालयों के लिए काम किया और बंगाल में अनेक बालिका विद्यालय खोले। उनकी बांग्ला वर्णमाला पुस्तक वर्ण परिचय और सरल गद्य ने आधुनिक बांग्ला को आकार दिया।

विकल्प B गलत है, क्योंकि कथन 1 सही है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह कथन 2 को छोड़ देता है, जो भी गलत है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 3 सही है; वे स्त्री शिक्षा के प्रबल समर्थक थे।

परीक्षा टिप: विद्यासागर = संस्कृत कॉलेज से उपाधि, पराशर संहिता, विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856, वर्ण परिचय।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iआसान

भगत सिंह के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य नहीं है/हैं? 1. भगत सिंह समाजवादी विचारों से प्रभावित थे 2. वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे 3. भगत सिंह ने 1929 में केंद्रीय विधान सभा में अधिक से अधिक लोगों को मारने के उद्देश्य से बम फेंका था नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.1 और 3
  2. B.2 और 3
  3. C.केवल 2
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केवल 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, केवल 3। केंद्रीय विधान सभा में फेंके गए बम आवाज़ करने और अपनी बात सुनाने के लिए थे, किसी को मारने के लिए नहीं।

8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय विधान सभा के खाली हिस्से में दो कम क्षमता के बम फेंके। यह पब्लिक सेफ़्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल का विरोध था। कोई नहीं मरा। उन्होंने पर्चे फेंके कि "बहरों को सुनाने के लिए ऊँची आवाज़ चाहिए", "इंक़लाब ज़िंदाबाद" के नारे लगाए और गिरफ़्तारी दी, ताकि मुकदमे से उनका संदेश फैले। भगत सिंह ने मार्क्स और लेनिन को पढ़ा था और समाजवाद की ओर झुके थे। वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख सदस्य थे, जो 1928 में फ़िरोज़ शाह कोटला में HRA का नाम बदलकर बनी।

विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन 1 सत्य है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कथन 2 सत्य है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह एक सत्य कथन को असत्य बताता है और असत्य कथन 3 को छोड़ देता है।

परीक्षा टिप: असेंबली बम 8 अप्रैल 1929, भगत सिंह और बी. के. दत्त; 1928 में HRA बना HSRA।