जलवायु अनुकूलन (क्लाइमेट रेज़िलिएंस) के संदर्भ में मैंग्रोव पारितंत्रों के संरक्षण का औचित्य निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करता/करते है/हैं?
1. मैंग्रोव ज्वारीय ऊर्जा को कम करते हैं और मीठा पानी संचित करते हैं, जिससे वे खारे ज्वारनदमुख क्षेत्रों में धान की खेती के लिए आदर्श स्थल बनते हैं।
2. उनकी लवण-संवेदी जड़ें समुद्री जल को छानती हैं, जिससे मैंग्रोव तटीय भूमि को मीठे पानी के जलकृषि क्षेत्रों में बदलने की कुंजी बनते हैं।
3. ज्वारीय लहरों को झेलकर और जैव-संसाधन प्रदान करके मैंग्रोव प्राकृतिक जैव-कवच तथा ग्रामीण समुदायों की आजीविका के आधार, दोनों का काम करते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
मैंग्रोव तूफ़ानी लहरों को तोड़ते हैं और तटीय लोगों की आजीविका चलाते हैं, इसलिए जलवायु अनुकूलन में उनका महत्व है; बाकी दो कथन ऐसी बातें बताते हैं जो मैंग्रोव करते ही नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →