वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत अनुसूची I में सूचीबद्ध प्राणी से जुड़े अपराध के लिए कारावास की अवधि क्या है?
- A.कम से कम एक वर्ष, अधिकतम तीन वर्ष
- B.कम से कम तीन वर्ष, अधिकतम सात वर्ष
- C.केवल छह माह तक
- D.कम से कम सात वर्ष, अधिकतम चौदह वर्ष
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, कम से कम तीन वर्ष, अधिकतम सात वर्ष। अधिनियम की धारा 51 सर्वाधिक संरक्षण वाले प्राणियों से जुड़े अपराधों के लिए यही बढ़ा हुआ दंड जुर्माने के साथ निर्धारित करती है, और 2022 के संशोधन ने जुर्माने की राशि और बढ़ा दी। विकल्प A गलत है क्योंकि एक से तीन वर्ष की अवधि अनुसूची I के अपराधों के लिए तय नहीं है; अधिनियम के सामान्य अपराधों में तीन वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों होते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अधिकतम छह माह का दंड संगठित अवैध शिकार के विरुद्ध कानून को निष्प्रभावी बना देता, जबकि अधिनियम इसी को रोकने के लिए बना था। विकल्प D गलत है क्योंकि चौदह वर्ष की अवधि भारतीय दंड संहिता के गंभीर अपराधों में मिलती है, इस अधिनियम में नहीं। संख्याएं तीन और सात याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972: अनुसूचियां और प्रावधान
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत में शिकार पर रोक लगाने तथा राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को कानूनी दर्जा देने वाला वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम किस वर्ष बनाया गया?
- A.1972
- B.1980
- C.1986
- D.1991
उत्तर देखें
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम को 9 सितंबर 1972 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और यह आज भी देश का प्रमुख वन्यजीव कानून है, जो शिकार, संरक्षित क्षेत्रों, पशु वस्तुओं के व्यापार तथा संरक्षित प्रजातियों की अनुसूचियों को नियंत्रित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 के बाद इस अधिनियम में कितनी अनुसूचियां हैं?
- A.तीन
- B.चार
- C.पांच
- D.छह
उत्तर देखें
वर्ष 2022 के संशोधन ने मूल अधिनियम की अनुसूचियों को तर्कसंगत बनाया: अनुसूची I में सर्वाधिक संरक्षण वाले प्राणी, अनुसूची II में कम संरक्षण वाले प्राणी, अनुसूची III में विनिर्दिष्ट पौधे तथा अनुसूची IV में लुप्तप्राय वन्य जीवों और वनस्पतियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधी अभिसमय साइटीस के परिशिष्टों में सूचीबद्ध…
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्ष 2022 में पुनर्गठित अनुसूचियों के अनुसार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में विनिर्दिष्ट पौधे किस अनुसूची में संरक्षित हैं?
- A.अनुसूची I
- B.अनुसूची II
- C.अनुसूची III
- D.अनुसूची IV
उत्तर देखें
पुनर्गठित अधिनियम में पौधों की अनुसूची पुरानी अनुसूची VI से हटकर नई अनुसूची III बन गई, और इसमें अब भी नीला वांडा, घटपर्णी तथा कुछ संकटग्रस्त आर्किड और साइकैड जैसी प्रजातियां संरक्षित हैं, जिनका उखाड़ना और व्यापार नियंत्रित है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की किस धारा के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जाता है?
- A.धारा 18
- B.धारा 29
- C.धारा 35
- D.धारा 38थ
उत्तर देखें
धारा 35 राज्य सरकार को यह अधिकार देती है कि वह पारिस्थितिक या प्राणिवैज्ञानिक दृष्टि से पर्याप्त महत्व वाले क्षेत्र को राष्ट्रीय उद्यान घोषित करे, जहां चराई की अनुमति नहीं होती और किसी व्यक्ति के अधिकार बने नहीं रह सकते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड का अध्यक्ष कौन होता है?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.भारत के प्रधानमंत्री
- C.केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
- D.मुख्य वन्यजीव वार्डन
उत्तर देखें
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड 2002 के संशोधन द्वारा धारा 5क के अंतर्गत वन्यजीव संबंधी सर्वोच्च सलाहकार निकाय के रूप में बनाया गया और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।
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