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विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 गांधीनगर में शुरू

भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का उद्घाटन किया, जो दक्षिण एशिया में पहली बार हो रहा है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 गांधीनगर में शुरू

चर्चा में क्यों

15 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का उद्घाटन किया, जो दक्षिण एशिया का पहला संस्करण है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 15 सितंबर 2026 को गांधीनगर में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का उद्घाटन किया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल भी उनके साथ थे। यह मंच 15 से 18 सितंबर तक चलेगा। इसका विषय चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन है।

क्षेत्र के लिए पहली बार

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंच दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है। उन्होंने मिशन लाइफ को वैश्विक चक्रीय अर्थव्यवस्था की नींव बताया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण दिया, जहां अर्पित सामग्री को पुनर्चक्रण से उपयोगी संसाधनों में बदला जाता है और स्थानीय लोगों को आजीविका मिलती है।

केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा

भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत के लिए चक्रीय अर्थव्यवस्था कोई नया लक्ष्य नहीं, बल्कि पुरानी सीख को नए दृष्टिकोण से देखने का तरीका है। उन्होंने इस सोच को तीन जोड़ियों में समेटा: बदलने से पहले मरम्मत, फेंकने से पहले पुन: उपयोग और अपशिष्ट बनने से पहले पुनर्चक्रण। उन्होंने कहा कि असली पैमाना यह नहीं कि हम कितना कचरा पुनर्चक्रित करते हैं, बल्कि यह है कि हम कितनी चीज बेकार नहीं जाने देते। उन्होंने चक्रीयता को स्वाभाविक रूप से सहयोगात्मक बताया।

अपशिष्ट से जुड़े आंकड़े

मद, अगस्त 2026 तकआंकड़ा
ईपीआर ढांचों में पंजीकृत उत्पादक83,000 से अधिक
पंजीकृत पुनर्चक्रणकर्ता4,802
विनियमित प्रवाहों में प्रसंस्कृत अपशिष्टलगभग 482.24 लाख मीट्रिक टन
प्रदर्शनी में प्रदर्शक135, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय
प्रतिभागी62 देशों के 3600 से अधिक

अंतरराष्ट्रीय स्वर

फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की ने कहा कि चक्रीयता उनके देश की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि फिनलैंड 2035 तक संसाधनों की खपत को 2015 के स्तर से नीचे रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत में कार्यरत 100 से अधिक फिनिश कंपनियां टिकाऊ प्रौद्योगिकियों पर काम कर रही हैं। नीदरलैंड की मैरीके स्पाइकरबोअर ने कहा कि उनका देश 2050 तक पूरी तरह चक्रीय बनना चाहता है।

और क्या हुआ

उद्घाटन सत्र में दो प्रकाशनों का विमोचन हुआ। ये हैं 'उपचारित सीवेज के पुन: उपयोग के सर्वोत्तम तौर-तरीके' तथा भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था और ईपीआर पहलों की मार्गदर्शिका। आयोजन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनलैंड के इनोवेशन फंड सिट्रा, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मिलकर किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रमविश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026
स्थानगांधीनगर, गुजरात
तिथियां15 से 18 सितंबर 2026
विषयचक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन
उद्घाटनभूपेंद्र यादव तथा भूपेंद्रभाई पटेल
विशेषतादक्षिण एशिया में मंच का पहला आयोजन
ईपीआर में उत्पादकअगस्त 2026 तक 83,000 से अधिक
पुनर्चक्रणकर्ता4,802
प्रसंस्कृत अपशिष्टलगभग 482.24 लाख मीट्रिक टन
भागीदारी62 देशों के 3600 से अधिक हितधारक, 135 प्रदर्शक
आयोजकसीपीसीबी, फिनलैंड का सिट्रा, पर्यावरण मंत्रालय, गुजरात सरकार तथा जीपीसीबी

परीक्षा की दृष्टि से

स्थान गांधीनगर (गुजरात), तिथियां 15 से 18 सितंबर, विषय, उद्घाटन करने वाले दोनों नेता, सह-आयोजक फिनलैंड का सिट्रा तथा ईपीआर के आंकड़े 83,000 उत्पादक और 4,802 पुनर्चक्रणकर्ता याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

गांधीनगर में आयोजित विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का विषय क्या है?

  1. A.चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन
  2. B.हरित कल के लिए कचरे से कंचन
  3. C.एक पृथ्वी, एक संसाधन, एक भविष्य
  4. D.सतत उपभोग और उत्तरदायी उत्पादन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन

व्याख्या

सही उत्तर चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन है, जिस विषय पर यह मंच गांधीनगर में आयोजित किया जा रहा है। विकल्प बी कचरे को कंचन में बदलने की सोच को दोहराता है, जिसका उल्लेख गुजरात के मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपराओं का वर्णन करते हुए अवश्य किया, किंतु वह मंच का विषय नहीं है। विकल्प सी पर्यावरण से जुड़ी बैठकों में प्रयुक्त होने वाला एक गढ़ा हुआ नारा है और विज्ञप्ति में इसका कोई आधार नहीं है। विकल्प डी सतत विकास लक्ष्यों की भाषा से लिया गया है, इसलिए प्रशंसनीय लगता है, पर यहां घोषित विषय यही नहीं है। अभ्यर्थी विषय के साथ इस संस्करण की अन्य पहचान भी याद रखें, जैसे गुजरात का स्थान, 15 से 18 सितंबर की तिथियां और दक्षिण एशिया में पहला आयोजन होने की विशेषता।

Q2.शिखर सम्मेलनकठिन

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का सह-आयोजक इनमें से कौन है?

  1. A.संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
  2. B.फिनलैंड का इनोवेशन फंड सिट्रा
  3. C.विश्व आर्थिक मंच
  4. D.अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फिनलैंड का इनोवेशन फंड सिट्रा

व्याख्या

सही उत्तर फिनलैंड का इनोवेशन फंड सिट्रा है। विज्ञप्ति में आयोजकों के रूप में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यह फिनिश कोष, फिनलैंड सरकार, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार तथा गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गिनाए गए हैं। विकल्प ए गलत है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण संस्था का नाम आयोजकों में नहीं है, भले ही विषय उसके कार्यक्षेत्र में आता हो। विकल्प सी गलत है, क्योंकि गांधीनगर का यह मंच उस संस्था की वार्षिक बैठक से पूरी तरह अलग है। विकल्प डी गलत है, क्योंकि ऊर्जा एजेंसी ऊर्जा बाजारों और सुरक्षा पर काम करती है। फिनलैंड के संबंध को विज्ञप्ति के दूसरे विवरण से भी याद रखें, जिसमें उसके राजदूत ने 2035 तक संसाधन खपत 2015 के स्तर से नीचे रखने की बात कही।

Q3.शिखर सम्मेलनकठिन

अगस्त 2026 तक भारत के ईपीआर ढांचों में कितने पुनर्चक्रणकर्ता पंजीकृत थे?

  1. A.1,802 पुनर्चक्रणकर्ता
  2. B.3,402 पुनर्चक्रणकर्ता
  3. C.4,802 पुनर्चक्रणकर्ता
  4. D.8,300 पुनर्चक्रणकर्ता
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4,802 पुनर्चक्रणकर्ता

व्याख्या

सही उत्तर 4,802 पुनर्चक्रणकर्ता है। यह आंकड़ा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने यह बताते हुए दिया कि नियामक सुधारों और डिजिटल अनुपालन प्रणालियों ने भारत को चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर कैसे बढ़ाया है। इसी वाक्य में दो और आंकड़े आते हैं, जिन्हें साथ में याद रखना चाहिए: विभिन्न ढांचों में तिरासी हजार से अधिक पंजीकृत उत्पादक तथा विनियमित प्रवाहों में प्रसंस्कृत लगभग चार सौ बयासी लाख मीट्रिक टन अपशिष्ट। विकल्प ए और विकल्प बी सही उत्तर के आसपास रखे गए गढ़े हुए आंकड़े हैं, और इसी तरीके से यह परखा जाता है कि अभ्यर्थी को ठीक संख्या याद है या नहीं। विकल्प डी उत्पादकों के आंकड़े का बिगड़ा रूप है और उन लोगों के लिए है जिन्होंने दोनों श्रेणियां मिला दी हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 कहां आयोजित हुआ?

गुजरात के गांधीनगर में, 15 से 18 सितंबर 2026 तक। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने इसका उद्घाटन किया और यह दक्षिण एशिया में मंच का पहला आयोजन है।

इस मंच का विषय क्या है?

'चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन'। मंच में 135 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक तथा 62 देशों और क्षेत्रों के 3600 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।

भारत में ईपीआर ढांचों में कितने उत्पादक और पुनर्चक्रणकर्ता पंजीकृत हैं?

अगस्त 2026 तक विभिन्न ईपीआर ढांचों के अंतर्गत 83,000 से अधिक उत्पादक और 4,802 पुनर्चक्रणकर्ता पंजीकृत थे, तथा लगभग 482.24 लाख मीट्रिक टन अपशिष्ट का प्रसंस्करण हुआ।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS