सिंधिया की अध्यक्षता में राज्यों के आईटी मंत्रियों की गोलमेज
दूरसंचार विभाग ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के साथ राज्यों के आईटी मंत्रियों के साथ गोलमेज बैठक की, जिसमें राइट ऑफ वे सुधार, भारतनेट और 4जी संतृप्ति पर चर्चा हुई।

चर्चा में क्यों
8 अक्टूबर 2026 को दूरसंचार विभाग ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ-साथ राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के आईटी मंत्रियों और सचिवों के साथ गोलमेज बैठक की। ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में राइट ऑफ वे मंजूरियां, भारतनेट तथा 4जी संतृप्ति में तेजी पर चर्चा हुई।
दूरसंचार विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ-साथ राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के आईटी मंत्रियों और आईटी सचिवों के साथ उच्च स्तरीय गोलमेज बैठक की। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की, जिनके साथ राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी तथा दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल उपस्थित रहे। चर्चा का आधार इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ रही।
राज्यों की भूमिका क्यों अहम
दूरसंचार संघ सूची का विषय है, पर मंत्री ने कहा कि डिजिटल ढांचा राज्यों की जमीन पर बिछता है, जिससे राज्य राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 के सह-स्वामी बन जाते हैं। उन्होंने राज्यों से ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने को कहा, यानी राइट ऑफ वे मंजूरियां तेज करना ताकि पूंजी प्रोत्साहन खुलें, भारतनेट तथा 4जी संतृप्ति को अंतिम छोर तक पहुंचाना, संचार साथी से नेटवर्क सुरक्षित करना और समृद्ध ग्राम का विस्तार करना। राइट ऑफ वे, भूमि आवंटन तथा स्थल पहुंच जैसे जमीनी मुद्दों को वह बिंदु बताया गया जहां राज्यों की कार्रवाई गति तय करती है।
राइट ऑफ वे सुधार
बैठक का मुख्य विषय दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियम, 2024 रहा, जो दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत अधिसूचित हुए और 1 जनवरी 2025 से लागू हैं। इन नियमों ने तर्कसंगत शुल्क तथा निर्धारित समय-सीमा के साथ एक समान ढांचा बनाया: सामान्य आवेदन के लिए 67 दिन और भारतनेट जैसी विशेष परियोजनाओं के लिए 7 दिन। बताया गया कि 34 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थानीय निकायों और विभागों को इन नियमों का पालन करने के आदेश जारी किए हैं, और सभी 36 केंद्रीय राइट ऑफ वे पोर्टल पर सक्रिय हैं। वर्ष 2026-27 की पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना, जिसमें 4,000 करोड़ रुपये निर्धारित हैं, को सुधार लागू करने में राज्यों तथा उनकी एजेंसियों के लिए सहायक बताया गया।
भारतनेट और 4जी संतृप्ति
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा हुई। यह कार्यक्रम मौजूदा नेटवर्क का उन्नयन करता है, नई ग्राम पंचायतों के लिए अतिरिक्त ढांचा बनाता है, मांग पर गैर-पंचायत गांवों को जोड़ता है और 1.5 करोड़ फाइबर इंटरनेट कनेक्शन का लक्ष्य रखता है। अगस्त 2026 तक इसके अंतर्गत 55,780 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई और 28,700 ग्राम पंचायतों का उन्नयन कर उन्हें जोड़ा गया। डिजिटल भारत निधि के जरिये मोबाइल सेवा उन क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है जिन्हें कंपनियों ने व्यापारिक कारणों से छोड़ दिया था: 31 अगस्त 2026 तक 25,367 मोबाइल टावर चालू हो चुके थे, जिनसे 35,771 गांव तथा स्थान आच्छादित हुए। 4जी संतृप्ति परियोजना में बीएसएनएल ने स्वदेशी 4जी स्टैक का उपयोग किया है।
सुरक्षा और ग्रामीण सेवाएं
बैठक में संचार साथी पर चर्चा हुई, जिससे नागरिक संदिग्ध संदेशों की शिकायत कर सकते हैं, अपने नाम पर जारी कनेक्शन देख सकते हैं, अनधिकृत कनेक्शन की सूचना दे सकते हैं तथा खोया हुआ फोन बंद या ट्रेस करा सकते हैं; साइबर धोखाधड़ी के विरुद्ध सूचना साझा करने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर भी बात हुई। दूसरा मुख्य विषय समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल रही। समृद्धि केंद्रों के जरिये यह टेली-परामर्श और जांच, डिजिटल कक्षाएं, कौशल विकास, ई-गवर्नेंस, बैंकिंग, मिट्टी परीक्षण, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, रोजगार तथा ई-कॉमर्स एक ही जगह उपलब्ध कराती है। इसका परीक्षण मध्य प्रदेश के उमरी, उत्तर प्रदेश के चौरावाला तथा आंध्र प्रदेश के नरकोडुरु में चल रहा है, और इसे सक्षम वातावरण से जुड़ी एक्शन लाइन सी6 के अंतर्गत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 मिला है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आयोजन | दूरसंचार विभाग की राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के आईटी मंत्रियों और सचिवों के साथ गोलमेज बैठक, इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ |
|---|---|
| अध्यक्षता | ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री |
| अन्य उपस्थित | राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी तथा सचिव अमित अग्रवाल |
| आईएमसी 2026 थीम | ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ |
| मुख्य नियम | दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियम, 2024, दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत; 1 जनवरी 2025 से लागू |
| राइट ऑफ वे समय-सीमा | सामान्य आवेदन 67 दिन; भारतनेट जैसी विशेष परियोजनाएं 7 दिन |
| केंद्रीय राइट ऑफ वे पोर्टल | सभी 36 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सक्रिय; 34 ने आदेश जारी किए |
| एसएएससीआई योजना 2026-27 | 4,000 करोड़ रुपये निर्धारित |
| संशोधित भारतनेट कार्यक्रम | अगस्त 2026 तक 55,780 किलोमीटर फाइबर तथा 28,700 ग्राम पंचायतें; लक्ष्य 1.5 करोड़ फाइबर कनेक्शन |
| डिजिटल भारत निधि | 31 अगस्त 2026 तक 25,367 मोबाइल टावर चालू, 35,771 गांव व स्थान आच्छादित |
| समृद्ध ग्राम | एक्शन लाइन सी6 के अंतर्गत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026; परीक्षण उमरी (मध्य प्रदेश), चौरावाला (उत्तर प्रदेश), नरकोडुरु (आंध्र प्रदेश) |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: अध्यक्षता (ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, साथ में राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी तथा सचिव अमित अग्रवाल), अवसर (इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ, थीम स्केल विदाउट बाउंड्रीज), दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत राइट ऑफ वे नियम 2024 और 67 दिन तथा 7 दिन की समय-सीमा, 2026-27 के लिए 4,000 करोड़ रुपये, भारतनेट के 55,780 किलोमीटर तथा 28,700 ग्राम पंचायतें, 35,771 गांवों को कवर करने वाले 25,367 टावर, तथा समृद्ध ग्राम को डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026।
अभ्यास प्रश्न
दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियम, 2024 के अनुसार सामान्य राइट ऑफ वे आवेदन के निपटान की समय-सीमा क्या है?
- A.30 दिन
- B.45 दिन
- C.60 दिन
- D.67 दिन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 67 दिन है। ये नियम दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत अधिसूचित किए, जो 1 जनवरी 2025 से प्रभावी हुए और इन्होंने दूरसंचार ढांचा बिछाने के लिए एक समान तथा पारदर्शी व्यवस्था बनाई, जिसमें तर्कसंगत शुल्क और समयबद्ध निपटान शामिल है। इन्हीं नियमों में भारतनेट जैसी विशेष परियोजनाओं के लिए केवल 7 दिन की सीमा है, इसलिए प्रश्नपत्र में यही जोड़ी पूछी जाती है। विकल्प ए, बी और सी गोल आंकड़े हैं, जो सरकारी समय-सीमा के लिए सहज लगते हैं और इसी कारण भ्रमित करने के लिए रखे जाते हैं; इनमें से कोई नियमों में नहीं है। दो संबंधित तथ्य भी याद रखें: 34 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थानीय निकायों और विभागों को इन नियमों के पालन के आदेश दिए हैं, और सभी 36 केंद्रीय राइट ऑफ वे पोर्टल पर सक्रिय हैं।
डिजिटल भारत निधि से वित्तपोषित परियोजनाओं के अंतर्गत 31 अगस्त 2026 तक कितने मोबाइल टावर चालू हुए?
- A.15,367
- B.25,367
- C.35,367
- D.45,367
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 25,367 मोबाइल टावर है, जिनसे देश भर में 35,771 गांव तथा स्थान आच्छादित हुए। ये परियोजनाएं डिजिटल भारत निधि से वित्तपोषित हैं और उनका उद्देश्य 4जी सेवा उन दूरदराज तथा गैर-आच्छादित जगहों तक पहुंचाना है जहां कंपनियों ने व्यापारिक कारणों से नेटवर्क नहीं बढ़ाया था, इसलिए यह खर्च डिजिटल खाई पाटने के लिए है, कमाई के लिए नहीं। इसके साथ चलने वाली 4जी संतृप्ति परियोजना में बीएसएनएल ने स्वदेशी 4जी स्टैक लगाया है। विकल्प ए, सी और डी वास्तविक आंकड़े के शुरुआती अंक बदलकर बनाए गए हैं और यही आम जाल है। ध्यान दें कि इस खबर के दो आंकड़े आसानी से उलट दिए जा सकते हैं: 25,367 टावरों की संख्या है और 35,771 आच्छादित गांवों तथा स्थानों की।
उमरी, चौरावाला तथा नरकोडुरु में परीक्षण की जा रही किस पहल को एक्शन लाइन सी6 के अंतर्गत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 मिला?
- A.संचार साथी
- B.संशोधित भारतनेट कार्यक्रम
- C.समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल
- D.डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल है, जो एक एकीकृत सेवा वितरण मॉडल है और ग्रामीण ब्रॉडबैंड को उपयोगी सेवाओं में बदलता है। समृद्धि केंद्रों के जरिये यह टेली-परामर्श और जांच, डिजिटल कक्षाएं तथा कौशल विकास, ई-गवर्नेंस, बैंकिंग, मिट्टी परीक्षण, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, रोजगार तथा ई-कॉमर्स एक ही छत के नीचे देता है, और इसका परीक्षण मध्य प्रदेश के उमरी, उत्तर प्रदेश के चौरावाला तथा आंध्र प्रदेश के नरकोडुरु में चल रहा है। विकल्प ए गलत है क्योंकि संचार साथी धोखाधड़ी वाले संदेशों की शिकायत तथा खोए फोन को बंद या ट्रेस करने का नागरिक मंच है। विकल्प बी गलत है क्योंकि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम फाइबर बिछाने का काम है, जिसके अंतर्गत अगस्त 2026 तक 55,780 किलोमीटर केबल बिछाई गई। विकल्प डी गलत है क्योंकि डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म साइबर धोखाधड़ी के विरुद्ध सूचना साझा करने का तंत्र है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राज्यों के आईटी मंत्रियों के साथ दूरसंचार विभाग की गोलमेज बैठक की अध्यक्षता किसने की?
केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने, जिनके साथ राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी तथा सचिव अमित अग्रवाल थे। बैठक इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ हुई।
दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियम, 2024 कौन-सी समय-सीमा तय करते हैं?
सामान्य राइट ऑफ वे आवेदन के लिए 67 दिन और भारतनेट जैसी विशेष परियोजनाओं के लिए 7 दिन। ये नियम दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत अधिसूचित हुए और 1 जनवरी 2025 से प्रभावी हैं।
एसएएससीआई योजना में 2026-27 के लिए कितनी राशि निर्धारित है?
4,000 करोड़ रुपये। पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना राज्यों तथा उनकी एजेंसियों, जिनमें राज्य सार्वजनिक उपक्रम, निगम और शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं, को राइट ऑफ वे सुधार लागू करने में मदद देती है।
डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 किस पहल को मिला?
समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल को, सक्षम वातावरण से जुड़ी एक्शन लाइन सी6 के अंतर्गत। इसका परीक्षण मध्य प्रदेश के उमरी, उत्तर प्रदेश के चौरावाला तथा आंध्र प्रदेश के नरकोडुरु में चल रहा है।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2320855 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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