उमरी, चौरावाला तथा नरकोडुरु में परीक्षण की जा रही किस पहल को एक्शन लाइन सी6 के अंतर्गत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 मिला?
- A.संचार साथी
- B.संशोधित भारतनेट कार्यक्रम
- C.समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल
- D.डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
सही उत्तर
C. समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल
व्याख्या
सही उत्तर समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवा पहल है, जो एक एकीकृत सेवा वितरण मॉडल है और ग्रामीण ब्रॉडबैंड को उपयोगी सेवाओं में बदलता है। समृद्धि केंद्रों के जरिये यह टेली-परामर्श और जांच, डिजिटल कक्षाएं तथा कौशल विकास, ई-गवर्नेंस, बैंकिंग, मिट्टी परीक्षण, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, रोजगार तथा ई-कॉमर्स एक ही छत के नीचे देता है, और इसका परीक्षण मध्य प्रदेश के उमरी, उत्तर प्रदेश के चौरावाला तथा आंध्र प्रदेश के नरकोडुरु में चल रहा है। विकल्प ए गलत है क्योंकि संचार साथी धोखाधड़ी वाले संदेशों की शिकायत तथा खोए फोन को बंद या ट्रेस करने का नागरिक मंच है। विकल्प बी गलत है क्योंकि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम फाइबर बिछाने का काम है, जिसके अंतर्गत अगस्त 2026 तक 55,780 किलोमीटर केबल बिछाई गई। विकल्प डी गलत है क्योंकि डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म साइबर धोखाधड़ी के विरुद्ध सूचना साझा करने का तंत्र है।
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अभ्यास प्रश्न
दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियम, 2024 के अनुसार सामान्य राइट ऑफ वे आवेदन के निपटान की समय-सीमा क्या है?
- A.30 दिन
- B.45 दिन
- C.60 दिन
- D.67 दिन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 67 दिन है। ये नियम दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अंतर्गत अधिसूचित किए, जो 1 जनवरी 2025 से प्रभावी हुए और इन्होंने दूरसंचार ढांचा बिछाने के लिए एक समान तथा पारदर्शी व्यवस्था बनाई, जिसमें तर्कसंगत शुल्क और समयबद्ध निपटान शामिल है। इन्हीं नियमों में भारतनेट जैसी विशेष परियोजनाओं के लिए केवल 7 दिन की सीमा है, इसलिए प्रश्नपत्र में यही जोड़ी पूछी जाती है। विकल्प ए, बी और सी गोल आंकड़े हैं, जो सरकारी समय-सीमा के लिए सहज लगते हैं और इसी कारण भ्रमित करने के लिए रखे जाते हैं; इनमें से कोई नियमों में नहीं है। दो संबंधित तथ्य भी याद रखें: 34 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने स्थानीय निकायों और विभागों को इन नियमों के पालन के आदेश दिए हैं, और सभी 36 केंद्रीय राइट ऑफ वे पोर्टल पर सक्रिय हैं।
डिजिटल भारत निधि से वित्तपोषित परियोजनाओं के अंतर्गत 31 अगस्त 2026 तक कितने मोबाइल टावर चालू हुए?
- A.15,367
- B.25,367
- C.35,367
- D.45,367
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 25,367 मोबाइल टावर है, जिनसे देश भर में 35,771 गांव तथा स्थान आच्छादित हुए। ये परियोजनाएं डिजिटल भारत निधि से वित्तपोषित हैं और उनका उद्देश्य 4जी सेवा उन दूरदराज तथा गैर-आच्छादित जगहों तक पहुंचाना है जहां कंपनियों ने व्यापारिक कारणों से नेटवर्क नहीं बढ़ाया था, इसलिए यह खर्च डिजिटल खाई पाटने के लिए है, कमाई के लिए नहीं। इसके साथ चलने वाली 4जी संतृप्ति परियोजना में बीएसएनएल ने स्वदेशी 4जी स्टैक लगाया है। विकल्प ए, सी और डी वास्तविक आंकड़े के शुरुआती अंक बदलकर बनाए गए हैं और यही आम जाल है। ध्यान दें कि इस खबर के दो आंकड़े आसानी से उलट दिए जा सकते हैं: 25,367 टावरों की संख्या है और 35,771 आच्छादित गांवों तथा स्थानों की।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-कचरा निपटान अभियान के साथ स्वच्छ भारत दिवस किस दिन मनाया?
- A.1 अक्टूबर 2026
- B.2 अक्टूबर 2026
- C.15 सितंबर 2026
- D.31 अक्टूबर 2026
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2 अक्टूबर 2026 है। विभाग ने उस दिन दिल्ली के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित अपने मुख्यालय में सचिव के नेतृत्व में ई-कचरा निपटान अभियान चलाकर स्वच्छ भारत दिवस मनाया, और अधिकारियों से कहा गया कि वे कार्यालय तथा घर, दोनों जगह पुरानी और अनुपयोगी सामग्री पहचानकर उसका निपटान करें। विकल्प A यानी 1 अक्टूबर 2026 एक दूसरी गतिविधि की तिथि है, यानी एक घंटे का सामूहिक सफाई अभियान एक दिन, एक घंटा, एक साथ, जो जेएलएन मेट्रो स्टेशन के पास सार्वजनिक पार्क में हुआ और जिसके बाद एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधे लगाए गए। विकल्प C तैयारी चरण के भीतर पड़ता है और विकल्प D अभियान के समाप्त होने की तिथि है, इसलिए दोनों गलत हैं। विभाग ने स्वच्छता से समृद्धि विषय पर कबाड़ से कला गतिविधि भी आयोजित की।
विशेष अभियान 6 के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग को ई-कचरा और अन्य कबाड़ के निपटान से कितनी आय हुई?
- A.12,45,600 रुपये
- B.39,33,055 रुपये
- C.56,80,120 रुपये
- D.1,04,70,000 रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 39,33,055 रुपये है। यह रकम इलेक्ट्रॉनिक कचरे तथा गैर-इलेक्ट्रॉनिक कबाड़, दोनों के निपटान से आई, और यह तैयारी चरण में तय दूसरे लक्ष्यों के साथ जुड़ी है: 18,741 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों और 7,773 भौतिक फाइलों की समीक्षा, 156 स्थानों पर सफाई तथा जगह खाली कराने का काम, 46,486 वर्ग फुट उपयोगी जगह निकालना और 1,694 ई-कचरा वस्तुओं का निपटान। विकल्प A, C और D में दी रकमें बताई ही नहीं गई थीं। विभाग ने इस काम को राजकोष के लिए आर्थिक मूल्य बनाने और सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोगी जगह निकालने, दोनों के रूप में रखा, और प्रगति हर स्थल की पहले तथा बाद की तस्वीरों के जरिए एससीडीपीएम पोर्टल पर दर्ज हो रही है। इन आंकड़ों को एक समूह में याद करना चाहिए।
स्वच्छता और ई-कचरा निपटान का विशेष अभियान 6 किस अवधि में चलाया जा रहा है?
- A.15 से 30 सितंबर 2026
- B.2 से 31 अक्टूबर 2026
- C.1 से 15 नवंबर 2026
- D.2 से 31 दिसंबर 2026
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2 से 31 अक्टूबर 2026 है। सरकार ने विशेष अभियान के छठे संस्करण के लिए यही कार्यान्वयन अवधि घोषित की, जिसमें विभाग लंबित मामले निपटाते हैं, अभिलेख प्रबंधन करते हैं और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निपटान करते हैं। विकल्प A तैयारी चरण की अवधि बताता है, जो 15 से 30 सितंबर 2026 तक रहा और जिसमें लक्ष्य तय किए गए थे, काम लागू नहीं हुआ था, इसलिए यह सोच-समझकर रखा गया भ्रम है। विकल्प C और D में दी अवधियां घोषित ही नहीं हुईं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के मामले में यह अभियान उसकी वैज्ञानिक संवर्ग इकाइयों, प्रभागों, स्वायत्त संस्थानों तथा सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है, और विभाग के सचिव तथा नोडल अधिकारी संयुक्त सचिव इसकी प्रगति देख रहे हैं। पूरे अभियान का समन्वय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग कर रहा है।