केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.गृह मंत्रालय
- B.स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- C.वित्त मंत्रालय
- D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर वित्त मंत्रालय है, जिसका नाम मध्य प्रदेश में हुए इस जागरूकता अभियान की घोषणा के साथ दिया गया। आम धारणा में ब्यूरो को नशीले पदार्थों के विरुद्ध प्रवर्तन से जोड़ा जाता है, इसलिए विकल्प ए आकर्षक लगता है, किंतु गृह मंत्रालय इस विशेष संगठन का नियंत्रक नहीं है। विकल्प बी और विकल्प डी में जिन मंत्रालयों के नाम हैं, वे क्रमशः स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण देखते हैं, और यद्यपि नशे की समस्या से उनका संबंध है, फिर भी वे इस एजेंसी का संचालन नहीं करते। ये जागरूकता कार्यक्रम एजेंसी के निरोधक पक्ष को दिखाते हैं, जिसमें महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा स्वास्थ्य, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और करियर को कैसे नुकसान पहुंचाता है, और प्रतियोगिताओं, वीडियो, प्रस्तुतियों, ध्यान तथा पोस्टर निर्माण के जरिये उन्हें संदेशवाहक बनने को प्रेरित किया गया।
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अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश में ये नशा जागरूकता कार्यक्रम किस मिशन के अंतर्गत आयोजित किए?
- A.मिशन युवा शक्ति
- B.मिशन युवा रक्षा
- C.मिशन नशा मुक्ति
- D.मिशन स्वस्थ युवा
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इन सत्रों में नशे की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और नशा मुक्त देश के व्यापक लक्ष्य पर बल दिया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जावद और गरोठ के जागरूकता कार्यक्रमों में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की सहयोगी संस्था कौन थी?
- A.ब्रह्माकुमारीज
- B.आर्ट ऑफ लिविंग
- C.नेहरू युवा केंद्र संगठन
- D.राष्ट्रीय सेवा योजना
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जावद के सीएम राइज शासकीय विद्यालय का कार्यक्रम नीमच की ब्रह्माकुमारीज संस्था के सहयोग से हुआ और गरोठ के जिला अफीम अधिकारी कार्यालय ने भी संस्कार वैली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सत्र के लिए इसी संस्था के साथ काम किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →NH-22 मुजफ्फरपुर को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित किस कस्बे से जोड़ता है?
- A.रक्सौल
- B.जोगबनी
- C.सोनबरसा
- D.बीरगंज
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चौड़ा किया जा रहा खंड मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होकर सोनबरसा तक जाता है, जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है, और बेहतर सड़क पास के भिठामोड़ लैंड पोर्ट से गुजरने वाले सीमा पार यातायात को सहारा देगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार में NH-22 के चार लेन चौड़ीकरण के लिए मंजूर खंड की लंबाई कितनी है?
- A.62.57 किलोमीटर
- B.82.57 किलोमीटर
- C.92.57 किलोमीटर
- D.112.57 किलोमीटर
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आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अगस्त 2026 में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड की इसी लंबाई को चार लेन का बनाने की मंजूरी दी, जिसकी कुल पूंजीगत लागत 3,590.73 करोड़ रुपये है और काम हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार में NH-22 का चार लेन चौड़ीकरण किस पद्धति पर मंजूर हुआ है?
- A.इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन
- B.बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (टोल)
- C.हाइब्रिड एन्युइटी मोड
- D.बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर
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इसी मॉडल पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 82.57 किलोमीटर खंड को 3,590.73 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत पर मंजूरी दी।
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