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GK24

सेवा उत्पादन सूचकांक का दायरा बढ़ाने पर एमओएसपीआई का मसौदा

एमओएसपीआई ने सेवा उत्पादन सूचकांक में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा लोक प्रशासन को जोड़ने का मसौदा दस्तावेज जारी किया और हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सेवा उत्पादन सूचकांक का दायरा बढ़ाने पर एमओएसपीआई का मसौदा — GK24 title card

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सेवा उत्पादन सूचकांक का दायरा बढ़ाने से संबंधित मसौदा दस्तावेज प्रकाशित किया और प्रस्तावित कार्यप्रणाली पर हितधारकों से सुझाव मांगे।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) के दायरे और कवरेज को बढ़ाने से संबंधित मसौदा दस्तावेज प्रकाशित किया है और इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। सेवा क्षेत्र अब देश की सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में आधे से अधिक का योगदान देता है, इसलिए इसके उत्पादन का मासिक माप नीति-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

आज का सूचकांक किस रूप में है

मंत्रालय ने औपचारिक क्षेत्र के लिए आईएसपी की मासिक तैयारी जुलाई 2026 में प्रायोगिक आधार पर शुरू की, जिसमें 2024-25 को आधार वर्ष रखा गया। वर्तमान ढांचा 19 व्यापक सेवा उप-क्षेत्रों पर नजर रखता है। इसके लिए उच्च आवृत्ति वाले प्रशासनिक आंकड़ों और वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत दाखिल बाह्य आपूर्ति के आंकड़ों का उपयोग होता है। ये मिलकर सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से को समेटते हैं।

कौन सी कमियां दूर होंगी

तीन चीजें अभी सूचकांक से बाहर हैं, सरकार के मूल कार्य, गैर-बाजार गतिविधियां तथा वस्तु एवं सेवा कर से छूट प्राप्त सेवाएं। इसी कारण मसौदा दस्तावेज में तीन बड़े सेवा क्षेत्रों को जोड़ने की कार्यप्रणाली बताई गई है, जो अब तक छूटे हुए थे।

जोड़ा जाने वाला क्षेत्रस्थिति
शिक्षाशामिल करने का प्रस्ताव
मानव स्वास्थ्य और आवासीय देखभालशामिल करने का प्रस्ताव
लोक प्रशासन और रक्षाशामिल करने का प्रस्ताव

ये तीनों क्षेत्र मिलकर आधार वर्ष की अवधि में सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित के करीब 21 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें जोड़ने पर मासिक सूचकांक का कुल कवरेज पूरे सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित के लगभग 78 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

सेवा क्षेत्र के लिए एक समग्र सूचकांक

व्यापक आधार मिलने पर उप-क्षेत्रीय सूचकांकों को जोड़कर एक एकीकृत और समग्र सेवा उत्पादन सूचकांक तैयार किया जा सकेगा। यह एक संख्या सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक गतिविधियों को प्रतिनिधि रूप में दर्शाएगी, जैसे औद्योगिक उत्पादन सूचकांक कारखाना उत्पादन के लिए करता है।

सुझाव कौन दे सकता है और कब तक

मंत्रालय ने प्रस्तावित कार्यप्रणाली पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों, वित्तीय संस्थानों तथा अन्य हितधारकों से राय आमंत्रित की है। मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और सुझाव 16 अक्टूबर 2026 तक ई-मेल से भेजे जा सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

दस्तावेजसेवा उत्पादन सूचकांक के दायरे और कवरेज के विस्तार पर मसौदा दस्तावेज
जारीकर्तासांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)
आईएसपी का आधार वर्ष2024-25
मासिक संकलन शुरूजुलाई 2026, प्रायोगिक आधार पर, औपचारिक क्षेत्र के लिए
वर्तमान उप-क्षेत्र19 व्यापक सेवा उप-क्षेत्र
वर्तमान कवरेजसेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित का लगभग 60 प्रतिशत
प्रस्तावित जोड़शिक्षा; मानव स्वास्थ्य और आवासीय देखभाल; लोक प्रशासन और रक्षा
इनका हिस्सासेवा जीवीए का करीब 21 प्रतिशत
विस्तार के बाद कवरेजसेवा क्षेत्र की जीवीए का लगभग 78 प्रतिशत
सुझाव की अंतिम तिथि16 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

आईएसपी का पूरा नाम और संबंधित मंत्रालय, आधार वर्ष 2024-25, जुलाई 2026 में प्रायोगिक शुरुआत, 19 उप-क्षेत्र और दो आंकड़ा स्रोत, सेवा जीवीए में वर्तमान कवरेज लगभग 60 प्रतिशत, जोड़े जाने वाले तीन क्षेत्र और उनका करीब 21 प्रतिशत हिस्सा, विस्तार के बाद लगभग 78 प्रतिशत कवरेज तथा सुझाव भेजने की अंतिम तिथि याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

एमओएसपीआई द्वारा तैयार किए जा रहे सेवा उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष क्या है?

  1. A.2011-12
  2. B.2017-18
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2024-25

व्याख्या

सही उत्तर 2024-25 है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने औपचारिक क्षेत्र के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक का मासिक संकलन जुलाई 2026 में प्रायोगिक आधार पर शुरू किया और इसी वर्ष को आधार वर्ष के रूप में अपनाया। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि ये पुरानी सांख्यिकीय श्रृंखलाओं में प्रयुक्त आधार वर्ष जैसे लगते हैं, जबकि यह सूचकांक नया है, किसी पुरानी श्रृंखला का संशोधन नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि सेवा सूचकांक में कोई पहले का आधार आगे नहीं बढ़ाया गया। परीक्षा के लिए सूचकांक का नाम, संबंधित मंत्रालय, आधार वर्ष और इसकी मासिक आवृत्ति एक साथ याद रखें, क्योंकि नए सांख्यिकीय उत्पादों पर प्रश्न लगभग सदैव आधार वर्ष पर ही बनते हैं। यह भी ध्यान रखें कि यह सूचकांक केवल औपचारिक क्षेत्र के लिए तैयार होता है और अभी प्रायोगिक आधार पर ही मासिक रूप से संकलित किया जा रहा है।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

सेवा उत्पादन सूचकांक का वर्तमान ढांचा कितने व्यापक सेवा उप-क्षेत्रों पर नजर रखता है?

  1. A.12
  2. B.19
  3. C.24
  4. D.33
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 19

व्याख्या

सही उत्तर 19 है। सूचकांक का प्रारंभिक ढांचा उन्नीस व्यापक सेवा उप-क्षेत्रों पर नजर रखता है और इसके लिए उच्च आवृत्ति वाले प्रशासनिक आंकड़ों के साथ वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत दाखिल बाह्य आपूर्ति के आंकड़ों का उपयोग किया जाता है, जो मिलकर सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित के लगभग साठ प्रतिशत हिस्से को समेटते हैं। शेष तीनों विकल्प देखने में संभव लगते हैं, परंतु इनमें से कोई भी मसौदे में वर्णित ढांचे से मेल नहीं खाता। अभ्यर्थियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान सूचकांक से सरकार के मूल कार्य, गैर-बाजार गतिविधियां तथा कर से छूट प्राप्त सेवाएं बाहर हैं, और इसी कमी को दूर करना नए मसौदे का उद्देश्य है। मंत्रालय ने इस मसौदे पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, राज्य सरकारों तथा वित्तीय संस्थानों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं, जो 16 अक्टूबर 2026 तक भेजे जा सकते हैं।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

मसौदा दस्तावेज में सेवा उत्पादन सूचकांक में किन तीन क्षेत्रों को जोड़ने का प्रस्ताव है?

  1. A.व्यापार, होटल और परिवहन
  2. B.बैंकिंग, बीमा और रियल एस्टेट
  3. C.शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा
  4. D.निर्माण, खनन और बिजली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा

व्याख्या

सही उत्तर शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा है। ये तीनों क्षेत्र पहले ढांचे से बाहर रह गए थे और मिलकर सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित का करीब इक्कीस प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं, इसलिए इनके जुड़ने पर मासिक सूचकांक का कवरेज पूरे सेवा क्षेत्र की जीवीए के लगभग अठहत्तर प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि इनमें शामिल सेवा गतिविधियां पहले से ही मौजूदा ढांचे का हिस्सा हैं, जिनके लिए प्रशासनिक और कर आंकड़ों का उपयोग होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि निर्माण, खनन और बिजली सेवाएं नहीं हैं और इनका उत्पादन औद्योगिक उत्पादन श्रृंखला में दर्ज होता है। इन तीनों क्षेत्रों के जुड़ने के बाद उप-क्षेत्रीय सूचकांकों को मिलाकर सेवा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत और समग्र सूचकांक तैयार किया जा सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष क्या है?

2024-25। मंत्रालय ने औपचारिक क्षेत्र के लिए यह सूचकांक जुलाई 2026 में प्रायोगिक आधार पर मासिक रूप से तैयार करना शुरू किया, जिसमें 19 व्यापक सेवा उप-क्षेत्र शामिल हैं।

मसौदे में किन तीन सेवा क्षेत्रों को जोड़ने का प्रस्ताव है?

शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल तथा लोक प्रशासन एवं रक्षा। इनका हिस्सा सेवा जीवीए में करीब 21 प्रतिशत है और इनके जुड़ने पर कवरेज लगभग 78 प्रतिशत हो जाएगा।

सेवा क्षेत्र के लिए अलग सूचकांक क्यों आवश्यक है?

सेवा क्षेत्र देश की सकल मूल्य वर्धित में आधे से अधिक योगदान देता है, इसलिए मासिक सूचकांक नीति-निर्माताओं को सेवा उत्पादन की अल्पकालिक गति की समय पर जानकारी देता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 6 अक्टूबर 2026

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