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GK24
रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

सेवा उत्पादन सूचकांक का वर्तमान ढांचा कितने व्यापक सेवा उप-क्षेत्रों पर नजर रखता है?

  1. A.12
  2. B.19
  3. C.24
  4. D.33

सही उत्तर

B. 19

व्याख्या

सही उत्तर 19 है। सूचकांक का प्रारंभिक ढांचा उन्नीस व्यापक सेवा उप-क्षेत्रों पर नजर रखता है और इसके लिए उच्च आवृत्ति वाले प्रशासनिक आंकड़ों के साथ वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत दाखिल बाह्य आपूर्ति के आंकड़ों का उपयोग किया जाता है, जो मिलकर सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित के लगभग साठ प्रतिशत हिस्से को समेटते हैं। शेष तीनों विकल्प देखने में संभव लगते हैं, परंतु इनमें से कोई भी मसौदे में वर्णित ढांचे से मेल नहीं खाता। अभ्यर्थियों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान सूचकांक से सरकार के मूल कार्य, गैर-बाजार गतिविधियां तथा कर से छूट प्राप्त सेवाएं बाहर हैं, और इसी कमी को दूर करना नए मसौदे का उद्देश्य है। मंत्रालय ने इस मसौदे पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, राज्य सरकारों तथा वित्तीय संस्थानों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं, जो 16 अक्टूबर 2026 तक भेजे जा सकते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: सेवा उत्पादन सूचकांक का दायरा बढ़ाने पर एमओएसपीआई का मसौदा

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Q1.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

एमओएसपीआई द्वारा तैयार किए जा रहे सेवा उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष क्या है?

  1. A.2011-12
  2. B.2017-18
  3. C.2022-23
  4. D.2024-25
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2024-25

व्याख्या

सही उत्तर 2024-25 है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने औपचारिक क्षेत्र के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक का मासिक संकलन जुलाई 2026 में प्रायोगिक आधार पर शुरू किया और इसी वर्ष को आधार वर्ष के रूप में अपनाया। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि ये पुरानी सांख्यिकीय श्रृंखलाओं में प्रयुक्त आधार वर्ष जैसे लगते हैं, जबकि यह सूचकांक नया है, किसी पुरानी श्रृंखला का संशोधन नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि सेवा सूचकांक में कोई पहले का आधार आगे नहीं बढ़ाया गया। परीक्षा के लिए सूचकांक का नाम, संबंधित मंत्रालय, आधार वर्ष और इसकी मासिक आवृत्ति एक साथ याद रखें, क्योंकि नए सांख्यिकीय उत्पादों पर प्रश्न लगभग सदैव आधार वर्ष पर ही बनते हैं। यह भी ध्यान रखें कि यह सूचकांक केवल औपचारिक क्षेत्र के लिए तैयार होता है और अभी प्रायोगिक आधार पर ही मासिक रूप से संकलित किया जा रहा है।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

मसौदा दस्तावेज में सेवा उत्पादन सूचकांक में किन तीन क्षेत्रों को जोड़ने का प्रस्ताव है?

  1. A.व्यापार, होटल और परिवहन
  2. B.बैंकिंग, बीमा और रियल एस्टेट
  3. C.शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा
  4. D.निर्माण, खनन और बिजली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा

व्याख्या

सही उत्तर शिक्षा, मानव स्वास्थ्य एवं आवासीय देखभाल, और लोक प्रशासन एवं रक्षा है। ये तीनों क्षेत्र पहले ढांचे से बाहर रह गए थे और मिलकर सेवा क्षेत्र की सकल मूल्य वर्धित का करीब इक्कीस प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं, इसलिए इनके जुड़ने पर मासिक सूचकांक का कवरेज पूरे सेवा क्षेत्र की जीवीए के लगभग अठहत्तर प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। विकल्प A और B गलत हैं क्योंकि इनमें शामिल सेवा गतिविधियां पहले से ही मौजूदा ढांचे का हिस्सा हैं, जिनके लिए प्रशासनिक और कर आंकड़ों का उपयोग होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि निर्माण, खनन और बिजली सेवाएं नहीं हैं और इनका उत्पादन औद्योगिक उत्पादन श्रृंखला में दर्ज होता है। इन तीनों क्षेत्रों के जुड़ने के बाद उप-क्षेत्रीय सूचकांकों को मिलाकर सेवा क्षेत्र के लिए एक एकीकृत और समग्र सूचकांक तैयार किया जा सकेगा।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांककठिन

ट्राई के अनुसार वर्ष 2025-26 में वायरलेस सेवा का प्रति उपभोक्ता औसत मासिक राजस्व, अर्थात एआरपीयू, कितना रहा?

  1. A.174.46 रुपये
  2. B.180.73 रुपये
  3. C.190.66 रुपये
  4. D.245.66 रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 180.73 रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 180.73 रुपये है। ट्राई की रिपोर्ट में वर्ष 2025-26 के लिए वायरलेस सेवा का मासिक एआरपीयू इसी स्तर पर दर्ज है, जिसमें वर्ष भर में 3.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि 174.46 रुपये पिछले वर्ष 2024-25 का एआरपीयू था और रिपोर्ट इसे केवल तुलना के लिए देती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 190.66 रुपये केवल प्रीपेड सेवा का एआरपीयू है, जबकि पोस्टपेड सेवा का आंकड़ा 119.76 रुपये रहा; कुल वायरलेस एआरपीयू में दोनों शामिल होते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 245.66 रुपये प्रत्येक डेटा उपभोक्ता से एक माह में वायरलेस डेटा पर प्राप्त औसत राजस्व है, जो डेटा से जुड़ा अलग माप है। इससे जुड़े दो आंकड़े भी याद रखें, प्रति वायरलेस डेटा उपभोक्ता मासिक उपयोग 25.51 जीबी और प्रति जीबी औसत प्राप्ति 8.02 रुपये।

Q4.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

ट्राई की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रदर्शन संकेतक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक भारत का कुल टेली-घनत्व कितना था?

  1. A.85.04 प्रतिशत
  2. B.89.88 प्रतिशत
  3. C.93.26 प्रतिशत
  4. D.151.47 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 93.26 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 93.26 प्रतिशत है। ट्राई की वार्षिक रिपोर्ट में मार्च 2026 के अंत तक कुल टेली-घनत्व इसी स्तर पर दर्ज है, जो एक वर्ष पहले 85.04 प्रतिशत था। इसलिए विकल्प A गलत है, क्योंकि वह मार्च 2025 के अंत का आंकड़ा है और प्रश्न उस वर्ष का नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 89.88 प्रतिशत वायरलेस टेली-घनत्व है, जिसमें केवल मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कनेक्शन गिने जाते हैं और वायरलाइन कनेक्शन छूट जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 151.47 प्रतिशत केवल शहरी टेली-घनत्व है, जो सौ से अधिक है क्योंकि कई शहरी उपभोक्ता एक से अधिक कनेक्शन रखते हैं; इसके मुकाबले ग्रामीण आंकड़ा 60.46 प्रतिशत है। टेली-घनत्व का अर्थ प्रति सौ व्यक्ति टेलीफोन कनेक्शन है, इसलिए कुल आंकड़ा शहरी और ग्रामीण आंकड़ों के बीच रहता है। परीक्षार्थी को कुल, वायरलेस, शहरी और ग्रामीण टेली-घनत्व के चारों आंकड़े अलग-अलग याद रखने चाहिए।

Q5.रिपोर्ट और सूचकांकआसान

ट्राई की वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक देश में कुल टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या लगभग कितनी थी?

  1. A.1,200.80 मिलियन
  2. B.1,282.33 मिलियन
  3. C.1,330.58 मिलियन
  4. D.1092.79 मिलियन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1,330.58 मिलियन

व्याख्या

सही उत्तर 1,330.58 मिलियन है। रिपोर्ट में वायरलेस और वायरलाइन को मिलाकर कुल टेलीफोन उपभोक्ता मार्च 2026 के अंत तक इसी संख्या पर दर्ज हैं, जिसमें वर्ष भर में 10.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह एक वर्ष पहले मार्च 2025 के अंत का उपभोक्ता आधार था। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें केवल वायरलेस कनेक्शन गिने गए हैं, जिनमें मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस शामिल हैं और जिनमें वर्ष भर में 118.58 मिलियन की शुद्ध वृद्धि के साथ 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या है, जो टेलीफोन कनेक्शन से भिन्न माप है, और इसमें से 1065.88 मिलियन ब्रॉडबैंड उपभोक्ता थे। रिपोर्ट टेलीफोन आधार को 778.79 मिलियन शहरी और 551.79 मिलियन ग्रामीण उपभोक्ताओं में बांटती है, तथा वायरलाइन उपभोक्ता 48.25 मिलियन बताती है।