सिंधिया ने मिजोरम में 331 करोड़ की परियोजनाएं शुरू कीं
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मिजोरम में 331 करोड़ रुपये की दस परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

चर्चा में क्यों
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पू लालदुहोमा की उपस्थिति में मिजोरम में लगभग 331 करोड़ रुपये की दस विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मिजोरम में लगभग 331 करोड़ रुपये की दस विकास परियोजनाएं आगे बढ़ाईं। उन्होंने करीब 102 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं जनता को समर्पित कीं और 228.54 करोड़ रुपये की पांच अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया। आइजोल पहुंचने के बाद वे तुइवामित गए, जहां मिजोरम के मुख्यमंत्री पू लालदुहोमा भी उपस्थित थे।
क्या समर्पित हुआ और क्या शुरू
जनता को समर्पित कार्यों में चंफाई की दाइदो-वांगकॉट सड़क शामिल है, जो मिजो अदरक वाले क्षेत्र में एनईएसआईडीएस-सड़क के तहत 17.24 करोड़ रुपये से बनी 3.33 किलोमीटर लंबी सड़क है; बैराबी से मामित के रास्ते वेस्ट फाइलेंग तक 74 सर्किट किलोमीटर लंबी 132 केवी पारेषण लाइन, लागत 54.95 करोड़ रुपये; 20.50 करोड़ रुपये की उत्तर वनलाईफाई जलापूर्ति योजना का विस्तार; 2.64 करोड़ रुपये का आयुष विकास केंद्र; तथा पूर्वोत्तर परिषद की योजनाओं के अंतर्गत तुइवामित त्लांग में 6.90 करोड़ रुपये से बना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए आइजोल कला एवं संगीत संस्थान।
शिलान्यास मामित की पुकजिंग-सिलसुरी सड़क का हुआ, जो 100.24 करोड़ रुपये की 21 किलोमीटर लंबी परियोजना है; खावजॉल और चंफाई जिलों में फैली 57.01 करोड़ रुपये की 21 किलोमीटर लंबी तुआलपुई-चंफाई सड़क; 26.49 करोड़ रुपये की 32.70 किलोमीटर लंबी ऑयल पाम लिंक सड़क, जिससे कोलासिब, मामित, लुंगलेई और लॉंगत्लाई के 19 गांवों के करीब 60,000 लोगों को लाभ मिलने की आशा है; एनईएसआईडीएस-ओटीआरआई के तहत आइजोल के जेमाबॉक स्थित एएनएम स्कूल के लिए 10 करोड़ रुपये का 40 बिस्तरों वाला छात्रावास; तथा 34.80 करोड़ रुपये की खेल अधोसंरचना।
क्षेत्र के लिए धनराशि
| पूर्वोत्तर के लिए डोनर मंत्रालय का परिव्यय, 2026-27 | 6,812.30 करोड़ रुपये |
| मिजोरम में स्वीकृत परियोजनाएं | 375, लागत 4,617.70 करोड़ रुपये |
| पूरी हो चुकीं | 295, लागत 2,692.31 करोड़ रुपये |
| मिजोरम अदरक मिशन | 189.79 करोड़ रुपये |
मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वीकृत हर पांच में से लगभग चार परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जो केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अदरक मिशन करीब 20,000 किसान परिवारों को एक ही मूल्य श्रृंखला से जोड़ेगा, जिसमें खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, ढुलाई और देश-विदेश के बाजार शामिल हैं, ताकि मिजो अदरक की कीमत का बड़ा हिस्सा किसान के पास रहे।
संपर्क और पर्यटन
- 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन ने मिजोरम को भारत के रेल नक्शे पर ला दिया
- आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली से जोड़ने वाली 1,100 से अधिक रेल यात्राओं में 15 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं
- सैरांग-सिलचर सेवा ने राज्य को बराक घाटी से और निकट कर दिया है
- भारतीय खाद्य निगम का पहला अनाज रैक मार्च 2026 में सैरांग पहुंचा, जिसमें 42 वैगनों में पंजाब से करीब 26,000 क्विंटल चावल आया
- वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मिजोरम में 4,94,362 घरेलू और 7,389 विदेशी पर्यटक पहुंचे
सिंधिया ने इन परियोजनाओं को "रास्ते और जड़ें", दोनों में निवेश बताया। उनके अनुसार सड़कें और लाइनें मिजोरम को दुनिया तक पहुंचाती हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और खेल की संस्थाएं उसे अपनी जड़ों से जोड़े रखती हैं। उन्होंने इस प्रयास को मिजो समाज की पुरानी हनात्लांग परंपरा का बड़ा रूप कहा, जिसमें लोग गांव के भले के लिए स्वेच्छा से मिलकर काम करते हैं। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की उनकी 35वीं यात्रा थी, और 12 तथा 13 अक्टूबर 2026 के इस दो दिवसीय प्रवास में वे विद्यार्थियों, नागरिक संगठनों और बैंकिंग क्षेत्र के लोगों से भी मिलेंगे।
महत्वपूर्ण तथ्य
| मंत्री | ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय संचार तथा डोनर मंत्री |
|---|---|
| राज्य | मिजोरम; मुख्यमंत्री पू लालदुहोमा उपस्थित |
| तारीख | 12 अक्टूबर 2026, दो दिवसीय दौरे का पहला दिन |
| परियोजनाओं का कुल मूल्य | लगभग 331 करोड़ रुपये (दस परियोजनाएं) |
| जनता को समर्पित | करीब 102 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं |
| शिलान्यास | 228.54 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं |
| पूर्वोत्तर के लिए डोनर परिव्यय, 2026-27 | 6,812.30 करोड़ रुपये |
| मिजोरम में परियोजनाएं | 4,617.70 करोड़ रुपये की 375 स्वीकृत; 2,692.31 करोड़ रुपये की 295 पूरी |
| मिजोरम अदरक मिशन | 189.79 करोड़ रुपये, करीब 20,000 किसान परिवार |
| रेल संपर्क | बैराबी-सैरांग लाइन, 51.38 किलोमीटर |
| पर्यटक, जनवरी से जून 2026 | 4,94,362 घरेलू और 7,389 विदेशी |
परीक्षा की दृष्टि से
मंत्री और उनका विभाग (ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, संचार तथा डोनर), राज्य और मुख्यमंत्री (मिजोरम, पू लालदुहोमा), कुल राशि (331 करोड़ रुपये: 102 करोड़ समर्पित, 228.54 करोड़ का शिलान्यास), 2026-27 में पूर्वोत्तर के लिए डोनर आवंटन (6,812.30 करोड़ रुपये), मिजोरम अदरक मिशन (189.79 करोड़ रुपये, करीब 20,000 परिवार), बैराबी-सैरांग रेल लाइन (51.38 किलोमीटर) तथा एनईएसआईडीएस-सड़क, एनईएसआईडीएस-ओटीआरआई और पूर्वोत्तर परिषद जैसी योजनाएं याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 में केंद्रीय डोनर मंत्री ने मिजोरम में कुल कितने मूल्य की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया?
- A.102 करोड़ रुपये
- B.228.54 करोड़ रुपये
- C.331 करोड़ रुपये
- D.512 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 331 करोड़ रुपये है। केंद्रीय संचार तथा डोनर मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री पू लालदुहोमा की उपस्थिति में मिजोरम में लगभग इसी मूल्य की दस परियोजनाएं आगे बढ़ाईं। यह आंकड़ा दो हिस्सों से बना है और अन्य विकल्प वहीं से आते हैं। विकल्प A, 102 करोड़ रुपये, केवल जनता को समर्पित उन पांच परियोजनाओं का मूल्य है, जिनमें चंफाई की दाइदो-वांगकॉट सड़क और 132 केवी बैराबी-वेस्ट फाइलेंग पारेषण लाइन शामिल हैं। विकल्प B, 228.54 करोड़ रुपये, केवल उन पांच परियोजनाओं का मूल्य है जिनका शिलान्यास हुआ, जैसे पुकजिंग-सिलसुरी सड़क और खेल अधोसंरचना। दोनों हिस्सों को जोड़ने पर ही लगभग 331 करोड़ रुपये का कुल योग बनता है, इसलिए कोई एक हिस्सा उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प D इस दौरे से जुड़ा आंकड़ा नहीं है।
मिजोरम के अदरक किसानों के लिए घोषित मिजोरम अदरक मिशन का परिव्यय कितना है?
- A.89.79 करोड़ रुपये
- B.189.79 करोड़ रुपये
- C.289.79 करोड़ रुपये
- D.389.79 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 189.79 करोड़ रुपये है। इस आकार का मिजोरम अदरक मिशन करीब 20,000 किसान परिवारों को एक ही मूल्य श्रृंखला से जोड़ने के लिए बना है, जिसमें खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, ढुलाई तथा देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच शामिल है। मिजो अदरक को राज्य की विशिष्ट ताकत और आर्थिक पहचान बताया गया, और मिशन का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बनने वाले मूल्य का बड़ा हिस्सा किसानों और स्थानीय समुदायों के पास रहे। इसी कारण अदरक वाले क्षेत्र में बनी सड़क इस मिशन के लिए महत्वपूर्ण है। विकल्प A, C और D में दी गई राशियां इस मिशन के लिए स्वीकृत नहीं हुई हैं। परीक्षार्थी इस मिशन को चंफाई की उस दाइदो-वांगकॉट सड़क से भी जोड़ें, जो एनईएसआईडीएस-सड़क के तहत 17.24 करोड़ रुपये से 3.33 किलोमीटर लंबी बनी है।
मिजोरम को भारत के रेल नक्शे पर लाने वाली रेल लाइन बैराबी को किस स्थान से जोड़ती है और वह कितनी लंबी है?
- A.सैरांग, 51.38 किलोमीटर
- B.सिलचर, 74 किलोमीटर
- C.सैरांग, 21 किलोमीटर
- D.जेमाबॉक, 32.70 किलोमीटर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर सैरांग, 51.38 किलोमीटर है। इस लंबाई की बैराबी-सैरांग रेल लाइन को ऐतिहासिक पड़ाव कहा गया, जिसने मिजोरम को देश के रेल नक्शे पर रखा और बड़े आर्थिक केंद्रों तक राज्य की पहुंच बदल दी। इसके बाद आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली से जोड़ने वाली 1,100 से अधिक रेल यात्राओं में 15 लाख से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं, और सैरांग-सिलचर सेवा ने बराक घाटी से संबंध मजबूत किए हैं। सैरांग में ही मार्च 2026 में भारतीय खाद्य निगम का पहला अनाज रैक पहुंचा, जिसमें 42 वैगनों में पंजाब से करीब 26,000 क्विंटल चावल आया। विकल्प B में बैराबी-वेस्ट फाइलेंग बिजली लाइन के 74 सर्किट किलोमीटर मिला दिए गए हैं। विकल्प C पुकजिंग-सिलसुरी तथा तुआलपुई-चंफाई सड़कों की लंबाई है, और विकल्प D ऑयल पाम लिंक सड़क की लंबाई ले लेता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डोनर मंत्री ने 12 अक्टूबर 2026 को मिजोरम में कितने मूल्य की परियोजनाएं आगे बढ़ाईं?
लगभग 331 करोड़ रुपये की। करीब 102 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं जनता को समर्पित की गईं और 228.54 करोड़ रुपये की पांच अन्य का शिलान्यास हुआ, जिनमें सड़क, बिजली, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और संस्कृति शामिल हैं।
मिजोरम अदरक मिशन क्या है?
यह 189.79 करोड़ रुपये का मिशन है, जो करीब 20,000 किसान परिवारों को मिजो अदरक की एकीकृत मूल्य श्रृंखला से जोड़ेगा। इसमें खेती, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, ढुलाई और देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच शामिल है।
बैराबी-सैरांग रेल लाइन कितनी लंबी है?
यह 51.38 किलोमीटर लंबी है और इसने मिजोरम को भारत के रेल नक्शे पर लाया। आइजोल को गुवाहाटी, कोलकाता और दिल्ली से जोड़ने वाली 1,100 से अधिक रेल यात्राओं में 15 लाख से ज्यादा यात्री इसका उपयोग कर चुके हैं।
इस वित्त वर्ष में पूर्वोत्तर के लिए डोनर मंत्रालय को कितनी राशि मिली है?
2026-27 के लिए 6,812.30 करोड़ रुपये। अकेले मिजोरम में 4,617.70 करोड़ रुपये की 375 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 2,692.31 करोड़ रुपये की 295 पूरी हो चुकी हैं।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322510 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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