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GK24

तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यशोभूमि, द्वारका में तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम का उद्घाटन किया, जहां भारत 6जी गठबंधन ने पांच समझौते किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन

चर्चा में क्यों

8 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन किया, जहां भारत 6जी गठबंधन ने पांच समझौता ज्ञापन किए, नौ श्वेत पत्र जारी किए और नई दिल्ली घोषणापत्र पर पहली प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन किया। इसका आयोजन भारत 6जी गठबंधन (बी6जीए) कर रहा है और यह 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसमें नीति निर्माता, वैश्विक प्रौद्योगिकी गठबंधन, दूरसंचार कंपनियां, उद्योग जगत के अग्रणी लोग, शिक्षाविद और अनुसंधान संस्थान एक मंच पर आए हैं, ताकि अगली पीढ़ी के नेटवर्क पर भारत के काम को गति मिले।

पांच नए समझौते

उद्घाटन समारोह में भारत 6जी गठबंधन ने पांच नए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, जो जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम तथा वॉयस के साथ हुए। गठबंधन के पास पहले से दस वैश्विक और दो घरेलू सहयोग थे, इसलिए नए समझौतों के बाद इसका साझेदारी तंत्र कुल सत्रह तक पहुंच गया है। इन समझौतों का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार, मानक, प्रौद्योगिकी विकास और 6जी नेटवर्क की तैनाती पर साथ काम करना है।

नौ श्वेत पत्र

गठबंधन ने अपने उद्योग, शैक्षणिक और अनुसंधान सदस्यों के तकनीकी योगदान पर आधारित नौ कार्य समूह श्वेत पत्र भी जारी किए। इनमें 6जी प्रौद्योगिकी परिदृश्य सर्वेक्षण और भारत में अनुसंधान, प्लेटफॉर्म तथा परीक्षणों की रूपरेखा, 6जी के लिए समेकित संवेदन एवं संचार, 5जी से 6जी तक ब्रॉडबैंड आधार के रूप में फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, ऑप्टिकल प्रौद्योगिकियों की भूमिका, 2030 और उसके बाद के लिए आईएमटी स्पेक्ट्रम तैयारी, कार्बन नेट जीरो भविष्य के अनुरूप टिकाऊ 6जी, सेलुलर और वाई-फाई का तालमेल, कैप्टिव गैर-सार्वजनिक नेटवर्क तथा 6जी सुरक्षा शामिल हैं।

नई दिल्ली घोषणापत्र का एक वर्ष

समारोह में एक संयुक्त रिपोर्ट भी जारी हुई, जिसका शीर्षक है नई दिल्ली घोषणापत्र के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगति: कार्य, परिणाम और दृष्टिकोण, प्रथम संस्करण, अक्टूबर 2026। यह रिपोर्ट उस घोषणापत्र के समर्थन के एक वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जिसे 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया था, और इसमें हस्ताक्षरकर्ता साझेदार संस्थाओं द्वारा बताए गए कार्यों तथा परिणामों का लेखा-जोखा है। यह घोषणापत्र 6जी को सुरक्षित, सहनशील, खुले, अंतरप्रचालनीय, समावेशी और टिकाऊ तंत्र के रूप में विकसित करने का साझा ढांचा देता है, जिसमें अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनतीसरा अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026
तिथियां7 से 9 अक्टूबर 2026
स्थानयशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली
आयोजकभारत 6जी गठबंधन (बी6जीए)
उद्घाटनकर्ताज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री
नए समझौता ज्ञापनपांच, जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम और वॉयस के साथ
कुल सहयोगसत्रह, जिसमें पहले के दस वैश्विक और दो घरेलू सहयोग शामिल
जारी श्वेत पत्रनौ कार्य समूह श्वेत पत्र
जारी रिपोर्टनई दिल्ली घोषणापत्र के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगति, प्रथम संस्करण, अक्टूबर 2026
नई दिल्ली घोषणापत्र2025 के अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संस्करण (तीसरा), तिथियां (7 से 9 अक्टूबर 2026), स्थान (यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली), आयोजक (भारत 6जी गठबंधन), उद्घाटनकर्ता (ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया), पांच समझौता साझेदार, नौ श्वेत पत्र और कुल सत्रह सहयोग, तथा यह तथ्य कि नई दिल्ली घोषणापत्र 2025 के सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया था।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम के किस संस्करण का उद्घाटन हुआ?

  1. A.पहला
  2. B.दूसरा
  3. C.तीसरा
  4. D.पांचवां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर तीसरा संस्करण है। केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन किया, जिसका आयोजन भारत 6जी गठबंधन नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में कर रहा है और जिसके सत्र 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे। विकल्प A यानी पहला संस्करण गलत है, क्योंकि यह सिम्पोजियम पहले भी आयोजित हो चुका है। विकल्प B यानी दूसरा संस्करण सबसे ध्यान देने योग्य भ्रम है, क्योंकि 6जी सिद्धांतों पर नई दिल्ली घोषणापत्र उसी पिछले संस्करण में, 2025 में स्वीकार किया गया था और इस वर्ष जारी रिपोर्ट उसी के एक वर्ष पूरे होने का लेखा-जोखा है। विकल्प D यानी पांचवां संस्करण वास्तविक गिनती से बहुत आगे है। इसे याद रखने का सरल तरीका संस्करण और वर्ष की जोड़ी है, अर्थात 2026 में तीसरा संस्करण और 2025 के सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया घोषणापत्र।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सिम्पोजियम में भारत 6जी गठबंधन ने कितने कार्य समूह श्वेत पत्र जारी किए?

  1. A.पांच
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.सत्रह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नौ

व्याख्या

सही उत्तर नौ है। भारत 6जी गठबंधन ने अपने उद्योग, शैक्षणिक और अनुसंधान सदस्यों के तकनीकी योगदान पर आधारित नौ कार्य समूह श्वेत पत्र जारी किए। इनके विषय 6जी प्रौद्योगिकी परिदृश्य सर्वेक्षण और भारत के लिए अनुसंधान रूपरेखा से लेकर समेकित संवेदन एवं संचार, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, ऑप्टिकल प्रौद्योगिकी, स्पेक्ट्रम तैयारी, कार्बन नेट जीरो भविष्य के अनुरूप टिकाऊ नेटवर्क, सेलुलर और वाई-फाई तालमेल, कैप्टिव गैर-सार्वजनिक नेटवर्क तथा 6जी सुरक्षा तक फैले हैं। विकल्प A यानी पांच उसी समारोह में हुए नए समझौता ज्ञापनों की संख्या है, जो जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम और वॉयस के साथ हुए, इसलिए यह दूसरी गिनती है। विकल्प D यानी सत्रह नए समझौतों के बाद गठबंधन के कुल सहयोगों की संख्या है। विकल्प B यानी सात किसी घोषणा से मेल नहीं खाता।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सिम्पोजियम में हुए नए समझौतों के बाद भारत 6जी गठबंधन के कुल सहयोग कितने हो गए?

  1. A.बारह
  2. B.पंद्रह
  3. C.सत्रह
  4. D.बाईस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सत्रह

व्याख्या

सही उत्तर सत्रह है। सिम्पोजियम से पहले भारत 6जी गठबंधन के पास दस वैश्विक और दो घरेलू सहयोग थे, और उद्घाटन समारोह में उसने पांच और समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, जो जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम तथा वॉयस के साथ हुए। पहले के बारह सहयोगों में पांच नए जोड़ने पर साझेदारी तंत्र कुल सत्रह तक पहुंचता है, और यही याद रखने योग्य आंकड़ा है। विकल्प A यानी बारह नए समझौतों से पहले की वैश्विक और घरेलू सहयोगों की गिनती है। विकल्प B यानी पंद्रह और विकल्प D यानी बाईस किसी भी चरण की गिनती से मेल नहीं खाते। यहां एक संख्या रटने के बजाय पूरा जोड़ याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न पहले की संख्या, जोड़ी गई संख्या या नई कुल संख्या, तीनों रूपों में पूछा जा सकता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

6जी सिद्धांतों पर नई दिल्ली घोषणापत्र किस आयोजन में स्वीकार किया गया था?

  1. A.इंडिया मोबाइल कांग्रेस
  2. B.2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम
  3. C.विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा
  4. D.2024 में आयोजित भारत 6जी सिम्पोजियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम

व्याख्या

सही उत्तर 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम है। इस वर्ष के समारोह में जारी संयुक्त रिपोर्ट, जिसका शीर्षक नई दिल्ली घोषणापत्र के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगति: कार्य, परिणाम और दृष्टिकोण, प्रथम संस्करण, अक्टूबर 2026 है, उसी सिम्पोजियम में घोषणापत्र के स्वीकार किए जाने के एक वर्ष पूरे होने का प्रतीक है और इसमें हस्ताक्षरकर्ता साझेदार संस्थाओं द्वारा बताए गए कार्यों तथा परिणामों का विवरण है। घोषणापत्र स्वयं 6जी को सुरक्षित, सहनशील, खुले, अंतरप्रचालनीय, समावेशी और टिकाऊ तंत्र के रूप में विकसित करने का साझा ढांचा तय करता है, जिसमें अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर है। विकल्प A एक अलग दूरसंचार आयोजन का नाम है। विकल्प D वर्ष बदल देता है और इससे प्रगति रिपोर्ट का एक वर्ष का संबंध टूट जाता है। विकल्प C में दी गई मानकीकरण सभा वह मंच नहीं थी, जहां घोषणापत्र स्वीकार हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम का आयोजन कौन करता है?

इसका आयोजन भारत 6जी गठबंधन (बी6जीए) करता है। तीसरा संस्करण 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में हुआ और इसका उद्घाटन केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया।

सिम्पोजियम में भारत 6जी गठबंधन ने किनके साथ समझौते किए?

जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम तथा वॉयस के साथ पांच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इसके बाद गठबंधन के कुल सहयोग सत्रह हो गए हैं।

6जी पर नई दिल्ली घोषणापत्र क्या है?

यह 6जी को सुरक्षित, सहनशील, खुले, अंतरप्रचालनीय, समावेशी और टिकाऊ प्रौद्योगिकी तंत्र के रूप में विकसित करने का साझा ढांचा है, जिसे 2025 में अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया था। इसकी पहली प्रगति रिपोर्ट 2026 के संस्करण में जारी हुई।

स्रोत

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