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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

6जी सिद्धांतों पर नई दिल्ली घोषणापत्र किस आयोजन में स्वीकार किया गया था?

  1. A.इंडिया मोबाइल कांग्रेस
  2. B.2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम
  3. C.विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा
  4. D.2024 में आयोजित भारत 6जी सिम्पोजियम

सही उत्तर

B. 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम

व्याख्या

सही उत्तर 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम है। इस वर्ष के समारोह में जारी संयुक्त रिपोर्ट, जिसका शीर्षक नई दिल्ली घोषणापत्र के 6जी सिद्धांतों की दिशा में प्रगति: कार्य, परिणाम और दृष्टिकोण, प्रथम संस्करण, अक्टूबर 2026 है, उसी सिम्पोजियम में घोषणापत्र के स्वीकार किए जाने के एक वर्ष पूरे होने का प्रतीक है और इसमें हस्ताक्षरकर्ता साझेदार संस्थाओं द्वारा बताए गए कार्यों तथा परिणामों का विवरण है। घोषणापत्र स्वयं 6जी को सुरक्षित, सहनशील, खुले, अंतरप्रचालनीय, समावेशी और टिकाऊ तंत्र के रूप में विकसित करने का साझा ढांचा तय करता है, जिसमें अनुसंधान, नवाचार और मानकीकरण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर है। विकल्प A एक अलग दूरसंचार आयोजन का नाम है। विकल्प D वर्ष बदल देता है और इससे प्रगति रिपोर्ट का एक वर्ष का संबंध टूट जाता है। विकल्प C में दी गई मानकीकरण सभा वह मंच नहीं थी, जहां घोषणापत्र स्वीकार हुआ।

पूरा लेख पढ़ें: तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम के किस संस्करण का उद्घाटन हुआ?

  1. A.पहला
  2. B.दूसरा
  3. C.तीसरा
  4. D.पांचवां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर तीसरा संस्करण है। केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6जी सिम्पोजियम 2026 का उद्घाटन किया, जिसका आयोजन भारत 6जी गठबंधन नई दिल्ली के यशोभूमि, द्वारका में कर रहा है और जिसके सत्र 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे। विकल्प A यानी पहला संस्करण गलत है, क्योंकि यह सिम्पोजियम पहले भी आयोजित हो चुका है। विकल्प B यानी दूसरा संस्करण सबसे ध्यान देने योग्य भ्रम है, क्योंकि 6जी सिद्धांतों पर नई दिल्ली घोषणापत्र उसी पिछले संस्करण में, 2025 में स्वीकार किया गया था और इस वर्ष जारी रिपोर्ट उसी के एक वर्ष पूरे होने का लेखा-जोखा है। विकल्प D यानी पांचवां संस्करण वास्तविक गिनती से बहुत आगे है। इसे याद रखने का सरल तरीका संस्करण और वर्ष की जोड़ी है, अर्थात 2026 में तीसरा संस्करण और 2025 के सिम्पोजियम में स्वीकार किया गया घोषणापत्र।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सिम्पोजियम में भारत 6जी गठबंधन ने कितने कार्य समूह श्वेत पत्र जारी किए?

  1. A.पांच
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.सत्रह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नौ

व्याख्या

सही उत्तर नौ है। भारत 6जी गठबंधन ने अपने उद्योग, शैक्षणिक और अनुसंधान सदस्यों के तकनीकी योगदान पर आधारित नौ कार्य समूह श्वेत पत्र जारी किए। इनके विषय 6जी प्रौद्योगिकी परिदृश्य सर्वेक्षण और भारत के लिए अनुसंधान रूपरेखा से लेकर समेकित संवेदन एवं संचार, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस, ऑप्टिकल प्रौद्योगिकी, स्पेक्ट्रम तैयारी, कार्बन नेट जीरो भविष्य के अनुरूप टिकाऊ नेटवर्क, सेलुलर और वाई-फाई तालमेल, कैप्टिव गैर-सार्वजनिक नेटवर्क तथा 6जी सुरक्षा तक फैले हैं। विकल्प A यानी पांच उसी समारोह में हुए नए समझौता ज्ञापनों की संख्या है, जो जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम और वॉयस के साथ हुए, इसलिए यह दूसरी गिनती है। विकल्प D यानी सत्रह नए समझौतों के बाद गठबंधन के कुल सहयोगों की संख्या है। विकल्प B यानी सात किसी घोषणा से मेल नहीं खाता।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

सिम्पोजियम में हुए नए समझौतों के बाद भारत 6जी गठबंधन के कुल सहयोग कितने हो गए?

  1. A.बारह
  2. B.पंद्रह
  3. C.सत्रह
  4. D.बाईस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सत्रह

व्याख्या

सही उत्तर सत्रह है। सिम्पोजियम से पहले भारत 6जी गठबंधन के पास दस वैश्विक और दो घरेलू सहयोग थे, और उद्घाटन समारोह में उसने पांच और समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, जो जीएसएमए, वन6जी एसोसिएशन, जीटीआई अलायंस लिमिटेड, 6जी इंडस्ट्री फोरम तथा वॉयस के साथ हुए। पहले के बारह सहयोगों में पांच नए जोड़ने पर साझेदारी तंत्र कुल सत्रह तक पहुंचता है, और यही याद रखने योग्य आंकड़ा है। विकल्प A यानी बारह नए समझौतों से पहले की वैश्विक और घरेलू सहयोगों की गिनती है। विकल्प B यानी पंद्रह और विकल्प D यानी बाईस किसी भी चरण की गिनती से मेल नहीं खाते। यहां एक संख्या रटने के बजाय पूरा जोड़ याद रखना उपयोगी है, क्योंकि प्रश्न पहले की संख्या, जोड़ी गई संख्या या नई कुल संख्या, तीनों रूपों में पूछा जा सकता है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

मंत्री ने उभरते वैज्ञानिक क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की पहलों में निम्नलिखित में से किसका नाम नहीं लिया?

  1. A.डीप ओशन मिशन
  2. B.क्वांटम मिशन
  3. C.अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन
  4. D.राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन है, जिसका नाम मंत्री ने इस संबोधन में नहीं लिया। उन्होंने उभरते क्षेत्रों में क्षमता बनाने वाली पहलों के रूप में डीप ओशन मिशन, क्वांटम मिशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा तथा अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की गिनती की, इसलिए विकल्प ए, बी और सी उसी सूची में आते हैं। डीप ओशन मिशन पर उन्होंने कहा कि भारत अपने महासागरों की वैज्ञानिक तथा आर्थिक क्षमता का पता लगाना शुरू कर रहा है, जिसमें बड़े हिस्से में अनछुए संसाधन भी शामिल हैं। जैव प्रौद्योगिकी पर उन्होंने अलग से अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार वाले ढांचे, कोविड-19 के विरुद्ध दुनिया के पहले डीएनए टीके तथा जीनोम इंडिया पहल का उल्लेख किया। चंद्रयान-3 उनका उदाहरण था कि जटिल मिशन उल्लेखनीय कम लागत पर चलाया जा सकता है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मंत्री के अनुसार भारत का परमाणु ऊर्जा क्षमता लक्ष्य क्या है?

  1. A.2040 तक 50 गीगावॉट
  2. B.2035 तक 75 गीगावॉट
  3. C.2047 तक 100 गीगावॉट
  4. D.2050 तक 200 गीगावॉट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2047 तक 100 गीगावॉट

व्याख्या

सही उत्तर 2047 तक 100 गीगावॉट है। मंत्री ने इस लक्ष्य का उल्लेख परमाणु क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के साथ किया और परमाणु ऊर्जा को भविष्य की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बताया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा डेटा केंद्रों से बनने वाली मांग भी शामिल है। विकल्प ए, बी और डी में संभावित दिखने वाली क्षमता और संभावित दिखने वाले वर्ष जोड़े गए हैं, और प्रश्न इसी तरह बनाए जाते हैं, इसलिए उत्तर के दोनों हिस्से याद रखने चाहिए। वर्ष 2047 महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्वतंत्रता की शताब्दी का वर्ष है और कई राष्ट्रीय लक्ष्यों की समय-सीमा भी, इसलिए जिस अभ्यर्थी को वर्ष याद है वह अक्सर सही विकल्प तक पहुंच जाता है। 100 गीगावॉट का क्षमता आंकड़ा इसी संबोधन में दिए गए अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के आंकड़ों के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षा में दोनों एक ही खबर से पूछे जा सकते हैं।