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आरओडीटीईपी योजना 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई

वाणिज्य विभाग ने निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट योजना को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखा है, दरें और मूल्य सीमाएं पहले जैसी ही रहेंगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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आरओडीटीईपी योजना 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई — GK24 title card

चर्चा में क्यों

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को बताया कि वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना संख्या 41/2026-27 के जरिये आरओडीटीईपी योजना को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है और मौजूदा दरें तथा मूल्य सीमाएं पहले जैसी ही रहेंगी।

निर्यातकों को उनके उत्पादों में अंतर्निहित करों की वापसी कुछ महीने और मिलती रहेगी। वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना संख्या 41/2026-27 जारी करते हुए निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट योजना यानी आरओडीटीईपी को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। इसकी घोषणा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 2 अक्टूबर 2026 को की।

लाभ किसे मिलेगा

अधिसूचना में निर्यातक इकाइयों की चार श्रेणियां गिनाई गई हैं। पहली श्रेणी घरेलू टैरिफ क्षेत्र यानी डीटीए में काम करने वाली इकाइयां हैं। दूसरी श्रेणी अग्रिम प्राधिकरण धारकों की है, यह वह अनुमति है जिसके बल पर निर्यातक निर्यात दायित्व के बदले कच्चा माल शुल्क मुक्त आयात करता है। तीसरी श्रेणी विशेष आर्थिक क्षेत्र में स्थित इकाइयां और चौथी श्रेणी निर्यातोन्मुखी इकाइयां हैं। बढ़ाई गई अवधि में इन चारों में से किसी के भी निर्यात पर योजना लागू रहेगी।

योजना क्या वापस करती है

आरओडीटीईपी कोई सब्सिडी नहीं, बल्कि वापसी की व्यवस्था है। यह उन केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों, करों तथा उपकरों को लौटाती है जो निर्यात की जाने वाली वस्तु की लागत में छिपे होते हैं और किसी दूसरी व्यवस्था से वापस नहीं मिलते। उत्पादन की पिछली कड़ियों में जमा हुए अप्रत्यक्ष कर भी, जो अंतिम वस्तु तक चले आते हैं, इसी वापसी के दायरे में आते हैं। इसके पीछे विश्व व्यापार का वही पुराना सिद्धांत है कि देश को अपनी वस्तुएं निर्यात करनी चाहिए, अपने कर नहीं।

दरें जहां थीं वहीं रहेंगी

अवधि बढ़ाने के साथ दरों की नई गणना नहीं हुई है। परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई में पहले से अधिसूचित दरें और मूल्य सीमाएं, 30 सितंबर 2026 को जिस रूप में लागू थीं, पूरी बढ़ी हुई अवधि में उसी रूप में चलती रहेंगी। इसलिए निर्यातक को पुरानी सूची से ही हिसाब लगाना है।

सरकार ने ऐसा क्यों किया

घोषित उद्देश्य यह है कि विदेशी बाजारों में भारतीय माल प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के माल के बराबर खड़ा रह सके। निर्यातक जहाज भरने से महीनों पहले कीमत तय करता है, इसलिए उसके लिए दर जितनी अहम है, अवधि की निश्चितता भी उतनी ही अहम है।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनानिर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी)
कब तक बढ़ाई गई31 दिसंबर 2026
अधिसूचनासंख्या 41/2026-27, दिनांक 30 सितंबर 2026
जारीकर्तावाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
पात्र इकाइयांडीटीए इकाइयां, अग्रिम प्राधिकरण धारक, एसईजेड इकाइयां और निर्यातोन्मुखी इकाइयां
दरें और मूल्य सीमाएंपरिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई के अनुसार, अपरिवर्तित
क्या वापस होता हैअंतर्निहित तथा प्रतिपूर्ति से वंचित केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्क, कर एवं उपकर, साथ ही पूर्ववर्ती चरणों के संचित अप्रत्यक्ष कर
घोषित उद्देश्यप्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारतीय निर्यातकों को समान अवसर
घोषणा की तिथि2 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

आरओडीटीईपी का पूरा नाम, नई अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026, अधिसूचना संख्या 41/2026-27 और उसकी तारीख 30 सितंबर 2026 तथा जारी करने वाला विभाग याद रखें। इसके बाद चार पात्र श्रेणियां: डीटीए इकाइयां, अग्रिम प्राधिकरण धारक, विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाइयां और निर्यातोन्मुखी इकाइयां। दरें और मूल्य सीमाएं रखने वाले दोनों परिशिष्ट 4 आर तथा 4 आरई एक पंक्ति के प्रश्न के लिए पसंदीदा हैं, और यह बात भी कि योजना सब्सिडी नहीं देती बल्कि छिपे हुए करों की वापसी करती है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को किस तारीख तक बढ़ाया गया है?

  1. A.30 सितंबर 2026
  2. B.31 दिसंबर 2026
  3. C.31 मार्च 2027
  4. D.30 जून 2027
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 31 दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 31 दिसंबर 2026 है। वाणिज्य विभाग ने आरओडीटीईपी योजना को इसी तिथि तक आगे बढ़ाया है और इस बीच घरेलू टैरिफ क्षेत्र की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाइयों तथा निर्यातोन्मुखी इकाइयों द्वारा किए गए निर्यात पर यह लाभ उपलब्ध रहेगा। विकल्प A यानी 30 सितंबर 2026 अधिसूचना की तारीख है और उसी दिन की स्थिति में दर सूची को जारी रखा गया है, यह योजना की अंतिम तिथि नहीं है, इसलिए यह गलत है। विकल्प C और D यानी 31 मार्च 2027 तथा 30 जून 2027 इसलिए सही लगते हैं कि भारत में आर्थिक उपाय अक्सर तिमाही या वित्त वर्ष के अंत पर समाप्त होते हैं, पर वाणिज्य विभाग के इस निर्णय में ये तिथियां कहीं नहीं आतीं। परीक्षार्थी तीन तारीखों को अलग-अलग रखें: अधिसूचना की तारीख, दरों के स्थिर रहने की तारीख और योजना की नई अंतिम तारीख। इनमें से अंतिम ही 31 दिसंबर 2026 है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

वाणिज्य विभाग की किस अधिसूचना से आरओडीटीईपी योजना बढ़ाई गई?

  1. A.अधिसूचना संख्या 37/2026-27
  2. B.अधिसूचना संख्या 39/2026-27
  3. C.अधिसूचना संख्या 41/2026-27
  4. D.अधिसूचना संख्या 45/2026-27
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अधिसूचना संख्या 41/2026-27

व्याख्या

सही उत्तर अधिसूचना संख्या 41/2026-27 है, जिसे वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर 2026 को जारी कर आरओडीटीईपी योजना को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखा। विकल्प A उस अधिसूचना का नंबर है जिससे पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स व्यवधानों से जूझ रहे निर्यातकों के लिए रिलीफ पहल के घटक दो की समय सीमा बढ़ाई गई थी, यानी उसी विभाग का उसी दिन का एक अलग उपाय, और इसी कारण यह सबसे मजबूत भ्रमक विकल्प है। विकल्प B और D में दिए क्रमांक इस निर्णय से कभी जुड़े ही नहीं। ऐसे प्रश्न उन्हीं परीक्षार्थियों को लाभ देते हैं जो अधिसूचना का नंबर उसकी तारीख के साथ याद रखते हैं, क्योंकि कोई विभाग एक ही दिन कई अधिसूचनाएं निकालता है और परीक्षक गलत नंबर को सही योजना के साथ जोड़ देते हैं। इस जोड़ी को याद रखिए।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

आरओडीटीईपी की दरें और मूल्य सीमाएं किन परिशिष्टों में अधिसूचित हैं, जो अवधि बढ़ने पर भी अपरिवर्तित रहेंगी?

  1. A.परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई
  2. B.परिशिष्ट 3 बी और परिशिष्ट 3 सी
  3. C.परिशिष्ट 2 ए और परिशिष्ट 2 बी
  4. D.परिशिष्ट 7 ए और परिशिष्ट 7 बी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई

व्याख्या

सही उत्तर परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई है। इन दोनों परिशिष्टों में दी गई दरें तथा मूल्य सीमाएं, 30 सितंबर 2026 को जिस रूप में लागू थीं, पूरी बढ़ी हुई अवधि में उसी रूप में चलेंगी, इसलिए निर्यातक को पहले जितना ही अधिकार मिलेगा। विकल्प B यानी परिशिष्ट 3 बी और 3 सी दूसरी निर्यात प्रोत्साहन सूचियों से जुड़े हैं, आरओडीटीईपी से नहीं। विकल्प C और D केवल स्मरण परखने के लिए बनाए गए जोड़े हैं। परीक्षार्थी के लिए व्यावहारिक बात यह है कि सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाई, दर ढांचे को फिर से नहीं खोला: न नई गणना, न बदली हुई सीमा, केवल लंबी अवधि। प्रश्न उलटा भी बन सकता है कि आरओडीटीईपी बढ़ने पर क्या नहीं बदला, और उसका उत्तर इन्हीं दो परिशिष्टों की दरें तथा मूल्य सीमाएं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरओडीटीईपी योजना कब तक बढ़ाई गई है?

31 दिसंबर 2026 तक। वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना संख्या 41/2026-27 के जरिये इसे जारी रखने का आदेश दिया है।

आरओडीटीईपी का पूरा नाम क्या है?

निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट। यह निर्यात वस्तु पर पड़े उन अंतर्निहित केंद्रीय, राज्य तथा स्थानीय शुल्कों, करों और उपकरों को लौटाती है जिनकी भरपाई किसी अन्य योजना से नहीं होती।

बढ़ाई गई योजना का लाभ किन निर्यातकों को मिलेगा?

घरेलू टैरिफ क्षेत्र की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाइयों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों को।

अवधि बढ़ने से आरओडीटीईपी की दरें बदली हैं?

नहीं। परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई में अधिसूचित दरें तथा मूल्य सीमाएं, जो 30 सितंबर 2026 को लागू थीं, बढ़ी हुई अवधि में वैसी ही रहेंगी।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 2 अक्टूबर 2026

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