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GK24
अर्थव्यवस्थामध्यम

वाणिज्य विभाग की किस अधिसूचना से आरओडीटीईपी योजना बढ़ाई गई?

  1. A.अधिसूचना संख्या 37/2026-27
  2. B.अधिसूचना संख्या 39/2026-27
  3. C.अधिसूचना संख्या 41/2026-27
  4. D.अधिसूचना संख्या 45/2026-27

सही उत्तर

C. अधिसूचना संख्या 41/2026-27

व्याख्या

सही उत्तर अधिसूचना संख्या 41/2026-27 है, जिसे वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर 2026 को जारी कर आरओडीटीईपी योजना को 31 दिसंबर 2026 तक जारी रखा। विकल्प A उस अधिसूचना का नंबर है जिससे पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स व्यवधानों से जूझ रहे निर्यातकों के लिए रिलीफ पहल के घटक दो की समय सीमा बढ़ाई गई थी, यानी उसी विभाग का उसी दिन का एक अलग उपाय, और इसी कारण यह सबसे मजबूत भ्रमक विकल्प है। विकल्प B और D में दिए क्रमांक इस निर्णय से कभी जुड़े ही नहीं। ऐसे प्रश्न उन्हीं परीक्षार्थियों को लाभ देते हैं जो अधिसूचना का नंबर उसकी तारीख के साथ याद रखते हैं, क्योंकि कोई विभाग एक ही दिन कई अधिसूचनाएं निकालता है और परीक्षक गलत नंबर को सही योजना के साथ जोड़ देते हैं। इस जोड़ी को याद रखिए।

पूरा लेख पढ़ें: आरओडीटीईपी योजना 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई

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Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को किस तारीख तक बढ़ाया गया है?

  1. A.30 सितंबर 2026
  2. B.31 दिसंबर 2026
  3. C.31 मार्च 2027
  4. D.30 जून 2027
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 31 दिसंबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 31 दिसंबर 2026 है। वाणिज्य विभाग ने आरओडीटीईपी योजना को इसी तिथि तक आगे बढ़ाया है और इस बीच घरेलू टैरिफ क्षेत्र की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाइयों तथा निर्यातोन्मुखी इकाइयों द्वारा किए गए निर्यात पर यह लाभ उपलब्ध रहेगा। विकल्प A यानी 30 सितंबर 2026 अधिसूचना की तारीख है और उसी दिन की स्थिति में दर सूची को जारी रखा गया है, यह योजना की अंतिम तिथि नहीं है, इसलिए यह गलत है। विकल्प C और D यानी 31 मार्च 2027 तथा 30 जून 2027 इसलिए सही लगते हैं कि भारत में आर्थिक उपाय अक्सर तिमाही या वित्त वर्ष के अंत पर समाप्त होते हैं, पर वाणिज्य विभाग के इस निर्णय में ये तिथियां कहीं नहीं आतीं। परीक्षार्थी तीन तारीखों को अलग-अलग रखें: अधिसूचना की तारीख, दरों के स्थिर रहने की तारीख और योजना की नई अंतिम तारीख। इनमें से अंतिम ही 31 दिसंबर 2026 है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

आरओडीटीईपी की दरें और मूल्य सीमाएं किन परिशिष्टों में अधिसूचित हैं, जो अवधि बढ़ने पर भी अपरिवर्तित रहेंगी?

  1. A.परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई
  2. B.परिशिष्ट 3 बी और परिशिष्ट 3 सी
  3. C.परिशिष्ट 2 ए और परिशिष्ट 2 बी
  4. D.परिशिष्ट 7 ए और परिशिष्ट 7 बी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई

व्याख्या

सही उत्तर परिशिष्ट 4 आर और परिशिष्ट 4 आरई है। इन दोनों परिशिष्टों में दी गई दरें तथा मूल्य सीमाएं, 30 सितंबर 2026 को जिस रूप में लागू थीं, पूरी बढ़ी हुई अवधि में उसी रूप में चलेंगी, इसलिए निर्यातक को पहले जितना ही अधिकार मिलेगा। विकल्प B यानी परिशिष्ट 3 बी और 3 सी दूसरी निर्यात प्रोत्साहन सूचियों से जुड़े हैं, आरओडीटीईपी से नहीं। विकल्प C और D केवल स्मरण परखने के लिए बनाए गए जोड़े हैं। परीक्षार्थी के लिए व्यावहारिक बात यह है कि सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाई, दर ढांचे को फिर से नहीं खोला: न नई गणना, न बदली हुई सीमा, केवल लंबी अवधि। प्रश्न उलटा भी बन सकता है कि आरओडीटीईपी बढ़ने पर क्या नहीं बदला, और उसका उत्तर इन्हीं दो परिशिष्टों की दरें तथा मूल्य सीमाएं हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

बिहार के कृषि मंत्री के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने कितना मखाना तथा मूल्यवर्धित मखाना उत्पाद निर्यात किया?

  1. A.4000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 12 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  2. B.7000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  3. C.9000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर
  4. D.12000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 7000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर

व्याख्या

सही उत्तर 7000 मीट्रिक टन से अधिक, मूल्य लगभग 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो उस वित्त वर्ष में बीस से अधिक अंतरराष्ट्रीय ठिकानों पर भेजा गया। बाकी तीन विकल्पों में गढ़े गए वजन और मूल्य हैं, जैसे परीक्षक यह देखने के लिए रखता है कि परीक्षार्थी ने दोनों आंकड़े साथ याद किए हैं या किसी एक को अलग-अलग। मंत्री ने इन आंकड़ों को बड़े संदर्भ में रखा: राज्य सरकार कृषि निर्यात नीति तैयार कर रही है जिसका उद्देश्य निर्यात संवर्धन से किसानों की आय बढ़ाना है, और मखाना निर्यात मूल्य श्रृंखला के लिए पैकहाउस पहले ही विकसित किए गए हैं। उन्होंने यूनान भेजी गई खेप को राज्य के मखाना क्षेत्र का पड़ाव बताया। दोहराते समय मात्रा, मूल्य और ठिकानों की संख्या को एक पंक्ति में जोड़ें।

Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

यूनान जाने वाली मखाना खेप भारत के किस बंदरगाह से रवाना हुई?

  1. A.कांडला बंदरगाह
  2. B.मुंद्रा बंदरगाह
  3. C.न्हावा शेवा बंदरगाह
  4. D.कोलकाता बंदरगाह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मुंद्रा बंदरगाह

व्याख्या

सही उत्तर मुंद्रा बंदरगाह है, जहां से यह खेप यूनान के पीरियस बंदरगाह के लिए जाती है। विकल्प A यानी कांडला उसी गुजरात तट पर है और इसी कारण सबसे मजबूत भ्रमक है। विकल्प C मुंबई के पास का बड़ा कंटेनर बंदरगाह है और विकल्प D पूर्वी नदी बंदरगाह, दोनों सिद्धांत रूप में ऐसा माल संभाल सकते हैं पर इस खेप को इनमें से किसी ने नहीं भेजा। बंदरगाहों की जोड़ी वह विवरण है जो परीक्षक को पसंद आता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि परीक्षार्थी ने शीर्षक से आगे पढ़ा या नहीं: भारतीय छोर पर मुंद्रा और यूनानी छोर पर पीरियस। साथ में यह भी याद रखें कि खेप पूर्णिया के बेलौरी स्थित इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट से ली गई और नई दिल्ली की एस. एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स के जरिये भेजी गई, तथा रवानगी की अध्यक्षता बिहार के कृषि मंत्री ने एपीडा अध्यक्ष की उपस्थिति में की।

Q5.अर्थव्यवस्थाआसान

भारत के मखाना उत्पादन में करीब 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा किस राज्य का है?

  1. A.पश्चिम बंगाल
  2. B.असम
  3. C.बिहार
  4. D.ओडिशा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर बिहार है, जिसका हिस्सा राष्ट्रीय उत्पादन में अस्सी से पचासी प्रतिशत के बीच है, और मखाना उत्पादन में भारत स्वयं दुनिया में अग्रणी है। राज्य में खेती दस जिलों में पैंतीस हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली है। विकल्प A, B और D उन राज्यों के नाम हैं जहां आर्द्रभूमि और तालाब आधारित खेती होती है, जहां यह फसल होती भी है या हो सकती है, इसलिए वे ठीक-ठाक भ्रमक हैं, पर बिहार के हिस्से के आसपास कोई नहीं। फसल को वैज्ञानिक आधार देने वाले दो संस्थान राज्य के साथ याद रखने योग्य हैं: सबौर का बिहार कृषि विश्वविद्यालय, और दरभंगा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र। प्रश्न हिस्सा, क्षेत्र, जिलों की संख्या या अनुसंधान केंद्र, किसी पर भी बन सकता है।