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GK24

राष्ट्रपति ने एल. मुरुगन का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार किया

राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।

लेखक प्रकाशित · अपडेट · 2 मिनट
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राष्ट्रपति ने एल. मुरुगन का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार किया — GK24 title card

चर्चा में क्यों

15 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

भारत के राष्ट्रपति ने डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने 15 अक्तूबर 2026 को इसकी प्रेस विज्ञप्ति जारी की। यह निर्णय प्रधानमंत्री की सलाह पर, संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत लिया गया।

विज्ञप्ति में क्या दर्ज है

विज्ञप्ति में तीन बातें साफ हैं। पहली, डॉ. मुरुगन अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य नहीं हैं। दूसरी, यह बदलाव किसी आगामी तारीख से नहीं, तुरंत लागू होता है। तीसरी, राष्ट्रपति ने यह कदम अपने आप नहीं उठाया, बल्कि प्रधानमंत्री की सलाह पर उठाया। इसके लिए अनुच्छेद 75 के खंड (2) का उल्लेख किया गया है।

कोई केंद्रीय मंत्री पद कैसे छोड़ता है

केंद्रीय मंत्री अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंपता है, और यह तब प्रभावी होता है जब राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर उसे स्वीकार करते हैं। इसमें संसद की कोई भूमिका नहीं होती। अनुच्छेद 75 का खंड (2) इस व्यवस्था की धुरी है, क्योंकि यह कहता है कि मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। इसी खंड के आधार पर इस्तीफा स्वीकार किया जाता है और मंत्री को हटाया भी जा सकता है।

अनुच्छेद 75 एक नज़र में

  • खंड (1): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं।
  • खंड (1क): प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोक सभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। यह सीमा इक्यानबेवें संविधान संशोधन से जोड़ी गई थी।
  • खंड (2): मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहते हैं।
  • खंड (3): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
  • खंड (4): मंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं।
  • खंड (5): जो मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता, वह मंत्री नहीं रह जाता।

परीक्षा के लिहाज़ से

मंत्रिपरिषद में हुआ बदलाव दो तरह से पूछा जाता है। एक, समसामयिकी के तथ्य के रूप में, कि किसने और कब पद छोड़ा। दूसरा, संवैधानिक प्रश्न के रूप में, कि मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने की शक्ति किस अनुच्छेद और किस खंड में है तथा कौन किसे सलाह देता है। एक पंक्ति की यह विज्ञप्ति दोनों तरह के प्रश्नों का आधार बनती है, इसलिए इसे ध्यान से पढ़ना चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

कौनडॉ. एल. मुरुगन
क्या हुआकेंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार
कब से प्रभावीतत्काल प्रभाव से
किसने स्वीकार कियाभारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर
प्रयुक्त प्रावधानसंविधान के अनुच्छेद 75 का खंड (2)
घोषणा का माध्यमराष्ट्रपति सचिवालय की प्रेस विज्ञप्ति
घोषणा की तारीख15 अक्तूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

नाम (डॉ. एल. मुरुगन), तारीख (15 अक्तूबर 2026), इस्तीफा स्वीकार करने वाला पद (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर) और प्रयुक्त प्रावधान (अनुच्छेद 75, खंड 2) तथा उसका अर्थ याद रखें। इसके साथ खंड (1क) की पंद्रह प्रतिशत सीमा और खंड (3) की लोक सभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की व्यवस्था जोड़कर पढ़ें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा संविधान के किस प्रावधान के अंतर्गत स्वीकार किया गया?

  1. A.अनुच्छेद 74 का खंड (1)
  2. B.अनुच्छेद 75 का खंड (2)
  3. C.अनुच्छेद 77 का खंड (3)
  4. D.अनुच्छेद 78
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 75 का खंड (2)

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर, इसी खंड के अंतर्गत इस्तीफा स्वीकार किया; यह खंड व्यवस्था देता है कि मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।

Q2.राष्ट्रीयआसान

डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा किसने और किसकी सलाह पर स्वीकार किया?

  1. A.प्रधानमंत्री ने, मंत्रिमंडल की सलाह पर
  2. B.उपराष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर
  3. C.भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर
  4. D.लोक सभा अध्यक्ष ने, राष्ट्रपति की सलाह पर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर

विज्ञप्ति में यही बात कही गई है और यह अनुच्छेद 75 की व्यवस्था के अनुरूप भी है, जिसके अनुसार मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं और मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, इसलिए इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास है।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

अनुच्छेद 75 का कौन-सा खंड केंद्रीय मंत्रिपरिषद को लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी बनाता है?

  1. A.खंड (1क)
  2. B.खंड (2)
  3. C.खंड (3)
  4. D.खंड (5)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. खंड (3)

यही भारत की संसदीय शासन व्यवस्था का आधार है, क्योंकि मंत्रिपरिषद तभी तक पद पर रहती है जब तक उसे लोक सभा का विश्वास प्राप्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एल. मुरुगन का इस्तीफा किस संवैधानिक प्रावधान के तहत स्वीकार किया गया?

संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, जिसमें कहा गया है कि मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।

भारत में केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा कौन स्वीकार करता है?

भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर। मंत्री अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंपता है। मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने में संसद की कोई भूमिका नहीं होती।

अनुच्छेद 75 का खंड (1क) क्या कहता है?

यह प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या को लोक सभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करता है। यह सीमा इक्यानबेवें संविधान संशोधन के द्वारा जोड़ी गई थी।

स्रोत

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