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महिला श्रम बल भागीदारी दर 2025 में 40 प्रतिशत पर पहुंची

पत्र सूचना कार्यालय के दस्तावेज के अनुसार महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 के 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 40 प्रतिशत हो गई और 20 करोड़ महिलाएं कार्यरत हैं।

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महिला श्रम बल भागीदारी दर 2025 में 40 प्रतिशत पर पहुंची

चर्चा में क्यों

15 अक्तूबर 2026 को पत्र सूचना कार्यालय ने महिला, कार्य और उद्यम विषय पर दस्तावेज जारी किया, जिसमें भारत में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी, उद्यम स्वामित्व, ऋण, कौशल और श्रम कानून से मिलने वाले संरक्षण के आंकड़े एक साथ रखे गए।

पत्र सूचना कार्यालय ने 15 अक्तूबर 2026 को जारी दस्तावेज में भारत में महिलाओं के काम से जुड़े आंकड़े एक जगह रखे और कहा कि यह कहानी अब केवल श्रम बाजार में शामिल होने से आगे बढ़कर काम की गुणवत्ता तक पहुंच गई है। इसका आधार आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण है।

भागीदारी कैसे बढ़ी

15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 के 23.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 40 प्रतिशत हो गई। इसी अवधि में श्रमिक जनसंख्या अनुपात 22 प्रतिशत से 38.8 प्रतिशत पर पहुंचा। संख्या में देखें तो 2025 के दौरान इस उम्र की लगभग 20 करोड़ महिलाएं काम पर थीं। पहली माप उन्हें गिनती है जो काम कर रही हैं या काम खोज रही हैं, दूसरी केवल उन्हें जो वास्तव में कार्यरत हैं।

उद्यम में महिलाएं

अक्तूबर 2026 तक लगभग 3.69 करोड़ पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम महिलाओं के स्वामित्व वाले थे, जो कुल पंजीकरण का करीब 38 प्रतिशत है। मार्च 2026 तक 1.07 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार थीं, जो सभी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का लगभग 48 प्रतिशत है।

महिलाएं कहां काम करती हैं

क्षेत्रमहिलाओं का हिस्सा
मोबाइल फोन निर्माण में सीधा कार्यबल (जुलाई 2026)करीब 70 प्रतिशत
अर्धचालक उद्योग (मार्च 2025)लगभग 25 प्रतिशत
भारत में पायलट15 प्रतिशत
एसटीईएम शोध में करियर (2023-24)29 प्रतिशत

एसटीईएम शोध में यह हिस्सा 2000-01 में 13 प्रतिशत और 2020-21 में 18.6 प्रतिशत था, जिसके बाद यह अब के स्तर पर आया।

ऋण और बाजार

2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म और लघु इकाइयों को 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण मिलता है, और अप्रैल 2026 तक 57.79 करोड़ से अधिक ऋण मंजूर हुए, जिनमें दो-तिहाई महिलाओं के नाम रहे। महिलाओं के नेतृत्व वाली लघु इकाइयों को 90 प्रतिशत गारंटी कवर और गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत छूट मिलती है, तथा फरवरी 2026 तक उनके लिए लगभग 30.75 लाख गारंटियां मंजूर हुईं, जिनका मूल्य करीब 2.07 लाख करोड़ रुपये था। सरकारी ई-बाजार पर वुमनिया पहल के तहत जुलाई 2026 तक 2.17 लाख महिला स्वामित्व वाली लघु इकाइयां पंजीकृत थीं और 2025-26 में इन इकाइयों को मिले अनुबंध 28,000 करोड़ रुपये पार कर गए, जो 27.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

कौशल और श्रम कानून

वर्ष 2025 की नव्या योजना का लक्ष्य 3,850 किशोरियों को गैर-पारंपरिक भूमिकाओं में कुशल बनाना है, और 31 अगस्त 2026 तक 1,105 किशोरियों को प्रशिक्षण मिला। महिलाओं के लिए एआई करियर कार्यक्रम महिला महाविद्यालयों में 30 उत्कृष्टता केंद्र और 150 सहायक केंद्र बना रहा है, जिससे 20,000 शिक्षार्थियों को प्रशिक्षण मिलेगा। नवंबर 2025 में सरकार ने 29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित किया, जिनके तहत पात्र महिलाओं को 26 सप्ताह तक सवेतन मातृत्व अवकाश, नि:शुल्क प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल न मिलने पर 3,500 रुपये चिकित्सा बोनस, कम से कम 50 कामगारों वाले प्रतिष्ठानों में शिशु गृह तथा केंद्रीय और राज्य सलाहकार बोर्डों में एक-तिहाई स्थान मिलते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

दस्तावेजमहिला, कार्य और उद्यम पर पत्र सूचना कार्यालय का दस्तावेज, 15 अक्तूबर 2026
महिला श्रम बल भागीदारी दर2017-18 में 23.3 प्रतिशत से 2025 में 40 प्रतिशत
महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात2017-18 में 22 प्रतिशत से 2025 में 38.8 प्रतिशत
कार्यरत महिलाएं2025 में 15 वर्ष और अधिक उम्र की लगभग 20 करोड़
महिला स्वामित्व वाले एमएसएमईअक्तूबर 2026 तक लगभग 3.69 करोड़ पंजीकरण, कुल का करीब 38 प्रतिशत
महिला निदेशक वाले स्टार्टअपमार्च 2026 तक 1.07 लाख से अधिक, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का लगभग 48 प्रतिशत
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना2015 में शुरू; 20 लाख रुपये तक बिना गारंटी ऋण; अप्रैल 2026 तक 57.79 करोड़ से अधिक ऋण
महिला लघु इकाइयों को गारंटी कवर90 प्रतिशत, गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत छूट के साथ
सरकारी ई-बाजार पर वुमनियाजुलाई 2026 तक 2.17 लाख महिला स्वामित्व वाली लघु इकाइयां; 2025-26 में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक अनुबंध
मातृत्व लाभ26 सप्ताह तक सवेतन अवकाश; दत्तक और प्रतिनियुक्त माताओं के लिए 12 सप्ताह
श्रम संहिताएंनवंबर 2025 में 29 श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समाहित किया गया
मोबाइल फोन निर्माण में महिलाएंजुलाई 2026 तक सीधे कार्यबल का करीब 70 प्रतिशत

परीक्षा की दृष्टि से

दोनों दरें वर्ष के साथ याद रखें, यानी महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23.3 प्रतिशत और 2025 में 40 प्रतिशत, श्रमिक जनसंख्या अनुपात 22 से 38.8 प्रतिशत, तथा 2025 में लगभग 20 करोड़ महिलाएं कार्यरत। साथ में 3.69 करोड़ महिला स्वामित्व वाले एमएसएमई, 2015 से मुद्रा योजना में 20 लाख रुपये तक ऋण, महिला लघु इकाइयों को 90 प्रतिशत गारंटी कवर और चार श्रम संहिताओं में 26 सप्ताह मातृत्व अवकाश याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

अक्तूबर 2026 में बताए गए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार 2025 में महिला श्रम बल भागीदारी दर कितनी थी?

  1. A.22 प्रतिशत
  2. B.23.3 प्रतिशत
  3. C.38.8 प्रतिशत
  4. D.40 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 40 प्रतिशत

15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर 2025 में इसी स्तर पर पहुंची।

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Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यमों को कितनी राशि तक बिना गारंटी ऋण मिलता है?

  1. A.10 लाख रुपये
  2. B.20 लाख रुपये
  3. C.50 लाख रुपये
  4. D.1 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 20 लाख रुपये

वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय वाली सूक्ष्म तथा लघु इकाइयों के लिए इस राशि तक बिना गारंटी ऋण की पहुंच बढ़ाना है।

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Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

ऋण गारंटी योजना के तहत महिलाओं के नेतृत्व वाली सूक्ष्म और लघु इकाइयों को कितना बढ़ा हुआ गारंटी कवर मिलता है?

  1. A.75 प्रतिशत
  2. B.80 प्रतिशत
  3. C.85 प्रतिशत
  4. D.90 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 90 प्रतिशत

यह योजना सूक्ष्म और लघु उद्यमों तक ऋण की पहुंच मजबूत करने तथा उन उद्यमियों तक पहुंचने के लिए बनी है जिन्हें अब तक पर्याप्त सेवा नहीं मिली, और इसके भीतर महिलाओं के नेतृत्व वाली इकाइयों को इसी ऊंचे स्तर पर गारंटी कवर तथा गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की…

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Q4.अर्थव्यवस्थामध्यम

नवंबर 2025 में कितने मौजूदा श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित किया गया?

  1. A.19
  2. B.24
  3. C.29
  4. D.44
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 29

सरकार ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समाहित किया, जो मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में 2025 में महिला श्रम बल भागीदारी दर कितनी है?

15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यह 40 प्रतिशत है, जो 2017-18 में 23.3 प्रतिशत थी। इसी अवधि में महिलाओं का श्रमिक जनसंख्या अनुपात 22 प्रतिशत से 38.8 प्रतिशत हो गया।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में कितना बिना गारंटी ऋण मिलता है?

गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय वाली सूक्ष्म और लघु इकाइयों को 20 लाख रुपये तक। यह योजना 2015 में शुरू हुई और अप्रैल 2026 तक इसके तहत 57.79 करोड़ से अधिक ऋण मंजूर हुए, जिनमें दो-तिहाई महिलाओं को मिले।

श्रम संहिताओं में महिलाओं को कौन से मातृत्व लाभ मिलते हैं?

पात्र महिलाओं को 26 सप्ताह तक सवेतन मातृत्व अवकाश मिलता है, जबकि दत्तक और प्रतिनियुक्त माताओं को 12 सप्ताह। नि:शुल्क प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल न मिलने पर 3,500 रुपये चिकित्सा बोनस देय है और 50 कामगारों वाले प्रतिष्ठानों में शिशु गृह जरूरी है।

भारत में महिला स्वामित्व वाले कितने एमएसएमई पंजीकृत हैं?

अक्तूबर 2026 तक लगभग 3.69 करोड़, जो सभी पंजीकृत एमएसएमई का करीब 38 प्रतिशत है। वर्ष 2024 के यशस्विनी अभियान का लक्ष्य 2029 तक उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर लैंगिक समानता लाना है।

स्रोत

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