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GK24

भूपेंद्र यादव ने जीबी पंत सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की और चार प्रकाशन जारी किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भूपेंद्र यादव ने जीबी पंत सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की — GK24 title card

चर्चा में क्यों

15 अक्तूबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नई दिल्ली में जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की और संस्थान के चार प्रकाशन जारी किए।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 15 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में संस्थान के चार प्रकाशन जारी किए गए।

बैठक में कौन शामिल हुए

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री नरेंद्र भूषण तथा मंत्रालय के महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिव श्री संतोष तिवारी बैठक में उपस्थित रहे। मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सोसायटी के सदस्य भी इसमें शामिल हुए।

लाभ साझा करना और जन जैव विविधता पंजी

मंत्री ने दो बातों पर जोर दिया। पहली है पहुंच और लाभ साझेदारी के अधिकार, जिनसे किसी समुदाय को अपने आसपास की जैविक संपदा से लाभ मिलता है। दूसरी है जन जैव विविधता पंजी, जो प्रजातियों, स्थानीय किस्मों और परंपरागत ज्ञान का स्थानीय अभिलेख होती है। श्री यादव ने कहा कि ये दोनों हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के मूल निवासी ग्रामीणों की आजीविका सुधार सकती हैं और उस तंत्र के बड़े हित में भी हैं। उन्होंने जैव विविधता संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को केंद्र में रखा।

2047 के लक्ष्य वाली रूपरेखा

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसी नीतिगत रूपरेखा बनाने पर लगातार ध्यान दिया गया है, जो पारिस्थितिक सुरक्षा और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास को साथ लेकर चले और जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 है। यही वह वर्ष है जिस तक सरकार पर्वतीय राज्यों में संरक्षण और विकास के बीच संतुलन तय करना चाहती है।

चार प्रकाशन

जारी किया गया हर खंड संस्थान के ज्ञान भंडार में जुड़ता है। इनमें से एक भागीरथी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की जैव विविधता और उसके संरक्षण की पद्धतियों पर है। दूसरा खंड गंगोत्री हिमनद तंत्र पर केंद्रित है। तीसरा भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर शासन, यानी जन जैव विविधता पंजियों के इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन, को लेता है। चौथा खंड भारतीय हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाली रामसर आर्द्रभूमियों पर है।

पहाड़ों के लिए इसका महत्व

सोसायटी गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर है और इसका काम हिमालय के पर्यावरण तथा विकास से जुड़ा है। ऐसी बैठक संस्थान के शोध का एजेंडा तय करती है, और यहां जारी प्रकाशन हिमनद, आर्द्रभूमि, पर्यावरण संवेदी क्षेत्र तथा जैव विविधता अभिलेख को समेटते हैं, जो पर्वतीय क्षेत्र की नीति के चार बड़े सवाल हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

बैठकजीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक
अध्यक्षताश्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
स्थान और तिथिनई दिल्ली, 15 अक्तूबर 2026
जारी प्रकाशनचार
विषयभागीरथी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की जैव विविधता, गंगोत्री हिमनद तंत्र, ई-पीबीआर शासन, भारतीय हिमालयी क्षेत्र की रामसर आर्द्रभूमियां
मुख्य विषयपहुंच और लाभ साझेदारी के अधिकार, जन जैव विविधता पंजी, सामुदायिक भागीदारी
नीतिगत लक्ष्यभारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए वर्ष 2047
सचिव, मंत्रालयश्री नरेंद्र भूषण
महानिदेशक (वन) एवं विशेष सचिवश्री संतोष तिवारी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें बैठक का क्रम (27वीं), निकाय का नाम (जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी), अध्यक्षता करने वाले मंत्री (पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव), जारी प्रकाशनों की संख्या (चार) और उनके विषय, पहुंच व लाभ साझेदारी के अधिकार तथा जन जैव विविधता पंजी पर जोर, और भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए 2047 का लक्ष्य।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

अक्तूबर 2026 में नई दिल्ली में हुई जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
  2. B.केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
  3. C.केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री
  4. D.केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री

सोसायटी हिमालय के पर्यावरण और विकास पर काम करती है तथा उनके मंत्रालय के दायरे में आती है, इसलिए बाकी विकल्प गलत हैं।

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Q2.पर्यावरणमध्यम

जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक में संस्थान के कितने प्रकाशन जारी किए गए?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चार

बैठक में जारी खंड क्रमशः भागीरथी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की जैव विविधता और उसके संरक्षण की पद्धतियों, गंगोत्री हिमनद तंत्र, भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर शासन तथा भारतीय हिमालयी क्षेत्र की रामसर आर्द्रभूमियों पर हैं।

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Q3.पर्यावरणमध्यम

बैठक में चर्चा की गई नीतिगत रूपरेखा भारतीय हिमालयी क्षेत्र में पारिस्थितिक सुरक्षा और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास में संतुलन किस वर्ष तक चाहती है?

  1. A.2030
  2. B.2035
  3. C.2040
  4. D.2047
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2047

मंत्री ने बैठक में कहा कि भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसी नीतिगत रूपरेखा पर लगातार ध्यान दिया गया है जो उस वर्ष तक पारिस्थितिक सुरक्षा और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास को साथ लेकर चले, और यही स्वतंत्रता का सौवां वर्ष है जिसे सरकार अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए आधार बनाती…

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 15 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें संस्थान के चार प्रकाशन जारी किए गए।

बैठक में कौन से प्रकाशन जारी हुए?

चार प्रकाशन, जो क्रमशः भागीरथी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की जैव विविधता और उसके संरक्षण, गंगोत्री हिमनद तंत्र, भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर शासन तथा भारतीय हिमालयी क्षेत्र की रामसर आर्द्रभूमियों पर हैं।

जन जैव विविधता पंजी क्या होती है?

यह जैव विविधता और परंपरागत ज्ञान का स्थानीय अभिलेख होती है। मंत्री ने कहा कि ऐसी पंजियां तथा पहुंच और लाभ साझेदारी के अधिकार हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के मूल निवासी ग्रामीणों की आजीविका सुधार सकते हैं और तंत्र के हित में भी हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा