पीएम-सेतु: नौ सरकारी आईटीआई के लिए 440 करोड़ रुपये मंजूर
पीएम-सेतु के तहत समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ सूरत और विशाखापत्तनम के नौ सरकारी आईटीआई का उन्नयन 440 करोड़ रुपये की मंजूर लागत से किया जाएगा।

चर्चा में क्यों
12 अक्टूबर 2026 को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने बताया कि पीएम-सेतु के अंतर्गत एएम/एनएस इंडिया के साथ सूरत और विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टरों के लिए शेयरधारक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका स्वीकृत निवेश लगभग 440 करोड़ रुपये है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के अंतर्गत गुजरात और आंध्र प्रदेश के नौ सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन के लिए शेयरधारक समझौतों पर हस्ताक्षर हो गए हैं। उद्योग साझेदार आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) है।
किसने हस्ताक्षर किए
समझौते मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण महानिदेशालय, गुजरात तथा आंध्र प्रदेश सरकारों और एएम/एनएस इंडिया के बीच हुए। इससे दो क्लस्टरों की स्वीकृत सामरिक निवेश योजनाओं का रास्ता खुला है — सूरत के पांच सरकारी आईटीआई और विशाखापत्तनम के चार सरकारी आईटीआई। अब हर क्लस्टर के उन्नयन और संचालन के लिए विशेष प्रयोजन कंपनियां बनाई जाएंगी। इनमें एएम/एनएस इंडिया की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रहेगी, जबकि केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकार 24.5 प्रतिशत इक्विटी रखेंगी।
धनराशि
| क्लस्टर | आईटीआई | स्वीकृत निवेश |
| सूरत, गुजरात | 5 | 240 करोड़ रुपये |
| विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश | 4 | 200 करोड़ रुपये |
| कुल | 9 | लगभग 440 करोड़ रुपये |
यह पीएम-सेतु के तहत अब तक मंजूर सबसे बड़ी उद्योग प्रतिबद्धताओं में से एक है। योजना की पहली 14 सामरिक निवेश योजनाओं में कुल 3,446 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश स्वीकृत हुआ है।
आईटीआई में क्या बदलेगा
- कार्यशालाओं, प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण ढांचे का आधुनिकीकरण।
- उद्योग की मौजूदा जरूरत वाले नए ट्रेड और तकनीकें।
- उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों में बदलाव।
- प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर।
- प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के अधिक अवसर।
एएम/एनएस इंडिया अपने शैक्षणिक और तकनीकी साझेदार न्यू एज मेकर्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नैमटेक) के साथ काम करेगा। कंपनी विनिर्माण का अनुभव देगी, जबकि नैमटेक पाठ्यक्रम सुधार, प्रशिक्षण देने के तरीकों में बदलाव, संकाय विकास और शैक्षणिक नवाचार संभालेगा। इन कदमों से आईटीआई से निकलने वाले प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार क्षमता और उद्योग के लिए तैयारी बढ़ने की उम्मीद है।
योजना का स्वरूप
पीएम-सेतु का कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य उद्योग भागीदारी तथा संस्थागत सुधार के जरिये व्यावसायिक शिक्षा को बदलना है। इसके तहत देश भर में 1,000 सरकारी आईटीआई के उन्नयन और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की योजना है। कौशल विकास सचिव देबश्री मुखर्जी ने कहा कि ये समझौते अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि शुरुआत हैं। उन्होंने शंघाई में हुई वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत के शीर्ष 10 प्रदर्शन करने वालों में शामिल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम-सेतु संस्थानों को यही स्तर लक्ष्य बनाना चाहिए।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | पीएम-सेतु: उन्नत आईटीआई के माध्यम से कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन |
|---|---|
| उद्योग साझेदार | आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) |
| शैक्षणिक साझेदार | न्यू एज मेकर्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नैमटेक) |
| क्लस्टर | सूरत में पांच सरकारी आईटीआई, विशाखापत्तनम में चार |
| स्वीकृत निवेश | लगभग 440 करोड़ रुपये (सूरत 240 करोड़, विशाखापत्तनम 200 करोड़) |
| इक्विटी बंटवारा | एएम/एनएस इंडिया 51 प्रतिशत; केंद्र और राज्य 24.5 प्रतिशत प्रत्येक |
| योजना का परिव्यय | 60,000 करोड़ रुपये |
| योजना का लक्ष्य | 1,000 सरकारी आईटीआई और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान |
| पहली 14 निवेश योजनाएं | 3,446 करोड़ रुपये का स्वीकृत प्रस्तावित निवेश |
| नोडल संस्था | प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: पीएम-सेतु का पूरा नाम, 60,000 करोड़ रुपये का परिव्यय, 1,000 सरकारी आईटीआई और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का लक्ष्य, दोनों क्लस्टर (सूरत में पांच, विशाखापत्तनम में चार आईटीआई), धनराशि (240 करोड़ और 200 करोड़, कुल लगभग 440 करोड़ रुपये), इक्विटी बंटवारा (एएम/एनएस इंडिया 51 प्रतिशत, केंद्र व राज्य 24.5 प्रतिशत) तथा साझेदार प्रशिक्षण महानिदेशालय और नैमटेक।
अभ्यास प्रश्न
पीएम-सेतु योजना का कुल परिव्यय कितना है?
- A.440 करोड़ रुपये
- B.3,446 करोड़ रुपये
- C.60,000 करोड़ रुपये
- D.1,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 60,000 करोड़ रुपये है। पीएम-सेतु यानी उन्नत आईटीआई के माध्यम से कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन की प्रमुख योजना का कुल परिव्यय इतना है और इसका उद्देश्य गहरी उद्योग भागीदारी तथा संस्थागत सुधारों से व्यावसायिक शिक्षा का स्वरूप बदलना है। विकल्प A यानी 440 करोड़ रुपये केवल सूरत और विशाखापत्तनम क्लस्टरों के लिए मंजूर निवेश है। विकल्प B यानी 3,446 करोड़ रुपये योजना के तहत मंजूर पहली 14 सामरिक निवेश योजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश है, इसलिए वह परिव्यय का एक हिस्सा है, परिव्यय नहीं। विकल्प D में राशि और लक्ष्य का भ्रम है, क्योंकि 1,000 उन सरकारी आईटीआई की संख्या है जिनका उन्नयन इस योजना में प्रस्तावित है, साथ ही पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत किया जाना है।
सूरत और विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टरों की विशेष प्रयोजन कंपनियों में एएम/एनएस इंडिया की हिस्सेदारी कितनी रहेगी?
- A.24.5 प्रतिशत
- B.49 प्रतिशत
- C.51 प्रतिशत
- D.74 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 51 प्रतिशत है। दोनों आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन और संचालन के प्रबंधन के लिए अलग विशेष प्रयोजन कंपनियां बनाई जा रही हैं और उनमें उद्योग साझेदार एएम/एनएस इंडिया की बहुमत हिस्सेदारी 51 प्रतिशत होगी। विकल्प A यानी 24.5 प्रतिशत भारत सरकार की इक्विटी है और इतनी ही हिस्सेदारी संबंधित राज्य सरकार की रहेगी, इसलिए दोनों सरकारें मिलकर 49 प्रतिशत रखती हैं। इस तरह विकल्प B कंपनी की नहीं, बल्कि दोनों सरकारों की संयुक्त हिस्सेदारी है। विकल्प D इस ढांचे का हिस्सा ही नहीं है। बहुमत हिस्सेदारी ही इस व्यवस्था को उद्योग आधारित बनाती है, जिसमें कंपनी विनिर्माण का अनुभव देती है और नैमटेक पाठ्यक्रम तथा संकाय से जुड़ा काम संभालता है। यह व्यवस्था सूरत और विशाखापत्तनम के नौ सरकारी आईटीआई पर लागू होगी, जिनके लिए लगभग 440 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर हुआ है।
पीएम-सेतु के तहत जिन दो क्लस्टरों के लिए समझौते हुए, उनमें कुल कितने सरकारी आईटीआई शामिल हैं?
- A.पांच
- B.सात
- C.नौ
- D.चौदह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर नौ है। इस साझेदारी में गुजरात के सूरत स्थित पांच सरकारी आईटीआई का एक क्लस्टर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित चार सरकारी आईटीआई का दूसरा क्लस्टर शामिल है, जो दो राज्यों के कुल नौ संस्थान बनते हैं। विकल्प A यानी पांच केवल सूरत क्लस्टर का आंकड़ा है और इसमें आंध्र प्रदेश छूट जाता है। विकल्प B किसी एक क्लस्टर या उनके जोड़ से मेल नहीं खाता। विकल्प D यानी चौदह घोषणा में दिए एक दूसरे आंकड़े से आता है, अर्थात योजना के तहत मंजूर पहली 14 सामरिक निवेश योजनाएं, जिनमें कुल 3,446 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है। इन नौ संस्थानों के लिए मंजूर निवेश लगभग 440 करोड़ रुपये है, जिसमें सूरत के लिए 240 करोड़ और विशाखापत्तनम के लिए 200 करोड़ रुपये हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम-सेतु क्या है?
उन्नत आईटीआई के माध्यम से कौशल एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन की योजना, जिसका परिव्यय 60,000 करोड़ रुपये है और जिसका लक्ष्य उद्योग भागीदारी से 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन तथा पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करना है।
सूरत और विशाखापत्तनम क्लस्टरों के लिए कितनी राशि मंजूर हुई है?
कुल लगभग 440 करोड़ रुपये, जिसमें पांच आईटीआई वाले सूरत क्लस्टर के लिए 240 करोड़ रुपये और चार आईटीआई वाले विशाखापत्तनम क्लस्टर के लिए 200 करोड़ रुपये शामिल हैं।
विशेष प्रयोजन कंपनियों में इक्विटी कैसे बंटेगी?
एएम/एनएस इंडिया 51 प्रतिशत रखेगा, जबकि भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकार 24.5 प्रतिशत इक्विटी रखेंगी।
इन क्लस्टरों में साझेदार कौन हैं?
प्रशिक्षण महानिदेशालय, गुजरात तथा आंध्र प्रदेश सरकारें और एएम/एनएस इंडिया, जो शैक्षणिक एवं तकनीकी साझेदार नैमटेक के साथ काम करेगा।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322170 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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