पीएम गतिशक्ति के पांच साल: 58 मंत्रालय, 23,493 डेटा लेयर
13 अक्टूबर 2021 को शुरू हुए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पांच साल पूरे; यह मंच अब 58 मंत्रालयों और सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों तक फैला है।

चर्चा में क्यों
12 अक्टूबर 2026 को पीआईबी के पृष्ठभूमि दस्तावेज में पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के पांच साल पूरे होने का ब्योरा दिया गया और बताया गया कि 13 अक्टूबर 2021 को शुरू हुआ यह मंच अब 58 मंत्रालयों तथा सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों तक फैला है।
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान इस महीने पांच साल पूरे कर रहा है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी पीआईबी के पृष्ठभूमि दस्तावेज में बताया गया कि यह मंच नक्शा बनाने के औजार से बढ़कर पूरी सरकार के लिए नियोजन का ढांचा बन गया है। 13 अक्टूबर 2021 को शुरू हुए इस मंच ने मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आंकड़ों को एक भू-स्थानिक सूचना प्रणाली पर लाया, जिससे सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और उपयोगी सेवाओं की योजना अलग-अलग नहीं, बल्कि साथ मिलकर बन सके। यह अब 58 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों तथा सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को समेटता है।
ढांचा कैसा है
इसके केंद्र में सात अवसंरचना इंजन हैं — सड़क, रेल, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, जन परिवहन और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना। छह मार्गदर्शक सिद्धांत हैं: समन्वित विकास, बहुविध अवसंरचना, अंतिम छोर तक संपर्क, तेज भूमि अधिग्रहण, कम मंजूरियां और पर्यावरण पर कम असर। भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, शुष्क एवं भू बंदरगाह तथा उड़ान जैसी योजनाएं इसमें शामिल हैं। 12 अक्टूबर 2026 तक मंच पर 23,493 डेटा लेयर थीं और सार्वजनिक संस्करण 230 स्वीकृत डेटासेट देता है, जिनसे स्थल उपयुक्तता विश्लेषण, संपर्क मानचित्रण, संरेखण नियोजन और अनुपालन जांच संभव है। निजी क्षेत्र के लिए यह खिड़की अक्टूबर 2025 में बिसाग-एन द्वारा बनाई गई प्रश्न आधारित व्यवस्था से खुली।
निर्णय कौन करता है
योजना त्रिस्तरीय ढांचे से चलती है। मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता वाला सशक्त सचिव समूह क्रियान्वयन देखता है और मास्टर प्लान में बदलाव मंजूर करता है। नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप प्रस्तावों की समन्वय और अनुकूलन की दृष्टि से जांच करता है। विषय विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता इकाई मूल्यांकन में मदद देती है। 11 अगस्त 2026 तक नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने लगभग 18.66 लाख करोड़ रुपये की 396 परियोजनाओं का आकलन किया, जिनमें 256 मंजूर हुईं और 198 क्रियान्वयन में हैं। मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को भी मंजूरी दी है, जो दस वर्ष या अधिक की अवधि का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान बनाएगा, 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा और फास्टैग, वाहन तथा जीएसटीएन ई-वे बिल जैसे स्रोतों से राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार तैयार करेगा।
जमीनी उदाहरण
699 किलोमीटर लंबा पुणे-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे, जो 2027-28 में पूरा होना है, 15 राष्ट्रीय राजमार्गों, 25 राज्य राजमार्गों और 6 रेलवे स्टेशनों को जोड़ेगा; मंच पर नियोजन से वन भूमि का ओवरलैप 19 प्रतिशत घटा और यात्रा में 7 से 8 घंटे की बचत होगी, साथ ही सालाना करीब 16 करोड़ लीटर ईंधन और लगभग 39 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन बचेगा। असम में जोगीघोपा बहुविध लॉजिस्टिक्स पार्क के पास धुबरी और फुलबाड़ी के बीच ब्रह्मपुत्र पर बन रहा चार लेन का पुल 205 किलोमीटर की दूरी को 20 किलोमीटर कर देगा। लद्दाख के पांग से हरियाणा के कैथल तक 480 किलोमीटर की एचवीडीसी लाइन 5 गीगावाट प्रणाली से 13 गीगावाट नवीकरणीय बिजली की निकासी करेगी, जिसका लक्ष्य 2029-30 है। 2022 में स्थापित गति शक्ति विश्वविद्यालय ने जुलाई 2026 तक 2.4 लाख से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया।
महत्वपूर्ण तथ्य
| शुरुआत | 13 अक्टूबर 2021 |
|---|---|
| दायरा | 58 केंद्रीय मंत्रालय व विभाग, सभी 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश |
| अवसंरचना इंजन | सात: सड़क, रेल, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, जन परिवहन, लॉजिस्टिक्स |
| डेटा लेयर | 12 अक्टूबर 2026 तक 23,493 |
| सार्वजनिक डेटासेट | 230 स्वीकृत डेटासेट, निजी उपयोग अक्टूबर 2025 से |
| आकलित परियोजनाएं | 11 अगस्त 2026 तक 396, लागत लगभग 18.66 लाख करोड़ रुपये |
| शीर्ष स्तर | सशक्त सचिव समूह, अध्यक्ष मंत्रिमंडल सचिव |
| नया प्राधिकरण | एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण |
| मूल्यांकन सीमा | 500 करोड़ रुपये या अधिक लागत की परियोजनाएं |
| विश्वविद्यालय | गति शक्ति विश्वविद्यालय, 2022 में स्थापित, 2.4 लाख से अधिक अधिकारी प्रशिक्षित |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: शुरुआत की तारीख (13 अक्टूबर 2021), दायरा (58 मंत्रालय व विभाग, 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश), सात इंजन और छह सिद्धांत, आंकड़े (23,493 डेटा लेयर, 230 सार्वजनिक डेटासेट), नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप का रिकॉर्ड (18.66 लाख करोड़ रुपये की 396 परियोजनाएं, 256 मंजूर, 198 क्रियान्वयन में), मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता वाला त्रिस्तरीय ढांचा, प्राधिकरण की 500 करोड़ रुपये की सीमा और गति शक्ति विश्वविद्यालय (2022)।
अभ्यास प्रश्न
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान किस तारीख को शुरू किया गया था?
- A.13 अक्टूबर 2021
- B.15 अगस्त 2021
- C.13 अक्टूबर 2022
- D.1 अप्रैल 2020
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 13 अक्टूबर 2021 है, इसी कारण यह योजना अक्टूबर 2026 में पांच साल पूरे कर रही है। इसका विचार यह था कि अलग-अलग मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास मौजूद आंकड़ों को एक ही भू-स्थानिक सूचना प्रणाली पर लाया जाए, जिससे सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और उपयोगी सेवाओं के नेटवर्क अलग-अलग नहीं, बल्कि साथ मिलकर नियोजित हों। विकल्प B गलत है क्योंकि इस योजना की शुरुआत उस तारीख को दर्ज नहीं है। विकल्प C में दिन और महीना सही है पर वर्ष गलत है; 2022 वह वर्ष है जब गति शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, इसलिए परीक्षार्थी दोनों को मिला देते हैं। विकल्प D उस समय का है जब यह योजना अस्तित्व में ही नहीं थी। पांच साल बाद यह मंच 58 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों और सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को समेटता है।
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान कितने केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को समेटता है?
- A.36
- B.46
- C.58
- D.230
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 58 है। मास्टर प्लान 58 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को एक ही नियोजन ढांचे में लाता है, जिससे अवसंरचना प्रस्तावों का आकलन मंत्रालय दर मंत्रालय नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों को साथ रखकर हो सके। विकल्प A यानी 36 उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या है जो इस योजना में शामिल हैं, और परीक्षा में ये दोनों आंकड़े आपस में बदल जाने का खतरा रहता है। विकल्प B एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जिसने जुलाई 2026 तक अपने एपीआई के जरिये 46 सरकारी प्रणालियों को जोड़ा था। विकल्प D यानी 230 सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध स्वीकृत डेटासेट की संख्या है, जिनसे स्थल उपयुक्तता विश्लेषण और अनुपालन जांच की जाती है। इसलिए पूछे गए प्रश्न का उत्तर केवल विकल्प C है।
एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण कितनी लागत से अधिक की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा?
- A.100 करोड़ रुपये
- B.250 करोड़ रुपये
- C.500 करोड़ रुपये
- D.1000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 500 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दी है, जो परिवहन नियोजन को दीर्घकालिक दृष्टि से देखेगा। यह दस वर्ष या अधिक की अवधि का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगा, क्षेत्रीय तथा वार्षिक परिवहन योजनाओं का आकलन करेगा, 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। बाकी तीन विकल्पों में दी गई सीमाएं परियोजना मूल्यांकन के लिए संभव लग सकती हैं, पर इस प्राधिकरण के लिए निर्धारित सीमा वही नहीं है। प्राधिकरण फास्टैग, वाहन और जीएसटीएन ई-वे बिल जैसे स्रोतों को जोड़कर राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार भी बनाएगा, जिससे नियोजकों को माल और लोगों की वास्तविक आवाजाही का एक साझा चित्र मिलेगा।
12 अक्टूबर 2026 तक पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर कितनी डेटा लेयर थीं?
- A.3,964
- B.12,560
- C.23,493
- D.58,000
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 23,493 है। यह 12 अक्टूबर 2026 तक साझा भू-स्थानिक सूचना प्रणाली मंच पर मौजूद डेटा लेयर की संख्या है, जिनमें अवसंरचना परिसंपत्तियों और उन सभी सूचनाओं की परतें शामिल हैं जिनकी जरूरत नियोजक को संरेखण तय करते या किसी स्थल की जांच करते समय होती है। विकल्प A नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप द्वारा आकलित परियोजनाओं की संख्या 396 के आसपास गढ़ा गया भ्रम है। विकल्प B बीच का एक संभावित दिखने वाला आंकड़ा है, जिसका इस योजना से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D योजना में शामिल 58 मंत्रालयों व विभागों के आंकड़े से बनाया गया है और वास्तविक संख्या से बहुत अधिक है। अलग से, सार्वजनिक मंच पर 230 स्वीकृत डेटासेट हैं और निजी उपयोगकर्ताओं को अक्टूबर 2025 से प्रश्न आधारित व्यवस्था के जरिये पहुंच मिली है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान कब शुरू हुआ था?
13 अक्टूबर 2021 को, मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक साझा भू-स्थानिक मंच पर लाने के लिए। यह अब 58 मंत्रालयों व विभागों और सभी 36 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को समेटता है।
पीएम गतिशक्ति के सात इंजन कौन से हैं?
सड़क, रेल, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, जन परिवहन और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना। छह सिद्धांत इसका मार्गदर्शन करते हैं, जिनमें बहुविध अवसंरचना, अंतिम छोर तक संपर्क और कम मंजूरियां शामिल हैं।
एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण क्या करेगा?
यह दस वर्ष या अधिक की अवधि का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान बनाएगा, 500 करोड़ रुपये या अधिक लागत की परियोजनाओं का मूल्यांकन और निगरानी करेगा तथा फास्टैग, वाहन व जीएसटीएन ई-वे बिल जैसे स्रोतों से राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार बनाएगा।
नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने अब तक कितनी परियोजनाओं का आकलन किया है?
11 अगस्त 2026 तक लगभग 18.66 लाख करोड़ रुपये की 396 परियोजनाओं का, जिनमें 256 मंजूर हो चुकी थीं और 198 क्रियान्वयन में थीं।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2322164 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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