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GK24
सरकारी योजनाएंकठिन

12 अक्टूबर 2026 तक पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर कितनी डेटा लेयर थीं?

  1. A.3,964
  2. B.12,560
  3. C.23,493
  4. D.58,000

सही उत्तर

C. 23,493

व्याख्या

सही उत्तर 23,493 है। यह 12 अक्टूबर 2026 तक साझा भू-स्थानिक सूचना प्रणाली मंच पर मौजूद डेटा लेयर की संख्या है, जिनमें अवसंरचना परिसंपत्तियों और उन सभी सूचनाओं की परतें शामिल हैं जिनकी जरूरत नियोजक को संरेखण तय करते या किसी स्थल की जांच करते समय होती है। विकल्प A नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप द्वारा आकलित परियोजनाओं की संख्या 396 के आसपास गढ़ा गया भ्रम है। विकल्प B बीच का एक संभावित दिखने वाला आंकड़ा है, जिसका इस योजना से कोई संबंध नहीं है। विकल्प D योजना में शामिल 58 मंत्रालयों व विभागों के आंकड़े से बनाया गया है और वास्तविक संख्या से बहुत अधिक है। अलग से, सार्वजनिक मंच पर 230 स्वीकृत डेटासेट हैं और निजी उपयोगकर्ताओं को अक्टूबर 2025 से प्रश्न आधारित व्यवस्था के जरिये पहुंच मिली है।

पूरा लेख पढ़ें: पीएम गतिशक्ति के पांच साल: 58 मंत्रालय, 23,493 डेटा लेयर

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Q1.सरकारी योजनाएंआसान

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान किस तारीख को शुरू किया गया था?

  1. A.13 अक्टूबर 2021
  2. B.15 अगस्त 2021
  3. C.13 अक्टूबर 2022
  4. D.1 अप्रैल 2020
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 13 अक्टूबर 2021

व्याख्या

सही उत्तर 13 अक्टूबर 2021 है, इसी कारण यह योजना अक्टूबर 2026 में पांच साल पूरे कर रही है। इसका विचार यह था कि अलग-अलग मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास मौजूद आंकड़ों को एक ही भू-स्थानिक सूचना प्रणाली पर लाया जाए, जिससे सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और उपयोगी सेवाओं के नेटवर्क अलग-अलग नहीं, बल्कि साथ मिलकर नियोजित हों। विकल्प B गलत है क्योंकि इस योजना की शुरुआत उस तारीख को दर्ज नहीं है। विकल्प C में दिन और महीना सही है पर वर्ष गलत है; 2022 वह वर्ष है जब गति शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, इसलिए परीक्षार्थी दोनों को मिला देते हैं। विकल्प D उस समय का है जब यह योजना अस्तित्व में ही नहीं थी। पांच साल बाद यह मंच 58 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों और सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को समेटता है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान कितने केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को समेटता है?

  1. A.36
  2. B.46
  3. C.58
  4. D.230
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 58

व्याख्या

सही उत्तर 58 है। मास्टर प्लान 58 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को एक ही नियोजन ढांचे में लाता है, जिससे अवसंरचना प्रस्तावों का आकलन मंत्रालय दर मंत्रालय नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों को साथ रखकर हो सके। विकल्प A यानी 36 उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या है जो इस योजना में शामिल हैं, और परीक्षा में ये दोनों आंकड़े आपस में बदल जाने का खतरा रहता है। विकल्प B एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जिसने जुलाई 2026 तक अपने एपीआई के जरिये 46 सरकारी प्रणालियों को जोड़ा था। विकल्प D यानी 230 सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध स्वीकृत डेटासेट की संख्या है, जिनसे स्थल उपयुक्तता विश्लेषण और अनुपालन जांच की जाती है। इसलिए पूछे गए प्रश्न का उत्तर केवल विकल्प C है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण कितनी लागत से अधिक की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा?

  1. A.100 करोड़ रुपये
  2. B.250 करोड़ रुपये
  3. C.500 करोड़ रुपये
  4. D.1000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 500 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 500 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दी है, जो परिवहन नियोजन को दीर्घकालिक दृष्टि से देखेगा। यह दस वर्ष या अधिक की अवधि का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगा, क्षेत्रीय तथा वार्षिक परिवहन योजनाओं का आकलन करेगा, 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत की परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा और उनके क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। बाकी तीन विकल्पों में दी गई सीमाएं परियोजना मूल्यांकन के लिए संभव लग सकती हैं, पर इस प्राधिकरण के लिए निर्धारित सीमा वही नहीं है। प्राधिकरण फास्टैग, वाहन और जीएसटीएन ई-वे बिल जैसे स्रोतों को जोड़कर राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार भी बनाएगा, जिससे नियोजकों को माल और लोगों की वास्तविक आवाजाही का एक साझा चित्र मिलेगा।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

पीएम-सेतु के तहत जिन दो क्लस्टरों के लिए समझौते हुए, उनमें कुल कितने सरकारी आईटीआई शामिल हैं?

  1. A.पांच
  2. B.सात
  3. C.नौ
  4. D.चौदह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नौ

व्याख्या

सही उत्तर नौ है। इस साझेदारी में गुजरात के सूरत स्थित पांच सरकारी आईटीआई का एक क्लस्टर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित चार सरकारी आईटीआई का दूसरा क्लस्टर शामिल है, जो दो राज्यों के कुल नौ संस्थान बनते हैं। विकल्प A यानी पांच केवल सूरत क्लस्टर का आंकड़ा है और इसमें आंध्र प्रदेश छूट जाता है। विकल्प B किसी एक क्लस्टर या उनके जोड़ से मेल नहीं खाता। विकल्प D यानी चौदह घोषणा में दिए एक दूसरे आंकड़े से आता है, अर्थात योजना के तहत मंजूर पहली 14 सामरिक निवेश योजनाएं, जिनमें कुल 3,446 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश है। इन नौ संस्थानों के लिए मंजूर निवेश लगभग 440 करोड़ रुपये है, जिसमें सूरत के लिए 240 करोड़ और विशाखापत्तनम के लिए 200 करोड़ रुपये हैं।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

सूरत और विशाखापत्तनम आईटीआई क्लस्टरों की विशेष प्रयोजन कंपनियों में एएम/एनएस इंडिया की हिस्सेदारी कितनी रहेगी?

  1. A.24.5 प्रतिशत
  2. B.49 प्रतिशत
  3. C.51 प्रतिशत
  4. D.74 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 51 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 51 प्रतिशत है। दोनों आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन और संचालन के प्रबंधन के लिए अलग विशेष प्रयोजन कंपनियां बनाई जा रही हैं और उनमें उद्योग साझेदार एएम/एनएस इंडिया की बहुमत हिस्सेदारी 51 प्रतिशत होगी। विकल्प A यानी 24.5 प्रतिशत भारत सरकार की इक्विटी है और इतनी ही हिस्सेदारी संबंधित राज्य सरकार की रहेगी, इसलिए दोनों सरकारें मिलकर 49 प्रतिशत रखती हैं। इस तरह विकल्प B कंपनी की नहीं, बल्कि दोनों सरकारों की संयुक्त हिस्सेदारी है। विकल्प D इस ढांचे का हिस्सा ही नहीं है। बहुमत हिस्सेदारी ही इस व्यवस्था को उद्योग आधारित बनाती है, जिसमें कंपनी विनिर्माण का अनुभव देती है और नैमटेक पाठ्यक्रम तथा संकाय से जुड़ा काम संभालता है। यह व्यवस्था सूरत और विशाखापत्तनम के नौ सरकारी आईटीआई पर लागू होगी, जिनके लिए लगभग 440 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर हुआ है।