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GK24

नौसेना कमांडर सम्मेलन का दूसरा संस्करण नौसेना भवन में

भारतीय नौसेना इस वर्ष कमांडरों के सम्मेलन का दूसरा संस्करण नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन आयोजित करेगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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नौसेना कमांडर सम्मेलन का दूसरा संस्करण नौसेना भवन में — GK24 title card

चर्चा में क्यों

28 सितंबर 2026 को रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि भारतीय नौसेना इस वर्ष कमांडरों के सम्मेलन का दूसरा संस्करण नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित करेगी।

भारतीय नौसेना कमांडरों का सम्मेलन 2026/02 नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन तक आयोजित कर रही है। यह इस वर्ष का दूसरा संस्करण है, क्योंकि यह सम्मेलन साल में दो बार होता है, और यह नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय मंच है।

यह मंच किसलिए है

सम्मेलन में नौसेना का वरिष्ठ नेतृत्व एक जगह आता है, जिसमें राजधानी से बाहर तैनात परिचालन और क्षेत्रीय कमांडर भी शामिल रहते हैं। यहां सैन्य-रणनीतिक स्तर पर परिचालन तैयारियों की व्यापक समीक्षा होती है और एक निर्धारित व्यवस्था के तहत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधा संवाद भी इन्हीं तीन दिनों में होता है।

समुद्री हित और ऊर्जा सुरक्षा

इस बार चर्चा का एक बड़ा बिंदु भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की भूमिका है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा भी शामिल है। पश्चिमी एशिया में संघर्ष जारी रहने के बीच यह विषय और महत्वपूर्ण हो जाता है। विज्ञप्ति में ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के प्रभावी संचालन तथा एक विश्वसनीय समुद्री शक्ति के रूप में नौसेना की भूमिका का उल्लेख है, जो हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे भारत की साख को मज़बूत करती है।

कार्यक्रम की रूपरेखा

दिनकमांडरों से संवाद
पहला दिनरक्षा मंत्री, राष्ट्रीय समुद्री दृष्टिकोण और नौसेना से अपेक्षाओं पर
पहला दिनचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और थल सेनाध्यक्ष, तीनों सेनाओं के तालमेल पर
आगे के दिननौसेना प्रमुख और कमांडर-इन-चीफ, समीक्षा के विषयों पर

समीक्षा के विषय

नौसेना प्रमुख और कमांडर-इन-चीफ परिचालन, सामग्री प्रबंधन, रसद, मानव संसाधन तथा प्रशिक्षण की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर भी विचार होगा, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बड़े आंकड़ों का विश्लेषण, स्वायत्त एवं बिना चालक वाली प्रणालियां और साइबर अभियान शामिल हैं। ज़ोर इस बात पर रहेगा कि अत्याधुनिक युद्ध अवधारणाओं को जल्दी अपनाया जाए।

'जय' के तीन स्तंभ

तैयारियों का व्यापक आकलन तीन बुनियादी स्तंभों के आधार पर होगा, जिन्हें 'जय' कहा गया है, अर्थात संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार। इसका उद्देश्य बलों के स्तर को बेहतर बनाना और युद्ध के लिए तैयारी बढ़ाना है, जो सरकार के आत्मनिर्भरता तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप है। नौसेना अपनी मौजूदा स्थिति को युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए सक्षम बल के रूप में बताती है।

परीक्षा के लिए बिंदु

अभ्यर्थियों के लिए याद रखने योग्य बातें हैं सम्मेलन का नाम और क्रमांक, स्थान, तिथियां, साल में दो बार होने वाला सर्वोच्च मंच होना, 'जय' के तीन स्तंभ और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े चल रहे अभियान का नाम।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनभारतीय नौसेना, कमांडरों का सम्मेलन 2026/02
संस्करणवर्ष का दूसरा; सम्मेलन साल में दो बार होता है
स्थाननौसेना भवन, नई दिल्ली
तिथि29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026
मंत्रालयरक्षा मंत्रालय
पहले दिन संबोधनरक्षा मंत्री
अन्य संवादचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और थल सेनाध्यक्ष
'जय' के स्तंभसंयुक्तता, आत्मनिर्भरता, नवाचार
उल्लिखित अभियानऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
दीर्घकालिक लक्ष्यविकसित भारत 2047

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें सम्मेलन का क्रमांक (2026/02, वर्ष का दूसरा), यह नौसेना का साल में दो बार होने वाला सर्वोच्च मंच है, स्थान नौसेना भवन नई दिल्ली, तिथि 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026, 'जय' के तीन स्तंभ संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार, विकसित भारत 2047 से जुड़ाव तथा ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

भारतीय नौसेना के कमांडरों का सम्मेलन 2026/02 कहां आयोजित हो रहा है?

  1. A.नौसैनिक अड्डा, कोच्चि
  2. B.नौसेना भवन, नई दिल्ली
  3. C.आईएनएस कदंब, कारवार
  4. D.नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नौसेना भवन, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर नौसेना भवन, नई दिल्ली है। भारतीय नौसेना के कमांडरों के सम्मेलन का इस वर्ष का दूसरा संस्करण यहीं तीन दिन तक चलेगा, यानी 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक। यह सम्मेलन नौसेना का सर्वोच्च स्तरीय मंच है और साल में दो बार होता है, इसीलिए इसे 2026/02 कहा गया है। इसमें वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व शामिल होता है, जिसमें राजधानी से बाहर तैनात परिचालन और क्षेत्रीय कमांडर भी आते हैं, और सैन्य-रणनीतिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान है, पर उसे स्थान के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है क्योंकि कारवार का उल्लेख इस सम्मेलन के संदर्भ में नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि मुंबई का नौसेना डॉकयार्ड रखरखाव और सहायता की सुविधा है, वहां यह शीर्ष मंच आयोजित नहीं होता।

Q2.रक्षामध्यम

नौसेना की तैयारियों के आकलन में प्रयुक्त 'जय' के तीन स्तंभ कौन से हैं?

  1. A.संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार
  2. B.संयुक्तता, फुर्ती और एकीकरण
  3. C.न्याय, आत्मनिर्भरता और खुफिया क्षमता
  4. D.संयुक्तता, स्वचालन और निवेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार है। नौसेना का शीर्ष नेतृत्व इन्हीं तीन बुनियादी स्तंभों के अनुरूप अपनी समग्र तैयारियों का आकलन करेगा, जिनके पहले अक्षरों से 'जय' शब्द बनता है। इसका उद्देश्य बलों के स्तर को बेहतर बनाना और युद्ध के लिए तत्परता बढ़ाना है, जो सरकार के आत्मनिर्भरता तथा विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा है। विकल्प B गलत है क्योंकि फुर्ती और एकीकरण उपयोगी विचार होते हुए भी इस संक्षिप्त नाम के पीछे के शब्द नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि न्याय और खुफिया क्षमता स्तंभों में शामिल नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि स्वचालन और निवेश का उल्लेख स्तंभों के रूप में नहीं हुआ, हालांकि स्वायत्त और बिना चालक वाली प्रणालियां समीक्षा के विषयों में अलग से आती हैं।

Q3.रक्षामध्यम

ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में भारतीय नौसेना के किस चल रहे अभियान का उल्लेख किया गया?

  1. A.ऑपरेशन संकल्प
  2. B.ऑपरेशन समुद्र सेतु
  3. C.ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
  4. D.ऑपरेशन निस्तार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा

व्याख्या

सही उत्तर ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा है। कमांडरों के सम्मेलन की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह आयोजन भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की भूमिका को रेखांकित करेगा, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा भी शामिल है, और यह विषय पश्चिमी एशिया में जारी संघर्षों की पृष्ठभूमि में और अहम हो जाता है। इसी अभियान के प्रभावी संचालन तथा एक विश्वसनीय समुद्री शक्ति के रूप में नौसेना की भूमिका से हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे भारत की साख मज़बूत होती है। विकल्प A, B और D में दिए गए नाम इस घोषणा में नहीं आए। परीक्षा की दृष्टि से अभियान के नाम को ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिमी एशिया की स्थिति से जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा। यह भी ध्यान रखें कि इसका उल्लेख नौसेना भवन में होने वाले वर्ष के दूसरे कमांडर सम्मेलन की घोषणा के समय हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय नौसेना के कमांडरों का सम्मेलन 2026/02 कहां और कब हो रहा है?

नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक तीन दिन। यह वर्ष का दूसरा संस्करण है, क्योंकि नौसेना यह सम्मेलन साल में दो बार आयोजित करती है।

'जय' के तीन स्तंभ क्या हैं?

संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार। नौसेना का शीर्ष नेतृत्व इन्हीं तीन स्तंभों के आधार पर समग्र तैयारियों का आकलन कर रहा है, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा है।

ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा नौसेना का कौन सा अभियान चर्चा में है?

ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा। पश्चिमी एशिया में जारी संघर्षों के बीच भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की भूमिका बताते हुए इसका उल्लेख किया गया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC सिविल सेवा