ऋण गारंटी योजना के तहत महिलाओं के नेतृत्व वाली सूक्ष्म और लघु इकाइयों को कितना बढ़ा हुआ गारंटी कवर मिलता है?
- A.75 प्रतिशत
- B.80 प्रतिशत
- C.85 प्रतिशत
- D.90 प्रतिशत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 90 प्रतिशत है। यह योजना सूक्ष्म और लघु उद्यमों तक ऋण की पहुंच मजबूत करने तथा उन उद्यमियों तक पहुंचने के लिए बनी है जिन्हें अब तक पर्याप्त सेवा नहीं मिली, और इसके भीतर महिलाओं के नेतृत्व वाली इकाइयों को इसी ऊंचे स्तर पर गारंटी कवर तथा गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट मिलती है। बाकी विकल्पों में दिए कम प्रतिशत गलत हैं। इसका उपयोग कितना हुआ, यह आंकड़ा भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि फरवरी 2026 तक महिला स्वामित्व वाली सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए लगभग 30.75 लाख गारंटियां मंजूर हुईं, जिनका मूल्य करीब 2.07 लाख करोड़ रुपये था। परीक्षार्थी इसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मार्जिन मनी सहायता से अलग रखें, जिसमें महिलाओं को शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है और जिसमें सहायता पाई सूक्ष्म इकाइयों में महिलाओं का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत रहा।
पूरा लेख पढ़ें: महिला श्रम बल भागीदारी दर 2025 में 40 प्रतिशत पर पहुंची
अभ्यास प्रश्न
अक्तूबर 2026 में बताए गए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार 2025 में महिला श्रम बल भागीदारी दर कितनी थी?
- A.22 प्रतिशत
- B.23.3 प्रतिशत
- C.38.8 प्रतिशत
- D.40 प्रतिशत
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15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर 2025 में इसी स्तर पर पहुंची।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यमों को कितनी राशि तक बिना गारंटी ऋण मिलता है?
- A.10 लाख रुपये
- B.20 लाख रुपये
- C.50 लाख रुपये
- D.1 करोड़ रुपये
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वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय वाली सूक्ष्म तथा लघु इकाइयों के लिए इस राशि तक बिना गारंटी ऋण की पहुंच बढ़ाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2025 में कितने मौजूदा श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित किया गया?
- A.19
- B.24
- C.29
- D.44
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सरकार ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को चार संहिताओं में समाहित किया, जो मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एमएससीएआरओ, 2026 के प्रारंभिक चरण में कौन सी समितियां शामिल होंगी?
- A.100 करोड़ रुपये से अधिक वाली
- B.250 करोड़ रुपये से अधिक वाली
- C.1,000 करोड़ रुपये से अधिक वाली
- D.पहले दिन से सभी पंजीकृत समितियां
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अमल जानबूझकर चरणबद्ध रखा गया है और पहले चरण में वे बड़ी समितियां आती हैं जो संबंधित वित्तीय मानकों में यह सीमा पार करती हैं, ताकि छोटी संस्थाओं को बढ़ी हुई रिपोर्टिंग लागू होने से पहले अपनी आंतरिक प्रणालियां और प्रक्रियाएं मजबूत करने का अतिरिक्त समय मिल सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्र सरकार को बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए लेखापरीक्षा और लेखांकन मानक तय करने का अधिकार किस प्रावधान से मिला है?
- A.बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 73(6)
- B.बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35
- C.कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 143
- D.संविधान का अनुच्छेद 243ZH
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इस संशोधन ने केंद्र सरकार को इन समितियों के लिए लेखापरीक्षा और लेखांकन मानक निर्धारित करने का अधिकार दिया, और नया लेखापरीक्षा रिपोर्टिंग आदेश इसी प्रावधान के तहत तैयार किया गया है।
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