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GK24
विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए केंद्र ने कितनी वित्तीय सहायता मंजूर की है?

  1. A.5,240 करोड़ रुपये
  2. B.8,375 करोड़ रुपये
  3. C.10,520 करोड़ रुपये
  4. D.14,600 करोड़ रुपये

सही उत्तर

C. 10,520 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 10,520 करोड़ रुपये है। राज्य-नीत मॉडल के तहत महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम चलाने के लिए भारत सरकार ने यही वित्तीय सहायता मंजूर की है और संचार भवन में हुआ करार इसे महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जरिये अमल में लाएगा। विकल्प A, B और D गढ़ी हुई राशियाँ हैं और स्वीकृत सहायता से मेल नहीं खातीं। गलती इसलिए होती है कि इस खबर में कई बड़े अंक हैं जो राशि नहीं हैं: दायरे में 28,237 ग्राम पंचायतें, माँग पर जुड़ने वाले 15,799 गाँव, रिंग टोपोलॉजी में बदली जाने वाली 15,171 प्रथम चरण की पंचायतें, 12,740 द्वितीय चरण की पंचायतें और 326 नवगठित पंचायतें। रुपये के आँकड़े को पंचायत और गाँव की गिनती से अलग रखना ही इस प्रश्न की कुंजी है, इसलिए C सही है।

पूरा लेख पढ़ें: महाराष्ट्र में भारतनेट के लिए 10,520 करोड़ रुपये मंजूर

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Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

महाराष्ट्र में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम किस कंपनी के जरिये लागू होगा?

  1. A.महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
  2. B.भारत संचार निगम लिमिटेड
  3. C.महाराष्ट्र सूचना प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड
  4. D.रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड है, जिसे एमडीआईएल लिखा जाता है। महाराष्ट्र में परियोजना एमडीआईएल के जरिये लागू होगी, इसीलिए वह करार के पाँच पक्षों में से एक है। विकल्प B गलत है: भारत संचार निगम लिमिटेड ने करार पर हस्ताक्षर किए और उसके उद्यम व्यवसाय निदेशक समारोह में मौजूद थे, पर क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एमडीआईएल की है। विकल्प C इसी कारण गलत है, क्योंकि महाआईटी हस्ताक्षरकर्ता है और उसकी प्रबंध निदेशक उपस्थित थीं, क्रियान्वयन एजेंसी नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह कंपनी पाँच हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल ही नहीं है; बाकी दो पक्ष हैं दूरसंचार विभाग की डिजिटल भारत निधि और महाराष्ट्र सरकार। ध्यान रखें कि करार संचार भवन, नई दिल्ली में हुआ और इसका पूरा दायरा राज्य की 28,237 ग्राम पंचायतें हैं, जिसके लिए केंद्र ने 10,520 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है। हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची और क्रियान्वयन एजेंसी की पंक्ति को अलग-अलग पढ़ने पर A ही सही बैठता है।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

डिजिटल भारत निधि पहले किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन कोष
  2. B.सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष
  3. C.दूरसंचार विकास कोष
  4. D.डिजिटल इंडिया अवसंरचना कोष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष

व्याख्या

सही उत्तर सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष है। यह कोष भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत बना और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसका नाम डिजिटल भारत निधि कर दिया। यह दूरसंचार विभाग का संलग्न कार्यालय है और इसका काम वंचित ग्रामीण, दूरदराज तथा शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की पहुँच बढ़ाना है। विकल्प A, C और D सुनने में सही लगते हैं, पर इनमें से कोई इस कोष का पुराना नाम नहीं है। याद रखें कि भारतनेट के अलावा यह कोष 4जी सैचुरेशन परियोजना तथा आकांक्षी जिलों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, हिमालयी व सीमावर्ती इलाकों, द्वीपों और पूर्वोत्तर राज्यों में मोबाइल सेवाओं के लिए भी धन देता है। महाराष्ट्र का करार इसी कोष ने महाराष्ट्र सरकार, एमडीआईएल, बीएसएनएल और महाआईटी के साथ किया, इसलिए B सही है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

आईसीएआर-एफसीआई धूम्रीकरण परियोजना के दूसरे चरण में क्या किया जाएगा?

  1. A.एक ही संस्थान में दो वर्ष का प्रयोगशाला अध्ययन
  2. B.कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक वर्ष का बहु-स्थानीय परीक्षण
  3. C.नाइट्रोजन धूम्रीकरण को तुरंत देशभर में लागू करना
  4. D.केवल मौजूदा रासायनिक धूम्रीकरण नियमों की समीक्षा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक वर्ष का बहु-स्थानीय परीक्षण

व्याख्या

सही उत्तर कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक वर्ष का बहु-स्थानीय परीक्षण है। दूसरा चरण दो वर्ष के प्रायोगिक पहले चरण के बाद आता है और इसका उद्देश्य भिन्न परिस्थितियों में पद्धतियों को परखना है, जिससे क्षेत्र के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया तय की जा सके। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक संस्थान में दो वर्ष का काम पहले चरण का विवरण है, जिसे आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना चलाएगा, न कि उसके बाद आने वाले चरण का। विकल्प C गलत है, क्योंकि तुरंत देशव्यापी अमल की कोई घोषणा नहीं हुई। चरणबद्ध ढांचे का उद्देश्य ही पहले गैसों को प्रमाणित करना है, जिसमें धातु के साइलो में 99 प्रतिशत से अधिक शुद्ध नाइट्रोजन भी शामिल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह वैकल्पिक तकनीकों पर क्षेत्रीय शोध कार्यक्रम है, जो विस्तार योग्य और टिकाऊ विकल्प खोजता है, मौजूदा नियमों की कागजी समीक्षा नहीं करता।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईसीएआर-एफसीआई की वैकल्पिक धूम्रीकरण परियोजना का पहला चरण कौन सा संस्थान लागू करेगा?

  1. A.आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
  2. B.आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना
  3. C.आईसीएआर-भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल
  4. D.केंद्रीय भंडारण निगम, नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना

व्याख्या

सही उत्तर आईसीएआर-सिफेट, लुधियाना है, यानी केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, जो गेहूं और चावल में रासायनिक धूम्रीकरण के विकल्पों पर दो वर्ष का पहला चरण चलाएगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान फसल सुधार और उससे जुड़े शोध पर काम करता है और इसे लागू करने वाली संस्था नहीं बताया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि परीक्षणों में गेहूं केंद्र में होने के बावजूद करनाल का संस्थान इस समझौते में शामिल नहीं है। समझौता कटाई उपरांत अभियांत्रिकी संस्थान के साथ हुआ, क्योंकि भंडारण और धूम्रीकरण कटाई के बाद की ही समस्याएं हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि केंद्रीय भंडारण निगम केवल उन गोदाम प्रणालियों में से एक है जहां बोरियों में रखे अनाज पर परीक्षण होगा, वह लागू करने वाला संस्थान नहीं है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत में अनाज भंडारण में कटाई उपरांत कीट नियंत्रण के लिए मुख्य रूप से किन दो रसायनों का उपयोग होता रहा है?

  1. A.एल्युमिनियम फॉस्फाइड और मैलाथियान
  2. B.नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड
  3. C.एंडोसल्फान और डीडीटी
  4. D.फॉस्फीन और क्लोरपाइरीफॉस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एल्युमिनियम फॉस्फाइड और मैलाथियान

व्याख्या

सही उत्तर एल्युमिनियम फॉस्फाइड और मैलाथियान है। दशकों से देश के अनाज भंडारों में कटाई उपरांत कीट नियंत्रण का मुख्य आधार ये दोनों ही रहे हैं और इनके व्यापक तथा बार-बार प्रयोग से प्रमुख राज्यों में कीट प्रतिरोधकता 72 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे धूम्रीकरण के चक्र और लागत दोनों बढ़े। विकल्प B गलत है, क्योंकि नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड इस परियोजना में परखे जा रहे विकल्प हैं, बदले जाने वाले रसायन नहीं। परीक्षा में यही अदला-बदली सबसे अधिक पूछी जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इन दोनों कीटनाशकों का इस अनाज भंडारण कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं बताया गया। विकल्प D आधा सही होने के कारण पूरा गलत है, क्योंकि फॉस्फीन परीक्षणों में कार्बन डाइऑक्साइड के साथ आता है, जबकि क्लोरपाइरीफॉस का इस समाचार में कोई उल्लेख नहीं है।