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साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत, दस राज्य पूर्ण साक्षर घोषित

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 के अनुसार भारत की साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत है और दस राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने पूर्ण साक्षरता की घोषणा की है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत, दस राज्य पूर्ण साक्षर घोषित

चर्चा में क्यों

पत्र सूचना कार्यालय ने 29 सितंबर 2026 को जारी बैकग्राउंडर में भारत की साक्षरता यात्रा का ब्योरा दिया, जिसमें राष्ट्रीय साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत बताई गई और उन दस राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के नाम गिनाए गए जिन्होंने पूर्ण साक्षरता घोषित की है।

भारत की कुल साक्षरता दर अब 81.1 प्रतिशत है। शिक्षा मंत्रालय की सामग्री के आधार पर 29 सितंबर 2026 को जारी पत्र सूचना कार्यालय के बैकग्राउंडर में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 का यह आंकड़ा दिया गया है।

आज़ादी से अब तक का सफ़र

वर्ष 1947 में देश में साक्षरता केवल 14 प्रतिशत थी और महिलाओं में यह मात्र 8 प्रतिशत। जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक साक्षरता दर 1951 के 18.32 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 74.04 प्रतिशत तक आ गई। इन छह दशकों में पुरुष साक्षरता 27.15 प्रतिशत से 82.14 प्रतिशत हुई और महिला साक्षरता 8.86 प्रतिशत से 65.46 प्रतिशत। शहरों में यह दर 34.59 प्रतिशत से 84.1 प्रतिशत तथा गांवों में 12.10 प्रतिशत से 67.8 प्रतिशत तक पहुँची। पिछली दो जनगणनाओं के बीच ग्रामीण महिलाओं की साक्षरता में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ग्रामीण पुरुषों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही।

वर्ष 2025 के श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार सात वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में शहरी साक्षरता 89 प्रतिशत तथा ग्रामीण साक्षरता 77.4 प्रतिशत है। शहरी पुरुषों में यह 93.1 प्रतिशत और शहरी महिलाओं में 84.8 प्रतिशत है। गांवों में पुरुषों की दर 84.8 प्रतिशत और महिलाओं की 70.3 प्रतिशत दर्ज हुई है।

पूर्ण साक्षरता का पैमाना क्या है

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने पहली बार साक्षरता की परिभाषा दी है - समझ के साथ पढ़ने, लिखने और हिसाब लगाने की क्षमता, जिसमें डिजिटल तथा वित्तीय साक्षरता जैसे जीवन कौशल भी शामिल हैं। जिस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में यह दर 95 प्रतिशत तक पहुँच जाती है, उसे पूर्ण साक्षर माना जाता है। वर्ष 2024 और 2026 के बीच दस राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने को पूर्ण साक्षर घोषित किया। ये हैं - लद्दाख, मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर।

उल्लास और निपुण भारत

उल्लास यानी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के उन लोगों के लिए केंद्र प्रायोजित योजना है जो औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए थे। इसका ध्येय 'जन जन साक्षर' है और यह स्वयंसेवकों तथा जनभागीदारी के भरोसे चलती है। योजना का लक्ष्य 2022-27 के दौरान 1,037.90 करोड़ रुपये के परिव्यय से 5 करोड़ शिक्षार्थियों तक पहुँचना है। इसमें लगभग 4.03 करोड़ शिक्षार्थी तथा 52.20 लाख से अधिक स्वयंसेवक पंजीकृत हैं और 3.3 करोड़ से ज़्यादा शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा (एफएलएनएटी) में बैठ चुके हैं। उल्लास ऐप पर 27 भाषाओं में पठन सामग्री मौजूद है। जुलाई 2021 में समग्र शिक्षा के तहत शुरू हुआ निपुण भारत 3 से 8 वर्ष के बच्चों पर केंद्रित है और 2026-27 तक सार्वभौमिक बुनियादी साक्षरता का लक्ष्य रखता है।

स्कूल और उच्च शिक्षा

यूडीआईएसई प्लस की 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार स्कूलों में 24.72 करोड़ से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं। उच्च शिक्षा में नामांकन 2014-15 के 3.42 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 4.50 करोड़ हो गया और सकल नामांकन अनुपात 23.7 प्रतिशत से 30 प्रतिशत पर आया, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य 2035 तक 50 प्रतिशत है।

महत्वपूर्ण तथ्य

कुल साक्षरता दर81.1 प्रतिशत (आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025)
2011 की जनगणना में साक्षरता74.04 प्रतिशत (1951 में 18.32 प्रतिशत)
पूर्ण साक्षरता का पैमानाराज्य या केंद्रशासित प्रदेश में 95 प्रतिशत साक्षरता
पूर्ण साक्षर राज्य/केंद्रशासित प्रदेशदस, 2024 और 2026 के बीच घोषित
वयस्क साक्षरता योजनाउल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
उल्लास का लक्ष्य व परिव्यय2022-27 में 5 करोड़ शिक्षार्थी; 1,037.90 करोड़ रुपये
उल्लास के शिक्षार्थी व स्वयंसेवकलगभग 4.03 करोड़ शिक्षार्थी, 52.20 लाख से अधिक स्वयंसेवक
निपुण भारतजुलाई 2021 में समग्र शिक्षा के तहत शुरू; लक्ष्य 2026-27
मंत्रालयशिक्षा मंत्रालय, स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें - आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 की साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत, 2011 की जनगणना का 74.04 प्रतिशत, 1951 का 18.32 प्रतिशत, पूर्ण साक्षरता का 95 प्रतिशत पैमाना, पूर्ण साक्षर दस राज्य व केंद्रशासित प्रदेश, उल्लास का 5 करोड़ शिक्षार्थियों का लक्ष्य और 1,037.90 करोड़ रुपये का परिव्यय तथा निपुण भारत की 2026-27 की समयसीमा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकआसान

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 के अनुसार भारत की कुल साक्षरता दर कितनी है?

  1. A.74.04 प्रतिशत
  2. B.77.4 प्रतिशत
  3. C.81.1 प्रतिशत
  4. D.89 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 81.1 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 81.1 प्रतिशत है। आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 देश की कुल साक्षरता दर इतनी बताता है और आज भारत की साक्षरता के लिए यही मुख्य आंकड़ा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 74.04 प्रतिशत वर्ष 2011 की जनगणना में दर्ज साक्षरता दर थी, जो पुराना माप है और सर्वेक्षण का नतीजा नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 77.4 प्रतिशत इसी सर्वेक्षण में सात वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की ग्रामीण साक्षरता दर है, पूरे देश की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 89 प्रतिशत सात वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की शहरी साक्षरता दर है। परीक्षा के लिए तीनों आंकड़े अलग-अलग याद रखें - देश के लिए 81.1 प्रतिशत, शहरी 89 प्रतिशत और ग्रामीण 77.4 प्रतिशत।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

वर्ष 2024 और 2026 के बीच कितने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों ने खुद को पूर्ण साक्षर घोषित किया?

  1. A.पांच
  2. B.आठ
  3. C.दस
  4. D.चौदह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दस

व्याख्या

सही उत्तर दस है। इस अवधि में पूर्ण साक्षरता घोषित करने वाले राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं - लद्दाख, मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर। इन्हें गिनने पर संख्या दस बैठती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पांच इस सूची का आधा भर है। विकल्प B भी गलत है, क्योंकि आठ मानने पर सूची के दो नाम छूट जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इतने राज्यों ने अभी यह पैमाना पार नहीं किया। यह घोषणा 95 प्रतिशत साक्षरता पर आधारित होती है, जिसे स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग पूर्ण साक्षरता मानता है। सूची याद रखना ज़रूरी है, क्योंकि प्रश्न अक्सर पूछता है कि कौन सा राज्य इसमें शामिल नहीं है।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

उल्लास योजना का 2022-27 के लिए वित्तीय परिव्यय कितना है?

  1. A.1,037.90 करोड़ रुपये
  2. B.2,037.90 करोड़ रुपये
  3. C.5,000 करोड़ रुपये
  4. D.737.90 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1,037.90 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 1,037.90 करोड़ रुपये है। उल्लास यानी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का लक्ष्य 2022-27 के दौरान 5 करोड़ शिक्षार्थियों को जोड़ना है और इसी अवधि के लिए यह राशि स्वीकृत है। विकल्प B और D में उसी आंकड़े के अंक बदल दिए गए हैं, इनका कोई आधार नहीं। विकल्प C एक गोल संख्या है, जो स्वीकृत राशि नहीं है। यह योजना केंद्र प्रायोजित है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है और 15 वर्ष से अधिक उम्र के उन वयस्कों के लिए है जो औपचारिक स्कूली शिक्षा से छूट गए। इसमें लगभग 4.03 करोड़ पंजीकृत शिक्षार्थी और 52.20 लाख से अधिक स्वयंसेवक हैं, तथा 3.3 करोड़ से ज़्यादा शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा में बैठ चुके हैं। परिव्यय और लक्ष्य दोनों साथ याद करें।

Q4.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

जुलाई 2021 में निपुण भारत किस योजना के अंतर्गत शुरू किया गया था?

  1. A.पीएम पोषण
  2. B.समग्र शिक्षा
  3. C.पीएम ई-विद्या
  4. D.पीएम श्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समग्र शिक्षा

व्याख्या

सही उत्तर समग्र शिक्षा है। निपुण भारत जुलाई 2021 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत शुरू किया गया। यह बुनियादी स्तर पर 3 से 8 वर्ष के बच्चों पर केंद्रित है और 2026-27 तक सार्वभौमिक बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान का लक्ष्य रखता है, ताकि हर बच्चा कक्षा दो तक ये कौशल हासिल कर ले। विकल्प A गलत है, क्योंकि पीएम पोषण विद्यार्थियों को गरम पका भोजन देने वाली योजना है और पोषण से जुड़ी है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीएम ई-विद्या डिजिटल, ऑनलाइन तथा प्रसारण माध्यम की पढ़ाई को एक साथ लाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पीएम श्री आदर्श विद्यालय विकसित करने की योजना है। समग्र शिक्षा में सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा को मिलाया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की साक्षरता दर कितनी है?

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण 2025 के अनुसार कुल साक्षरता दर 81.1 प्रतिशत है। वर्ष 2011 की जनगणना में यह 74.04 प्रतिशत और 1951 में 18.32 प्रतिशत दर्ज हुई थी।

किन राज्यों ने खुद को पूर्ण साक्षर घोषित किया है?

वर्ष 2024 और 2026 के बीच दस - लद्दाख, मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर।

उल्लास योजना क्या है?

उल्लास यानी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक उम्र के उन वयस्कों के लिए केंद्र प्रायोजित योजना है जो स्कूल नहीं जा सके। इसका लक्ष्य 2022-27 में 1,037.90 करोड़ रुपये से 5 करोड़ शिक्षार्थियों तक पहुँचना है।

पूर्ण साक्षरता किसे माना जाता है?

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग जिस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में 95 प्रतिशत साक्षरता हो, उसे पूर्ण साक्षर मानता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS