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GK24

जम्मू-कश्मीर में पहली बार दो खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई

ऐतिहासिक पहल में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के दो चूना-पत्थर ब्लॉकों की नीलामी खान मंत्रालय ने की, जिससे प्रदेश में संगठित खनिज विकास शुरू हुआ।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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जम्मू-कश्मीर में पहली बार दो खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई — GK24 title card

चर्चा में क्यों

2 अक्टूबर 2026 को खान मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के दो चूना-पत्थर ब्लॉकों की सफल नीलामी की घोषणा की, जो एक ऐतिहासिक पहल है और प्रदेश में संगठित खनिज विकास की शुरुआत करती है।

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पहली बार संगठित खनिज विकास की शुरुआत हुई है। 2 अक्टूबर 2026 को खान मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार की खनिज नीलामी प्रक्रिया के तहत प्रदेश के दो खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो गई। दोनों ब्लॉक चूना-पत्थर के हैं और दोनों अनंतनाग जिले में स्थित हैं।

नीलामी किसने कराई

जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने खनिज ब्लॉकों की नीलामी का काम भारत सरकार के खान मंत्रालय को सौंपा था और मंत्रालय ने यह प्रक्रिया चलाई। मंत्रालय इसे पारदर्शी तथा प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया बताता है और कहता है कि यह नीलामी प्रदेश की खनिज क्षमता को खोलने की दिशा में पहला कदम है। यह कदम उस समय आया है जब अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद प्रदेश में ढाँचागत विकास, निवेश और आर्थिक विकास पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

दोनों ब्लॉक

ब्लॉकक्षेत्रअनुमानित चूना-पत्थरअन्वेषण चरण
कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक, अनंतनाग22.43 हेक्टेयर4.75 मिलियन टनG-4
वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक, अनंतनाग5.36 हेक्टेयर10.853 मिलियन टनG-3, 159 मीटर ड्रिलिंग सहित

कूट-कपरन ब्लॉक अनंतनाग जिले की दूरू तहसील के कूट और कपरन गाँवों में स्थित है। क्षेत्रफल में यह दोनों में बड़ा है, पर अनुमानित संसाधन में छोटा, और केवल G-4 चरण तक अन्वेषित होने के कारण इसमें और विस्तृत कार्य की गुंजाइश बची है। वांत्रग ब्लॉक क्षेत्रफल में छोटा है, फिर भी उसका अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन दोगुने से अधिक है और ड्रिलिंग के आधार पर उसे G-3 चरण तक आगे ले जाया गया है।

नीलामी से क्या अपेक्षित है

मंत्रालय को अपेक्षा है कि ये दोनों चूना-पत्थर ब्लॉक प्रदेश में नया निवेश और आर्थिक गतिविधि लाएँगे। खनन तथा उससे जुड़े कार्य बढ़ने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा तथा स्थानीय कारोबारियों, उद्यमियों, सेवा प्रदाताओं और सहायक उद्योगों के लिए अवसर खुलेंगे। मंत्रालय इसे विकसित जम्मू-कश्मीर की दिशा में एक कदम बताता है और कहता है कि वह खनिज संसाधनों के जिम्मेदार विकास के लिए प्रदेश सरकार के साथ काम करता रहेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

क्या हुआकेंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी
ब्लॉकों की संख्यादो
खनिजचूना-पत्थर
जिलाअनंतनाग, जम्मू-कश्मीर
ब्लॉक 1कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक - 22.43 हेक्टेयर, 4.75 मिलियन टन, G-4 चरण
ब्लॉक 2वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक - 5.36 हेक्टेयर, 10.853 मिलियन टन, G-3 चरण, 159 मीटर ड्रिलिंग
ब्लॉक 1 का स्थानकूट और कपरन गाँव, दूरू तहसील, अनंतनाग जिला
नीलामी कराने वालाखान मंत्रालय, भारत सरकार
तिथि2 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि यह केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी है, दोनों ब्लॉक अनंतनाग जिले के चूना-पत्थर ब्लॉक हैं और उनके नाम कूट-कपरन तथा वांत्रग हैं। आँकड़े भी याद रखें — 22.43 हेक्टेयर में 4.75 मिलियन टन (G-4) और 5.36 हेक्टेयर में 10.853 मिलियन टन (G-3)। नीलामी खान मंत्रालय ने कराई।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राज्य समाचारआसान

जम्मू-कश्मीर में पहली बार नीलाम हुए दोनों ब्लॉक किस खनिज के हैं?

  1. A.बॉक्साइट
  2. B.चूना-पत्थर
  3. C.लौह अयस्क
  4. D.मैंगनीज अयस्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चूना-पत्थर

व्याख्या

सही उत्तर चूना-पत्थर है। केंद्रशासित प्रदेश में नीलाम हुए दोनों ब्लॉक चूना-पत्थर के हैं, जिनके नाम कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक और वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक हैं, और दोनों अनंतनाग जिले में स्थित हैं। विकल्प A यानी बॉक्साइट गलत है, क्योंकि इस नीलामी में बॉक्साइट का कोई ब्लॉक शामिल नहीं है। विकल्प C यानी लौह अयस्क भी इसी कारण गलत है, क्योंकि यहाँ घोषित संसाधन अनुमान चूना-पत्थर के अनुमान हैं। विकल्प D यानी मैंगनीज अयस्क भी गलत है, क्योंकि दोनों में से कोई ब्लॉक मैंगनीज के रूप में नीलामी में नहीं रखा गया। अभ्यर्थियों को खनिज को स्थान के साथ जोड़कर याद रखना चाहिए, क्योंकि पहली नीलामी से जुड़े प्रश्न आमतौर पर खनिज और जिला एक साथ पूछते हैं — चूना-पत्थर, अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर।

Q2.राज्य समाचारमध्यम

जम्मू-कश्मीर में नीलाम हुए दोनों खनिज ब्लॉक किस जिले में स्थित हैं?

  1. A.बारामूला
  2. B.उधमपुर
  3. C.अनंतनाग
  4. D.कठुआ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनंतनाग

व्याख्या

सही उत्तर अनंतनाग है। कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक और वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक, दोनों केंद्रशासित प्रदेश के अनंतनाग जिले में हैं, और इनमें पहला ब्लॉक अधिक स्पष्ट रूप से दूरू तहसील के कूट तथा कपरन गाँवों में स्थित है। विकल्प A यानी बारामूला गलत है, क्योंकि इस नीलामी का कोई ब्लॉक वहाँ नहीं रखा गया। विकल्प B यानी उधमपुर भी इसी कारण गलत है और इसे इसलिए दिया गया है कि जम्मू क्षेत्र का यह जिला नाम परिचित लगता है। विकल्प D यानी कठुआ भी गलत है, क्योंकि नीलाम हुए दोनों ब्लॉकों में से कोई उस जिले में नहीं आता। जिला ही वह तथ्य है जिसे प्रश्नपत्र खनिज के साथ जोड़ता है, इसलिए दोनों को साथ याद रखें और कूट-कपरन के लिए दूरू तहसील का नाम भी।

Q3.राज्य समाचारकठिन

जम्मू-कश्मीर के वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक का अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन कितना है?

  1. A.4.75 मिलियन टन
  2. B.7.21 मिलियन टन
  3. C.10.853 मिलियन टन
  4. D.15.40 मिलियन टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 10.853 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 10.853 मिलियन टन है। वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक 5.36 हेक्टेयर में फैला है और उसका अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन इतना ही है, तथा उसका अन्वेषण G-3 चरण तक हुआ है, जिस चरण तक पहुँचने में 159 मीटर ड्रिलिंग हुई। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह आँकड़ा इसी नीलामी के दूसरे ब्लॉक कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक का है, जो 22.43 हेक्टेयर में फैला है; दोनों अनुमानों को आपस में बदल देना इस प्रश्न की सबसे आम भूल है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किसी भी ब्लॉक के लिए ऐसा अनुमान घोषित नहीं हुआ। विकल्प D भी इसी कारण गलत है और यह आँकड़ा यहाँ बताए गए किसी भी आँकड़े से बड़ा है। याद रखने योग्य अंतर यह है कि वांत्रग क्षेत्रफल में छोटा ब्लॉक है, पर अनुमानित संसाधन में अधिक समृद्ध।

Q4.राज्य समाचारमध्यम

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में खनिज ब्लॉकों की पहली नीलामी किस संस्था ने कराई?

  1. A.खान मंत्रालय, भारत सरकार
  2. B.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
  3. C.नीति आयोग
  4. D.भारतीय खान ब्यूरो
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खान मंत्रालय, भारत सरकार

व्याख्या

सही उत्तर खान मंत्रालय, भारत सरकार है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने खनिज ब्लॉकों की नीलामी का काम खान मंत्रालय को सौंपा था, जिसने केंद्र सरकार की खनिज नीलामी प्रक्रिया के तहत यह काम पूरा किया और सफल परिणाम की घोषणा की। विकल्प B गलत है, क्योंकि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण को इस नीलामी को चलाने वाली संस्था नहीं बताया गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नीति आयोग एक नीति-संस्था है और खनिज ब्लॉकों की नीलामी उसका काम नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारतीय खान ब्यूरो को भी यहाँ नीलामी प्राधिकरण के रूप में नहीं बताया गया। मंत्रालय ने कहा है कि वह प्रदेश के खनिज संसाधनों के पारदर्शी तथा जिम्मेदार विकास के लिए प्रदेश सरकार के साथ काम करता रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में कितने खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई और वे किस खनिज के हैं?

दो ब्लॉकों की, दोनों चूना-पत्थर के और अनंतनाग जिले में — कूट-कपरन चूना-पत्थर ब्लॉक तथा वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक। यह प्रदेश में इस प्रकार की पहली नीलामी है।

किस ब्लॉक में अनुमानित चूना-पत्थर संसाधन अधिक है?

वांत्रग चूना-पत्थर ब्लॉक में, जहाँ 5.36 हेक्टेयर में अनुमानित 10.853 मिलियन टन है, जबकि कूट-कपरन में 22.43 हेक्टेयर में 4.75 मिलियन टन है।

नीलामी किसने कराई?

भारत सरकार के खान मंत्रालय ने, क्योंकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने खनिज ब्लॉकों की नीलामी का काम उसे सौंपा था।

दोनों ब्लॉकों का अन्वेषण कहाँ तक हुआ है?

कूट-कपरन का अन्वेषण G-4 चरण तक हुआ है। वांत्रग G-3 चरण तक पहुँचा है, जिसमें 159 मीटर ड्रिलिंग शामिल रही।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLRBI