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GK24

इसरो ने जीएसएलवी-एफ17 से ईओएस-05 प्रक्षेपित किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईओएस-05 ले जा रहे जीएसएलवी-एफ17 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की सराहना की, जो जियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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इसरो ने जीएसएलवी-एफ17 से ईओएस-05 प्रक्षेपित किया — GK24 title card

चर्चा में क्यों

4 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री ने ईओएस-05 ले जा रहे जीएसएलवी-एफ17 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो की सराहना की। ईओएस-05 जियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है।

भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में 4 सितंबर 2026 को एक नया अध्याय जुड़ा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट उड़ाया। इस रॉकेट ने ईओएस-05 उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुंचाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे इसरो की एक और शानदार उपलब्धि बताया। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का क्षण कहा।

यह उपग्रह खास क्यों है

ईओएस-05 एक इमेजिंग उपग्रह है। इसकी खास बात यह है कि इसे कहां रखा गया है। यह जियोसिंक्रोनस कक्षा से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है। इस कक्षा में मौजूद उपग्रह पृथ्वी के घूमने के साथ-साथ चलता है। इसलिए वह लगभग एक ही क्षेत्र के ऊपर बना रहता है। इमेजिंग उपग्रह के लिए इसका अर्थ यह है कि किसी एक इलाके पर बार-बार नजर रखी जा सकती है। उपग्रह के दोबारा उस इलाके के ऊपर आने का इंतजार नहीं करना पड़ता।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा

प्रधानमंत्री ने अपनी बात एक्स पर एक पोस्ट के जरिए रखी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की उत्कृष्टता, नवाचार और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने एक दूसरी बात भी कही। इसरो और भारतीय उद्योग के बीच साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। यही साझेदारी देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और नया विस्तार दे रही है। उनके अनुसार उद्योग की बढ़ती भागीदारी से पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में भारत की क्षमताएं बढ़ रही हैं।

याद रखने लायक नाम

प्रक्षेपण यानजीएसएलवी-एफ17
उपग्रहईओएस-05
उपग्रह का प्रकारइमेजिंग उपग्रह
कक्षाजियोसिंक्रोनस कक्षा
उपलब्धिजियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह
अंतरिक्ष एजेंसीइसरो

दोनों नामों का मतलब

जीएसएलवी का पूरा नाम जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल है। यह इसरो का वह रॉकेट परिवार है जिसका उपयोग भारी उपग्रहों को ऊंची कक्षाओं तक पहुंचाने में होता है। एफ17 इसी परिवार की एक विशेष उड़ान को दर्शाता है। ईओएस का पूरा नाम अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है। यह दूर संवेदन उपग्रहों की श्रृंखला है और 05 उसी श्रृंखला में इस उपग्रह की पहचान है। परीक्षा में रॉकेट और उपग्रह की जोड़ी ही सबसे ज्यादा पूछी जाती है। इसलिए जीएसएलवी-एफ17 और ईओएस-05 को हमेशा एक साथ याद रखें।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रक्षेपण यानजीएसएलवी-एफ17
उपग्रहईओएस-05, एक इमेजिंग उपग्रह
कक्षाजियोसिंक्रोनस कक्षा
विशेषताजियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह
एजेंसीभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)
सराहनाप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट के जरिए

परीक्षा की दृष्टि से

जीएसएलवी-एफ17 और ईओएस-05 की जोड़ी याद रखें। यह भी याद रखें कि ईओएस-05 जियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है, इसका प्रक्षेपण इसरो ने किया और बधाई प्रधानमंत्री ने दी।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ईओएस-05 उपग्रह को किस प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में भेजा गया?

  1. A.पीएसएलवी-सी58
  2. B.जीएसएलवी-एफ17
  3. C.एलवीएम3-एम4
  4. D.एसएसएलवी-डी3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जीएसएलवी-एफ17

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएलवी-एफ17 है। विज्ञप्ति के अनुसार इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह ले जा रहे जीएसएलवी-एफ17 का सफल प्रक्षेपण किया और प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि पर अंतरिक्ष एजेंसी की सराहना की। जीएसएलवी का पूरा नाम जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल है और एफ17 इसी रॉकेट परिवार की इस विशेष उड़ान को दर्शाता है। विकल्प क में दिया पीएसएलवी यानी पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल एक अलग रॉकेट परिवार है और इस विज्ञप्ति में उसका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प ग में दिया एलवीएम3 भारी उपग्रहों के लिए प्रयुक्त यान है, जिसका इस प्रक्षेपण से कोई संबंध नहीं है। विकल्प घ में दिया एसएसएलवी छोटे उपग्रहों के लिए बना यान है और वह भी यहां नहीं आता। छात्र अक्सर रॉकेट और उपग्रह के नाम आपस में मिला देते हैं, इसलिए जीएसएलवी-एफ17 और ईओएस-05 को हमेशा एक जोड़ी के रूप में याद रखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस उड़ान को देश के लिए गर्व का क्षण बताया था।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

ईओएस-05 किस कक्षा से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है?

  1. A.निम्न भू कक्षा
  2. B.सूर्य तुल्यकालिक कक्षा
  3. C.जियोसिंक्रोनस कक्षा
  4. D.ध्रुवीय कक्षा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जियोसिंक्रोनस कक्षा

व्याख्या

सही उत्तर जियोसिंक्रोनस कक्षा है। इस विज्ञप्ति में ईओएस-05 की सबसे बड़ी विशेषता यही बताई गई है कि यह जियोसिंक्रोनस कक्षा से काम करने वाला भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है। यही एक तथ्य इस प्रक्षेपण को परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है और प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में यही शब्द इस्तेमाल किए। इस कक्षा में रखा गया उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ चलता है, इसलिए वह लगभग एक ही क्षेत्र के ऊपर बना रहता है। विकल्प क में दी निम्न भू कक्षा में बहुत से उपग्रह काम करते हैं, लेकिन विज्ञप्ति में ईओएस-05 को वहां नहीं बताया गया है। विकल्प ख में दी सूर्य तुल्यकालिक कक्षा और विकल्प घ में दी ध्रुवीय कक्षा पहले के दूर संवेदन उपग्रहों से जुड़ी हैं, इसीलिए ये आकर्षक भ्रामक विकल्प बनते हैं। इनमें से कोई भी इस विज्ञप्ति में नहीं है। उपलब्धि के शब्द ठीक से याद रखें।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

जीएसएलवी-एफ17 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो को किसने बधाई दी?

  1. A.राष्ट्रपति
  2. B.उपराष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.शिक्षा मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री

व्याख्या

सही उत्तर प्रधानमंत्री है। यह विज्ञप्ति प्रधानमंत्री कार्यालय ने जारी की थी और इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस प्रक्षेपण को इसरो की एक और शानदार उपलब्धि तथा देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने अपनी बात एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से रखी। उनके अनुसार यह सफल प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की उत्कृष्टता, नवाचार और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसरो और भारतीय उद्योग के बीच गहरी होती साझेदारी अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रही है तथा पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में देश की क्षमताएं बढ़ा रही है। विकल्प क में दिए राष्ट्रपति और विकल्प ख में दिए उपराष्ट्रपति वे दो पद हैं जिन्हें छात्र अक्सर प्रधानमंत्री की जगह चुन लेते हैं, पर ये कथन उनके नहीं हैं। विकल्प घ में दिए शिक्षा मंत्री का इस प्रक्षेपण से कोई संबंध नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसएलवी-एफ17 किस उपग्रह को लेकर गया?

जीएसएलवी-एफ17 ईओएस-05 उपग्रह को लेकर गया, जो जियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है। प्रधानमंत्री ने इस सफल प्रक्षेपण पर इसरो को बधाई दी।

ईओएस-05 को भारत का पहला उपग्रह क्यों कहा गया?

भारत के पहले के इमेजिंग उपग्रह जियोसिंक्रोनस कक्षा से काम नहीं करते थे। ईओएस-05 इस कक्षा में रखा गया भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है, इसलिए इसे पहली उपलब्धि कहा गया।

प्रधानमंत्री ने उद्योग की भागीदारी पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रही है तथा पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में भारत की क्षमताएं बढ़ा रही है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS