साबरमती से देश की पहली LNG ट्रेन को हरी झंडी, 1472 करोड़ के कार्य
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन से देश की पहली LNG ट्रेन शुरू की और 1472 करोड़ रुपये के रेल कार्य सौंपे।

चर्चा में क्यों
27 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली LNG ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और 1472 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनमें WAG-12 मेंटेनेंस शेड भी है।
देश को 27 सितंबर 2026 को अपनी पहली LNG ट्रेन मिल गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कुल 1472 करोड़ रुपये के रेल कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी मौजूद रहे।
साबरमती को क्या मिला
- तरलीकृत प्राकृतिक गैस से चलने वाली देश की पहली ट्रेन, जिसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बताया गया।
- रेल इंजनों के रखरखाव के लिए 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार WAG-12 मेंटेनेंस शेड।
- साबरमती-कलोल-साबरमती खंड पर 48 करोड़ रुपये की लागत वाली कवच प्रणाली।
- अहमदाबाद-पालनपुर तथा अहमदाबाद-सामाख्याली खंडों पर कवच और साबरमती-सरखेज मार्ग के दोहरीकरण का शुभारंभ।
नया रेल इंजन
उसी दिन 12,000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाला इंजन सेवा में लाया गया। मंत्री के अनुसार यह अकेला इंजन लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल खींच सकता है, जबकि पहले इतने भार के लिए दो इंजन जोड़ने पड़ते थे।
कार्यक्रम में दिए गए आंकड़े
| 2015-16 में रेलवे की डीजल खपत | 293 करोड़ लीटर |
| 2024-25 में डीजल खपत | 108 करोड़ लीटर |
| 2023-24 में हुआ विद्युतीकरण | 7,188 किलोमीटर |
| अब तक विद्युतीकृत नेटवर्क | 99.6 प्रतिशत |
| 2026-27 का गुजरात रेल बजट | 17,366 करोड़ रुपये |
मंत्री ने बताया कि 2014 से पहले विद्युतीकरण मात्र 30 प्रतिशत था और बचा हुआ 0.4 प्रतिशत हिस्सा भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। 11,000 किलोमीटर लंबे गलियारे को चार लेन के नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी की ओर आवागमन आसान होगा। उन्होंने मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से वडोदरा तक पहली लॉन्ग हॉल डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन के सफल परीक्षण की जानकारी दी और कहा कि इससे माल वहन क्षमता लगभग दोगुनी हो सकती है। तुलना करते हुए उन्होंने विद्युतीकरण चीन में 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और ब्रिटेन में 49 प्रतिशत बताया तथा स्वीडन को 100 प्रतिशत वाला एकमात्र देश कहा, जिसकी रेल लाइन भारत से कई गुना छोटी है। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 से 2014 के बीच गुजरात का रेल बजट कुल 589 करोड़ रुपये ही रहा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| घटना | देश की पहली LNG ट्रेन को हरी झंडी |
|---|---|
| स्थान | साबरमती रेलवे स्टेशन, अहमदाबाद, गुजरात |
| किसने रवाना किया | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह |
| कुल परियोजना मूल्य | 1472 करोड़ रुपये |
| WAG-12 मेंटेनेंस शेड | 700 करोड़ रुपये की लागत |
| कवच खंड | साबरमती-कलोल-साबरमती, 48 करोड़ रुपये |
| रेल इंजन | WAG-12, ट्विन-सेक्शन, 12,000 हॉर्सपावर |
| विद्युतीकरण | 99.6 प्रतिशत |
| उपस्थित मुख्यमंत्री | गुजरात के भूपेन्द्र पटेल |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें कि पहली LNG ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती से चली, परियोजनाओं का मूल्य 1472 करोड़ रुपये था, WAG-12 शेड 700 करोड़ रुपये का है, कवच साबरमती-कलोल-साबरमती खंड पर 48 करोड़ रुपये में लगा, इंजन 12,000 हॉर्सपावर का है और डीजल खपत 293 से 108 करोड़ लीटर पर आ गई।
अभ्यास प्रश्न
सितंबर 2026 में देश की पहली LNG ट्रेन किस रेलवे स्टेशन से रवाना की गई?
- A.अहमदाबाद जंक्शन
- B.साबरमती
- C.वडोदरा
- D.गांधीनगर कैपिटल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. साबरमती
व्याख्या
सही उत्तर साबरमती है। तरलीकृत प्राकृतिक गैस से चलने वाली देश की पहली ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से रवाना की गई और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उपयोगी कदम बताया। इसी स्टेशन पर रेल इंजनों के रखरखाव का शेड तथा कलोल तक जाने वाले खंड पर कवच प्रणाली भी सौंपी गई। विकल्प अहमदाबाद जंक्शन गलत है, क्योंकि उस दिन के सभी कार्य साबरमती मंडल से जुड़े थे और ट्रेन साबरमती से ही चली, शहर के मुख्य जंक्शन से नहीं। वडोदरा गलत है, उसका उल्लेख केवल मुंबई के बंदरगाह से चली डबल स्टैक लॉन्ग हॉल कंटेनर ट्रेन के परीक्षण के गंतव्य के रूप में हुआ था। गांधीनगर कैपिटल भी गलत है, क्योंकि उस दिन की घोषणाओं में वह स्टेशन शामिल नहीं था; दोहरीकरण का काम साबरमती से सरखेज मार्ग पर शुरू हुआ।
पहली LNG ट्रेन के साथ साबरमती में सौंपे गए रेल कार्यों का कुल मूल्य कितना था?
- A.700 करोड़ रुपये
- B.1,472 करोड़ रुपये
- C.589 करोड़ रुपये
- D.17,366 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1,472 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 1,472 करोड़ रुपये है। जिस दिन देश की पहली LNG ट्रेन रवाना हुई, उसी दिन साबरमती में इतनी राशि के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। विकल्प A यानी 700 करोड़ रुपये उसी पैकेज का एक हिस्सा है, यह रेल इंजनों के रखरखाव वाले WAG-12 शेड की लागत है। विकल्प C यानी 589 करोड़ रुपये बिल्कुल अलग आंकड़ा है, यह 2009 से 2014 के बीच गुजरात का कुल रेल बजट था, जिसे पुराने और नए खर्च की तुलना के लिए बताया गया। विकल्प D यानी 17,366 करोड़ रुपये गुजरात का एक वर्ष, यानी 2026-27 का रेल बजट है और वह भी उसी तुलना का हिस्सा है, साबरमती के कार्यों का मूल्य नहीं। इसलिए केवल विकल्प B सही उत्तर देता है।
साबरमती में सेवा में लाए गए ट्विन-सेक्शन WAG-12 इंजन की क्षमता कितनी है?
- A.6,000 हॉर्सपावर
- B.9,000 हॉर्सपावर
- C.12,000 हॉर्सपावर
- D.15,000 हॉर्सपावर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 12,000 हॉर्सपावर
व्याख्या
सही उत्तर 12,000 हॉर्सपावर है। साबरमती में शुरू किया गया इंजन इसी क्षमता का ट्विन-सेक्शन इंजन है और यह अकेले ही उतना माल खींच सकता है जितना ढोने के लिए लगभग 600 ट्रकों की जरूरत पड़ती। पहले इतने भार के लिए दो इंजन जोड़े जाते थे, इसलिए अब एक WAG-12 दो इंजनों का काम करता है, जिसे गृह मंत्री ने भारतीय रेल के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव कहा। विकल्प A और B यानी 6,000 तथा 9,000 हॉर्सपावर कम क्षमता दर्शाते हैं और कार्यक्रम में बताए गए इंजन से मेल नहीं खाते। विकल्प D यानी 15,000 हॉर्सपावर बताई गई क्षमता से अधिक है। ध्यान रहे कि इसी स्टेशन पर 700 करोड़ रुपये की लागत का शेड भी इसी श्रेणी के इंजनों के रखरखाव के लिए बनाया गया है।
साबरमती में दिए गए आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में भारतीय रेल की डीजल खपत घटकर कितनी रह गई?
- A.293 करोड़ लीटर
- B.205 करोड़ लीटर
- C.150 करोड़ लीटर
- D.108 करोड़ लीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 108 करोड़ लीटर
व्याख्या
सही उत्तर 108 करोड़ लीटर है। गृह मंत्री ने बताया कि रेलवे 2015-16 में 293 करोड़ लीटर डीजल खर्च करती थी और 2024-25 में यह मात्रा घटकर 108 करोड़ लीटर रह गई। उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताया, जिस पर आमतौर पर ध्यान कम जाता है। विकल्प A यानी 293 करोड़ लीटर दोनों में पहला आंकड़ा है, जो 2015-16 का है, इसलिए वह शुरुआती स्थिति बताता है, बाद के वर्ष की नहीं। विकल्प B और C यानी 205 तथा 150 करोड़ लीटर कार्यक्रम में बताई गई दोनों मात्राओं में से कोई नहीं हैं। इसी भाषण में नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत बताया गया और शेष हिस्सा शीघ्र पूरा करने की बात कही गई, जिससे स्पष्ट होता है कि डीजल की खपत इतनी तेजी से क्यों घटी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
देश की पहली LNG ट्रेन कहाँ से शुरू हुई?
गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे स्टेशन से, 27 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसे हरी झंडी दिखाई।
साबरमती के WAG-12 मेंटेनेंस शेड की लागत कितनी है?
700 करोड़ रुपये। यह रेल इंजनों के रखरखाव के लिए बना है और 1472 करोड़ रुपये के कार्यों के साथ इसका उद्घाटन हुआ।
साबरमती में शुरू किया गया WAG-12 इंजन कितना शक्तिशाली है?
यह 12,000 हॉर्सपावर की ट्विन-सेक्शन क्षमता वाला इंजन है और अकेले ही लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल ढो सकता है।
स्रोत
करेंट अफेयर्स 27 सितंबर 2026
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