पेंशनभोगियों के लिए राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान कौन चलाता है?
- A.डाक विभाग
- B.वित्तीय सेवाएं विभाग
- C.पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
- D.दूरसंचार विभाग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग है, जो कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन आता है। इसी विभाग ने 13 अगस्त 2026 के कार्यालय ज्ञापन से अभियान के दिशा-निर्देश जारी किए और यही 1 से 30 नवंबर 2026 तक पांचवां संस्करण चला रहा है। विकल्प A यानी डाक विभाग मुख्य एजेंसी नहीं है, हालांकि जिला डाकघर शिविरों में भागीदार हैं और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी इसमें शामिल है। विकल्प B यानी वित्तीय सेवाएं विभाग भी गलत है, भले ही पेंशन बांटने वाले बैंक अभियान से जुड़े हों। विकल्प D यानी दूरसंचार विभाग इसी तरह एक भागीदार भर है। अभियान में रक्षा लेखा महानियंत्रक, रेलवे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, राज्य सरकारें, यूआईडीएआई और मेइटीवाई भी साथ हैं, लेकिन अभियान चलाने की जिम्मेदारी पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की है।
पूरा लेख पढ़ें: डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5: 2000 जिलों में शिविर
अभ्यास प्रश्न
पांचवें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के तहत कितने शहरों और जिलों में शिविर लगाए जाएंगे?
- A.1000
- B.1500
- C.2000
- D.2500
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पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग पांचवें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के दौरान देश के 2000 शहरों और जिलों में शिविर लगाएगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डीएलसी अभियान-5 में फेस ऑथेंटिकेशन से कितने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने का लक्ष्य है?
- A.50 लाख
- B.1.50 करोड़
- C.2.30 करोड़
- D.3 करोड़
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इस अभियान से जुड़े दो आंकड़े हैं, जिन्हें अक्सर आपस में मिला दिया जाता है। कुल लक्ष्य 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का है और इसी कुल में से 1.50 करोड़ प्रमाण पत्र फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से तैयार कराए जाने हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएमएमएसवाई के तहत पिछले पांच वर्षों में मंजूर परियोजनाओं से कितनी महिलाएं लाभान्वित हुई हैं?
- A.1.28 लाख से अधिक
- B.2.28 लाख से अधिक
- C.74.66 लाख से अधिक
- D.15,900 से अधिक
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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने पिछले पांच वर्षों में मत्स्य क्षेत्र की महिलाओं के लिए 4,155 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मंजूर की हैं, जिनमें केंद्रीय हिस्सा 1,572 करोड़ रुपये है, और इनसे 1.28 लाख से अधिक महिला लाभार्थी जुड़ी हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मत्स्य पालन विभाग ने कितने मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) बनवाए हैं?
- A.1,195
- B.2,195
- C.5,500
- D.15,900
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ये उत्पादक संगठन छोटे मछुआरों और मछली किसानों को पैमाने, पूंजी तथा बाजार पहुंच की दिक्कतों से पार लगाते हैं, क्योंकि इनके जरिये वे अपनी उपज और संसाधन एक साथ जोड़ पाते हैं और प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग तथा विपणन में मिलकर हिस्सा ले पाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2015 से भारत सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र में कितना सार्वजनिक निवेश प्रतिबद्ध किया है?
- A.29,272 करोड़ रुपये
- B.39,272 करोड़ रुपये
- C.49,272 करोड़ रुपये
- D.3,393 करोड़ रुपये
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मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने बताया कि 2015 के बाद इस क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश तेजी से बढ़ाया गया और यह राशि पांच माध्यमों से मिलकर दी गई है: नीली क्रांति योजना, मत्स्य पालन एवं जलकृषि अवसंरचना विकास निधि, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि सह योजना…
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