सीएक्यूएम ने दिल्ली रिंग रोड के 25 हिस्सों की जांच की
सीएक्यूएम की चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने दिल्ली के रिंग रोड के 25 हिस्सों में करीब 35 किलोमीटर की जांच की और धूल तथा मलबे के 17 उल्लंघन पाए।

चर्चा में क्यों
3 अक्टूबर 2026 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली के भीतरी और बाहरी रिंग रोड पर चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें भेजकर 25 हिस्सों की, करीब 35 किलोमीटर में, जांच की और सड़क की धूल तथा निर्माण मलबे से जुड़े 17 उल्लंघन दर्ज किए।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 3 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसका मकसद यह देखना था कि सड़कों पर कितनी धूल दिखाई देती है और रिंग रोड पर सफाई तथा झाड़ू लगाने का काम कितने असर के साथ हो रहा है। यह अभियान आयोग की उस लगातार चलने वाली कोशिश का हिस्सा है, जिसमें धूल रोकने के उपायों और सड़कों की सफाई को दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण घटाने का सीधा साधन माना जाता है।
अभियान का दायरा
आयोग ने चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें बनाकर उन सड़कों की जांच के लिए भेजीं, जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली के अधीन आती हैं। अभियान के दौरान भीतरी और बाहरी रिंग रोड के कुल 25 हिस्सों की जांच हुई, जो लगभग 35 किलोमीटर लंबाई में फैले थे।
टीमों को क्या मिला
जांचे गए हिस्सों में कुल 17 उल्लंघन दर्ज किए गए। ये ऐसे मामले थे जिनमें सड़क पर बहुत धूल दिखी और निर्माण तथा तोड़फोड़ का मलबा जमा पड़ा मिला। आयोग ने कहा कि ये नतीजे बताते हैं कि सड़कों की मालिक एजेंसियों को सफाई, झाड़ू और धूल रोकने के तय उपाय सख्ती और असर के साथ लागू करने की जरूरत है।
सड़क की धूल क्यों मायने रखती है
आयोग ने जोर देकर कहा कि सड़कों की नियमित और प्रभावी सफाई धूल पर काबू पाने तथा गुजरती गाड़ियों से उसे फिर हवा में उठने से रोकने के लिए बहुत जरूरी है। जहां सड़क के किनारे या चलने वाले हिस्से पर मलबा और धूल पड़ी रहती है, वहां वाहनों की आवाजाही से वह दोबारा उड़ती है और आसपास की हवा की गुणवत्ता बिगड़ती है।
एजेंसियों को निर्देश
पीडब्ल्यूडी दिल्ली तथा संबंधित अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि सड़क की धूल रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। आयोग ने यह भी कहा कि हर एजेंसी के अधीन आने वाले हिस्सों को नियमित झाड़ू, जमा धूल तथा निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे को हटाकर और समय पर कार्रवाई करके साफ और धूल मुक्त रखा जाए। इस तरह के निरीक्षण अभियान दिल्ली और एनसीआर में ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत आगे भी चलेंगे, जिससे प्रदूषण रोकने के उपायों की जमीनी हालत जांची जाए, पालन में कमियां पकड़ी जाएं और एजेंसियां समय पर सुधार करें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| संस्था | वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) |
|---|---|
| अभियान की तारीख | 3 अक्टूबर 2026 |
| स्थान | भीतरी और बाहरी रिंग रोड, दिल्ली |
| तैनात टीमें | चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें |
| जांचे गए हिस्से | 25 |
| कुल लंबाई | लगभग 35 किलोमीटर |
| दर्ज उल्लंघन | 17 |
| उल्लंघन का स्वरूप | सड़क पर बहुत धूल और जमा निर्माण तथा तोड़फोड़ का मलबा |
| संबंधित एजेंसी | लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली |
| कार्यक्रम | ऑपरेशन क्लीन एयर |
परीक्षा की दृष्टि से
संस्था (सीएक्यूएम, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग), अभियान की तारीख (3 अक्टूबर 2026), फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों की संख्या (चार), जांचे गए हिस्से (25), लंबाई (भीतरी और बाहरी रिंग रोड के करीब 35 किलोमीटर), मिले उल्लंघन (17), संबंधित एजेंसी (पीडब्ल्यूडी, दिल्ली) और कार्यक्रम का नाम (ऑपरेशन क्लीन एयर) याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने दिल्ली में भीतरी और बाहरी रिंग रोड के कितने हिस्सों की जांच की?
- A.15
- B.20
- C.25
- D.35
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 25
व्याख्या
सही उत्तर 25 है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा बनाई गई चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने भीतरी और बाहरी रिंग रोड के पच्चीस हिस्सों की जांच की, जो मिलाकर लगभग पैंतीस किलोमीटर लंबाई में फैले थे और सभी दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के अधीन आते हैं। विकल्प A और विकल्प B केवल छोटी गोल संख्याएं हैं, जो अभियान के किसी तथ्य से मेल नहीं खातीं। विकल्प D इस प्रश्न का जाल है, क्योंकि पैंतीस जांचे गए हिस्सों की अनुमानित लंबाई किलोमीटर में है, हिस्सों की संख्या नहीं; जो अभ्यर्थी केवल एक आंकड़ा याद रखता है, वह दोनों को आपस में मिला देता है। अभियान में सड़क पर बहुत धूल और जमा मलबे से जुड़े सत्रह उल्लंघन दर्ज किए गए।
दिल्ली के रिंग रोड पर यह निरीक्षण अभियान किस संस्था ने चलाया?
- A.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- B.वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
- C.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
- D.दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
व्याख्या
सही उत्तर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) है, जिसने दिल्ली में यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया और इसके लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें बनाई। अभियान में देखा गया कि रिंग रोड पर कितनी धूल दिखती है और सफाई तथा झाड़ू का काम कितना असरदार है। विकल्प A यानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विकल्प D यानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति प्रदूषण से जुड़ी संस्थाएं हैं, पर यह अभियान इनमें से किसी ने नहीं चलाया। विकल्प C यानी राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक न्यायिक निकाय है, जो पर्यावरण के मामले सुनता है और इस तरह का सड़क निरीक्षण नहीं करता। आयोग ने पीडब्ल्यूडी दिल्ली तथा अन्य एजेंसियों को प्राथमिकता से सुधार के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में पच्चीस हिस्सों की जांच हुई और सत्रह उल्लंघन सामने आए।
दिल्ली-एनसीआर में सीएक्यूएम के ये निरीक्षण अभियान किस ऑपरेशन के तहत चलाए जाते हैं?
- A.ऑपरेशन क्लीन एयर
- B.ऑपरेशन ग्रीन दिल्ली
- C.मिशन स्वच्छ वायु
- D.ऑपरेशन डस्ट फ्री एनसीआर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ऑपरेशन क्लीन एयर
व्याख्या
सही उत्तर ऑपरेशन क्लीन एयर है। आयोग ने कहा कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निरीक्षण अभियान इसी ऑपरेशन के तहत आगे भी चलते रहेंगे, जिससे वायु प्रदूषण रोकने के विभिन्न उपायों की जमीनी हालत देखी जाए, पालन में कमियां पकड़ी जाएं और संबंधित एजेंसियां समय पर सुधारात्मक कार्रवाई करें। विकल्प B, विकल्प C और विकल्प D केवल भ्रमित करने के लिए बनाए गए नाम हैं और आयोग के इस कार्यक्रम को नहीं दर्शाते। अभ्यर्थियों को याद रखना चाहिए कि रिंग रोड का यह अभियान इसी ऑपरेशन का हिस्सा था, इसमें चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें लगाई गई थीं और दिल्ली के लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर सत्रह उल्लंघन दर्ज हुए। आयोग ने सड़कों को नियमित झाड़ू से साफ और धूल मुक्त रखने पर जोर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीएक्यूएम ने दिल्ली के रिंग रोड पर कितने हिस्सों की जांच की?
25 हिस्सों की, जो भीतरी और बाहरी रिंग रोड के लगभग 35 किलोमीटर में फैले थे। जांच 3 अक्टूबर 2026 को चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों ने की।
अभियान में कौन से उल्लंघन मिले?
जांचे गए हिस्सों में बहुत धूल और जमा निर्माण तथा तोड़फोड़ के मलबे से जुड़े 17 उल्लंघन दर्ज किए गए।
ये निरीक्षण किस कार्यक्रम के तहत होते हैं?
ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत। ये अभियान दिल्ली-एनसीआर में चलते रहते हैं, जिससे प्रदूषण रोकने के उपायों की जमीनी हालत जांची जाए और पालन में कमियां पकड़ी जाएं।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2318882 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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