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महंगाई भत्ता 3% बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया गया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की एक अतिरिक्त किस्त मंजूर की, जिससे दर मूल वेतन के 63 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत वृद्धि मंजूर की, जिससे दर 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी दी। यह किस्त पहले से चल रही दर में तीन प्रतिशत अंक जोड़ती है। पुरानी दर मूल वेतन अथवा पेंशन के 60 प्रतिशत थी, इसलिए संशोधन के बाद यह आंकड़ा 63 प्रतिशत हो गया है। नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू होगी, अर्थात बीत चुके महीनों का भुगतान बकाया के रूप में किया जाएगा।

यह भत्ता क्यों दिया जाता है

महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का उद्देश्य वेतन तथा पेंशन को बढ़ती कीमतों से बचाना है। जब जीवन-यापन की लागत चढ़ती है तो तय वेतन की क्रय शक्ति घट जाती है। ऐसे में सरकार वेतनमान को दोबारा लिखने के बजाय मूल वेतन के एक प्रतिशत हिस्से के रूप में अतिरिक्त राशि जोड़ देती है। सेवारत कर्मचारियों को यह राशि महंगाई भत्ते के नाम से मिलती है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वही सुविधा महंगाई राहत कहलाती है।

खर्च और लाभार्थी

दोनों को बढ़ी दर पर देने से राजकोष पर हर साल 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इस आदेश के दायरे में संघ सरकार के लगभग 48.54 लाख सेवारत कर्मचारी और 68.71 लाख पेंशनभोगी आते हैं। इतनी बड़ी संख्या के कारण यह मंत्रिमंडल के सबसे व्यापक असर वाले वित्तीय निर्णयों में गिना जाता है।

विवरणआंकड़ा
पुरानी दरमूल वेतन या पेंशन का 60 प्रतिशत
स्वीकृत वृद्धि3 प्रतिशत
संशोधन के बाद दर63 प्रतिशत
प्रभावी तिथि1 जुलाई 2026
वार्षिक व्यय10,016.10 करोड़ रुपये
कर्मचारी48.54 लाख
पेंशनभोगी68.71 लाख

आंकड़े के पीछे का सूत्र

वृद्धि का आकार किसी के विवेक से तय नहीं होता। यह सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत सूत्र से निकलता है, जो भत्ते को औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की चाल से जोड़ देता है। गणित सूत्र ही कर देता है, इसलिए मंत्रिमंडल का निर्णय व्यवहार में उसी बदलाव पर मुहर लगाना होता है जो सूचकांक पहले दर्ज कर चुका है। वही प्रतिशत पेंशनभोगियों पर भी लागू होता है ताकि दोनों वर्गों में भेद न रहे।

परीक्षा की दृष्टि

इस निर्णय पर प्रश्न मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर बनते हैं: वृद्धि का प्रतिशत, लागू होने की तिथि और वह वेतन आयोग जिसका सूत्र इसे नियंत्रित करता है। इसके बाद राजकोष पर पड़ने वाला भार और लाभार्थियों की संख्या पूछी जाती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

निर्णयमहंगाई भत्ता और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त
स्वीकृतिप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल
वृद्धिमौजूदा दर पर 3 प्रतिशत
दरमूल वेतन या पेंशन का 60 प्रतिशत से 63 प्रतिशत
प्रभावी तिथि1 जुलाई 2026
वार्षिक व्यय10,016.10 करोड़ रुपये
कर्मचारीलगभग 48.54 लाख
पेंशनभोगीलगभग 68.71 लाख
सूत्र का आधारसातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें

परीक्षा की दृष्टि से

वृद्धि की मात्रा (3 प्रतिशत), पुरानी और नई दर (60 से 63 प्रतिशत), प्रभावी तिथि (1 जुलाई 2026), वार्षिक व्यय (10,016.10 करोड़ रुपये), लाभार्थी (48.54 लाख कर्मचारी तथा 68.71 लाख पेंशनभोगी) और सूत्र का आधार यानी सातवां केंद्रीय वेतन आयोग याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

28 अक्टूबर 2026 के निर्णय में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते में कितने प्रतिशत अंक की वृद्धि की?

  1. A.2 प्रतिशत
  2. B.3 प्रतिशत
  3. C.4 प्रतिशत
  4. D.5 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 3 प्रतिशत

मंत्रिमंडल ने सेवारत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की एक अतिरिक्त किस्त मंजूर की, जो पहले से दी जा रही दरों पर तीन प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्शाती है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

संशोधित महंगाई भत्ता किस तिथि से लागू होगा?

  1. A.1 जनवरी 2026
  2. B.1 अप्रैल 2026
  3. C.1 जुलाई 2026
  4. D.1 अक्टूबर 2026
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 जुलाई 2026

मंत्रिमंडल ने अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी इसी तिथि से दी, इसीलिए आदेश के दायरे में आने वाले कर्मचारी और पेंशनभोगी उन महीनों के बकाया के भी हकदार बनते हैं जो प्रभावी तिथि और निर्णय की तिथि के बीच बीत चुके हैं।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत संशोधन से राजकोष पर कुल वार्षिक भार कितना पड़ेगा?

  1. A.7,540.20 करोड़ रुपये
  2. B.10,016.10 करोड़ रुपये
  3. C.12,480.75 करोड़ रुपये
  4. D.15,220.50 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 10,016.10 करोड़ रुपये

मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के बढ़े महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की बढ़ी महंगाई राहत के संयुक्त असर को पूरे वर्ष के लिए इसी राशि पर आंका है।

Q4.अर्थव्यवस्थाकठिन

महंगाई भत्ते की वृद्धि निकालने वाला सूत्र किस निकाय की सिफारिशों पर टिका है?

  1. A.छठा केंद्रीय वेतन आयोग
  2. B.सातवां केंद्रीय वेतन आयोग
  3. C.सोलहवां वित्त आयोग
  4. D.भारतीय रिजर्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सातवां केंद्रीय वेतन आयोग

मंत्रिमंडल ने इस वृद्धि को स्वीकृत सूत्र के अनुरूप बताया है, जो उसी आयोग की सिफारिशों पर आधारित है, इसलिए प्रतिशत मोलभाव से नहीं बल्कि यांत्रिक रूप से निकलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय कर्मचारियों को अब कितना महंगाई भत्ता मिलेगा?

मूल वेतन का 63 प्रतिशत। मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2026 से पुरानी 60 प्रतिशत दर में 3 प्रतिशत जोड़ दिया है।

इस वृद्धि पर कुल कितना खर्च आएगा?

दोनों पर मिलाकर राजकोष को हर साल 10,016.10 करोड़ रुपये देने होंगे, जिससे लगभग 48.54 लाख कर्मचारी और 68.71 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।

महंगाई भत्ते का सूत्र किस आयोग की सिफारिशों पर आधारित है?

सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत सूत्र, जो भत्ते को मूल्य सूचकांक से जोड़ता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 28 अक्टूबर 2026

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