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GK24

एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण नाम से एसपीवी की स्थापना को स्वीकृति दी, जो राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान बनाएगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंजूरी — GK24 title card

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना, मूल्यांकन तथा निगरानी के लिए एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण की स्थापना को स्वीकृति दी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अक्टूबर 2026 को एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) नाम से एक स्पेशल पर्पज व्हीकल की स्थापना को स्वीकृति दी। इसका कार्यक्षेत्र परिवहन और लॉजिस्टिक्स में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी तथा प्रभाव का आकलन है।

आवश्यकता क्यों पड़ी

देश में परिवहन की योजना एक साथ कई मंत्रालय और एजेंसियां बनाती हैं। इस बिखरे ढंग से काम करने के कारण योजनाएं आपस में मेल नहीं खातीं और कार्यान्वयन असमान रहता है। आईटीएलए इन टुकड़ों को जोड़ने के लिए बनाया गया है, जिससे विभिन्न साधनों का एकीकरण हो और अवसंरचना का निर्माण अधिक कुशल तथा टिकाऊ बने।

प्राधिकरण के कार्य

  • एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी, नीतिगत सहायता और डेटा विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय शीर्ष संस्था के रूप में काम करना।
  • दस वर्ष या उससे अधिक की अवधि वाला राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना, जिसमें सड़क, रेल, बंदरगाह एवं जहाजरानी, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय जहाजरानी, शहरी गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे।
  • परिवहन मंत्रालयों की लगभग पांच वर्ष की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं को मास्टर प्लान के अनुरूप परखना।
  • 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करना; वित्तीय मूल्यांकन पूर्व तंत्र से ही होता रहेगा।
  • 500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी करना और पूरा होने के बाद उनके प्रभाव का आकलन करना।

परिवहन आंकड़ों का एक भंडार

प्राधिकरण राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार (एनटीडीआर) बनाएगा, जिसमें जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस आधारित प्रणालियों तथा शहरी यातायात प्रबंधन प्रणालियों से आंकड़े लिए जाएंगे। इसी आधार पर माल प्रवाह और उद्गम-गंतव्य जैसे विश्लेषण किए जाएंगे।

अन्य जिम्मेदारियां

आईटीएलए राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 की समीक्षा और उसे अद्यतन करने में परामर्श देगा, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्षमता विकास, प्रशिक्षण और कौशल का काम करेगा तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देगा। सरकार इसे विजन 2047 से जोड़ती है।

एक नजर में

संस्थाएकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण
स्वरूपस्पेशल पर्पज व्हीकल
मूल्यांकन सीमा500 करोड़ रुपये और उससे अधिक
डेटा मंचराष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार

महत्वपूर्ण तथ्य

निर्णयएकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी
स्वरूपस्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी)
भूमिकापरिवहन एवं लॉजिस्टिक्स योजना तथा मूल्यांकन की राष्ट्रीय शीर्ष संस्था
मास्टर प्लानदस वर्ष या उससे अधिक अवधि का राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान
तकनीकी मूल्यांकन500 करोड़ रुपये और उससे अधिक की केंद्रीय परियोजनाएं
निगरानी500 करोड़ रुपये से अधिक की परिवहन एवं अवसंरचना परियोजनाएं
डेटा मंचराष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार (एनटीडीआर)
डेटा स्रोतजीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस और शहरी यातायात प्रणालियां
नीतिगत सहयोगराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 की समीक्षा और अद्यतन

परीक्षा की दृष्टि से

नाम और स्वरूप (आईटीएलए, स्पेशल पर्पज व्हीकल), तैयार होने वाला प्लान (राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान, दस वर्ष या अधिक), मूल्यांकन एवं निगरानी की सीमा (500 करोड़ रुपये), डेटा मंच (राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार) और समीक्षा में सहयोग वाली नीति (राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थामध्यम

आईटीएलए किस लागत से ऊपर की केंद्रीय अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा?

  1. A.100 करोड़ रुपये
  2. B.250 करोड़ रुपये
  3. C.500 करोड़ रुपये
  4. D.1,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 500 करोड़ रुपये है। स्वीकृति के अनुसार एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण भारत सरकार की इतनी या इससे अधिक लागत वाली अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा, जबकि वित्तीय मूल्यांकन पहले से चल रहे तंत्र के माध्यम से ही होता रहेगा। यही सीमा निगरानी के लिए भी तय है: प्राधिकरण इससे अधिक लागत वाली परिवहन और अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर नजर रखेगा, समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित तंत्र देगा और परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का आकलन करेगा। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि मंत्रिमंडल द्वारा तय सीमा इन दोनों राशियों से अधिक है, इसलिए इससे छोटी परियोजनाएं तकनीकी मूल्यांकन के लिए प्राधिकरण के पास नहीं आएंगी। विकल्प D गलत है, क्योंकि निर्धारित सीमा उससे नीचे है। ध्यान रखें कि एक ही सीमा मूल्यांकन और निगरानी दोनों पर लागू होती है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

परिवहन संबंधी आंकड़ों को एक जगह लाने के लिए आईटीएलए क्या बनाएगा?

  1. A.राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार
  2. B.राष्ट्रीय माल ढुलाई विनिमय
  3. C.एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस मंच
  4. D.राष्ट्रीय गतिशीलता ग्रिड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार है। मंत्रिमंडल के निर्णय में आईटीएलए से कहा गया है कि वह कई स्रोतों से परिवहन और लॉजिस्टिक्स के आंकड़े लेकर एक एकीकृत भंडार बनाए। इन स्रोतों में जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस आधारित प्रणालियां और शहरी यातायात प्रबंधन प्रणालियां शामिल हैं। इसके बाद प्राधिकरण माल प्रवाह तथा उद्गम-गंतव्य जैसे विश्लेषण योजना, निगरानी और प्रभाव आकलन के लिए करेगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस मंजूरी में माल ढुलाई विनिमय जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्णय में इस नाम का कोई मंच भंडार के रूप में नहीं बताया गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि गतिशीलता ग्रिड का उल्लेख कहीं नहीं है। परीक्षा के लिए भंडार को उसके आंकड़ा स्रोतों के साथ जोड़कर याद रखें।

Q3.अर्थव्यवस्थामध्यम

नया प्राधिकरण किस नीति की समीक्षा और उसे अद्यतन करने में परामर्श देगा?

  1. A.राष्ट्रीय रेल योजना
  2. B.राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022
  3. C.राष्ट्रीय नागर विमानन नीति
  4. D.राष्ट्रीय राजमार्ग विकास नीति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति 2022 है। आईटीएलए के कार्यों में यह स्पष्ट रूप से शामिल है कि वह इस नीति की समीक्षा और उसे अद्यतन करने के लिए परामर्श तथा सहायता देगा। इसके साथ प्राधिकरण लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्षमता विकास, प्रशिक्षण और कौशल का कार्य करेगा तथा परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देगा। विकल्प A गलत है, क्योंकि मंजूरी में प्राधिकरण को किसी रेल योजना की समीक्षा का दायित्व नहीं दिया गया, यद्यपि रेलवे उन साधनों में है जिन्हें मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। विकल्प C इसी कारण गलत है; नागर विमानन मास्टर प्लान का एक साधन है, समीक्षा के लिए सौंपी गई नीति नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि निर्णय में राजमार्ग विकास नीति का नाम नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण क्या है?

यह 6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत एक स्पेशल पर्पज व्हीकल है, जो परिवहन और लॉजिस्टिक्स की एकीकृत योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी, नीतिगत सहायता और डेटा विश्लेषण की शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगा।

कितनी लागत की परियोजनाओं का मूल्यांकन प्राधिकरण करेगा?

500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली केंद्रीय अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन आईटीएलए करेगा और उसी सीमा से ऊपर की परियोजनाओं की निगरानी तथा प्रभाव आकलन भी करेगा।

राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार में क्या होगा?

इसमें जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस आधारित प्रणालियों और शहरी यातायात प्रबंधन प्रणालियों से लिए गए आंकड़े एक जगह रखे जाएंगे, जिनसे माल प्रवाह और उद्गम-गंतव्य विश्लेषण किया जाएगा।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 6 अक्टूबर 2026

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