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ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र बन रहा है, जिसे 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और भूमिपूजन 29 अक्टूबर को होगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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ग्वालियर में बनेगा एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को संचार मंत्रालय ने बताया कि एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बन रहा है और इसका भूमिपूजन 29 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा।

संचार मंत्रालय के अनुसार एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र यानी टीएमजेड मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बनने जा रहा है। इसका भूमिपूजन 29 अक्टूबर 2026 को होगा। संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में शामिल होंगे और दूरसंचार कारोबार से जुड़ी 24 से अधिक कंपनियां वहां मौजूद रहेंगी।

जगह कौन सी है

परियोजना के लिए चुनी गई जमीन ग्वालियर की श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी यानी एसएडीए में है। राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग 170 एकड़ भूमि बिना कोई कीमत लिए सौंपी है। यह क्षेत्र प्लग-एंड-प्ले ढांचे पर खड़ा किया जा रहा है, जैसा विशेष आर्थिक क्षेत्र में होता है, ताकि वहां पहुंचने वाली कंपनी को सड़क, बिजली और साझा सुविधाएं तैयार मिलें और उत्पादन बिना प्रतीक्षा शुरू हो सके।

यहां क्या बनेगा

दूरसंचार उपकरण और उनके कल-पुर्जे जोड़ने के अलावा यहां डिजाइन, अनुसंधान, परीक्षण और नवाचार का काम भी होगा। ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर तथा 5जी और 6जी तकनीक पर काम करने वाले उद्योगों को यहां जगह दी जाएगी।

पैसा कहां से आया

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में हुए रोडशो से वे प्रतिबद्धताएं मिलीं जो मिलकर कुल आंकड़ा बनाती हैं। दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच इस क्षेत्र की स्थापना का समझौता ज्ञापन जुलाई 2026 में हुआ था।

मदआंकड़ा
कुल निवेश प्रस्ताव5,500 करोड़ रुपये से अधिक
संभावित रोजगार18,000 से अधिक
दिल्ली रोडशोलगभग 3,500 करोड़ रुपये, लगभग 14,000 रोजगार
मुंबई रोडशोलगभग 2,000 करोड़ रुपये, लगभग 4,000 रोजगार
बेंगलुरु बैठकअतिरिक्त 700-800 करोड़ रुपये

खर्च कौन उठा रहा है

पहले चरण के बुनियादी ढांचे का पूरा खर्च केंद्र उठा रहा है, यानी 493 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत सहायता। इस क्षेत्र को बनाने और चलाने के लिए एक विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई गई है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत है।

परीक्षा के लिए याद रखने योग्य बातें

  • एशिया में अपनी तरह का पहला क्षेत्र, और स्थान है ग्वालियर, मध्य प्रदेश।
  • निवेश प्रस्ताव 5,500 करोड़ रुपये से ऊपर, रोजगार की संभावना 18,000 से अधिक।
  • पहले चरण के लिए केंद्र की सहायता 493 करोड़ रुपये, यानी पूरे खर्च का 100 प्रतिशत।
  • राज्य ने नि:शुल्क दी गई भूमि लगभग 170 एकड़ है।

महत्वपूर्ण तथ्य

परियोजनाएशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड)
स्थानश्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (एसएडीए), ग्वालियर, मध्य प्रदेश
मंत्रालयसंचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग
भूमिपूजन29 अक्टूबर 2026, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ
निवेश प्रस्ताव5,500 करोड़ रुपये से अधिक
रोजगार क्षमता18,000 से अधिक
केंद्र की सहायता493 करोड़ रुपये, पहले चरण के ढांचे के लिए 100 प्रतिशत
भूमिमध्य प्रदेश सरकार द्वारा नि:शुल्क दी गई लगभग 170 एकड़
एसपीवी हिस्सेदारीमध्य प्रदेश सरकार 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें विशेषण (एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र), स्थान (श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी, ग्वालियर, मध्य प्रदेश), संबंधित मंत्रालय और विभाग, भूमिपूजन की तिथि, 5,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 18,000 रोजगार, केंद्र की 493 करोड़ रुपये की सहायता, 170 एकड़ नि:शुल्क भूमि तथा विशेष प्रयोजन कंपनी में 51 और 49 प्रतिशत का बंटवारा।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र किस शहर में स्थापित किया जा रहा है?

  1. A.इंदौर
  2. B.ग्वालियर
  3. C.भोपाल
  4. D.जबलपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्वालियर

व्याख्या

सही उत्तर ग्वालियर है। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश के ग्वालियर में श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी, जिसे एसएडीए कहा जाता है, वहां बन रहा है और राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग 170 एकड़ भूमि बिना कीमत के सौंपी है। भूमिपूजन समारोह 29 अक्टूबर 2026 को तय है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री के साथ दूरसंचार कारोबार की 24 से अधिक कंपनियां शामिल होंगी। विकल्प A यानी इंदौर गलत है, क्योंकि व्यापार की दृष्टि से बड़ा शहर होने पर भी वहां ऐसी किसी परियोजना की घोषणा नहीं हुई। विकल्प C यानी भोपाल गलत है, वह राज्य की राजधानी है और भूमि देने वाली सरकार का मुख्यालय है, पर परियोजना वहां नहीं है। विकल्प D यानी जबलपुर का इस घोषणा से कोई संबंध नहीं है। परीक्षार्थी इस विशेषण को, यानी एशिया का ऐसा पहला क्षेत्र, ग्वालियर और ग्वालियर-चंबल अंचल से जोड़कर याद रखें।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए केंद्र कितनी सहायता दे रहा है?

  1. A.493 करोड़ रुपये
  2. B.349 करोड़ रुपये
  3. C.934 करोड़ रुपये
  4. D.439 करोड़ रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 493 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 493 करोड़ रुपये है। भारत सरकार इस क्षेत्र के पहले चरण में ढांचा खड़ा करने का पूरा खर्च उठा रही है और यह राशि अनुदान है, न कि ऋण या साझा योगदान। इसके साथ मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 170 एकड़ भूमि बिना शुल्क सौंपी है तथा एक विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई गई है, जिसमें राज्य की हिस्सेदारी बड़ी और दूरसंचार विभाग की छोटी है। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इनमें उन्हीं अंकों को उलट-पलट कर ऐसी राशि बनाई गई है जिसकी घोषणा कभी हुई ही नहीं। परीक्षा में यही जाल बिछाया जाता है, जहां अभ्यर्थी अंक तो याद रखता है पर उनका क्रम भूल जाता है। इनसे अलग आंकड़े भी ध्यान रखें, जैसे 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव और 18,000 से अधिक रोजगार की संभावना, जो उद्योग से आया धन है, केंद्र से नहीं।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

ग्वालियर दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए बनी विशेष प्रयोजन कंपनी में हिस्सेदारी का बंटवारा क्या है?

  1. A.केंद्र 51 प्रतिशत, राज्य 49 प्रतिशत
  2. B.राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत
  3. C.दोनों की बराबर आधी-आधी
  4. D.राज्य 74 प्रतिशत, केंद्र 26 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर राज्य 51 प्रतिशत, दूरसंचार विभाग 49 प्रतिशत है। इस क्षेत्र को बनाने और चलाने के लिए बनी कंपनी में मध्य प्रदेश सरकार के पास नियंत्रण वाली हिस्सेदारी है और शेष दूरसंचार विभाग के पास, जिससे यह परियोजना केंद्र-राज्य साझेदारी का उदाहरण बनती है, जहां जमीन पर राज्य आगे है और पहले चरण का खर्च केंद्र उठा रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें दोनों साझेदारों की जगह आपस में बदल दी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बराबर बंटवारे में किसी के पास नियंत्रण नहीं रहता और ऐसी व्यवस्था घोषित नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऐसा कोई अनुपात इस योजना में कहीं नहीं है। इसके साथ यह भी याद रखें कि भूमि राज्य ने नि:शुल्क दी, पहले चरण का पूरा ढांचागत खर्च केंद्र दे रहा है और यह क्षेत्र विशेष आर्थिक क्षेत्र जैसी कार्यप्रणाली वाले प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर बन रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र कहां बन रहा है?

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (एसएडीए) में। इस परियोजना का भूमिपूजन 29 अक्टूबर 2026 को तय है।

ग्वालियर के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र को कितना निवेश मिला है?

5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव, जिनमें 18,000 से अधिक रोजगार बनाने की क्षमता है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के रोडशो से ये प्रतिबद्धताएं मिलीं।

इस परियोजना में केंद्र सरकार क्या सहायता दे रही है?

भारत सरकार पहले चरण के बुनियादी ढांचे का शत प्रतिशत खर्च, यानी 493 करोड़ रुपये दे रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 170 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 6 अक्टूबर 2026

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