ब्रिक्स सांस्कृतिक बाजार में पीएम विश्वकर्मा शिल्पकारों की कला
नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान आयोजित सांस्कृतिक बाजार में आठ राज्यों के आठ पीएम विश्वकर्मा शिल्पकारों ने अपनी परंपरागत कला दिखाई।

चर्चा में क्यों
27 अक्टूबर 2026 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया कि आठ राज्यों के आठ पीएम विश्वकर्मा शिल्पकारों ने नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान आयोजित सांस्कृतिक बाजार में परंपरागत शिल्प प्रदर्शित किए।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े शिल्पकारों और कारीगरों ने नई दिल्ली के संसद भवन परिसर में 26 और 27 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के साथ आयोजित दो-दिवसीय सांस्कृतिक बाजार में भाग लिया। इस बाजार ने मंच में आए देशी और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारत की परंपरागत शिल्पकला, हस्तनिर्मित उत्पाद और देशज कौशल रखे, और ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडलों ने विश्वकर्माओं के उत्पादों की सराहना की।
आठ शिल्पकार, आठ राज्य
इसमें आठ पीएम विश्वकर्मा लाभार्थी शामिल हुए, एक-एक राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र से। इन सबने मिलकर योजना में मान्यता प्राप्त परंपरागत व्यवसायों का प्रतिनिधित्व किया: दर्जी, स्वर्णकार, मूर्तिकार या पत्थर तराशने वाले, गुड़िया एवं खिलौना निर्माता तथा मोची। उनके हस्तनिर्मित उत्पाद पीएम विश्वकर्मा स्टॉल पर रखे गए और कुछ शिल्पकारों ने शिल्प बनाने की जीवंत प्रस्तुति भी दी।
किसने क्या दिखाया
| मकबूल जादू पातिया, झारखंड | डोकरा धातु शिल्प, प्राचीन लॉस्ट-वैक्स ढलाई तकनीक से बना |
| अनुराग साहू, मध्य प्रदेश | जीआई-टैग प्राप्त जबलपुर स्टोन क्राफ्ट में हस्तनिर्मित संगमरमर कार्य, जबलपुर के न्यू भेड़ाघाट मार्बल से |
| बाजीराव शामराव सातपुते, महाराष्ट्र | विशिष्ट नाच मौरी पट्टा डिजाइन वाली कोल्हापुरी चप्पल |
| दीपू एस, कर्नाटक | चन्नपटना और किन्हाल खिलौने |
| धीरज कुमार, बिहार | भगवान बुद्ध की काष्ठ और पत्थर प्रतिमाएं, बोधगया तथा अन्य जिलों में आपूर्ति |
| मोहमद नसीम, राजस्थान | सजावटी नगों वाली परंपरागत लाख की चूड़ियां |
| मसरत फयाज, जम्मू-कश्मीर | शॉल, स्टोल, कश्मीरी फेरन और पश्मीना शॉल |
| थ्रोंगली सांगतम, नगालैंड | नगा परिधान और जनजातीय प्रतीकों से प्रेरित हस्तनिर्मित क्रोशिया गुड़िया |
योजना से क्या मिला
आठों के विवरण बताते हैं कि योजना किस प्रकार की सहायता देती है। मोहमद नसीम को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और ऋण सहायता मिली। दीपू एस को टूलकिट मिला, उन्होंने कौशल प्रशिक्षण पूरा किया और मीशो मंच से जुड़े। धीरज कुमार ने ऋण सहायता से कच्चा माल खरीदा, और टूलकिट से उनकी कटाई, घिसाई तथा पॉलिश बेहतर हुई। मकबूल जादू पातिया, अनुराग साहू और बाजीराव शामराव सातपुते ई-कॉमर्स मंचों से जुड़े, जिनमें अमेजन और फ्लिपकार्ट शामिल हैं, और दिल्ली हाट तथा राज्य व्यापार मेलों जैसे स्थलों पर प्रदर्शनी लगाई। मसरत फयाज को बेहतर उपकरण मिले, जिससे फिनिशिंग और उत्पादकता सुधरी। थ्रोंगली सांगतम, जिनके पास 100 से अधिक गुड़िया का भंडार है, मदर्स क्राफ्ट नामक समूह से जुड़ी हैं और महिला संसाधन विकास विभाग के साथ सहमति-पत्र के तहत माईकी स्टोर से बिक्री करती हैं।
महत्व क्यों
शिल्पकारों के लिए यह बाजार विदेशी प्रतिनिधियों के सामने पहचान, व्यापक बाजार पहुंच और सम्मान लेकर आया। योजना के लिए यह दिखाने का अवसर रहा कि परंपरागत व्यवसायों को सहारा देने का उद्देश्य क्या है: कौशल सुरक्षित रहें, आजीविका मजबूत हो और कारीगर समुदाय सशक्त बनें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| आयोजन | 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान दो-दिवसीय सांस्कृतिक बाजार |
|---|---|
| स्थान और तिथि | संसद भवन परिसर, नई दिल्ली, 26 और 27 अक्टूबर 2026 |
| योजना | पीएम विश्वकर्मा योजना |
| मंत्रालय | सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय |
| शिल्पकार | आठ, आठ राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों से एक-एक |
| राज्य | राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र |
| व्यवसाय | दर्जी, स्वर्णकार, मूर्तिकार या पत्थर तराशने वाले, गुड़िया एवं खिलौना निर्माता, मोची |
| जीआई-टैग शिल्प | जबलपुर स्टोन क्राफ्ट, न्यू भेड़ाघाट मार्बल में |
| योजना के लाभ | टूलकिट, कौशल प्रशिक्षण, ऋण सहायता और ई-कॉमर्स से जुड़ाव |
परीक्षा की दृष्टि से
योजना (पीएम विश्वकर्मा) और उसका मंत्रालय (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), आयोजन (12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का सांस्कृतिक बाजार, संसद भवन परिसर, 26 और 27 अक्टूबर 2026), आठ राज्य, शामिल व्यवसाय, शिल्प-राज्य जोड़ियां जैसे डोकरा के साथ झारखंड और चन्नपटना खिलौनों के साथ कर्नाटक, जीआई-टैग जबलपुर स्टोन क्राफ्ट तथा योजना के लाभ (टूलकिट, कौशल प्रशिक्षण, ऋण सहायता, ई-कॉमर्स से जुड़ाव) याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
ब्रिक्स सांस्कृतिक बाजार में जिन शिल्पकारों ने भाग लिया, वह पीएम विश्वकर्मा योजना किस मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है?
- A.वस्त्र मंत्रालय
- B.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
- C.संस्कृति मंत्रालय
- D.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
उत्तर देखें
सांस्कृतिक बाजार में अपनी कला दिखाने वाले शिल्पकार और कारीगर इसी मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी हैं, और संसद भवन परिसर में स्टॉल भी योजना के नाम से लगा था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सांस्कृतिक बाजार में एक शिल्पकार द्वारा दिखाए गए चन्नपटना और किन्हाल खिलौने किस राज्य की शिल्प परंपरा से हैं?
- A.कर्नाटक
- B.झारखंड
- C.नगालैंड
- D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
कर्नाटक के शिल्पकार दीपू एस परंपरागत चन्नपटना और किन्हाल खिलौनों में दक्ष हैं, और दोनों उस राज्य की खिलौना-निर्माण विरासत को दर्शाते हैं; पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन्हें टूलकिट मिला, कौशल प्रशिक्षण पूरा हुआ और वे एक ई-कॉमर्स मंच से जुड़े।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिक्स सांस्कृतिक बाजार में प्रदर्शित किस शिल्प को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त बताया गया?
- A.डोकरा धातु शिल्प
- B.जबलपुर स्टोन क्राफ्ट
- C.कोल्हापुरी चप्पल
- D.नगा क्रोशिया गुड़िया
उत्तर देखें
मध्य प्रदेश के अनुराग साहू इसी जीआई-टैग प्राप्त शिल्प में कार्य करते हैं और जबलपुर के न्यू भेड़ाघाट मार्बल से प्रतिमाएं, पूजा सामग्री, स्मृति-चिह्न तथा गृह सज्जा की वस्तुएं बनाते हैं; योजना के अंतर्गत वे दो ई-कॉमर्स मंचों से जुड़े, जिससे उत्पाद ऑनलाइन पहुंचे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के सांस्कृतिक बाजार में कितने पीएम विश्वकर्मा शिल्पकारों ने और कितने राज्यों से भाग लिया?
- A.छह राज्यों से छह शिल्पकार
- B.आठ राज्यों से आठ शिल्पकार
- C.आठ राज्यों से दस शिल्पकार
- D.दस राज्यों से बारह शिल्पकार
उत्तर देखें
राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र से एक-एक शिल्पकार आए, अर्थात शिल्पकारों की संख्या और राज्यों की संख्या समान रही।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम विश्वकर्मा योजना कौन मंत्रालय चलाता है?
पीएम विश्वकर्मा योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय चलाता है। इसके अंतर्गत सहायता पाने वाले शिल्पकारों ने नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान आयोजित सांस्कृतिक बाजार में भाग लिया।
ब्रिक्स सांस्कृतिक बाजार कहां और कब लगा?
दो-दिवसीय सांस्कृतिक बाजार नई दिल्ली के संसद भवन परिसर में 26 और 27 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के साथ आयोजित हुआ और देशी तथा विदेशी प्रतिनिधियों के लिए खुला रहा।
बाजार में प्रदर्शित किस शिल्प को जीआई टैग प्राप्त है?
मध्य प्रदेश का जबलपुर स्टोन क्राफ्ट जीआई-टैग प्राप्त है। शिल्पकार अनुराग साहू इसी शिल्प में कार्य करते हैं और जबलपुर के न्यू भेड़ाघाट मार्बल से प्रतिमाएं, पूजा सामग्री तथा स्मृति-चिह्न बनाते हैं।
स्रोत
- Eight Artisans from Eight States Showcase India’s Craftsmanship (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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