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बीआरई शिखर सम्मेलन: ओडिशा ने 18 समझौते किए

भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन ओडिशा ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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बीआरई शिखर सम्मेलन: ओडिशा ने 18 समझौते किए

चर्चा में क्यों

3 नवंबर 2026 को भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन ओडिशा ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और केंद्रीय मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के द नेक्स्ट टेरावाट सत्र में भाग लिया।

भारत अक्षय ऊर्जा (बीआरई) शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन वैश्विक निवेशक, मंत्री और उद्योग जगत के प्रमुख एक मंच पर आए। इस दिन ओडिशा ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तथा उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की उपस्थिति में हुए। इसके अलावा बोंदाडा समूह की बोंदाडा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने गोवा निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा बोर्ड के साथ गोवा में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये का समझौता किया।

द नेक्स्ट टेरावाट सत्र

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी, विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने द नेक्स्ट टेरावाट नामक मंत्रिस्तरीय सत्र में भाग लिया। इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने सीईईडब्ल्यू तथा एनर्जिवा वेंचर्स के साथ किया, जिसका उद्देश्य आने वाले दशकों में दुनिया भर में अक्षय ऊर्जा लागू करने का ढांचा तैयार करना था।

चार प्राथमिक क्षेत्र

  • एकीकृत ऊर्जा नियोजन, आपूर्ति और भंडारण।
  • ऊर्जा ढांचे का विस्तार और उसकी मजबूती।
  • टेरावाट पैमाने पर परियोजनाओं तथा तंत्र का वित्तपोषण।
  • सुरक्षित और सस्ती ऊर्जा के लिए डिजिटलीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता।

सत्र में 2050 तक का खाका प्रस्तुत किया गया, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।

कौन शामिल हुआ

सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें 40 से अधिक मंत्री, नीति निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल रहे। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन देश भागीदार के रूप में शामिल हुए, जिससे स्वच्छ ऊर्जा श्रृंखला में द्विपक्षीय सहयोग की राह खुली। तेरह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता, परियोजनाओं, निर्माण क्षमता तथा नीतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

वाट्स नेक्स्ट मंच

इसी दिन वाट्स नेक्स्ट: इनोवेटर्स आइडियाज फॉर इंडियाज एनर्जी सिक्योरिटी, एजेंडा 2047 का पहला चरण भी हुआ, जिसे ब्लूमबर्गएनईएफ के साथ तैयार किया गया था और जिसमें आमंत्रित लोग ही शामिल हुए। परंपरागत परिचर्चा के स्थान पर इसमें नवप्रवर्तकों और उद्यमियों ने तकनीक, वित्त तथा नीति से जुड़े ठोस विचार रखे, ताकि स्वतंत्रता की शताब्दी के समय देश की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत हो। वक्ताओं में रिन्यू के सुमंत सिन्हा, सोलरस्क्वायर की श्रेया मिश्रा, सुजलॉन समूह के गिरीश आर टांटी, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला और ब्लूमबर्गएनईएफ की मेरेडिथ एनेक्स शामिल थे। सम्मेलन का उपयोग उत्पादन क्षमता, भंडारण, पारेषण नेटवर्क और घरेलू निर्माण के लिए वित्तपोषण के नए तरीके तलाशने के मंच के रूप में किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनभारत अक्षय ऊर्जा (बीआरई) शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026, दूसरा दिन
ओडिशा के समझौते18 समझौता ज्ञापन, लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये
ओडिशा से उपस्थितमुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव
गोवा का समझौताबोंदाडा इंजीनियरिंग लिमिटेड और गोवा-आईपीबी, लगभग 3,000 करोड़ रुपये
मंत्रिस्तरीय सत्रद नेक्स्ट टेरावाट
आयोजकअंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स
उपस्थित केंद्रीय मंत्रीप्रल्हाद जोशी, मनोहर लाल खट्टर और श्रीपाद येसो नाइक
खाका2050 तक, 2047 तक विकसित भारत के अनुरूप
भागीदारी130 से अधिक देश और 40 से अधिक मंत्री
प्रदर्शन करने वाले राज्य13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
विचार मंचवाट्स नेक्स्ट, ब्लूमबर्गएनईएफ के साथ

परीक्षा की दृष्टि से

सम्मेलन का नाम तथा यह तथ्य याद रखें कि ओडिशा ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के 18 समझौते किए और गोवा को बोंदाडा इंजीनियरिंग से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का समझौता मिला। उपस्थित मंत्री - प्रल्हाद जोशी, मनोहर लाल खट्टर और श्रीपाद येसो नाइक - सत्र का नाम द नेक्स्ट टेरावाट, आयोजक (अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीईईडब्ल्यू, एनर्जिवा वेंचर्स), चार प्राथमिक क्षेत्र तथा 2050 तक का खाका महत्वपूर्ण हैं। भागीदारी के आंकड़े भी देखें: 130 से अधिक देश, 40 से अधिक मंत्री और 13 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

बीआरई शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में किस राज्य ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के 18 समझौते किए?

  1. A.गुजरात
  2. B.ओडिशा
  3. C.राजस्थान
  4. D.गोवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ओडिशा

भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन इस राज्य ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जो मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की उपस्थिति में हुए।

Q2.पर्यावरणमध्यम

सम्मेलन में द नेक्स्ट टेरावाट मंत्रिस्तरीय सत्र अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने किनके साथ आयोजित किया?

  1. A.नीति आयोग और विश्व बैंक
  2. B.सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स
  3. C.ब्लूमबर्गएनईएफ और आईआईटी मद्रास
  4. D.एशियाई विकास बैंक और एसईसीआई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स

द नेक्स्ट टेरावाट नामक उच्चस्तरीय संवाद अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने इन दोनों के साथ आयोजित किया और इसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने भाग लिया।

Q3.पर्यावरणमध्यम

भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?

  1. A.60 से अधिक
  2. B.90 से अधिक
  3. C.130 से अधिक
  4. D.175 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 130 से अधिक

सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें 40 से अधिक मंत्री तथा नीति निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल थे।

Q4.पर्यावरणकठिन

सम्मेलन में कौन सा विचार मंच ब्लूमबर्गएनईएफ के सहयोग से तैयार किया गया था?

  1. A.द नेक्स्ट टेरावाट
  2. B.वाट्स नेक्स्ट
  3. C.ग्रीन ग्रिड डायलॉग
  4. D.एनर्जी कॉम्पैक्ट फोरम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वाट्स नेक्स्ट

यह केवल आमंत्रित लोगों का मंच था, जिसे ब्लूमबर्गएनईएफ के सहयोग से तैयार किया गया और जिसका पहला चरण सम्मेलन के दूसरे दिन हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीआरई शिखर सम्मेलन 2026 में ओडिशा ने कितने समझौते किए?

ओडिशा ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जो मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की उपस्थिति में हुए।

द नेक्स्ट टेरावाट सत्र किसने आयोजित किया?

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स के साथ। इसमें केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी व मनोहर लाल खट्टर तथा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने भाग लिया।

सत्र में कौन से चार प्राथमिक क्षेत्र चर्चा में रहे?

एकीकृत ऊर्जा नियोजन, आपूर्ति व भंडारण; ऊर्जा ढांचे का विस्तार और मजबूती; टेरावाट पैमाने पर वित्तपोषण; तथा सुरक्षित व सस्ती ऊर्जा के लिए डिजिटलीकरण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता।

सम्मेलन में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?

130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, जिनमें 40 से अधिक मंत्री शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन देश भागीदार रहे तथा 13 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश प्रदर्शन कर रहे हैं।

स्रोत

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