भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में कितने देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
- A.60 से अधिक
- B.90 से अधिक
- C.130 से अधिक
- D.175 से अधिक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 130 से अधिक है। सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि पहुंचे, जिनमें 40 से अधिक मंत्री तथा नीति निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल थे। देश भागीदार के रूप में नौ नाम गिनाए गए - ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन - जिससे स्वच्छ ऊर्जा श्रृंखला में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश की राह खुलती है। विकल्प A और B भागीदारी को कम बताते हैं और किसी घोषित आंकड़े से मेल नहीं खाते। विकल्प D इसे बढ़ाकर बताता है, जबकि ऐसी कोई संख्या सामने नहीं आई। इन आंकड़ों को एक साथ याद रखने का सरल तरीका है - 130 से अधिक देश, 40 से अधिक मंत्री तथा 13 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश।
पूरा लेख पढ़ें: बीआरई शिखर सम्मेलन: ओडिशा ने 18 समझौते किए
अभ्यास प्रश्न
बीआरई शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 में किस राज्य ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के 18 समझौते किए?
- A.गुजरात
- B.ओडिशा
- C.राजस्थान
- D.गोवा
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भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दूसरे दिन इस राज्य ने लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 18 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जो मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की उपस्थिति में हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सम्मेलन में द नेक्स्ट टेरावाट मंत्रिस्तरीय सत्र अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने किनके साथ आयोजित किया?
- A.नीति आयोग और विश्व बैंक
- B.सीईईडब्ल्यू और एनर्जिवा वेंचर्स
- C.ब्लूमबर्गएनईएफ और आईआईटी मद्रास
- D.एशियाई विकास बैंक और एसईसीआई
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द नेक्स्ट टेरावाट नामक उच्चस्तरीय संवाद अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने इन दोनों के साथ आयोजित किया और इसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने भाग लिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सम्मेलन में कौन सा विचार मंच ब्लूमबर्गएनईएफ के सहयोग से तैयार किया गया था?
- A.द नेक्स्ट टेरावाट
- B.वाट्स नेक्स्ट
- C.ग्रीन ग्रिड डायलॉग
- D.एनर्जी कॉम्पैक्ट फोरम
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यह केवल आमंत्रित लोगों का मंच था, जिसे ब्लूमबर्गएनईएफ के सहयोग से तैयार किया गया और जिसका पहला चरण सम्मेलन के दूसरे दिन हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उलानबाटर में मरुस्थलीकरण कन्वेंशन के सत्रहवें सत्र में भारत किस पद पर चुना गया?
- A.पक्षकार सम्मेलन का अध्यक्ष
- B.एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय समूह का अध्यक्ष
- C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी समिति का अध्यक्ष
- D.ग्लोबल स्टॉकटेक का सह-अध्यक्ष
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मंगोलिया की राजधानी में हुए इस सत्र में भारत ने यह अध्यक्षता संभाली और फिर 2030 तक दो करोड़ साठ लाख हेक्टेयर से अधिक बिगड़ी भूमि बहाल करने का संकल्प दोहराया, साथ ही बहाली और सूखा लचीलेपन के लिए विविध, पर्याप्त तथा निरंतर अंतरराष्ट्रीय वित्त की मांग रखी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के अनुसार जलवायु कन्वेंशन के किस अनुच्छेद के तहत जलवायु वित्त देना विकसित देशों का दायित्व है?
- A.अनुच्छेद 4.2
- B.अनुच्छेद 6
- C.अनुच्छेद 9.1
- D.अनुच्छेद 12
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पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जलवायु वित्त उपलब्ध कराना इस अनुच्छेद के तहत विकसित देशों पर डाला गया दायित्व है, और यह वित्त अनुमानित, मुख्यतः सार्वजनिक तथा रियायती होना चाहिए, जिससे विकासशील देशों पर कर्ज का बोझ न बढ़े।
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