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GK24
पर्यावरणमध्यम

भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति के कार्यान्वयन के लिए नोडल मंत्रालय कौन सा है?

  1. A.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  2. B.पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
  3. C.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  4. D.विद्युत मंत्रालय

सही उत्तर

C. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सितंबर 2025 में भूतापीय ऊर्जा पर राष्ट्रीय नीति अधिसूचित की और इसके कार्यान्वयन के लिए यही मंत्रालय नोडल है। यही मंत्रालय अक्षय ऊर्जा अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम भी चलाता है तथा इसने जुलाई और अगस्त 2025 के बीच पांच अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं मंजूर कीं, जिनमें संसाधन आकलन, स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास और क्षेत्रीय प्रदर्शन शामिल हैं। विकल्प क में दिया पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इसलिए लुभाता है क्योंकि पहले कुएं ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने चालू किए और नीति परित्यक्त तेल तथा गैस कुओं के पुन: उपयोग की बात करती है, पर नोडल भूमिका उसके पास नहीं है। विकल्प ख में दिया पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय स्वाभाविक पर गलत अनुमान है। विकल्प घ में दिया विद्युत मंत्रालय पारंपरिक बिजली देखता है।

पूरा लेख पढ़ें: भूतापीय ऊर्जा: लद्दाख की पूगा घाटी में भारत के पहले दो कुएं

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Q1.पर्यावरणमध्यम

भारत के पहले दो भूतापीय कुएं कहां चालू किए गए?

  1. A.तातापानी, छत्तीसगढ़
  2. B.पूगा घाटी, लद्दाख
  3. C.मणिकरण, हिमाचल प्रदेश
  4. D.अंकलेश्वर, गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पूगा घाटी, लद्दाख

व्याख्या

सही उत्तर लद्दाख की पूगा घाटी है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार ओएनजीसी ऊर्जा केंद्र ने जुलाई 2026 में वहां देश के पहले दो भूतापीय कुएं चालू किए। यह घाटी समुद्र तल से 14,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर है, अपने गर्म जलस्रोतों और भूमिगत ताप भंडार के लिए जानी जाती है तथा भारत के सबसे संभावनाशील भूतापीय स्थलों में गिनी जाती है। प्रत्येक कुआं लगभग 1,000 मीटर गहरा है और ये दोनों मिलकर भारत की पहली 1 मेगावाट प्रदर्शन आधारित भूतापीय परियोजना की नींव रखेंगे। विकल्प क में दिया तातापानी और विकल्प ग में दिया मणिकरण भारत के जाने-माने भूतापीय क्षेत्र हैं, इसलिए ऐसे प्रश्न में यही सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर पहले कुएं वहां नहीं हैं। विकल्प घ में दिया अंकलेश्वर इसी रिपोर्ट में आता है, पर अलग भूमिका में, जहां अनुत्पादक तेल और गैस कुओं की रेट्रोफिटिंग की पायलट परियोजना चल रही है।

Q2.पर्यावरणकठिन

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश में कितने गर्म झरनों की मैपिंग की है?

  1. A.183
  2. B.381
  3. C.420
  4. D.106
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 381

व्याख्या

सही उत्तर 381 है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश भर में 381 गर्म झरनों की मैपिंग की है और 10 भूतापीय प्रांतों की पहचान की है, जबकि भारत की सैद्धांतिक भूतापीय क्षमता लगभग 10.6 गीगावॉट है, जिसमें से 42 स्थल बिजली उत्पादन और प्रत्यक्ष ताप उपयोग के लिए संभावनाशील माने गए हैं। विकल्प क में सही आंकड़े के अंक उलट दिए गए हैं, जो संख्या वाले प्रश्नों की सबसे पुरानी चाल है और उन छात्रों को फंसाती है जिन्हें अंक याद हैं पर उनका क्रम नहीं। विकल्प ग संभावनाशील स्थलों की संख्या बयालीस से गढ़ा गया है और विकल्प घ सैद्धांतिक क्षमता 10.6 गीगावॉट से, यानी दोनों इसी अनुच्छेद की असली संख्याएं हैं पर गलत शीर्षक के नीचे रखी गई हैं। इस अनुच्छेद के चारों आंकड़े क्रम से याद रखें।

Q3.पर्यावरणकठिन

कच्छ का सयारा वन कवच वनरोपण की किस पद्धति से विकसित किया गया है?

  1. A.मियावाकी पद्धति
  2. B.टौंग्या पद्धति
  3. C.कॉपिस पद्धति
  4. D.शेल्टरवुड पद्धति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मियावाकी पद्धति

व्याख्या

सही उत्तर मियावाकी पद्धति है, जिससे बहुत कम जगह में सघन और बहुस्तरीय जंगल तैयार किया जाता है। सयारा वन कवच को 9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसमें कच्छ की लवणीय तथा कम जल वाली परिस्थितियों के अनुकूल 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे हैं। इससे स्थानीय तापमान घटने, भूजल पुनर्भरण में मदद मिलने, मृदा क्षरण रुकने और पक्षियों, कीड़ों तथा छोटे वन्यजीवों को प्राकृतिक वास मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह पर्यावरण पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और स्थानीय रोजगार का स्थल भी बनेगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि टौंग्या पद्धति में युवा पेड़ों के बीच फसल उगाई जाती है, जो अलग तरह की व्यवस्था है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कॉपिस में कटे ठूंठों से पेड़ दोबारा उगाए जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेल्टरवुड मौजूदा छत्र के नीचे पुनरुद्भवन की तकनीक है।

Q4.पर्यावरणआसान

सितंबर 2026 में कच्छ के नलिया में शुरू किया गया सॉफ्ट रिलीज सेंटर किस प्रजाति के लिए है?

  1. A.एशियाई शेर
  2. B.ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
  3. C.भारतीय जंगली गधा
  4. D.ऑलिव रिडले कछुआ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

व्याख्या

सही उत्तर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुजरात के कच्छ जिले के नलिया स्थित परिसर में इस पक्षी के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया, और इस केंद्र में ऐसी सुविधाएं हैं जो संरक्षण, निगरानी और पक्षियों को धीरे-धीरे प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल बनाने में मदद करती हैं। बाकी तीनों विकल्प गुजरात से जुड़ी प्रजातियां हैं, इसीलिए वे विश्वसनीय लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेर गिर क्षेत्र से जुड़ा है, इस परिसर से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारतीय जंगली गधा रण से जुड़ा है और उसके लिए ऐसे किसी केंद्र की घोषणा यहां नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में समुद्री कछुओं का उल्लेख ही नहीं है, हालांकि मंत्री ने उसी दिन जखाऊ में मैंग्रोव और समुद्री शैवाल से जुड़े स्थलों का दौरा किया। इस पक्षी को थार के साथ-साथ गुजरात के कच्छ से भी जोड़कर याद रखें।

Q5.पर्यावरणमध्यम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कच्छ वन सर्कल के लिए कितने नए गश्ती एवं बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई?

  1. A.15
  2. B.25
  3. C.33
  4. D.47
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 33

व्याख्या

सही उत्तर 33 है। मंत्री ने इतने ही नए गश्ती और बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई, जिनका उपयोग कच्छ वन सर्कल के विभिन्न प्रभागों में वन संरक्षण, वन विकास, वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा। बाकी विकल्प इसी विज्ञप्ति में मौजूद दूसरे आंकड़ों से लिए गए हैं, इसीलिए वे भ्रमित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 15 वर्ग किलोमीटर वह क्षेत्र है जिसे संरक्षण क्षेत्र में बने शिकारी-रोधी बाड़ ने घेरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 47 सयारा वन कवच में लगाई गई स्थानीय प्रजातियों की संख्या है, वाहनों की नहीं। विकल्प B विज्ञप्ति के किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता। जब एक ही समाचार में कई संख्याएं हों, तो हर संख्या को उसकी वस्तु से जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है: 11 वर्ग किलोमीटर घास का मैदान, 30 किलोमीटर बाड़, 15 वर्ग किलोमीटर घिरा क्षेत्र, 33 वाहन और 47 प्रजातियां।