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भारतनेट समझौता: तमिलनाडु के 4,767 गांव मांग पर जुड़ेंगे

डिजिटल भारत निधि, तमिलनाडु सरकार और टैनफिनेट के बीच भारतनेट उपयोग समझौता हुआ; राज्य के पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों तथा 4,767 गांवों को इसका लाभ मिलेगा।

लेखक प्रकाशित · अपडेट · 2 मिनट
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भारतनेट समझौता: तमिलनाडु के 4,767 गांव मांग पर जुड़ेंगे

चर्चा में क्यों

30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संचार भवन में डिजिटल भारत निधि, तमिलनाडु सरकार और टैनफिनेट ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों के फाइबर कनेक्शन और 4,767 गांवों को मांग पर कनेक्टिविटी शामिल है।

तमिलनाडु के गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने की दिशा में 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संचार भवन में एक उपयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस पर दूरसंचार विभाग के अधीन काम करने वाली डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (टैनफिनेट) ने दस्तखत किए।

समझौते से क्या होगा

इस व्यवस्था के तहत राज्य पहले से बिछे भारतनेट नेटवर्क का उपयोग संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के अंतर्गत कर सकेगा, और वह भी राज्य-संचालित मॉडल के रास्ते। केंद्र ने वित्तीय सब्सिडी को हरी झंडी दे दी है, जिसका मकसद फाइबर को पंचायत भवन तक सीमित रखने के बजाय घरों के भीतर ले जाना है।

  • राज्य के पांच लाख से ज्यादा ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचाने का अनुमान है, जिसमें केंद्र सरकार की मदद रहेगी।
  • 4,767 गांवों को मांग आने पर जोड़ा जाएगा, जिससे अंतिम मील की बची हुई कमी दूर होगी।
  • इस नेटवर्क पर ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पढ़ाई, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिकों से जुड़ी अन्य सेवाएं चलने की उम्मीद है।

कौन मौजूद रहा

समारोह की अध्यक्षता डिजिटल भारत निधि के प्रशासक श्री श्यामला मिश्र ने की। तमिलनाडु सरकार के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सेवा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अतुल आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। भारत संचार निगम लिमिटेड के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) श्री पापा सुधाकर राव, टैनफिनेट की महाप्रबंधक (परियोजना) श्रीमती वी. वल्लीदेवी तथा दूरसंचार विभाग में एबीपी कार्यान्वयन देख रहे डीडीजी श्री दिनेश कुमार गर्ग भी शामिल हुए, साथ में विभाग, निधि और बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी थे।

पीछे की योजना

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी। इसका काम पहले से बिछे नेटवर्क को अपग्रेड करना, मजबूत बनाना और उसका दायरा बढ़ाना है, ताकि हर ग्राम पंचायत और मांग पर हर गांव को टिकाऊ ब्रॉडबैंड मिले।

डीबीएन दरअसल यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का नया नाम है। यह निधि भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित हुई थी, और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसे वर्तमान नाम दिया। संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का यह संबद्ध कार्यालय भारतनेट के अलावा 4जी सैचुरेशन परियोजना तथा आकांक्षी जिलों के बिना कवरेज वाले इलाकों, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, हिमालयी एवं सीमावर्ती इलाकों, द्वीपों और पूर्वोत्तर में मोबाइल सेवाओं का खर्च भी उठाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

समझौतासंशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग का समझौता
पक्षकारडिजिटल भारत निधि (दूरसंचार विभाग), तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (टैनफिनेट)
स्थानसंचार भवन, नई दिल्ली
मॉडलराज्य-संचालित मॉडल
घरेलू कनेक्शनतमिलनाडु में पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन
मांग पर गांव4,767 गांव
डीबीएन प्रशासकश्री श्यामला मिश्र
एबीपी को मंत्रिमंडल की मंजूरी4 अगस्त 2023
डिजिटल भारत निधिपूर्व यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड, भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित, दूरसंचार अधिनियम, 2023 से नया नाम

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: तीन हस्ताक्षरकर्ता (डिजिटल भारत निधि, तमिलनाडु सरकार, टैनफिनेट), स्थान (संचार भवन, नई दिल्ली), कार्यक्रम (संशोधित भारतनेट कार्यक्रम, राज्य-संचालित मॉडल), मंत्रिमंडल की मंजूरी की तिथि 4 अगस्त 2023, दोनों लक्ष्य (पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर और 4,767 गांव मांग पर), तथा यह कि डिजिटल भारत निधि पहले यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड थी जिसका नाम दूरसंचार अधिनियम, 2023 से बदला।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

तमिलनाडु के लिए हुए उपयोग समझौते के तहत कितने गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी?

  1. A.2,767 गांव
  2. B.4,767 गांव
  3. C.5,767 गांव
  4. D.3,476 गांव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4,767 गांव

नई दिल्ली के संचार भवन में हुए उपयोग समझौते में तमिलनाडु के लिए दो अलग-अलग वादे हैं। पहला, राज्य के पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचाने के लिए सब्सिडी सहायता।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

तमिलनाडु भारतनेट समझौते की एक पक्षकार डिजिटल भारत निधि, किस कोष का बदला हुआ नाम है?

  1. A.यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड
  2. B.राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष
  3. C.दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष
  4. D.राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन कोष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड

डिजिटल भारत निधि उसी कोष का नया रूप है। यह भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित हुई थी, और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसे डिजिटल भारत निधि नाम दिया।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को किस तिथि को मंजूरी दी थी?

  1. A.4 अगस्त 2021
  2. B.15 अगस्त 2022
  3. C.4 अगस्त 2023
  4. D.1 अप्रैल 2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 4 अगस्त 2023

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी दिन संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

डिजिटल भारत निधि और राज्य सरकार के साथ भारतनेट उपयोग समझौते पर किस राज्य निगम ने हस्ताक्षर किए?

  1. A.तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन
  2. B.भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड
  3. C.रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
  4. D.तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन

संचार भवन में हुआ समझौता तीन पक्षों के बीच था: दूरसंचार विभाग के अधीन डिजिटल भारत निधि, तमिलनाडु सरकार और टैनफिनेट, जो राज्य-संचालित मॉडल के तहत जमीन पर काम संभालने वाली राज्य एजेंसी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नए भारतनेट समझौते के तहत तमिलनाडु के कितने गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी मिलेगी?

4,767 गांवों को। समझौते में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत राज्य के पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन के लिए सब्सिडी सहायता भी शामिल है।

तमिलनाडु के लिए भारतनेट उपयोग समझौते पर किन्होंने हस्ताक्षर किए?

दूरसंचार विभाग के अधीन डिजिटल भारत निधि, तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (टैनफिनेट) ने, नई दिल्ली के संचार भवन में।

डिजिटल भारत निधि क्या है?

यह यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का नया नाम है और दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है। यह निधि भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत स्थापित हुई और दूरसंचार अधिनियम, 2023 ने इसका नाम बदला।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को कब मंजूरी मिली थी?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 4 अगस्त 2023 को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड, सुदृढ़ और विस्तारित करना तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं मांग पर गांवों को ब्रॉडबैंड देना है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 30 अक्टूबर 2026

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